सीतापुर के भाजपा विधायक राम कुमार टोप्पो पर एक नायब तहसीलदार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने विधायक पर मारपीट करने और उनके कपड़े फाड़ने का दावा किया है। नायब तहसीलदार ने मीडिया के सामने आकर ये आरोप व्यक्त किए। बताया गया है कि घटना के दौरान मौके पर मौजूद एसडीएम ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। यह घटना इस बात पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि क्या किसी जनप्रतिनिधि को अधिकारी के कार्य से असंतोष होने पर कानून हाथ में लेने का अधिकार है, जबकि लोकतंत्र में शिकायत और कार्रवाई की एक स्पष्ट प्रक्रिया मौजूद है। विधायक टोप्पो, जो पहले भी जाति प्रमाण पत्र मामले को लेकर विवादों में रहे हैं, उन पर लगे इन आरोपों से प्रशासनिक हलकों में भी तीव्र नाराज़गी बताई जा रही है। इस घटना ने विपक्ष को भी सरकार को घेरने का एक नया मुद्दा दे दिया है। सुशासन तिहार के बीच सामने आई यह कथित अशोभनीय व्यवहार की घटना सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सीधे सवाल उठा रही है, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। अब लोगों की निगाहें पुलिस प्रशासन और भाजपा संगठन पर टिकी हैं कि इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
सीतापुर के भाजपा विधायक राम कुमार टोप्पो पर एक नायब तहसीलदार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने विधायक पर मारपीट करने और उनके कपड़े फाड़ने का दावा किया है। नायब तहसीलदार ने मीडिया के सामने आकर ये आरोप व्यक्त किए। बताया गया है कि घटना के दौरान मौके पर मौजूद एसडीएम ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। यह घटना इस बात पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि क्या किसी जनप्रतिनिधि को अधिकारी के कार्य से असंतोष होने पर कानून हाथ में लेने का अधिकार है, जबकि लोकतंत्र में शिकायत और कार्रवाई की एक स्पष्ट प्रक्रिया मौजूद है। विधायक टोप्पो, जो पहले भी जाति प्रमाण पत्र मामले को लेकर विवादों में रहे हैं, उन पर लगे इन आरोपों से प्रशासनिक हलकों में भी तीव्र नाराज़गी बताई जा रही है। इस घटना ने विपक्ष को भी सरकार को घेरने का एक नया मुद्दा दे दिया है। सुशासन तिहार के बीच सामने आई यह कथित अशोभनीय व्यवहार की घटना सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सीधे सवाल उठा रही है, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। अब लोगों की निगाहें पुलिस प्रशासन और भाजपा संगठन पर टिकी हैं कि इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
- सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और प्रशासन की जवाबदेही भी तय हो रही है। सरकार की जनहितकारी नीतियों और उसकी संवेदनशील कार्यशैली के कारण जनता का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। जनकल्याण, पारदर्शिता, विकास और विश्वास के मजबूत संकल्प के साथ, यह सुशासन सरकार प्रदेश में विकास की एक नई पहचान स्थापित कर रही है।1
- पटना कोरिया में दुर्गा पंडाल के समीप भागवत समिति द्वारा संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में सुयश महाराज अपने मुखारविंद से कथा की लीला का रसपान करा रहे हैं, जिसके प्रभाव से पूरा पटना भक्तिमय होकर झूम उठा है। आयोजन के तहत प्रतिदिन भोग भंडारा और प्रसाद वितरण का क्रम जारी है। श्रीमद्भागवत कथा का आज चतुर्थ दिवस भी संगीतमय माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें पंडाल में भक्तों की भीड़ में भी विशेष वृद्धि देखने को मिली।1
- छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत का श्री राम कथा आयोजन, एक समिति के तत्वाधान में किया गया।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पवित्र सोमनाथ मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने समस्त देशवासियों की सुख-समृद्धि और राष्ट्र की उन्नति के लिए प्रार्थना की। सोमनाथ महादेव के चरणों में नमन करते हुए, प्रधानमंत्री ने भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और सनातन परंपरा को और सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।1
- सरगुजा जिले के सीतापुर अंतर्गत राजापुर चौराहे पर भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों द्वारा 27 मई की शाम राजपुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक से मारपीट की गई थी। यह घटना नायब तहसीलदार द्वारा विधायक की चचेरी बहन से कार्यालय में बद्सलूकी के कथित आरोप में हुई थी। एसडीएम और नायब तहसीलदार द्वारा मारपीट का आरोप लगाए जाने के बाद से विधायक की खूब किरकिरी हो रही है। इस मामले पर अब छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का बयान सामने आया है। उन्होंने इस मारपीट की घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, तो इसका मतलब है कि कोई न कोई गंभीर घटना जरूर हुई है। सिंहदेव ने विधायक का नाम लिए बिना उन्हें नसीहत दी कि मतदाताओं ने उन्हें सत्ता में रहकर उनकी देखरेख करने की जवाबदारी दी है, लेकिन यदि वे मनमानी करने की अपेक्षा रखते हैं, तो वह प्रजातंत्र नहीं रह जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुने हुए जनप्रतिनिधि संविधान के प्रावधानों और कानूनों के अंतर्गत काम करने के लिए स्वतंत्र हैं और चुनाव जीतने का अर्थ यह नहीं होता कि वे जो चाहें वह कर सकते हैं। यह मानसिकता, जो भाजपा और कभी-कभी अन्य जनप्रतिनिधियों में भी दिखती है, परिपक्वता की कमी दर्शाती है, जिसे हासिल करने की आवश्यकता है। वहीं, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे सरासर अन्याय बताते हुए वर्तमान शासन पर कटाक्ष किया कि विष्णुदेव का 'सुशासन' चल रहा है और अधिकारी पिटा रहे हैं। भगत ने कहा कि मारपीट में विधायक का नाम आना सबसे आपत्तिजनक है, क्योंकि नायब तहसीलदार ने अपने बयान में विधायक और उनके साथियों द्वारा मारपीट की बात कही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को नियम, प्रक्रिया और प्रशासनिक मर्यादा का ज्ञान होना चाहिए, क्योंकि जनप्रतिनिधि बनने का यह अर्थ नहीं कि वे 'सिंघम स्टाइल' में किसी से भी मारपीट करें।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा से एक वीडियो के संबंध में एक अपील जारी की गई है। इस अपील में कहा गया है कि '2019 का जमाना' अब बीत चुका है और 'अब 2026 का जमाना आ गया है'। संदेश में हर एक व्यक्ति से इस वीडियो को लाइक करने, कमेंट करने और इसे वायरल करने का आग्रह किया गया है।1
- बीते दिनों राजापुर तहसील में विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके कार्यकर्ताओं पर तहसीलदार को पीटकर बाहर निकालने का आरोप लगा है। पोस्ट में विधायक के इस कृत्य पर तीखी नाराजगी व्यक्त करते हुए सीधे तौर पर कहा गया है कि “विधायक गुंडा बने” और रामकुमार टोप्पो ने तहसीलदार को “झापड़ जड़ा”। आरोप है कि विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने कार्यकर्ताओं से एक विभागीय अधिकारी को “बाबा बर्फानी का प्रसाद” दिलवाया, जिस पर पोस्ट में कटाक्ष किया गया है कि तहसीलदार ने ऐसी क्या गलती की थी। विधायक के व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए पोस्ट में कहा गया है कि वे कभी प्यार दिखाते हैं, तो कभी ग्राम वासियों को भक्ति वीडियो बनवाने के लिए “उल्लू बना रहे” हैं, और उनके इस तरीके को “पुष्पा भाऊ वाला सिंडीकेट” बताया गया है। पोस्ट में चेतावनी दी गई है कि “भाजपा नेताओं से सावधान” और रामकुमार टोप्पो को “होश में आओ” कहते हुए कहा गया है कि अब “पब्लिक बनेगी हीरो”।2
- सीतापुर के भाजपा विधायक राम कुमार टोप्पो पर एक नायब तहसीलदार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने विधायक पर मारपीट करने और उनके कपड़े फाड़ने का दावा किया है। नायब तहसीलदार ने मीडिया के सामने आकर ये आरोप व्यक्त किए। बताया गया है कि घटना के दौरान मौके पर मौजूद एसडीएम ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। यह घटना इस बात पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि क्या किसी जनप्रतिनिधि को अधिकारी के कार्य से असंतोष होने पर कानून हाथ में लेने का अधिकार है, जबकि लोकतंत्र में शिकायत और कार्रवाई की एक स्पष्ट प्रक्रिया मौजूद है। विधायक टोप्पो, जो पहले भी जाति प्रमाण पत्र मामले को लेकर विवादों में रहे हैं, उन पर लगे इन आरोपों से प्रशासनिक हलकों में भी तीव्र नाराज़गी बताई जा रही है। इस घटना ने विपक्ष को भी सरकार को घेरने का एक नया मुद्दा दे दिया है। सुशासन तिहार के बीच सामने आई यह कथित अशोभनीय व्यवहार की घटना सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सीधे सवाल उठा रही है, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। अब लोगों की निगाहें पुलिस प्रशासन और भाजपा संगठन पर टिकी हैं कि इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।1