मुस्लिम पक्ष का दावा है कि दिल्ली के उत्तम नगर में हुई झड़प के बाद अस्पताल से ले जाए गए 14 वर्षीय रिजवान का तब से कोई पता नहीं चला है। परिवार का कहना है कि उसकी मौत की अफवाहें फैल रही हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिवार ने अधिकारियों से रिजवान के ठिकाने के बारे में स्पष्टीकरण देने और न्याय की मांग की है। परिवार के अनुसार, झड़प के दौरान तरुण ने रिजवान के सिर पर लोहे की रॉड से कई बार वार किया, जिसके बाद वह बेहोश हो गया और उसे दौरे पड़ने लगे। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। परिवार का आरोप है कि रिजवान का इलाज चल रहा था, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने परिवार की महिलाओं को अस्पताल के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया और फिर लड़के को अपने साथ ले गए। उनका दावा है कि तब से उन्हें रिजवान के ठिकाने या उसकी सुरक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
मुस्लिम पक्ष का दावा है कि दिल्ली के उत्तम नगर में हुई झड़प के बाद अस्पताल से ले जाए गए 14 वर्षीय रिजवान का तब से कोई पता नहीं चला है। परिवार का कहना है कि उसकी मौत की अफवाहें फैल रही हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिवार ने अधिकारियों से रिजवान के ठिकाने के बारे में स्पष्टीकरण देने और न्याय की मांग की है। परिवार के अनुसार, झड़प के दौरान तरुण ने रिजवान के सिर पर लोहे की रॉड से कई बार वार किया, जिसके बाद वह बेहोश हो गया और उसे दौरे पड़ने लगे। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। परिवार का आरोप है कि रिजवान का इलाज चल रहा था, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने परिवार की महिलाओं को अस्पताल के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया और फिर लड़के को अपने साथ ले गए। उनका दावा है कि तब से उन्हें रिजवान के ठिकाने या उसकी सुरक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
- मुस्लिम पक्ष का दावा है कि दिल्ली के उत्तम नगर में हुई झड़प के बाद अस्पताल से ले जाए गए 14 वर्षीय रिजवान का तब से कोई पता नहीं चला है। परिवार का कहना है कि उसकी मौत की अफवाहें फैल रही हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिवार ने अधिकारियों से रिजवान के ठिकाने के बारे में स्पष्टीकरण देने और न्याय की मांग की है। परिवार के अनुसार, झड़प के दौरान तरुण ने रिजवान के सिर पर लोहे की रॉड से कई बार वार किया, जिसके बाद वह बेहोश हो गया और उसे दौरे पड़ने लगे। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। परिवार का आरोप है कि रिजवान का इलाज चल रहा था, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने परिवार की महिलाओं को अस्पताल के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया और फिर लड़के को अपने साथ ले गए। उनका दावा है कि तब से उन्हें रिजवान के ठिकाने या उसकी सुरक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।1
- बरेली के आंवला-अलीगंज मार्ग पर सोमवार देर रात एक सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक धर्मवीर की मौके पर मौत हो गई। इस दुर्घटना में उसका भाई सूरज गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। यह हादसा आंवला के ग्राम मनोना निवासी धर्मवीर और सूरज के साथ हुआ। दोनों भाई मझगवां जा रहे थे, तभी अलीगंज मार्ग पर एक फैक्ट्री के सामने अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को तेज गति और लापरवाही से टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को सरकारी एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां भेजा। वहां डॉक्टरों ने धर्मवीर को मृत घोषित कर दिया। सूरज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने मृतक धर्मवीर के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।1
- इंस्टाग्राम की कहासुनी बनी बड़ी वारदात की वजह! 😮 पीलीभीत का युवक नाबालिग साथी के साथ तमंचे लेकर भमोरा के गांव पहुंचा बदला लेने, लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस की कार्रवाई से पहुंच गया जेल। #Bhamora #BareillyNews #UPPolice #CrimeNews #InstagramFight #SocialMediaDispute #Pilibhit #ViralNews #BreakingNews #UPCrime #newsreels1
- Post by Thakur Sobran singh Journalist1
- बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र में घर के बाहर फायरिंग और धमकी देने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने वांछित आरोपी दीपक यादव (22) निवासी सर्वोदय नगर को गल्ला गोदाम रोड से गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस .315 बोर बरामद हुआ। यह मामला 5 मार्च को दीपेश पंत के घर के बाहर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और फायरिंग से जुड़ा है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दीपक यादव, मयंक गुप्ता और अमित साहू की पहचान हुई थी। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।1
- बदायूं जनपद के उझानी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में डिलीवरी के दौरान एक जच्चा की मौत हो जाने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और उन्होंने अस्पताल स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी कराने के नाम पर अस्पताल स्टाफ ने उनसे करीब ₹1 लाख रुपये लिए, लेकिन सही उपचार न मिलने के कारण महिला की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल का स्टाफ मौके से फरार बताया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।2
- बरेली के धोपा मंदिर क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां रहने वाले विजय राठौर नाम के युवक ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि सुसाइड से पहले विजय राठौर ने करीब 32 मिनट का एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने सिस्टम और अपने करीबियों पर गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में विजय राठौर कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि “अब सहने की हिम्मत नहीं रही, मैं हार गया।” वीडियो में उन्होंने अपनी परेशानियों और मानसिक तनाव का जिक्र करते हुए कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस वीडियो की जांच कर रही है और पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जाएगी।1
- "रिपोर्ट : आदित्य भारद्वाज" आंवला। भमोरा थाना क्षेत्र के गांव कुड़रिया इकलासपुर में रविवार रात एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांव कुड़रिया इकलासपुर निवासी कुंवर पाल ने बताया कि हिरदेश सिंह (35) पुत्र नरोत्तम बाहर रहकर ओवरहेड टैंक पर काम करता था। वह शराब पीने का आदी था, जिसके चलते घर में अक्सर गृहकलह होता रहता था। परिवार में उसकी पत्नी शांति देवी और चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। बताया जाता है कि पारिवारिक कलह के चलते 5 मार्च को उसकी पत्नी घर से कहीं चली गई और तीन बच्चों को घर पर ही छोड़ गई। वहीं मृतक की बड़ी बेटी अपनी बुआ के यहां नगला गांव (जिला बुलंदशहर) में रहती है। मृतक के पिता नरोत्तम भी अपनी बेटी और दामाद के साथ नगला गांव में रह रहे हैं, जबकि उसकी मां का करीब तीन वर्ष पहले निधन हो चुका है। परिजनों के अनुसार हिरदेश सिंह घर की जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाता था और अक्सर शराब के नशे में रहता था, जिससे परिवार में विवाद बना रहता था। रविवार रात उसने नशे की हालत में घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मृतक के चचेरे भाई कुंवर पाल सिंह ने भमोरा पुलिस को दी। सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी सनी चौधरी ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच-पड़ताल की और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।1