उत्तर प्रदेश में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है, जहाँ मानसून में देरी के कारण अधिकांश शहरों में भीषण गर्मी बढ़ गई है और पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया है। सोमवार सुबह, गाजीपुर में तेज़ हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, वहीं बलिया में भी ज़ोरदार बारिश हुई जिससे सड़कों पर पानी भर गया। इसके बावजूद, प्रदेश के ज़्यादातर हिस्सों में तेज़ धूप खिली हुई है, जबकि गोरखपुर में बादल छाए रहे। बादलों की आवाजाही और हवा की धीमी रफ़्तार के चलते कई जगह उमस महसूस की गई। मौसम विभाग ने आज राज्य के 38 जिलों में लू (हीटवेव) का अलर्ट जारी किया है। साथ ही, मऊ, चंदौली, बलिया, गाजीपुर और सोनभद्र सहित 5 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज 42.5 डिग्री सेल्सियस और वाराणसी 42.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश में सबसे गर्म शहर रहे। बहराइच में 42 डिग्री सेल्सियस और झांसी में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसी अवधि में, कुछ जिलों में बारिश भी हुई, जिसमें आगरा के खैरागढ़ में सर्वाधिक 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मथुरा के गोवर्धन में 5 मिमी, मऊ में 4 मिमी, और सोनभद्र के चर्क तथा सुल्तानपुर में 8.6-8.6 मिमी बारिश हुई। आमतौर पर 20 जून तक उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर जाने वाला मानसून इस बार देर से चल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून इस बार यूपी-बिहार सीमा पर पहुँचने के बाद आगे नहीं बढ़ पाया है और पिछले 10-12 दिनों से महराजगंज के पास अटका हुआ है। हालांकि, 23 जून से इसके आगे बढ़ने और 25 जून तक पूरे उत्तर प्रदेश में पहुँचने की संभावना है। तब तक पूर्वी यूपी और बुंदेलखंड क्षेत्रों में गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है, जहाँ मानसून में देरी के कारण अधिकांश शहरों में भीषण गर्मी बढ़ गई है और पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया है। सोमवार सुबह, गाजीपुर में तेज़ हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, वहीं बलिया में भी ज़ोरदार बारिश हुई जिससे सड़कों पर पानी भर गया। इसके बावजूद, प्रदेश के ज़्यादातर हिस्सों में तेज़ धूप खिली हुई है, जबकि गोरखपुर में बादल छाए रहे। बादलों की आवाजाही और हवा की धीमी रफ़्तार के चलते कई जगह उमस महसूस की गई। मौसम विभाग ने आज राज्य के 38 जिलों में लू (हीटवेव) का अलर्ट जारी किया है। साथ ही, मऊ, चंदौली, बलिया, गाजीपुर और सोनभद्र सहित 5 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज 42.5 डिग्री सेल्सियस और वाराणसी 42.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश में सबसे गर्म शहर रहे। बहराइच में 42 डिग्री सेल्सियस और झांसी में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसी अवधि में, कुछ जिलों में बारिश भी हुई, जिसमें आगरा के खैरागढ़ में सर्वाधिक 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मथुरा के गोवर्धन में 5 मिमी, मऊ में 4 मिमी, और सोनभद्र के चर्क तथा सुल्तानपुर में 8.6-8.6 मिमी बारिश हुई। आमतौर पर 20 जून तक उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर जाने वाला मानसून इस बार देर से चल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून इस बार यूपी-बिहार सीमा पर पहुँचने के बाद आगे नहीं बढ़ पाया है और पिछले 10-12 दिनों से महराजगंज के पास अटका हुआ है। हालांकि, 23 जून से इसके आगे बढ़ने और 25 जून तक पूरे उत्तर प्रदेश में पहुँचने की संभावना है। तब तक पूर्वी यूपी और बुंदेलखंड क्षेत्रों में गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहने का अनुमान है।
- उत्तर प्रदेश में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है, जहाँ मानसून में देरी के कारण अधिकांश शहरों में भीषण गर्मी बढ़ गई है और पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया है। सोमवार सुबह, गाजीपुर में तेज़ हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, वहीं बलिया में भी ज़ोरदार बारिश हुई जिससे सड़कों पर पानी भर गया। इसके बावजूद, प्रदेश के ज़्यादातर हिस्सों में तेज़ धूप खिली हुई है, जबकि गोरखपुर में बादल छाए रहे। बादलों की आवाजाही और हवा की धीमी रफ़्तार के चलते कई जगह उमस महसूस की गई। मौसम विभाग ने आज राज्य के 38 जिलों में लू (हीटवेव) का अलर्ट जारी किया है। साथ ही, मऊ, चंदौली, बलिया, गाजीपुर और सोनभद्र सहित 5 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज 42.5 डिग्री सेल्सियस और वाराणसी 42.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश में सबसे गर्म शहर रहे। बहराइच में 42 डिग्री सेल्सियस और झांसी में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसी अवधि में, कुछ जिलों में बारिश भी हुई, जिसमें आगरा के खैरागढ़ में सर्वाधिक 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मथुरा के गोवर्धन में 5 मिमी, मऊ में 4 मिमी, और सोनभद्र के चर्क तथा सुल्तानपुर में 8.6-8.6 मिमी बारिश हुई। आमतौर पर 20 जून तक उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर जाने वाला मानसून इस बार देर से चल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून इस बार यूपी-बिहार सीमा पर पहुँचने के बाद आगे नहीं बढ़ पाया है और पिछले 10-12 दिनों से महराजगंज के पास अटका हुआ है। हालांकि, 23 जून से इसके आगे बढ़ने और 25 जून तक पूरे उत्तर प्रदेश में पहुँचने की संभावना है। तब तक पूर्वी यूपी और बुंदेलखंड क्षेत्रों में गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहने का अनुमान है।1
- एक शादी समारोह के दौरान फूफा जी की स्थिति को 'बेहाल' कर दिया गया। इस घटना से संबंधित एक वीडियो जारी किया गया है और लोगों से ऐसी वीडियो को लाइक, फॉलो और कमेंट करने का आग्रह किया गया है।1
- उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर, जहाँ तोपें बनाई गई हैं, अब महोबा में रक्षा उत्पादन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित हो गया है। इस केंद्र को रक्षा उत्पादन के लिए एक प्रमुख स्थान के तौर पर प्रस्तुत किया गया।1
- वीरों और शौर्य की धरती महोबा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन हुआ। हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद को करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं की सौगात देने के बाद, वे राठ के लिए प्रस्थान कर गए।1
- हमीरपुर जनपद के सुमेरपुर थाना क्षेत्र की पत्योरा चौकी इलाके में पुलिस-प्रशासन की कथित मिलीभगत से अवैध मौरंग खनन का कारोबार बेरोकटोक जारी है। बेतवा और यमुना नदी की तलहटी से दिन-रात दर्जनों ट्रैक्टरों द्वारा सैकड़ों ट्रॉली मौरंग का अवैध परिवहन हो रहा है, जिस पर जिम्मेदार अधिकारी आँखें मूँदे हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पत्योरा, इंगोहटा, चंदौखा और कुम्हऊपुर घाटों पर सुबह से ही ट्रैक्टरों की लंबी कतार लग जाती है। रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक बिना रॉयल्टी के मौरंग से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर तेजी से दौड़ती हैं, जबकि दिन में भी बेखौफ खनन चलता रहता है। आरोप है कि यह पूरा गोरखधंधा पत्योरा चौकी पुलिस की शह पर चल रहा है, जहाँ प्रति ट्रॉली वसूली कर ट्रैक्टरों को जाने दिया जाता है। इस ओवरलोड परिवहन के कारण ग्रामीण संपर्क मार्ग, विशेषकर सुमेरपुर-कुरारा और इंगोहटा-गहरौली मार्ग, टूट कर खस्ताहाल हो गए हैं, और तेज रफ्तार ट्रैक्टरों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा एसडीएम और खनन अधिकारी से कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है। नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया कि चौकी से लेकर थाने तक सभी को हिस्सा पहुँचता है, यही कारण है कि रात में 50-60 ट्रैक्टर एक साथ निकलते हैं और कोई उन्हें नहीं रोकता। विरोध करने वालों को झूठे मुकदमों में फँसाने की धमकी भी दी जाती है। वहीं, इस मामले पर खनन अधिकारी का कहना है कि अवैध खनन की सूचना पर लगातार छापेमारी की जा रही है और पिछले महीने 11 ट्रैक्टर सीज कर ₹3 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि पत्योरा क्षेत्र में टीम भेजकर जाँच कराई जाएगी। हालाँकि, बड़ा सवाल यह है कि जब पूरे जिले में खनन पर रोक है, तो फिर इतनी बड़ी संख्या में मौरंग का खनन और परिवहन कैसे हो रहा है? क्या #UPPolice और #DistrictMagistrateHamirpur इस अवैध कारोबार पर वास्तव में लगाम लगा पाएँगे?1
- झांसी के गरौठा थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद के बाद दोस्तों ने निपान गांव निवासी तुलाराम नामक युवक को कथित तौर पर कुएं में फेंक दिया था। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से तुलाराम को कुएं से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार होने पर उसे घर ले जाया गया, लेकिन बाद में उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि वे गरौठा थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की और न ही घायल के बयान दर्ज किए। इसी दौरान, थाने के बाहर ही तुलाराम की हालत और बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश है और उन्होंने पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक तुलाराम अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनके सामने अब आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। गरौठा पुलिस क्षेत्राधिकारी पीयूष पांडे ने इस संबंध में बताया है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- तुर्का लहचूरा जिला झांसी तहसील टहरौली ब्लॉक गुरसराय थाना फतेहपुर तुर्का लहचूरा4
- राम मंदिर निर्माण से जुड़ी एक गंभीर खबर सामने आई है, जिसमें ट्रस्टियों के भतीजे और रिश्तेदारों पर ज़मीन खरीद में धांधली के आरोप लगे हैं। दावा किया जा रहा है कि इन लोगों ने ज़मीन के लिए वास्तविक दाम से 17 गुना तक अधिक भुगतान किया। इसके अतिरिक्त, निर्माण सामग्री की खरीद में भी 40% तक कमीशन लेने का आरोप है, जिससे मंदिर निर्माण प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं की बात कही जा रही है।1