बीकानेर पीबीएम अस्पताल के कैंसर वार्ड की बदहाल व्यवस्था पर सवाल इकबाल खान बीकानेर पीबीएम अस्पताल के कैंसर वार्ड, जहां चिरंजीवी योजना के तहत प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जाता है, वहां से मुझे एक सज्जन ने वीडियो भेजा है। वीडियो में कुछ लोग कुर्सियों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ गंभीर मरीज जमीन पर लेटे हुए नजर आ रहे हैं।आज पीबीएम अस्पताल की हालत बेहद चिंताजनक दिखाई दे रही है। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों और कर्मचारियों में जवाबदेही का अभाव है और आए दिन अस्पताल को लेकर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहती हैं। आरोप यह भी हैं कि कुछ डॉक्टर निजी क्लीनिकों पर मरीज देखते हैं, निजी मेडिकल स्टोरों से दवाइयां लिखते हैं और जांच भी ऐसे स्थानों पर करवाते हैं, जहां से उन्हें लाभ मिलने की बात कही जाती है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि गरीब हो या अमीर, कई मरीज मजबूरी में निजी इलाज का सहारा लेने को विवश हो जाते हैं। यह भी शिकायत है कि यदि मरीज निजी तौर पर डॉक्टर को नहीं दिखाता तो वार्ड में भर्ती मरीज का उपचार मुख्य रूप से नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चलता है और कुछ दिन बाद औपचारिकताएं पूरी कर छुट्टी दे दी जाती है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकार इन शिकायतों पर नकेल क्यों नहीं कस रही है। इतनी बड़ी लापरवाही आखिर कैसे हो सकती है। मरीजों को दिखाने और जांच कराने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। चाहे मरीज कितना भी गंभीर क्यों न हो, उसे अपनी बारी का इंतजार करना ही पड़ता है। पीबीएम अस्पताल इन दिनों भगवान भरोसे चलता हुआ दिखाई दे रहा है। न जनप्रतिनिधियों के नियमित निरीक्षण की चर्चा सुनाई देती है और न ही प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी नजर आती है। अस्पताल प्रशासन को भी मरीजों की परेशानियों का गंभीरता से संज्ञान लेकर व्यवस्था में तत्काल सुधार करना चाहिए।
बीकानेर पीबीएम अस्पताल के कैंसर वार्ड की बदहाल व्यवस्था पर सवाल इकबाल खान बीकानेर पीबीएम अस्पताल के कैंसर वार्ड, जहां चिरंजीवी योजना के तहत प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जाता है, वहां से मुझे एक सज्जन ने वीडियो भेजा है। वीडियो में कुछ लोग कुर्सियों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ गंभीर मरीज जमीन पर लेटे हुए नजर आ रहे हैं।आज पीबीएम अस्पताल की हालत बेहद चिंताजनक दिखाई दे रही है। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों और कर्मचारियों में जवाबदेही का अभाव है और आए दिन अस्पताल को लेकर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहती हैं। आरोप यह भी हैं कि कुछ डॉक्टर निजी क्लीनिकों पर मरीज देखते हैं, निजी मेडिकल स्टोरों से दवाइयां लिखते हैं और जांच भी ऐसे स्थानों पर करवाते हैं, जहां से उन्हें लाभ मिलने की बात कही जाती है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि गरीब हो या अमीर, कई मरीज मजबूरी में निजी इलाज का सहारा लेने को विवश हो जाते हैं। यह भी शिकायत है कि यदि मरीज निजी तौर पर डॉक्टर को नहीं दिखाता तो वार्ड में भर्ती मरीज का उपचार मुख्य रूप से नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चलता है और कुछ दिन बाद औपचारिकताएं पूरी कर छुट्टी दे दी जाती है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकार इन शिकायतों पर नकेल क्यों नहीं कस रही है। इतनी बड़ी लापरवाही आखिर कैसे हो सकती है। मरीजों को दिखाने और जांच कराने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। चाहे मरीज कितना भी गंभीर क्यों न हो, उसे अपनी बारी का इंतजार करना ही पड़ता है। पीबीएम अस्पताल इन दिनों भगवान भरोसे चलता हुआ दिखाई दे रहा है। न जनप्रतिनिधियों के नियमित निरीक्षण की चर्चा सुनाई देती है और न ही प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी नजर आती है। अस्पताल प्रशासन को भी मरीजों की परेशानियों का गंभीरता से संज्ञान लेकर व्यवस्था में तत्काल सुधार करना चाहिए।
- बीकानेर पीबीएम अस्पताल के कैंसर वार्ड की बदहाल व्यवस्था पर सवाल इकबाल खान बीकानेर पीबीएम अस्पताल के कैंसर वार्ड, जहां चिरंजीवी योजना के तहत प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जाता है, वहां से मुझे एक सज्जन ने वीडियो भेजा है। वीडियो में कुछ लोग कुर्सियों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ गंभीर मरीज जमीन पर लेटे हुए नजर आ रहे हैं।आज पीबीएम अस्पताल की हालत बेहद चिंताजनक दिखाई दे रही है। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों और कर्मचारियों में जवाबदेही का अभाव है और आए दिन अस्पताल को लेकर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहती हैं। आरोप यह भी हैं कि कुछ डॉक्टर निजी क्लीनिकों पर मरीज देखते हैं, निजी मेडिकल स्टोरों से दवाइयां लिखते हैं और जांच भी ऐसे स्थानों पर करवाते हैं, जहां से उन्हें लाभ मिलने की बात कही जाती है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि गरीब हो या अमीर, कई मरीज मजबूरी में निजी इलाज का सहारा लेने को विवश हो जाते हैं। यह भी शिकायत है कि यदि मरीज निजी तौर पर डॉक्टर को नहीं दिखाता तो वार्ड में भर्ती मरीज का उपचार मुख्य रूप से नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चलता है और कुछ दिन बाद औपचारिकताएं पूरी कर छुट्टी दे दी जाती है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकार इन शिकायतों पर नकेल क्यों नहीं कस रही है। इतनी बड़ी लापरवाही आखिर कैसे हो सकती है। मरीजों को दिखाने और जांच कराने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। चाहे मरीज कितना भी गंभीर क्यों न हो, उसे अपनी बारी का इंतजार करना ही पड़ता है। पीबीएम अस्पताल इन दिनों भगवान भरोसे चलता हुआ दिखाई दे रहा है। न जनप्रतिनिधियों के नियमित निरीक्षण की चर्चा सुनाई देती है और न ही प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी नजर आती है। अस्पताल प्रशासन को भी मरीजों की परेशानियों का गंभीरता से संज्ञान लेकर व्यवस्था में तत्काल सुधार करना चाहिए।1
- कर्णप्रताप सिंह के नेतृत्व में बीकानेर से बड़ी संख्या में लोग जयपुर पहुंचे यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर जयपुर में आयोजित प्रदर्शन में बीकानेर से कर्णप्रताप सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शन में प्रदेशभर से आए लोगों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जयपुर में प्रदर्शन स्थल पर भारी भीड़ उमड़ी और प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। कर्णप्रताप सिंह के नेतृत्व में बीकानेर से बड़ी संख्या में लोग जयपुर पहुंचे यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर जयपुर में आयोजित प्रदर्शन में बीकानेर से कर्णप्रताप सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शन में प्रदेशभर से आए लोगों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जयपुर में प्रदर्शन स्थल पर भारी भीड़ उमड़ी और प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।1
- कपिल सरोवर से कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर रवाना हुए शिवभक्त 🚩🔱1
- अवैध लाईम स्टोन खनन पर नागौर पुलिस का बड़ा प्रहार: पांचौड़ी पुलिस ने एलएनटी मशीन और ट्रैक्टर-ट्रॉली को किया डिटेन एएसपी आशाराम चौधरी के निर्देशन में हुई कार्रवाई; अग्रिम कानूनी कार्रवाई हेतु खनिज विभाग को दी गई सूचना पांचौड़ी(नागौर):अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) नागौर श्री आशा राम चौधरी (आर.पी.एस.) के निर्देशन में अवैध लाईम स्टोन खनन के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पांचौड़ी थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध खनन और परिवहन में प्रयुक्त 01 एलएनटी (LNT) मशीन तथा पत्थर से भरी 01 ट्रैक्टर-ट्रॉली को डिटेन (जब्त) किया है। घटना का विवरण: सहायक पुलिस अधीक्षक (वृत्त नागौर) श्री जतिन जैन (आई.पी.एस.) के निकटतम सुपरविजन में पांचौड़ी थानाधिकारी उर्जा राम (उप निरीक्षक) मय पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त पर थे। सरहद भेड़ से एलएनटी मशीन जब्त: गश्त के दौरान मौजा भेड़ स्थित खेत खसरा नंबर 2283/2275 के अंदर अवैध रूप से खनन करने में प्रयुक्त एलएनटी मशीन (चेसिस नंबर RSB-J-2-19 5859) खेत से लगभग 300 मीटर दूरी पर खड़ी पाई गई। वाहन मालिक धुन्धियाडी निवासी ओमप्रकाश जाट को मोबाइल के जरिए मौके पर बुलाने पर वह नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने एलएनटी मशीन को डिटेन कर सुरक्षार्थ थाना परिसर में खड़ा करवा दिया। भुंडेल-निम्बोला मार्ग पर अवैध पत्थर से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी: तत्पश्चात थानाधिकारी मय टीम मौजा भेड़ से रवाना होकर भुंडेल पहुंचे। भुंडेल एवं निम्बोला के बीच पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकवाकर चालक से पूछताछ की गई। चालक ने अपना नाम चेनाराम पुत्र अनाराम जाति जाट (निवासी जीवणबेरा) बताया। ट्रॉली में भरे लाईम स्टोन पत्थरों के संबंध में वैध रवाना या दस्तावेज मांगने पर चालक कोई कागजात पेश नहीं कर सका। पुलिस ने ट्रैक्टर (नंबर RJ 21 RN 5398) को मय ट्रॉली जब्त कर लिया। खनिज विभाग को सौंपी जाएगी अग्रिम कार्रवाई: पांचौड़ी पुलिस ने जब्ती की संपूर्ण जानकारी खनिज विभाग नागौर के अभियंताओं को फोन के माध्यम से दे दी है। जब्त किए गए दोनों वाहनों को थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा करवाया गया है और खनिज विभाग द्वारा मामले में अग्रिम नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।2
- Narayan ram jodihyasi naguar rajshatan 341001 आज की खबर लाइव वीडियो Narayan ram jodihyasi naguar rajshatan 341001 आज की खबर लाइव वीडियो देख लाइक शेयर जरुर करना धन्यवाद है?2
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- इतिहास विभाग के नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने किया पौधारोपण बीकानेर। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने विभाग के समक्ष स्थित उद्यान में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर कुलगुरु मनोज दीक्षित ने कहा कि प्राचीन भारतीय समाज में मनुष्य और प्रकृति के बीच गहरा संबंध रहा है। वृक्षों को केवल उपयोगिता की वस्तु नहीं, बल्कि जीवनदाता, देवतुल्य और लोककल्याणकारी माना गया है। उन्होंने बताया कि पुराणों में पीपल, वट, अशोक, बेल, आंवला और नीम जैसे वृक्षों के रोपण को विशेष पुण्यदायी माना गया है।इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि मौर्यकालीन शिलालेखों और स्तंभलेखों में सड़कों के किनारे छायादार वृक्ष लगाने, यात्रियों के लिए कुएं खुदवाने तथा औषधीय पौधों के रोपण के उल्लेख मिलते हैं। उन्होंने बताया कि कौटिल्य के अर्थशास्त्र में अवैध कटाई और वन संपदा के दुरुपयोग पर दंड का भी प्रावधान था। उन्होंने कहा कि नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विभाग से भावनात्मक रूप से जोड़ने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया।पौधारोपण कार्यक्रम में डॉ. मुकेश हर्ष, डॉ. गोपाल व्यास, रिंकू जोशी, भगवान दास सुथार, डॉ. संजना चौधरी, सुशीला बिश्नोई सहित विभाग के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे। बजरंग कलवानी और उमेश पुरोहित ने सहयोग किया। विद्यार्थियों में कार्तिक शर्मा, सोहनलाल कुम्हार, ट्विंकल बीका, भीखाराम सुथार, गरिमा व्यास, अजीत सियाग, मूमल कंवर, अरविंद सिंह भाटी, नेहा सलमान, तुषार गहलोत सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने सहभागिता निभाई।1
- UGC रोल बैक पर जयपुर की सड़कों पर जनसैलाब! बैरिकेड्स उखाड़ कलेक्ट्रेट पहुंचे करणी सेना कार्यकर्ता1