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मंडला जिले में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को खाद, डीजल और कृषि वाहनों के आवागमन जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग को लेकर किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। किसानों का कहना है कि कृषि कार्य के लिए खाद की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन सर्वर की समस्या के कारण स्लॉट बुकिंग में 10 से 15 दिनों का समय लग रहा है, जिससे उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। इसके साथ ही, किसानों ने आरोप लगाया है कि निजी दुकानों पर भी मशीन खराब होने का बहाना बनाकर खाद नहीं दी जा रही है। कई जगहों से नकली खाद की बिक्री की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। जुताई के लिए डीजल की कमी भी एक बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि पेट्रोल पंपों पर डिब्बों में डीजल नहीं दिया जा रहा है। किसानों को अपने ट्रैक्टर लेकर ही पेट्रोल पंप तक जाना पड़ रहा है, जिससे खासकर दूरदराज के क्षेत्रों के किसानों और ट्रैक्टर मालिकों को काफी असुविधा हो रही है। किसानों ने यह भी शिकायत की है कि कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को नो-एंट्री के दौरान रोका जा रहा है, जिससे खेती-किसानी के काम प्रभावित हो रहे हैं। इन सभी मुद्दों पर किसानों ने प्रशासन से खाद की उपलब्धता, डीजल की आपूर्ति और कृषि वाहनों के सुचारु आवागमन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। अब देखना यह है कि किसानों की इन मांगों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।

2 hrs ago
user_Govardhan kushwaha
Govardhan kushwaha
Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

मंडला जिले में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को खाद, डीजल और कृषि वाहनों के आवागमन जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग को लेकर किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। किसानों का कहना है कि कृषि कार्य के लिए खाद की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन सर्वर की समस्या के कारण स्लॉट बुकिंग में 10 से 15 दिनों का समय लग रहा है, जिससे उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। इसके साथ ही, किसानों ने आरोप लगाया है कि निजी दुकानों पर भी मशीन खराब होने का बहाना बनाकर खाद नहीं दी जा रही है। कई जगहों से नकली खाद की बिक्री की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। जुताई के लिए डीजल की कमी भी एक बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि पेट्रोल पंपों पर डिब्बों में डीजल नहीं दिया जा रहा है। किसानों को अपने ट्रैक्टर लेकर ही पेट्रोल पंप तक जाना पड़ रहा है, जिससे खासकर दूरदराज के क्षेत्रों के किसानों और ट्रैक्टर मालिकों को काफी असुविधा हो रही है। किसानों ने यह भी शिकायत की है कि कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को नो-एंट्री के दौरान रोका जा रहा है, जिससे खेती-किसानी के काम प्रभावित हो रहे हैं। इन सभी मुद्दों पर किसानों ने प्रशासन से खाद की उपलब्धता, डीजल की आपूर्ति और कृषि वाहनों के सुचारु आवागमन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। अब देखना यह है कि किसानों की इन मांगों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • डिंडौरी के समनापुर विकासखंड में 15 से 17 जून तक आयोजित तीन दिवसीय जन कल्याण शिविर ग्रामीणों के लिए उत्सव जैसा रहा, जहाँ केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएँ सीधे लोगों तक पहुँचीं। इस शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के लाभ के स्वीकृति पत्र और सामग्री प्रदान की गई, जिससे उनके चेहरों पर खुशी देखी गई। प्रशासन और विभिन्न विभागों ने मिलकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ा। स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका, कृषि और अन्य विभागों की सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध कराई गईं, जिससे ग्रामीणों को भटकना नहीं पड़ा। शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सामने आई, जहाँ 28 महिला स्व-सहायता समूहों को ₹1 करोड़ 68 लाख की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) प्रदान की गई। यह आर्थिक सहायता महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी, जिसे महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। स्वास्थ्य विभाग ने भी शिविर में सक्रिय भूमिका निभाते हुए 97 लोगों के रक्त परीक्षण किए (जिसमें हीमोग्लोबिन की जाँच भी शामिल थी), 101 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और 32 पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए। साथ ही, 15 जरूरतमंद हितग्राहियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में 101 पात्र हितग्राहियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत की गई, जिससे बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक संबल मिलेगा। अनुग्रह सहायता योजना के 13 मामलों का निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई। कृषि विभाग द्वारा 12 किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए गए, जिससे उन्हें आसान ऋण सुविधा मिल सकेगी। अन्य विभागों की विभिन्न योजनाओं के तहत भी बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पावंती कुशराम, जिला पंचायत सदस्य श्री प्रीतम मरावी, जनपद सदस्य श्री राहुल पांडे, सरपंच श्रीमती ऊषा श्याम, श्री सुशील मार्को, श्री कोमनका बनवासी, भाजपा मीडिया प्रभारी श्री लखन बर्मन, श्री भाटिया जी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज जैन और श्री रोहित उपाध्याय की मौजूदगी में हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे, और यह जन कल्याण शिविर इसी उद्देश्य को साकार करने का माध्यम बन रहे हैं। समनापुर का यह शिविर ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और जनसेवा का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है, जहाँ योजनाओं ने कागजों से निकलकर सीधे लोगों के जीवन में बदलाव लाया है।
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    डिंडौरी के समनापुर विकासखंड में 15 से 17 जून तक आयोजित तीन दिवसीय जन कल्याण शिविर ग्रामीणों के लिए उत्सव जैसा रहा, जहाँ केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएँ सीधे लोगों तक पहुँचीं। इस शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के लाभ के स्वीकृति पत्र और सामग्री प्रदान की गई, जिससे उनके चेहरों पर खुशी देखी गई। प्रशासन और विभिन्न विभागों ने मिलकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ा। स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका, कृषि और अन्य विभागों की सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध कराई गईं, जिससे ग्रामीणों को भटकना नहीं पड़ा।

शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सामने आई, जहाँ 28 महिला स्व-सहायता समूहों को ₹1 करोड़ 68 लाख की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) प्रदान की गई। यह आर्थिक सहायता महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी, जिसे महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। स्वास्थ्य विभाग ने भी शिविर में सक्रिय भूमिका निभाते हुए 97 लोगों के रक्त परीक्षण किए (जिसमें हीमोग्लोबिन की जाँच भी शामिल थी), 101 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और 32 पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए। साथ ही, 15 जरूरतमंद हितग्राहियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए।

सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में 101 पात्र हितग्राहियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत की गई, जिससे बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक संबल मिलेगा। अनुग्रह सहायता योजना के 13 मामलों का निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई। कृषि विभाग द्वारा 12 किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए गए, जिससे उन्हें आसान ऋण सुविधा मिल सकेगी। अन्य विभागों की विभिन्न योजनाओं के तहत भी बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।

इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पावंती कुशराम, जिला पंचायत सदस्य श्री प्रीतम मरावी, जनपद सदस्य श्री राहुल पांडे, सरपंच श्रीमती ऊषा श्याम, श्री सुशील मार्को, श्री कोमनका बनवासी, भाजपा मीडिया प्रभारी श्री लखन बर्मन, श्री भाटिया जी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज जैन और श्री रोहित उपाध्याय की मौजूदगी में हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे, और यह जन कल्याण शिविर इसी उद्देश्य को साकार करने का माध्यम बन रहे हैं। समनापुर का यह शिविर ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और जनसेवा का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है, जहाँ योजनाओं ने कागजों से निकलकर सीधे लोगों के जीवन में बदलाव लाया है।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • बालाघाट में गर्रा ओवरब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर स्थानीय विधायक अनुभा मुंजारे ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता और मैकेनिकल नगर के मुद्दे पर सवाल उठाए। विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकार्पण कार्यक्रम से जानबूझकर दूर रखा गया।
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    बालाघाट में गर्रा ओवरब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर स्थानीय विधायक अनुभा मुंजारे ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता और मैकेनिकल नगर के मुद्दे पर सवाल उठाए। विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकार्पण कार्यक्रम से जानबूझकर दूर रखा गया।
    user_Samarpit sahu
    Samarpit sahu
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • बालाघाट जिले में खेती की बढ़ती लागत, मजदूरों की कमी और कृषि कार्यों को समय पर पूरा करने की चुनौतियों के बीच, किसान अब आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और नवीन कृषि यंत्रों की उपलब्धता से, किसानों में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति के प्रति तेजी से जागरूकता बढ़ रही है। इसी क्रम में कटंगी विकासखंड के ग्राम कामठी के प्रगतिशील किसान श्री देवीप्रसाद भगत ने अपने 15 एकड़ खेत में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुआई करके एक मिसाल कायम की है। उन्होंने इतने बड़े रकबे में आधुनिक तकनीक से धान की सीधी बुवाई कर यह साबित किया है कि वैज्ञानिक खेती से कम लागत में भी अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। श्री देवीप्रसाद भगत का कहना है कि पारंपरिक धान रोपाई पद्धति में अधिक मजदूरों की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में मजदूरों की उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति अपनाने से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि रोपाई, नर्सरी तैयार करने और अतिरिक्त श्रम पर होने वाला खर्च भी काफी कम हो गया। इसी तरह ग्राम सावरी के किसान राधेलाल भैरम और देवकरण भैरम ने भी अपने खेतों में सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कर आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति अपनी सकारात्मक सोच का परिचय दिया है। इन किसानों ने बताया कि मशीन से बुवाई करने पर कम समय में अधिक क्षेत्र कवर हो जाता है और फसल की शुरुआती बढ़वार भी बेहतर रहती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, डीएसआर पद्धति धान उत्पादन की एक उन्नत तकनीक है, जिसमें खेत में सीधे बीज की बुवाई की जाती है। यह पद्धति पानी और श्रम लागत की बचत करती है, और समय पर बुवाई होने से फसल की उत्पादकता में वृद्धि की संभावना भी रहती है। साथ ही, यह तकनीक खेत की मिट्टी की संरचना और उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री वंदना धुर्वे ने बताया कि कटंगी क्षेत्र में किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर डीएसआर तकनीक अपनाए जाने से अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग का मानना है कि यदि अधिक किसान इस पद्धति को अपनाते हैं, तो खेती की लागत कम होने के साथ-साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। जिले के प्रगतिशील किसानों द्वारा आधुनिक तकनीकों को अपनाने से यह स्पष्ट हो रहा है कि कृषि अब परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर वैज्ञानिक एवं यंत्रीकृत खेती की ओर तेजी से अग्रसर है। डीएसआर पद्धति का बढ़ता दायरा जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभर रहा है।
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    बालाघाट जिले में खेती की बढ़ती लागत, मजदूरों की कमी और कृषि कार्यों को समय पर पूरा करने की चुनौतियों के बीच, किसान अब आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और नवीन कृषि यंत्रों की उपलब्धता से, किसानों में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति के प्रति तेजी से जागरूकता बढ़ रही है।

इसी क्रम में कटंगी विकासखंड के ग्राम कामठी के प्रगतिशील किसान श्री देवीप्रसाद भगत ने अपने 15 एकड़ खेत में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुआई करके एक मिसाल कायम की है। उन्होंने इतने बड़े रकबे में आधुनिक तकनीक से धान की सीधी बुवाई कर यह साबित किया है कि वैज्ञानिक खेती से कम लागत में भी अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। श्री देवीप्रसाद भगत का कहना है कि पारंपरिक धान रोपाई पद्धति में अधिक मजदूरों की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में मजदूरों की उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति अपनाने से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि रोपाई, नर्सरी तैयार करने और अतिरिक्त श्रम पर होने वाला खर्च भी काफी कम हो गया। इसी तरह ग्राम सावरी के किसान राधेलाल भैरम और देवकरण भैरम ने भी अपने खेतों में सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कर आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति अपनी सकारात्मक सोच का परिचय दिया है। इन किसानों ने बताया कि मशीन से बुवाई करने पर कम समय में अधिक क्षेत्र कवर हो जाता है और फसल की शुरुआती बढ़वार भी बेहतर रहती है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, डीएसआर पद्धति धान उत्पादन की एक उन्नत तकनीक है, जिसमें खेत में सीधे बीज की बुवाई की जाती है। यह पद्धति पानी और श्रम लागत की बचत करती है, और समय पर बुवाई होने से फसल की उत्पादकता में वृद्धि की संभावना भी रहती है। साथ ही, यह तकनीक खेत की मिट्टी की संरचना और उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री वंदना धुर्वे ने बताया कि कटंगी क्षेत्र में किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर डीएसआर तकनीक अपनाए जाने से अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग का मानना है कि यदि अधिक किसान इस पद्धति को अपनाते हैं, तो खेती की लागत कम होने के साथ-साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

जिले के प्रगतिशील किसानों द्वारा आधुनिक तकनीकों को अपनाने से यह स्पष्ट हो रहा है कि कृषि अब परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर वैज्ञानिक एवं यंत्रीकृत खेती की ओर तेजी से अग्रसर है। डीएसआर पद्धति का बढ़ता दायरा जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभर रहा है।
    user_ASHISH NEWARE Journalist
    ASHISH NEWARE Journalist
    बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • कटनी जिले की जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत कटरिया में दबंगों द्वारा कथित तौर पर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से सागौन के पेड़ काट दिए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सरकारी भूमि हल्का नंबर 66, खसरा नंबर 27 पर स्थित है, जहाँ 25 से 30 सागौन के पेड़ काटे गए हैं। ग्रामवासियों के अनुसार, इस भूमि पर ग्राम पंचायत द्वारा सड़क निर्माण की भी स्वीकृति दी गई थी, लेकिन सड़क नहीं बनी और "बद्री जैसा सवाल" नामक व्यक्ति ने इस जगह पर कब्जा कर लिया। ग्रामवासियों का यह भी आरोप है कि दबंग ने पटवारी से मिलकर सरकारी जमीन को अपने रिकॉर्ड में दर्ज करवा लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस जगह पर 150 साल पुराने सागौन के पेड़ थे, वे खसरे में 2024-25 में दर्ज नहीं थे, लेकिन 2026-27 में सरपंच, पटवारी और वन विभाग की कथित मिलीभगत से उन्हें खसरे में दर्ज करवा लिया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि नदी के किनारे लगे सभी सागौन के पेड़ों को कटवा दिया गया। ग्रामवासियों का इन पेड़ों से गहरा लगाव था क्योंकि ये उनके पूर्वजों के समय के पेड़ थे और गांव की धरोहर माने जाते थे। सरकारी नियमों के अनुसार, नदी-नालों के किनारे 40 से 200 मीटर तक के पेड़ों की कटाई नहीं की जा सकती, फिर भी इन नियमों की अवहेलना करते हुए 150 साल पुराने वृक्षों को दबंगई के चलते काट दिया गया। समस्त ग्रामवासी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे अपराध करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह जानकारी कटनी से संवाददाता मुकेश कुमार यादव की रिपोर्ट में सामने आई है।
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    कटनी जिले की जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत कटरिया में दबंगों द्वारा कथित तौर पर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से सागौन के पेड़ काट दिए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सरकारी भूमि हल्का नंबर 66, खसरा नंबर 27 पर स्थित है, जहाँ 25 से 30 सागौन के पेड़ काटे गए हैं। ग्रामवासियों के अनुसार, इस भूमि पर ग्राम पंचायत द्वारा सड़क निर्माण की भी स्वीकृति दी गई थी, लेकिन सड़क नहीं बनी और "बद्री जैसा सवाल" नामक व्यक्ति ने इस जगह पर कब्जा कर लिया।

ग्रामवासियों का यह भी आरोप है कि दबंग ने पटवारी से मिलकर सरकारी जमीन को अपने रिकॉर्ड में दर्ज करवा लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस जगह पर 150 साल पुराने सागौन के पेड़ थे, वे खसरे में 2024-25 में दर्ज नहीं थे, लेकिन 2026-27 में सरपंच, पटवारी और वन विभाग की कथित मिलीभगत से उन्हें खसरे में दर्ज करवा लिया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि नदी के किनारे लगे सभी सागौन के पेड़ों को कटवा दिया गया। ग्रामवासियों का इन पेड़ों से गहरा लगाव था क्योंकि ये उनके पूर्वजों के समय के पेड़ थे और गांव की धरोहर माने जाते थे। सरकारी नियमों के अनुसार, नदी-नालों के किनारे 40 से 200 मीटर तक के पेड़ों की कटाई नहीं की जा सकती, फिर भी इन नियमों की अवहेलना करते हुए 150 साल पुराने वृक्षों को दबंगई के चलते काट दिया गया।

समस्त ग्रामवासी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे अपराध करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह जानकारी कटनी से संवाददाता मुकेश कुमार यादव की रिपोर्ट में सामने आई है।
    user_Mukesh Kuma
    Mukesh Kuma
    मैं एक प्रेस रिपोर्टर और बेरोजगारी का Dhimarkheda, Katni•
    12 hrs ago
  • बालाघाट जिले की भरवेली पंचायत में हुए तख्तापलट के बाद अब उर्मिला मालेश को निर्विरोध सरपंच चुन लिया गया है। इस चुनावी प्रक्रिया में उन्होंने जीत हासिल की है। उर्मिला मालेश ने घोषणा की है कि उनके कार्यकाल में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, उनके पूर्व कार्यकाल के दौरान हुए सभी कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। चुनाव जीतने के बाद, गांव में एक विजय रैली निकाली गई।
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    बालाघाट जिले की भरवेली पंचायत में हुए तख्तापलट के बाद अब उर्मिला मालेश को निर्विरोध सरपंच चुन लिया गया है। इस चुनावी प्रक्रिया में उन्होंने जीत हासिल की है।

उर्मिला मालेश ने घोषणा की है कि उनके कार्यकाल में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, उनके पूर्व कार्यकाल के दौरान हुए सभी कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। चुनाव जीतने के बाद, गांव में एक विजय रैली निकाली गई।
    user_Samarpit sahu
    Samarpit sahu
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह और अमित पटेल के मार्गदर्शन में जिले में अपराध नियंत्रण, चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और चोरी के माल की खरीदी-बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीपीओ) कवर्धा आशीष शुक्ला और थाना प्रभारी कोतवाली योगेश कश्यप के नेतृत्व में कवर्धा शहर की 07 कबाड़ी दुकानों पर छापामार कार्रवाई और सघन जांच की गई। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस टीम ने दुकानों में रखी विभिन्न प्रकार की कबाड़ सामग्री, अभिलेखों और खरीद-बिक्री संबंधी दस्तावेजों की जांच की, साथ ही दुकानदारों से कबाड़ सामग्री के स्रोत के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जांच के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने सभी कबाड़ी व्यवसायियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे किसी भी प्रकार का संदिग्ध अथवा चोरी का सामान न खरीदें और न ही उसका संग्रहण करें। कबाड़ी संचालकों को यह भी हिदायत दी गई कि वे खरीदी गई सामग्री का उचित रिकॉर्ड रखें तथा सामग्री बेचने वाले व्यक्तियों की पहचान संबंधी जानकारी सुरक्षित रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस जांच में सहयोग मिल सके। एसडीपीओ आशीष शुक्ला ने बताया कि जिले में चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए इस प्रकार की जांच और अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि चोरी के माल की खरीदी-बिक्री में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा चोरी के सामान के संबंध में तत्काल पुलिस को सूचना दें। इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों के लिए चोरी के माल के खपाने के रास्तों को बंद करना तथा जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।
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    कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह और अमित पटेल के मार्गदर्शन में जिले में अपराध नियंत्रण, चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और चोरी के माल की खरीदी-बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीपीओ) कवर्धा आशीष शुक्ला और थाना प्रभारी कोतवाली योगेश कश्यप के नेतृत्व में कवर्धा शहर की 07 कबाड़ी दुकानों पर छापामार कार्रवाई और सघन जांच की गई। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस टीम ने दुकानों में रखी विभिन्न प्रकार की कबाड़ सामग्री, अभिलेखों और खरीद-बिक्री संबंधी दस्तावेजों की जांच की, साथ ही दुकानदारों से कबाड़ सामग्री के स्रोत के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

जांच के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने सभी कबाड़ी व्यवसायियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे किसी भी प्रकार का संदिग्ध अथवा चोरी का सामान न खरीदें और न ही उसका संग्रहण करें। कबाड़ी संचालकों को यह भी हिदायत दी गई कि वे खरीदी गई सामग्री का उचित रिकॉर्ड रखें तथा सामग्री बेचने वाले व्यक्तियों की पहचान संबंधी जानकारी सुरक्षित रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस जांच में सहयोग मिल सके।

एसडीपीओ आशीष शुक्ला ने बताया कि जिले में चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए इस प्रकार की जांच और अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि चोरी के माल की खरीदी-बिक्री में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा चोरी के सामान के संबंध में तत्काल पुलिस को सूचना दें। इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों के लिए चोरी के माल के खपाने के रास्तों को बंद करना तथा जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।
    user_राजेश कुमार कश्यप
    राजेश कुमार कश्यप
    बोडला, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • सिवनी में विधायक दिनेश राय मुनमुन ने आज श्री श्याम तोरणद्वार निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। यह कार्यक्रम सिवनी में आयोजित किया गया।
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    सिवनी में विधायक दिनेश राय मुनमुन ने आज श्री श्याम तोरणद्वार निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। यह कार्यक्रम सिवनी में आयोजित किया गया।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • डिंडोरी में एक बाइक के अनियंत्रित होने से हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई है। इस घटना में दो अन्य लोग घायल भी हुए हैं, जिनका उपचार जिला चिकित्सालय में जारी है।
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    डिंडोरी में एक बाइक के अनियंत्रित होने से हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई है। इस घटना में दो अन्य लोग घायल भी हुए हैं, जिनका उपचार जिला चिकित्सालय में जारी है।
    user_Santosh Ahirwar
    Santosh Ahirwar
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
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