पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर दतिया पुलिस ने जिले में "ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0" अभियान चलाया है। इस पहल के तहत, दतिया पुलिस ने जिले के विभिन्न अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और जन सेवा केंद्रों में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मचारियों, मरीजों और उनके परिजनों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के लिए शिक्षित करना था। इस दौरान उन्हें ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया फ्रॉड से बचने के आसान व व्यावहारिक तरीके समझाए गए। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग या ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। जागरूकता कार्यक्रमों में साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में साइबर सुरक्षा से संबंधित पोस्टर एवं फ्लेक्स लगाकर भी लोगों को जागरूक किया गया। दतिया पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देरी किए 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर समय रहते अपने आर्थिक नुकसान से बचें।
पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर दतिया पुलिस ने जिले में "ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0" अभियान चलाया है। इस पहल के तहत, दतिया पुलिस ने जिले के विभिन्न अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और जन सेवा केंद्रों में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मचारियों, मरीजों और उनके परिजनों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के लिए शिक्षित करना था। इस दौरान उन्हें ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया फ्रॉड से बचने के आसान व व्यावहारिक तरीके समझाए गए। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग या ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। जागरूकता कार्यक्रमों में साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में साइबर सुरक्षा से संबंधित पोस्टर एवं फ्लेक्स लगाकर भी लोगों को जागरूक किया गया। दतिया पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देरी किए 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर समय रहते अपने आर्थिक नुकसान से बचें।
- दतिया जिले के सेवढ़ा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रतनगढ़ माता मंदिर के पहाड़ी वाले मुख्य मार्ग पर ग्राम पंचायत खमरोली द्वारा विधायक निधि से लगभग 11 लाख रुपये की लागत से 365 मीटर लंबी सीसी रोड का निर्माण कराया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सड़क निर्माण के महज 11 महीने बाद ही पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों से मंदिर तक पहुँचना बेहद जोखिम भरा हो गया है। खासकर बरसात के मौसम में सड़क पर फिसलने का खतरा काफी बढ़ गया है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप किया गया होता तो इतनी कम अवधि में यह क्षतिग्रस्त नहीं होती। लोगों ने संबंधित इंजीनियर, जनपद पंचायत के अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और कहा है कि यदि निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क का शीघ्र ही गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि रतनगढ़ माता मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, और ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल तक पहुँचने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति प्रशासन के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।1
- दतिया में दामोदर यादव ने दावा किया है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर 'देशद्रोही बयान' देने का गंभीर आरोप लगा है। इसी आरोप के संबंध में उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है। दामोदर यादव ने दृढ़तापूर्वक कहा कि इस प्रकरण के बाद नरोत्तम मिश्रा ने स्वयं ही अपनी पराजय मान ली है।1
- दतिया में किसानों के हितों की सुरक्षा और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रशासन ने खाद-बीज विक्रेताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के स्पष्ट निर्देशों पर, सेवढ़ा एसडीएम के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम ने खाद और बीज की विभिन्न दुकानों पर सघन छापामार कार्रवाई की। इस निरीक्षण अभियान के दौरान, अधिकारियों ने दुकानों के स्टॉक रिकॉर्ड, लेन-देन के अभिलेखों और संपूर्ण विक्रय व्यवस्था की गहनता से जांच की। साथ ही, दुकानदारों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करें और किसानों को उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाले खाद-बीज ही उपलब्ध कराएं। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि यदि किसी भी दुकान पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी पाई जाती है, तो संबंधित दोषी व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की निरंतर रक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस तरह की छापामार कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी।1
- दतिया पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत सिंह चावला और एसडीओपी सेवढ़ा श्री अजय चानना के मार्गदर्शन में एक बड़ी कार्रवाई की है। थाना अतरेटा पुलिस ने दिनांक 29 जून 2026 को माता रतनगढ़ मंदिर मेले में सक्रिय दो शातिर जेबकतरों, रवि पुत्र संजय सिंह परिहार और रानी पत्नी संजय सिंह परिहार को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी भिंड जिले के आर्या नगर के निवासी हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद के सीतामऊ गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग ₹1,20,000 कीमत की टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल और ₹70,500 नगद बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा पूर्व में की गई चोरी की घटनाओं की भी पुष्टि हुई है, और बरामद नकदी में पहले हुई चोरी की राशि भी शामिल पाई गई है। पुलिस फिलहाल आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संबंधित मामलों की विस्तृत जांच कर रही है। इस बीच, दतिया पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि माता रतनगढ़ मेले या किसी अन्य स्थान पर उनके साथ जेबकटाई या चोरी की कोई घटना हुई हो, तो वे थाना अतरेटा में संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी अतरेटा निरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत, चौकी प्रभारी रतनगढ़ उपनिरीक्षक ब्रजेश मिश्रा, आरक्षक शुभांशु चौबे, आरक्षक नीतू परिहार, प्रधान आरक्षक सीतासरण, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक परमल, आरक्षक जगेंद्र, आरक्षक संजय सोलंकी और आरक्षक प्रदीप की सराहनीय भूमिका रही।1
- दतिया की SDOP आकांक्षा जैन ने साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए जागरूकता की एक नई अलख जगाने का दृढ़ निश्चय किया है। इस पहल के तहत, उनका मुख्य लक्ष्य बेटियों को साइबर धोखाधड़ी के खतरों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित बनाना है।1
- दतिया उप-चुनाव में हार के डर से पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एक बड़ा षड़यंत्र रचा है, ऐसा गंभीर आरोप दामोदर यादव ने लगाया है। दामोदर यादव के मुताबिक, नरोत्तम मिश्रा पहले पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती और अब उन्हें स्वयं चुनाव प्रक्रिया से बाहर करना चाहते हैं।1
- भांडेर नगर के मेला ग्राउंड पर वर्षों से झोपड़ियां बनाकर रह रहे लोहा पीटा समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर 01 बजे नवीन तहसील कार्यालय पहुंचकर स्थायी आवास की मांग की। उन्होंने भांडेर एसडीएम ब्रजेन्द्र यादव को एक आवेदन सौंपा, जिसमें बताया गया कि समाज के लोग लंबे समय से मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। स्थायी निवास न होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परिवारों ने नगर परिषद क्षेत्र में शासन के नियमों के अनुसार प्लॉट या रहने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वे स्थायी मकान बनाकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। उनका कहना है कि स्थायी पता मिलने से बच्चों की पढ़ाई, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज बनवाने में सुविधा होगी, साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा। लोहा पीटा समाज के लोगों ने प्रशासन से उनकी इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है।1
- पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर दतिया पुलिस ने जिले में "ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0" अभियान चलाया है। इस पहल के तहत, दतिया पुलिस ने जिले के विभिन्न अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और जन सेवा केंद्रों में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मचारियों, मरीजों और उनके परिजनों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के लिए शिक्षित करना था। इस दौरान उन्हें ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया फ्रॉड से बचने के आसान व व्यावहारिक तरीके समझाए गए। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग या ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। जागरूकता कार्यक्रमों में साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में साइबर सुरक्षा से संबंधित पोस्टर एवं फ्लेक्स लगाकर भी लोगों को जागरूक किया गया। दतिया पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देरी किए 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर समय रहते अपने आर्थिक नुकसान से बचें।1