*✰जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में 1, 2 व 3 मई 2026 को आयोजित विश्व शांति महानुष्ठान में आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं✰* *आयोजन स्थल का पता है :-* सतलोक आश्रम धनाना धाम (हरियाणा), सतलोक आश्रम कुरुक्षेत्र (हरियाणा), सतलोक आश्रम भिवानी (हरियाणा), सतलोक आश्रम मुंडका (दिल्ली) सतलोक आश्रम सोजत (राजस्थान), सतलोक आश्रम खमानो (पंजाब), सतलोक आश्रम धुरी (पंजाब), सतलोक आश्रम शामली (उत्तर प्रदेश), सतलोक आश्रम सीतापुर (उत्तर प्रदेश), सतलोक आश्रम बैतूल (मध्य प्रदेश), सतलोक आश्रम इन्दौर (मध्य प्रदेश), सतलोक आश्रम धवलपुरी (महाराष्ट्र) सतलोक आश्रम जनकपुर (नेपाल देश) *✰जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में 1, 2 व 3 मई 2026 को आयोजित विश्व शांति महानुष्ठान में आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं✰* *आयोजन स्थल का पता है :-* सतलोक आश्रम धनाना धाम (हरियाणा), सतलोक आश्रम कुरुक्षेत्र (हरियाणा), सतलोक आश्रम भिवानी (हरियाणा), सतलोक आश्रम मुंडका (दिल्ली) सतलोक आश्रम सोजत (राजस्थान), सतलोक आश्रम खमानो (पंजाब), सतलोक आश्रम धुरी (पंजाब), सतलोक आश्रम शामली (उत्तर प्रदेश), सतलोक आश्रम सीतापुर (उत्तर प्रदेश), सतलोक आश्रम बैतूल (मध्य प्रदेश), सतलोक आश्रम इन्दौर (मध्य प्रदेश), सतलोक आश्रम धवलपुरी (महाराष्ट्र) सतलोक आश्रम जनकपुर (नेपाल देश)
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- NarsinghDhanora, Kondagaonकल के कल कोंडागांव में न्यूज़ पब्लिक एप्स14 hrs ago
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- भीषण गर्मी में चित्रकोट जलप्रपात का दृश्य, गर्मी के चलते कम हुई पर्यटकों की संख्या2
- राजपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जनपद पंचायत राजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बदौली में पण्डरी नाला स्थित श्मशान घाट के पास चेक डेम निर्माण कार्य ग्रामीणों के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनता जा रहा है। जल संरक्षण के साथ-साथ यह परियोजना रोजगार सृजन और खेती-किसानी में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। जानकारी के अनुसार, इस कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति 19.00385 लाख रुपये की लागत निर्माण कार्य 25 फरवरी 2026 से प्रारंभ किया गया। इस परियोजना में कुल 1169 मानव दिवस का प्रावधान रखा गया है, जिसमें श्रमिकों को प्रति दिवस 261 रुपये की दर से मजदूरी दी जा रही है। निर्माण कार्य की एजेंसी ग्राम पंचायत बदौली है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिला है। चेक डेम के निर्माण से क्षेत्र के लगभग 50 से 60 किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। किसान अब मक्का, सरसों, धान, अरहर, उड़द जैसी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ परवल, भिंडी, बरबटी, मटर, लौकी, तरबूज और बैंगन जैसी सब्जियों की खेती भी कर पा रहे हैं। इससे न केवल खेती का दायरा बढ़ा है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है। लाभान्वित किसानों में ईश्वर, करीमन, चलराम, बृजलाल, कपील, शिवचंद, चन्नु, उदय, सोमार, चन्द्रपाल और सुखसागर सहित कई अन्य किसान शामिल हैं, जो अलग-अलग रकबे में विविध फसलों की खेती कर रहे हैं। चेक डेम बनने से सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, जिससे किसानों को अब मौसम पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा। ग्राम पंचायत बदौली के सरपंच सुरेश राम आंडिल्य ने बताया कि पहले ग्रामीणों को पानी रोकने के लिए बालू और मिट्टी से अस्थायी बांध बनाना पड़ता था, जिससे पर्याप्त पानी नहीं रुक पाता था और खेती प्रभावित होती थी। अब चेक डेम बनने से गांव में 50 से 60 किसानों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और जीवन स्तर में सुधार आ रहा है। वहीं, ग्राम पंचायत सचिव नरेंद्र जायसवाल ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर इस चेक डेम का निर्माण कराया गया है। पहले सीमित संसाधनों के कारण किसान पूरी क्षमता से खेती नहीं कर पाते थे, लेकिन अब जल उपलब्धता बढ़ने से वे साल भर विभिन्न प्रकार की फसलें ले पा रहे हैं। बदौली का यह चेक डेम जल संरक्षण, रोजगार और कृषि विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रहा है, जो ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।3
- कोंडागांव: गौ माता को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने की मांग, सर्व सनातन धर्म ने सौंपा ज्ञापन। कोंडागांव छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में आज गौ सेवा और संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 'गौ सेवी सर्व सनातन धर्म' के बैनर तले सैकड़ों गौ प्रेमियों ने तहसील कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपकर गौ माता को राष्ट्रमाता'घोषित करने और उनके संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून बनाने की पुरजोर मांग की गई। सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं और अत्याचार पर जताई चिंता।1
- पुरानी परंपरा बचाने का संदेश लेकर निकली बारात, कपसीडीह से मुड़तराई पहुंचे बाराती राजिम। क्षेत्र में अपनी पुरानी परंपरा और संस्कृति को बचाने का अनूठा संदेश देते हुए कपसीडीह गांव से मुड़तराई के लिए एक बारात रवाना हुई। दूल्हा पवन ध्रुव पिता रमेश्वर ध्रुव की इस बारात का उद्देश्य केवल विवाह संपन्न कराना नहीं, बल्कि लुप्त होती लोक संस्कृति और रीति-रिवाजों के प्रति लोगों को जागरूक करना भी था। बारात में पारंपरिक वाद्य यंत्रों, लोकगीतों और छत्तीसगढ़ी परिधान के साथ बाराती शामिल हुए। युवाओं ने गांव की पुरानी बारात प्रथा को जीवित रखते हुए नाच-गाने और हंसी-खुशी के माहौल में यात्रा पूरी की। बारात का जगह-जगह ग्रामीणों ने स्वागत किया। इस पहल को लेकर ध्रुव परिवार एवं युवा साथियों ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हम अपनी जड़ों से कटते जा रहे हैं। विवाह जैसे पवित्र संस्कार में भी अब दिखावा बढ़ गया है। हमारी कोशिश है कि नई पीढ़ी को बताया जाए कि परंपरागत तरीके से भी विवाह का उत्सव उतना ही भव्य और आनंददायक हो सकता है। बारात में रमेश्वर ध्रुव, चैनसिंग ध्रुव, रोशन साहू, कामता साहू, श्री हरख ध्रुव, दयाराम, कोमल तारक, सुरेंद्र साहू, कृष्ण साहू, दुष्यंत, जनसेवक मेघराज साहू, नंदकुमार सहित बड़ी संख्या में परिजन एवं ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि संस्कृति ही हमारी पहचान है और इसे बचाना हर नागरिक का दायित्व है। मुड़तराई पहुंचने पर वधू पक्ष ने भी पारंपरिक रीति से बारात का स्वागत किया। इस अनूठी पहल की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।4
- Post by Balram baghel1
- छत्तीसगढ़ के जिला बस्तर के चपका गांव में मेसर्स गोपाल स्पंज एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्तावित स्टील प्लांट के खिलाफ ग्रामीण जमकर विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ग्राम सभा की अनुमति और पेसा कानून को दरकिनार कर अवैध रूप से बाउंड्री वॉल बना रही है, जिससे मार्कंडेय नदी प्रदूषित होने और किसानों की आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गोपाल स्पंज कंपनी बिना स्थानीय ग्राम सभा की सहमति के नेशनल हाईवे के किनारे निर्माण कार्य कर रही है। प्रस्तावित प्लांट से भूरिया और मार्कंडी नदियों के संगम के प्रदूषित होने का अंदेशा है, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्र भी है। इससे लगभग 10-15 पंचायतों के किसानों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। ग्रामीण किसी भी कीमत पर जमीन न देने और प्लांट न लगने देने की चेतावनी दे रहे हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर से शिकायत की है और क्षेत्र की पांचवीं अनुसूची में आने के कारण ग्राम सभा के फैसले को अंतिम माना जा रहा है।1
- अतरमरा के पुलिया में 18 किलो गांजा पानी में तैरता मिला,,, पाण्डुका/थाना क्षेत्र पांडुका के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत अतरमरा के बड़े पुलिया में तैर रहे गांजा पैकेट को देखकर लोग हैरान रह गए और इसकी जानकारी जैसे गांव को लगी देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ा यह पहला मौका है जब इस तरह किसी पुल के नीचे पानी में गांजा की पैकेट तैयार रहा है बता दे की ग्राम पंचायत अतरमरा में पहले भी गांजा के अवैध व्यापार को लेकर कई बाते सामने आ चुकी है ।वही अंचल में बड़ी मात्रा में गांजा कारोबार चल रहा है । जतमई मार्ग से या फिर अंदरूनी गांव के रास्तों से यहां तक पहुंचता है।बड़े नहर में यह गांजा की पैकेट लगभग 18 किलो की बताई जा रही है जो छोटे-छोटे पैकेट में है।गांजा तस्करों द्वारा फेंका गया होगा मोहतरा से अतरमरा के बीच पड़ने वाले बड़े पुल में ये पैकेट तैरते देखा जा सकता है। ,,,,थाना प्रभारी पाण्डुका कृष्ण कुमार जांगड़े से पूछने पर बताया कि खबर मिला है अभी वही देखने जा रहे हैं जांच करने के बाद ही पता चलेगा कि कहां से आया है और कैसे यहां तक पहुंचा है।4