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dadari Pera Panchayat mein pashu ke Koi kimat nahin Hai Aman Vishwakarma dwara bataya Gaya ki dadari Pera Panchayat mein pashu ki kimat koi nahin hai n Koi Dhyan dene wala Na Koi dekhbhal karne wala
Aman Vishwakarma
dadari Pera Panchayat mein pashu ke Koi kimat nahin Hai Aman Vishwakarma dwara bataya Gaya ki dadari Pera Panchayat mein pashu ki kimat koi nahin hai n Koi Dhyan dene wala Na Koi dekhbhal karne wala
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- Aman Vishwakarma dwara bataya Gaya ki dadari Pera Panchayat mein pashu ki kimat koi nahin hai n Koi Dhyan dene wala Na Koi dekhbhal karne wala1
- अखिलेश यादव का बड़ा आरोप – “फर्जी दस्तखत, अंगूठा छाप वोटरों से साइन… इलेक्शन कमीशन मौन क्यों?” लखनऊ। अखिलेश यादव ने राजधानी लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला। अखिलेश ने सीधे आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव हारने के डर से PDA वोटरों की बल्क वोट कटौती करा रही है। “अंगूठा छाप वोटरों से कराए गए फर्जी हस्ताक्षर” अखिलेश यादव बोले— “नंदलाल जी जैसे लोग जो अंगूठा लगाते हैं, उनसे साइन कराए गए। फर्जी दस्तखत से वोट कटवाए गए। सवाल ये है कि भारत निर्वाचन आयोग इस पर क्या कार्रवाई करेगा?” “जहां सपा जीती, वहीं वोट कटवाने की साजिश” अखिलेश ने सनसनीखेज दावा किया कि भाजपा की सीक्रेट मीटिंग में तय हुआ— “हर उस लोकसभा में वोट कटवाए जाएंगे जहां समाजवादी पार्टी जीती है।” उन्होंने कहा कि नगर अध्यक्ष के नकली हस्ताक्षर कराकर सपा समर्थक वोटरों के नाम हटाए गए। बूथ एनालिसिस ने खोल दी पोल “एक बूथ पर 76% नोटिस गए, जिनमें 46% यादव-मुस्लिम हैं। एक बूथ में ऐसा है तो पूरे प्रदेश में क्या हो रहा होगा?” अखिलेश ने दो टूक कहा— “डेटा चीख-चीखकर कह रहा है— ये PDA के वोट की डकैती है।” SIR के बाद फॉर्म-7 क्यों? “जब SIR की एक्सरसाइज हो चुकी है, तो फॉर्म-7 किसके इशारे पर? ये सामंतवादी सोच वाले लोग PDA का वोट बल्क में काट रहे हैं।” मुख्यमंत्री योगी पर तीखा तंज मुख्यमंत्री पर सीधा वार करते हुए अखिलेश बोले— “मुख्यमंत्री बिष्ट जी किस स्किल इंडिया की बात कर रहे हैं?” “जो लोग आजादी से पहले वंदे मातरम् नहीं गाते थे, वो आज राष्ट्रवाद का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं।” सियासत में भूचाल अखिलेश यादव के इन आरोपों से यूपी की राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई है। अब सबसे बड़ा सवाल— क्या इलेक्शन कमीशन करेगा कार्रवाई या PDA वोटरों की आवाज यूं ही दबा दी जाएगी?4
- चित्रकूट व्यूरो रिपोर्ट चित्रकूट की मऊ तहसील में भारतीय किसान यूनियन भारतीयों की मासिक बैठक आयोजित की गई ।1
- Post by ओम प्रकाश पत्रकार1
- Post by विंध्य वसुंधरा समाचार1
- छोटीसादड़ी अस्पताल में मीडियाकर्मी का मोबाइल छीनकर फेंका, घटना सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद, थाने में दर्ज कराया मामला छोटीसादड़ी। शनिवार देर रात करीब 11 बजे छोटीसादड़ी के उपजिला चिकित्सालय परिसर में कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मी के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है। घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पीड़ित मीडियाकर्मी ने छोटीसादड़ी पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार छोटीसादड़ी निवासी महेश कुमार माली शनिवार रात एक्सीडेंट घटना की कवरेज के सिलसिले में राजकीय अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद अनुराग राव मराठा उर्फ छोटू राव ने उनके साथ कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए हाथापाई की और उनका मोबाइल फोन छीनकर जमीन पर फेंक दिया, जिससे पत्रकार को मानसिक आघात पहुंचा और उनके कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। पीड़ित ने बताया कि वह प्रेस क्लब वेलफेयर वर्ल्डवाइड के सदस्य हैं तथा डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘सत्यम सत्य मीडिया’ में नेशनल कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान इस प्रकार की घटना निंदनीय है और इससे पत्रकारों में रोष व्याप्त है। इधर, पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण दर्ज कर अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी ने बताया कि फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना को लेकर क्षेत्र के पत्रकारों ने नाराजगी जताई है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं मीडिया की स्वतंत्रता पर आघात हैं और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।10
- *सैनी थाना क्षेत्र में ओवरलोडिंग का खेल, मिलीभगत के आरोप* *कौशाम्बी संदेश* कौशाम्बी। जनपद के थाना सैनी क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सूत्रों के अनुसार अटसराय चौराहा से पथराव मार्ग की ओर बालू से लदे ओवरलोड ट्रैक्टर और डंपर खुलेआम फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरलोड ट्रैक्टरों और ट्रकों को कथित रूप से अवैध वसूली लेकर पास किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर से एक हजार रुपये और ट्रक से भी एक हजार रुपये लेकर उन्हें जाने दिया जाता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोडिंग का यह सिलसिला दिन-रात जारी है, जिससे सड़क सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है। ओवरलोड वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, साथ ही सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं।गौरतलब है कि अवैध खनन के मामलों में समय-समय पर National Green Tribunal द्वारा सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका पालन होता नजर नहीं आ रहा। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या अवैध खनन व ओवरलोडिंग पर प्रभावी कार्रवाई हो पाती है या नहीं।1
- जो जहां है वहीं से अपना देखे और दूसरे को बताए क्या ये तेरा है मैं आगे चलूंगा1