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जयपुर के शहीद स्मारक पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान उस समय हंगामा मच गया जब पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को दो युवकों ने थप्पड़ मार दिए। इस घटना के बाद, मौके पर मौजूद दीपके के समर्थकों ने तुरंत उन दोनों युवकों को पकड़ लिया, जिसके चलते घटनास्थल पर धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। अभिजीत दीपके NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त कमियों, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े अन्य अहम मुद्दों को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में शामिल होने जयपुर पहुंचे थे। इस प्रदर्शन के माध्यम से मुख्य रूप से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।

5 hrs ago
user_Asha kishan gurjar
Asha kishan gurjar
Local News Reporter Tonk, Rajasthan•
5 hrs ago

जयपुर के शहीद स्मारक पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान उस समय हंगामा मच गया जब पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को दो युवकों ने थप्पड़ मार दिए। इस घटना के बाद, मौके पर मौजूद दीपके के समर्थकों ने तुरंत उन दोनों युवकों को पकड़ लिया, जिसके चलते घटनास्थल पर धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। अभिजीत दीपके NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त कमियों, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े अन्य अहम मुद्दों को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में शामिल होने जयपुर पहुंचे थे। इस प्रदर्शन के माध्यम से मुख्य रूप से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।

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  • टोंक शहर में पांच बत्ती से लेकर गड्ढा पहाड़िया तक का मुख्य पानी निकास नाला इस समय पूरी तरह से जाम हो चुका है। मौजूदा मानसून सत्र के चलते, नालों की सफाई के अभाव में आने वाले बारिश के सीजन में टोंक में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। नाले में कीचड़ और गंदगी के अंबार लगे हुए हैं, जिससे जल निकासी बाधित हो रही है। आम जनता के हित को देखते हुए, नगर परिषद से इन नालों की तत्काल और उचित सफाई करवाने की मांग की जा रही है। हालांकि, नगर परिषद द्वारा नालों की सफाई को लेकर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जिससे भविष्य में टोंक को बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।
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    टोंक शहर में पांच बत्ती से लेकर गड्ढा पहाड़िया तक का मुख्य पानी निकास नाला इस समय पूरी तरह से जाम हो चुका है। मौजूदा मानसून सत्र के चलते, नालों की सफाई के अभाव में आने वाले बारिश के सीजन में टोंक में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है।

नाले में कीचड़ और गंदगी के अंबार लगे हुए हैं, जिससे जल निकासी बाधित हो रही है। आम जनता के हित को देखते हुए, नगर परिषद से इन नालों की तत्काल और उचित सफाई करवाने की मांग की जा रही है। हालांकि, नगर परिषद द्वारा नालों की सफाई को लेकर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जिससे भविष्य में टोंक को बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।
    user_Credible News
    Credible News
    Software Developer टोंक, टोंक, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराए जाने की माँग की गई है।
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    सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराए जाने की माँग की गई है।
    user_Kosal
    Kosal
    टोंक, टोंक, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • देवली उपखंड के गांवड़ी पंचायत स्थित दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की बिजली का करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। बीते 2 जून को रघुनाथपुरा गांव में विद्युत पोल पर काम करते समय करंट की चपेट में आने से धनराज ने अपने दोनों हाथ व एक पैर खो दिए थे, जिसके बाद रविवार सुबह करीब 9 बजे उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के विरोध में अंबेडकर विचार मंच, ग्रामीणों, परिजनों सहित व्यापार महासंघ और अन्य सामाजिक संगठनों ने धनराज को न्याय दिलाने के लिए देवली का बाजार स्वैच्छिक रूप से पूर्णतः बंद रखा। केवल मेडिकल और इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं, हालांकि दोपहर बाद बाजार शैनै शैने खुल गए। धनराज बैरवा की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर अंबेडकर विचार मंच के तत्वावधान में उपखंड कार्यालय के बाहर शुरू हुआ धरना सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर अंबेडकर विचार मंच के अध्यक्ष पांचू लाल मीणा, सरपंच संघ अध्यक्ष मुकेश मीणा, पूर्व विधायक कमल बैरवा, रामसिंह शक्तावत, राहुल बलसोरा, यादराम मीणा, सुरेंद्र बैरवा, गणेश लाल और सुरेश मीणा सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित हैं। वक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शनकारी संगठनों और परिजनों ने प्रशासन के समक्ष कड़ी शर्तें रखी हैं, जिनमें दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग प्रमुख है। इसके साथ ही मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की भी मांग की गई है। परिजनों का तर्क है कि धनराज निगम में एक सरकारी कर्मचारी की तरह ही कार्य कर रहा था, इसलिए उसे विभाग का कर्मचारी मानते हुए सभी उचित सुविधाएं और लाभ दिए जाएं, जबकि निगम उसे अपना कर्मचारी मानने से इनकार कर रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धरना स्थल के आसपास पुलिस का भारी जाप्ता तैनात किया गया है, और यातायात पुलिस भी सुरक्षा में जुटी है। यह आंदोलन धीरे-धीरे विशाल रूप लेता दिख रहा है, सोमवार को भगतसिंह सेना के सुप्रीमो नरेश मीणा भी अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे, जिसके बाद नारेबाजी और तेज हो गई। नरेश मीणा ने इस दुर्घटना को महज एक लाइनमैन की गलती नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि धनराज की असमय मृत्यु से परिवार को हुई क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन समाज को एकजुट होकर उस परिवार को आर्थिक संकट से उबारना होगा ताकि मृतक के छोटे बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे। मीणा ने प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शासन-प्रशासन कानून की आड़ लेकर जबरदस्ती अंतिम संस्कार करने का प्रयास करता है, तो ऐसा जन-आक्रोश या भूचाल आएगा कि सरकार की ही अंत्येष्टि हो जाएगी। उन्होंने इसे एक दलित परिवार की दुखद त्रासदी बताते हुए कहा कि यह मामला अब केवल देवली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन चुका है। नरेश मीणा ने जोर देते हुए कहा कि केवल मुआवजा ही नहीं, बल्कि इस घटना के लिए जिम्मेदार सिस्टम के अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए, और पीड़ित परिवार को त्वरित व सम्मानजनक सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने जिला कलक्टर से लोगों की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को तत्काल अवगत कराने की मांग की।
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    देवली उपखंड के गांवड़ी पंचायत स्थित दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की बिजली का करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। बीते 2 जून को रघुनाथपुरा गांव में विद्युत पोल पर काम करते समय करंट की चपेट में आने से धनराज ने अपने दोनों हाथ व एक पैर खो दिए थे, जिसके बाद रविवार सुबह करीब 9 बजे उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के विरोध में अंबेडकर विचार मंच, ग्रामीणों, परिजनों सहित व्यापार महासंघ और अन्य सामाजिक संगठनों ने धनराज को न्याय दिलाने के लिए देवली का बाजार स्वैच्छिक रूप से पूर्णतः बंद रखा। केवल मेडिकल और इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं, हालांकि दोपहर बाद बाजार शैनै शैने खुल गए।

धनराज बैरवा की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर अंबेडकर विचार मंच के तत्वावधान में उपखंड कार्यालय के बाहर शुरू हुआ धरना सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर अंबेडकर विचार मंच के अध्यक्ष पांचू लाल मीणा, सरपंच संघ अध्यक्ष मुकेश मीणा, पूर्व विधायक कमल बैरवा, रामसिंह शक्तावत, राहुल बलसोरा, यादराम मीणा, सुरेंद्र बैरवा, गणेश लाल और सुरेश मीणा सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित हैं। वक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शनकारी संगठनों और परिजनों ने प्रशासन के समक्ष कड़ी शर्तें रखी हैं, जिनमें दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग प्रमुख है। इसके साथ ही मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की भी मांग की गई है। परिजनों का तर्क है कि धनराज निगम में एक सरकारी कर्मचारी की तरह ही कार्य कर रहा था, इसलिए उसे विभाग का कर्मचारी मानते हुए सभी उचित सुविधाएं और लाभ दिए जाएं, जबकि निगम उसे अपना कर्मचारी मानने से इनकार कर रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धरना स्थल के आसपास पुलिस का भारी जाप्ता तैनात किया गया है, और यातायात पुलिस भी सुरक्षा में जुटी है।

यह आंदोलन धीरे-धीरे विशाल रूप लेता दिख रहा है, सोमवार को भगतसिंह सेना के सुप्रीमो नरेश मीणा भी अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे, जिसके बाद नारेबाजी और तेज हो गई। नरेश मीणा ने इस दुर्घटना को महज एक लाइनमैन की गलती नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि धनराज की असमय मृत्यु से परिवार को हुई क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन समाज को एकजुट होकर उस परिवार को आर्थिक संकट से उबारना होगा ताकि मृतक के छोटे बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे। मीणा ने प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शासन-प्रशासन कानून की आड़ लेकर जबरदस्ती अंतिम संस्कार करने का प्रयास करता है, तो ऐसा जन-आक्रोश या भूचाल आएगा कि सरकार की ही अंत्येष्टि हो जाएगी। उन्होंने इसे एक दलित परिवार की दुखद त्रासदी बताते हुए कहा कि यह मामला अब केवल देवली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन चुका है। नरेश मीणा ने जोर देते हुए कहा कि केवल मुआवजा ही नहीं, बल्कि इस घटना के लिए जिम्मेदार सिस्टम के अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए, और पीड़ित परिवार को त्वरित व सम्मानजनक सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने जिला कलक्टर से लोगों की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को तत्काल अवगत कराने की मांग की।
    user_आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
    आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
    Reporter दूनी, टोंक, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • टोंक जिले के उनियारा उपखंड की ग्राम पंचायत ककोड में राज्य सरकार के निर्देशों के तहत आयोजित 'जन सेवा शिविर' का उपखंड अधिकारी (SDO) पूजा मीणा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय कामकाज की समीक्षा के साथ ही एक दिव्यांग व्यक्ति की समस्या सुनने के लिए अपनी कुर्सी छोड़कर बाहर आकर मानवीय संवेदना का परिचय दिया। दोपहर में शिविर स्थल पर पहुंचकर उपखंड अधिकारी ने आयुर्वेद, पशुपालन और चिकित्सा विभाग समेत कई स्टॉलों का जायजा लिया, जहां उन्होंने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने पटवारी को विशेष निर्देश दिए कि किसानों के राजस्व संबंधी मामलों का प्राथमिकता से और तुरंत समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान जब उन्हें सूचना मिली कि दिव्यांग शंभू दयाल बेरवा शिविर परिसर में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं, तो पूजा मीणा ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए अपनी कुर्सी छोड़ी और स्वयं शिविर के बाहर जाकर उनकी समस्या सुनी। उन्होंने शिविर प्रभारी और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भविष्य के शिविरों में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए अनिवार्य रूप से व्हीलचेयर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश भी दिए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा आमजन को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। इसमें कुल 10 पट्टों का वितरण हुआ, मनरेगा योजना के तहत विकास कार्यों के लिए 20 प्रस्ताव आगे की कार्यवाही हेतु भेजे गए, और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 5 लीकेज ठीक किए, 10 हैंडपंपों की मरम्मत की तथा 10 अन्य समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत चिकित्सा विभाग ने 45 लोगों की हीमोग्लोबिन और शुगर की जांच की, जबकि 80 लोगों ने आयुर्वेद विभाग की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। उपखंड अधिकारी ने शिविर की समग्र व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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    टोंक जिले के उनियारा उपखंड की ग्राम पंचायत ककोड में राज्य सरकार के निर्देशों के तहत आयोजित 'जन सेवा शिविर' का उपखंड अधिकारी (SDO) पूजा मीणा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय कामकाज की समीक्षा के साथ ही एक दिव्यांग व्यक्ति की समस्या सुनने के लिए अपनी कुर्सी छोड़कर बाहर आकर मानवीय संवेदना का परिचय दिया।

दोपहर में शिविर स्थल पर पहुंचकर उपखंड अधिकारी ने आयुर्वेद, पशुपालन और चिकित्सा विभाग समेत कई स्टॉलों का जायजा लिया, जहां उन्होंने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने पटवारी को विशेष निर्देश दिए कि किसानों के राजस्व संबंधी मामलों का प्राथमिकता से और तुरंत समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान जब उन्हें सूचना मिली कि दिव्यांग शंभू दयाल बेरवा शिविर परिसर में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं, तो पूजा मीणा ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए अपनी कुर्सी छोड़ी और स्वयं शिविर के बाहर जाकर उनकी समस्या सुनी। उन्होंने शिविर प्रभारी और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भविष्य के शिविरों में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए अनिवार्य रूप से व्हीलचेयर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश भी दिए।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा आमजन को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। इसमें कुल 10 पट्टों का वितरण हुआ, मनरेगा योजना के तहत विकास कार्यों के लिए 20 प्रस्ताव आगे की कार्यवाही हेतु भेजे गए, और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 5 लीकेज ठीक किए, 10 हैंडपंपों की मरम्मत की तथा 10 अन्य समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत चिकित्सा विभाग ने 45 लोगों की हीमोग्लोबिन और शुगर की जांच की, जबकि 80 लोगों ने आयुर्वेद विभाग की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। उपखंड अधिकारी ने शिविर की समग्र व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
    user_Anand Sharma
    Anand Sharma
    उनियारा, टोंक, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) द्वारा चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के दौरान 15 जून को गंगापुर सिटी स्थित एक होटल में विद्युत चोरी का मामला पकड़ा गया है। निगम की टीम ने मौके पर ही विद्युत चोरी निरोधक प्रावधानों के तहत वीसीआर (Voluntary Compliance Report) भरकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधीक्षण अभियंता आर.के. मीना ने बताया कि अलीगंज रोड स्थित होटल हवेली के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि उपभोक्ता ने अपने स्वीकृत विद्युत कनेक्शन के अतिरिक्त एल.टी. पोल से एक समानांतर केबल जोड़कर, चेंजओवर और स्विच के माध्यम से होटल की विद्युत व्यवस्था से अवैध कनेक्शन कर रखा था। इस व्यवस्था का उपयोग निगम के मीटर को बायपास करते हुए अवैध रूप से विद्युत ऊर्जा का उपभोग करने के लिए किया जा रहा था। जांच में विद्युत चोरी की पुष्टि होने पर निगम की टीम ने नियमानुसार वीसीआर दर्ज करते हुए उपभोक्ता पर 4.50 लाख रुपये से अधिक की पेनल्टी लगाई है और साथ ही विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है। अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया कि विद्युत चोरी से निगम को राजस्व की हानि होने के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की गुणवत्ता और विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि विद्युत चोरी में संलिप्त व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जेवीवीएनएल ने आम उपभोक्ताओं से केवल वैध विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करने और किसी भी प्रकार की विद्युत चोरी की सूचना निकटतम विद्युत कार्यालय को देने की अपील की है।
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    जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) द्वारा चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के दौरान 15 जून को गंगापुर सिटी स्थित एक होटल में विद्युत चोरी का मामला पकड़ा गया है। निगम की टीम ने मौके पर ही विद्युत चोरी निरोधक प्रावधानों के तहत वीसीआर (Voluntary Compliance Report) भरकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

अधीक्षण अभियंता आर.के. मीना ने बताया कि अलीगंज रोड स्थित होटल हवेली के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि उपभोक्ता ने अपने स्वीकृत विद्युत कनेक्शन के अतिरिक्त एल.टी. पोल से एक समानांतर केबल जोड़कर, चेंजओवर और स्विच के माध्यम से होटल की विद्युत व्यवस्था से अवैध कनेक्शन कर रखा था। इस व्यवस्था का उपयोग निगम के मीटर को बायपास करते हुए अवैध रूप से विद्युत ऊर्जा का उपभोग करने के लिए किया जा रहा था। जांच में विद्युत चोरी की पुष्टि होने पर निगम की टीम ने नियमानुसार वीसीआर दर्ज करते हुए उपभोक्ता पर 4.50 लाख रुपये से अधिक की पेनल्टी लगाई है और साथ ही विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।

अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया कि विद्युत चोरी से निगम को राजस्व की हानि होने के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की गुणवत्ता और विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि विद्युत चोरी में संलिप्त व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जेवीवीएनएल ने आम उपभोक्ताओं से केवल वैध विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करने और किसी भी प्रकार की विद्युत चोरी की सूचना निकटतम विद्युत कार्यालय को देने की अपील की है।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    1 hr ago
  • सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर मचकुंड में आस्था और श्रद्धा का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा।
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    सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर मचकुंड में आस्था और श्रद्धा का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • जयपुर के शहीद स्मारक पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान उस समय हंगामा मच गया जब पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को दो युवकों ने थप्पड़ मार दिए। इस घटना के बाद, मौके पर मौजूद दीपके के समर्थकों ने तुरंत उन दोनों युवकों को पकड़ लिया, जिसके चलते घटनास्थल पर धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। अभिजीत दीपके NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त कमियों, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े अन्य अहम मुद्दों को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में शामिल होने जयपुर पहुंचे थे। इस प्रदर्शन के माध्यम से मुख्य रूप से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।
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    जयपुर के शहीद स्मारक पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान उस समय हंगामा मच गया जब पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को दो युवकों ने थप्पड़ मार दिए। इस घटना के बाद, मौके पर मौजूद दीपके के समर्थकों ने तुरंत उन दोनों युवकों को पकड़ लिया, जिसके चलते घटनास्थल पर धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई।

अभिजीत दीपके NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त कमियों, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े अन्य अहम मुद्दों को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में शामिल होने जयपुर पहुंचे थे। इस प्रदर्शन के माध्यम से मुख्य रूप से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।
    user_Asha kishan gurjar
    Asha kishan gurjar
    Local News Reporter Tonk, Rajasthan•
    5 hrs ago
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