शराब नहीं यह खुलेआम बिक रहा प्रशासन का ईमान शराब की अवैध रूप से बिक्री छतरपुर/महाराजपुर थाना क्षेत्र के टटम गांव में शराब दुकान के बाहर पेटियां रखकर खुलेआम दारु बेचने का मामला सामने आया है जिसकी तस्वीरें मीडिया के कैमरों में कैद की गई है वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मध्यप्रदेश सरकार में किस तरह से माफिया राज चल रहा है न कोई नियम न कोई कानून बल्कि निर्धारित रेट दरों की बजाय ग्राहकों से मनमाने पैसे वसूल किये जा रहे हैं और जिसका बिल या रसीद भी ग्राहकों को नहीं दी जाती है और शराब दुकान के बाहर रेट सूची भी लगाने का नियम है मगर वह भी नहीं लगाई गई है जानकारी मुताबिक गिरिराज कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा शराब बेचने का लाइसेंस लिया गया है मगर ठेकेदार की मनमानी के चलते गोवा कंपनी की शराब शीशी जिसकी निर्धारित कीमत 128 रुपए दर्ज हैं जोकि ग्राहकों को 150 रुपए में बेची जा रही है मगर शराब माफियाओं का कहना है कि हम अपने रेट पर ही शराब बेचेंगे क्योंकि पुलिस से लेकर जिला आबकारी विभाग को पैसा देते हैं मीडिया कौन होती है कार्यवाही कराने वाली अगर किसी अधिकारी में हिम्मत है तो कार्यवाही करके दिखाएं हम उनको भी खरीद लेंगे पैसे की दम पर एक से एक बड़े ईमानदार अधिकारी ईमान बेच देते हैं
शराब नहीं यह खुलेआम बिक रहा प्रशासन का ईमान शराब की अवैध रूप से बिक्री छतरपुर/महाराजपुर थाना क्षेत्र के टटम गांव में शराब दुकान के बाहर पेटियां रखकर खुलेआम दारु बेचने का मामला सामने आया है जिसकी तस्वीरें मीडिया के कैमरों में कैद की गई है वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मध्यप्रदेश सरकार में किस तरह से माफिया राज चल रहा है न कोई नियम न कोई कानून बल्कि निर्धारित रेट दरों की बजाय ग्राहकों से मनमाने पैसे वसूल किये जा रहे हैं और जिसका बिल या रसीद भी ग्राहकों को नहीं दी जाती है और शराब दुकान के बाहर रेट सूची भी लगाने का नियम है मगर वह भी नहीं लगाई गई है जानकारी मुताबिक गिरिराज कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा शराब बेचने का लाइसेंस लिया गया है मगर ठेकेदार की मनमानी के चलते गोवा कंपनी की शराब शीशी जिसकी निर्धारित कीमत 128 रुपए दर्ज हैं जोकि ग्राहकों को 150 रुपए में बेची जा रही है मगर शराब माफियाओं का कहना है कि हम अपने रेट पर ही शराब बेचेंगे क्योंकि पुलिस से लेकर जिला आबकारी विभाग को पैसा देते हैं मीडिया कौन होती है कार्यवाही कराने वाली अगर किसी अधिकारी में हिम्मत है तो कार्यवाही करके दिखाएं हम उनको भी खरीद लेंगे पैसे की दम पर एक से एक बड़े ईमानदार अधिकारी ईमान बेच देते हैं
- राजनगर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम राजामोटा ग्राम पंचायत सूरजपुर की किसान मेदा पाल पति मइयादीन पाल उम्र 45 साल निवासी राजामोटे थाना बमीठा की थाना उपस्थित आकर मौखिक रिपोर्ट किया कि में उक्त पते की रहने वाली हू । घरु एवं खेती किसानी का काम करती हू । मेरी राई की फसल मेरे खेत कुआ के पास मे गल्ले में इकट्ठी रखी थी। जो आज दिनाक 03/04/ 26 के शाम करीबन 4.30 बजे राई की कटी फसल में आग लग गई। जिसे मैने एवं परिवार के लोगों व गांव के लोगो द्वारा आग बुझाई गई। आग लगने से कटी राई की फसल पूरी तरह जल गई है जिससे करीबन 20 से 22 क्वटल राई कीमत करीब 1 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। राइ के गल्ले में आग कैसे लगी मुझे कोई जानकारी नही लग पाई है आग लगने के संबंध में किसी पर कोई शक सदेह नही है थाना जाकर रिपोर्ट दर्ज कर ली गईं हैंपुलिस जांच में जुटी2
- नौगांव में बदला मौसम का मिजाज जोरदार आंधी के साथ गिरा पानी ।1
- Darbar mein bahut दूर-दूर se vyaktigat Aaye hue hain1
- छतरपुर में प्रशासनिक हलकों में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। छतरपुर जिले में यह खबर आग की तरह फैल रही है कि पटवारी अमरदीप रिछारिया को समय पर “साहब” के बंगले पर नहीं पहुंचने की वजह से कार्रवाई का सामना करना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, अमरदीप रिछारिया को साहब के बंगले पर गिफ्ट लेकर पहुंचना था, लेकिन वे करीब 10 मिनट देरी से पहुंचे। इस दौरान साहब इंतजार करते रहे, जिससे नाराज़ होकर कार्रवाई कर दी गई और उन्हें बक्सवाहा अटैच कर दिया गया। इसी बीच एक और चर्चा जोरों पर है कि अधिकारियों को “खुश” रखने वाले पटवारी अभिषेक गोस्वामी को छतरपुर का सदर पटवारी बना दिया गया है। 👉 इस पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह खबर पूरे छतरपुर में आग की तरह फैल रही है लेकिन हम इस खबर की पुष्टि नहीं करते1
- पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘FACE’ (Facial Authentication Compliance Enforcement) में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 🔎 क्या है पूरा मामला? प्रदेश के 28 जिलों में 36,668 फर्जी सिम कार्ड जारी किए गए सिर्फ 10 यूनिक चेहरों (फोटो) का इस्तेमाल कर 2,629 सिम एक्टिव एक ही फोटो से सैकड़ों सिम चालू, सिस्टम में बड़ी खामी उजागर 📍 जिलेवार आंकड़े (प्रमुख) गुना – 3,670 मुरैना – 2,714 ग्वालियर – 463 भिंड – 2,341 दतिया – 1,950 भोपाल – 1,651 सिंगरौली – 1,958 कटनी – 1,307 नरसिंहपुर – 1,307 सागर – 1,204 विदिशा – 1,245 छतरपुर – 856 मामले ⚠️ 👉 ग्वालियर-चंबल संभाग में ही 11,138 फर्जी सिम एक्टिव पाए गए। 🚔 कार्रवाई भी शुरू 📍 ग्वालियर में: आइडिया कंपनी के एजेंट उमेश कुशवाहा और साथी आशीष नागर पर केस दर्ज आशीष गिरफ्तार, 7 फर्जी सिम बरामद मुख्य आरोपी फरार 👉 जांच में खुलासा: POS (Point of Sale) दुकानदारों ने एक ही आधार और फोटो से कई लोगों के नाम पर सिम जारी किए1
- ग्राम मझगाये में सांप के काटने से 18 वर्षीय नवयुवती की मौत अंधविश्वास के कारण 12 घंटे तक झाड़-फूंक कराने के बाद अस्पताल पहुँचने में हुई देरी जिससे युवती की जान नहीं बचाई जा सकी। घटना का विवरण: अजयगढ़ थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत मझगाये में 2 अप्रैल की शाम लगभग 6 बजे फुला रजक (18 वर्ष), पिता शिवकुमार रजक, खेत से अनाज लेकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान एक साँप ने उनके दाहिने पैर में डंक मार दिया। परिजनों ने तुरंत सूचना पर युवती को पहले बरकोला मंदिर ले जाकर झाड़-फूंक कराई। जब वहाँ भी हालत नहीं सुधरी तो 3 अप्रैल की सुबह 6 बजे उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने 12 घंटे की देरी का हवाला देते हुए बताया कि युवती को बचाया नहीं जा सका। उक्त घटना से गांव में मातम का माहौल व्याप्त है परिजनों का बयान: घटना के बारे में पूछे जाने पर स्थानीय निवासी राजकुमार (माखनपुर) ने बताया कि पहले बच्ची को मंदिर में झाड़-फूंक के लिए ले जाया गया था। जब तबीयत और बिगड़ गई तो अस्पताल ले आए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस घटना की सूचना अजयगढ़ पुलिस को दे दी गई है। ओर अग्रिम कार्यवाही कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है अंधविश्वास की चिंता: क्षेत्र में ऐसी घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं। बार-बार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास के कारण लोग अपने प्रियजनों की जान गँवा देते हैं। सलाह: साँप या किसी भी जहरीले जीव-जंतु के काटने पर तुरंत निकटतम सरकारी अस्पताल पहुँचना चाहिए। झाड़-फूंक या देरी से इलाज कराने से जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। समय पर एंटी-वेनम इंजेक्शन और उचित चिकित्सा से ज्यादातर मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।जिसकी सुविधा अस्पताल में मौजूद4
- आबकारी विभाग चलाएगा अजयगढ़ अंग्रेजी शराब की दुकान नही हो पाया आज तक किसी का ठेका अजयगढ़:- पूरे प्रदेश में एक अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष के चलते नई आवकारी नीति के तहत शराब दुकानों के नवीनीकरण व टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन के माध्यम से करते हुए दुकानों का आवंटन किया गया है।पन्ना जिले का अजयगढ़ उन चुनिंदा ठेको में शामिल है जहां ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई जिसके बाद इन दुकानों को आवकारी विभाग द्वारा स्वयं चलाया जा रहा है इसी को लेकर आबकारी विभाग के सहायक निरीक्षक विक्रांत जैन ने पहुंचकर अंग्रेजी शराब दुकान अजयगढ़ को खोला। उन्होंने बताया कि जब तक इन दुकानों की नीलामी नहीं होती आबकारी टीम द्वारा इन दुकानों को संचालित किया जाएगा। प्रक्रिया अभी भी जारी है।2
- छतरपुर/महाराजपुर थाना क्षेत्र के टटम गांव में शराब दुकान के बाहर पेटियां रखकर खुलेआम दारु बेचने का मामला सामने आया है जिसकी तस्वीरें मीडिया के कैमरों में कैद की गई है वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मध्यप्रदेश सरकार में किस तरह से माफिया राज चल रहा है न कोई नियम न कोई कानून बल्कि निर्धारित रेट दरों की बजाय ग्राहकों से मनमाने पैसे वसूल किये जा रहे हैं और जिसका बिल या रसीद भी ग्राहकों को नहीं दी जाती है और शराब दुकान के बाहर रेट सूची भी लगाने का नियम है मगर वह भी नहीं लगाई गई है जानकारी मुताबिक गिरिराज कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा शराब बेचने का लाइसेंस लिया गया है मगर ठेकेदार की मनमानी के चलते गोवा कंपनी की शराब शीशी जिसकी निर्धारित कीमत 128 रुपए दर्ज हैं जोकि ग्राहकों को 150 रुपए में बेची जा रही है मगर शराब माफियाओं का कहना है कि हम अपने रेट पर ही शराब बेचेंगे क्योंकि पुलिस से लेकर जिला आबकारी विभाग को पैसा देते हैं मीडिया कौन होती है कार्यवाही कराने वाली अगर किसी अधिकारी में हिम्मत है तो कार्यवाही करके दिखाएं हम उनको भी खरीद लेंगे पैसे की दम पर एक से एक बड़े ईमानदार अधिकारी ईमान बेच देते हैं1