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नशेड़ी पति शराब पीकर रोज घर आता सुबह पत्नी समझने लगी शराब मत कीजिए इसी बात पर नाराज होकर मारा पीटा करंट लगाकर हत्या करने की कोशिश पट्टी कोतवाली क्षेत्र के बीबीपुर बारडीह गांव निवासनी चांदनी पाठक मंगलवार की सुबह 11:00 बजे प्रार्थना पत्र पट्टी पुलिस को देकर आरोपित किया मेरे पति शराबी हैं रोज शराब पीकर आते हैं झगड़ा फसाद घर में करते हैं घर में राशन तक नहीं है खाने के बच्चों के लिए यही सब बात सुबह समझा रही थी की शराब गांजा छोड़ दीजिए इसी बात पर नाराज होकर गाली गलौज करते हुए पत्नी की जमकर पिटाई किया और आरोप है कि करंट लगाकर हत्या करने की कोशिश की सूचना पर 112 डायल पहुंची पहुंची तो आरोपी भाग निकला, आरोप है कि बीच बचाव करने पहुंची रोशनी पड़ोस की उसे भी आरोपी ने मारपीट कर घायल किया। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी।
Amit Rekha News New
नशेड़ी पति शराब पीकर रोज घर आता सुबह पत्नी समझने लगी शराब मत कीजिए इसी बात पर नाराज होकर मारा पीटा करंट लगाकर हत्या करने की कोशिश पट्टी कोतवाली क्षेत्र के बीबीपुर बारडीह गांव निवासनी चांदनी पाठक मंगलवार की सुबह 11:00 बजे प्रार्थना पत्र पट्टी पुलिस को देकर आरोपित किया मेरे पति शराबी हैं रोज शराब पीकर आते हैं झगड़ा फसाद घर में करते हैं घर में राशन तक नहीं है खाने के बच्चों के लिए यही सब बात सुबह समझा रही थी की शराब गांजा छोड़ दीजिए इसी बात पर नाराज होकर गाली गलौज करते हुए पत्नी की जमकर पिटाई किया और आरोप है कि करंट लगाकर हत्या करने की कोशिश की सूचना पर 112 डायल पहुंची पहुंची तो आरोपी भाग निकला, आरोप है कि बीच बचाव करने पहुंची रोशनी पड़ोस की उसे भी आरोपी ने मारपीट कर घायल किया। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी।
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- गैंगस्टर को 4 साल की कैद:5 साल काट चुका है जेल; जुर्माना न देने पर एक महीने की अतिरिक्त कैद सुलतानपुर में गैंगस्टर राजेश शुक्ला को गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में विशेष न्यायाधीश राकेश यादव ने चार वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल में रहते हुए मुकदमे की पैरवी न करने की धमकी देने से जुड़ा है। न्यायालय में राजेश शुक्ला ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए दंडित किए जाने की प्रार्थना की, जिसके आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया। बताया गया कि वह इस मामले में पहले ही करीब पांच वर्ष जेल में बिता चुका है। विशेष लोक अभियोजक अलका सिंह के अनुसार, इस मामले की एफआईआर 6 जनवरी 2002 को करौदीकला थाने में तारकेश्वर सिंह निवासी गोवा पट्टी बांगरकला की तहरीर पर दर्ज हुई थी। शिकायत के अनुसार, 8 अक्टूबर 2000 की सुबह करीब 9:30 बजे परशुराम विद्यालय परिसर में शहाबुद्दीनपुर निवासी जयहिंद सिंह, बबलू सिंह और शुकुलपुर निवासी राजेश शुक्ला ने जानलेवा हमला किया था। घटना के बाद तीनों आरोपी जेल भेजे गए थे। बाद में जयहिंद सिंह और बबलू सिंह जमानत पर रिहा हो गए। आरोप है कि 5 अक्टूबर को दोनों ने वादी तारकेश्वर सिंह से मिलकर कहा कि राजेश शुक्ला ने जेल से संदेश भेजा है कि मुकदमे की पैरवी छोड़ दें, अन्यथा उन्हें जान से मार दिया जाएगा। मामले की विवेचना एबी सिंह ने की और तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। विचारण के दौरान सह-आरोपी जयहिंद सिंह और बबलू सिंह की मृत्यु हो गई। इसके बाद राजेश शुक्ला ने अदालत में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके आधार पर विशेष अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए चार वर्ष की सजा सुनाई।1
- अमहट मंडी में सफाई टेंडर लटकने से जलभराव गंदे पानी में तैर रही सब्जियां, संचारी रोग अभियान की उड़ रही धज्जियां **अमहट मंडी में सफाई टेंडर लटकने से जलभराव* *गंदे पानी में तैर रही सब्जियां, संचारी रोग अभियान की उड़ रही धज्जियां** सुल्तानपुर:अमहट एक तरफ जहां शासन-प्रशासन संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए विशेष "संचारी रोग नियंत्रण अभियान" चलाकर साफ-सफाई और जागरूकता का ढिंढोरा पीट रहा है, वहीं दूसरी ओर अमहट मंडी परिसर में घोर प्रशासनिक लापरवाही का नजारा देखने को मिल रहा है। मंडी समिति की घोर अनदेखी और अनियमितताओं के चलते पूरा मंडी परिसर जलमग्न हो चुका है। नाले-नालियों की सफाई का टेंडर महीनों से अटका पड़े होने के कारण नालियों का बदबूदार और दूषित पानी अब पूरी मंडी में भर गया है। मंडी परिसर में बारिश के कारण जलभराव के बीच सब्जियां गंदे पानी में तैरती नजर आई स्थिति इतनी भयावह है कि बिक्री के लिए रखी गई सब्जियां इसी दूषित और बदबूदार पानी में तैरती नजर आ रही हैं। दूषित पानी में डूबी सब्जियों की खुलेआम बिक्री से आम जनता के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का फैलाव तय माना जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि मंडी परिसर में जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था लंबे समय से ध्वस्त है। मंडी प्रशासन की उदासीनता का आलम यह है कि नाले-नालियों की सफाई का टेंडर कागजों में ही महीनों से लटका हुआ है। बजट और कागजी लिखापढ़ी के खेल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। पहली ही बारिश या नालियों के ओवरफ्लो होने से पूरी मंडी तालाब का रूप ले लेती है। प्रदेश भर में संचारी रोगों (जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और हैजा) से बचाव के लिए अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकाय जलजमाव रोकने तथा साफ-सफाई के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। ऐसे में अमहट मंडी की यह बदहाली प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। मंडी जैसी जगह पर, जहां हजारों लोगों की आवाजाही होती है और पूरे क्षेत्र के लिए खान-पान की सामग्री सप्लाई होती है, वहां जमा यह दूषित पानी संक्रामक बीमारियों को सीधा आमंत्रण दे रहा है। हम हर महीने मंडी शुल्क और टैक्स देते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर हमें गंदगी और बीमारी मिल रही है। टेंडर प्रक्रिया कब पूरी होगी, इसका जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं है। अगर जल्द ही जलभराव और गंदगी की समस्या से निजात नहीं मिली क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी बीमारी के फैलने का इंतजार कर रहे हैं? संचारी रोग अभियान के दौरान मंडी परिसर की यह दुर्दशा सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जनता और व्यापारियों की मांग है कि तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक व्यवस्था कर जल निकासी कराई जाए और लटके पड़े सफाई टेंडर को जल्द से जल्द हरी झंडी दी जाए।1
- झमाझम बारिश से खिल उठे किसानों के चेहरे, धान की फसल को मिलेगा भरपूर लाभ सुल्तानपुर (कूरेभार/गुप्तारगंज)। जनपद सुल्तानपुर के कूरेभार ब्लॉक अंतर्गत गुप्तारगंज क्षेत्र में पिछले लगभग 24 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी और झमाझम बारिश ने मौसम को पूरी तरह सुहावना बना दिया है। लगातार हो रही वर्षा से ग्रामीण अंचलों में खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही है। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। समय पर हुई अच्छी वर्षा से धान की बढ़वार बेहतर होगी, सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा तथा फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। बारिश के चलते मौसम में ठंडक घुल गई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से भी राहत मिली है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही तो खरीफ फसलों, विशेष रूप से धान की पैदावार पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।4
- सीसीटीवी खराब मिलने पर एसपी से जवाब तलब बकरी चोरी के आरोपी की रिमांड पर सुनवाई के दौरान मामला सामने आया सुलतानपुर में बकरी चोरी के एक मामले में आरोपी की रिमांड पर बहस के दौरान यह खुलासा हुआ कि थाना और पुलिस चौकी के सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। इस पर एसीजेएम मयूरेश श्रीवास्तव ने पुलिस अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है। मामले में रिमांड पर अगली सुनवाई सात अगस्त को होगी। यह मामला गोशाईगंज थाना क्षेत्र के इनायतपुर निवासी सलाहुद्दीन द्वारा 30 जुलाई को दर्ज कराई गई एक एफआईआर से संबंधित है। सलाहुद्दीन ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ तीन दिन पहले हुई बकरी चोरी का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में मुनव्वर नामक व्यक्ति को गांव से कुछ दूरी पर स्थित पेट्रोल पंप के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस ने 31 जुलाई को मुनव्वर को गिरफ्तार दिखाकर कोर्ट में पेश किया, जिसकी रिमांड पर आपत्ति जताई गई। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मुनव्वर को 30 जुलाई की दोपहर में गिरफ्तार किया गया था और उसे 24 घंटे से अधिक समय तक पुलिस चौकी और थाने में रखा गया, जिसके कारण उसकी रिमांड खारिज करने की मांग की गई। एसीजेएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना और पुलिस चौकी के सीसीटीवी फुटेज तलब किए थे और मंगलवार को सुनवाई तय की थी। मंगलवार को जब विवेचक आरोपी की रिमांड लेने आए, तो उन्होंने बताया कि थाना गोशाईगंज और पुलिस चौकी द्वारिकागंज में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। इस पर मजिस्ट्रेट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।1
- 14 साल से स्कूल नहीं गया, फिर भी ले रहा वेतन: BSA मौन! चपरासी बना दलाल: स्कूल की जगह थाना में करता है ड्यूटी!* *14 साल से स्कूल नहीं गया, फिर भी ले रहा वेतन: BSA मौन! चपरासी बना दलाल: स्कूल की जगह थाना में करता है ड्यूटी!* *BSA को पेन ड्राइव+वीडियो दिया, 1 महीने बाद भी नहीं हुई कार्रवाई_सरकारी वेतन पर ऐश: चपरासी स्कूल नहीं जाता, हेडमास्टर भी चुप_डीएम के पास शिकायत, फिर भी फर्जी मुकदमे लगवा रहा चपरासी!* *सुलतानपुर: शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला, बिना काम वेतन उठा रहा कर्मचारी_पुलिस से मिलीभगत करके गरीबों पर फर्जी केस: लगवाने का देता है धमकी BSA साहब संज्ञान लें: 14 साल से फर्जी हाजिरी लगा रहा चपरासी* *शिक्षा विभाग शर्मसार: चपरासी की ड्यूटी स्कूल में नहीं, थाने में_ज्ञापन के बाद भी ठंडे बस्ते में फाइल, BSA साहब जवाब दें* *किसका संरक्षण? स्कूल न जाने वाले चपरासी का वेतन कैसे पास हो रहा मृतक आश्रित भर्ती का दुरुपयोग: वेतन लो और दलाली करो! BSA कार्यालय फेल: सबूत देने के बाद भी निलंबन नहीं* *प्रधान का भाई चपरासी: 14 साल से स्कूल नहीं आता, सिर्फ हाजिरी लगाकर जाता_अध्यापक का वीडियो वायरल: प्रधान प्रतिनिधि के भाई की पकड़ के आगे BSA फेल_हेडमास्टर+चपरासी की जुगलबंदी: दोनों कई सालों से एक ही स्कूल में जमे* *प्रधान के भाई को मिली सरकारी नौकरी की छूट_BSA को शिकायत के बाद भी मौन: प्रधान के भाई पर मेहरबानी क्यों सुलतानपुर: शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार, हेडमास्टर प्रदीप तिवारी चुप: प्रधान के भाई चपरासी को दे रहे खुली छूट_कई वर्षों से एक ही जगह पर है तैनात ट्रांसफर नीति को प्रधान के भाई ने ताक पर रखा* *वीडियो में अध्यापक ने खोली पोल: प्रधान प्रतिनिधि के भाई की मनमानी_BSA कार्यालय में फाइल धूल खा रही, प्रधान के भाई पर कार्रवाई नहीं_चपरासी की ड्यूटी नहीं, दलाली: प्रधान के भाई का दोहरा कारोबार_सरकार की मंशा पर पानी: प्रधान के भाई को मिली VIP ट्रीटमेंट* *सुलतानपुर शिक्षा विभाग: फर्जी कर्मचारी, असली वेतन थाना की दलाली स्कूल की तनख्वाह: डबल कमाई का खेल* *डीएम साहब जांच कराएं: 14 साल से स्कूल न आने वाले को वेतन क्यों?गरीबों पर अत्याचार: चपरासी पुलिस के साथ मिलकर लगवा रहा झूठे मुकदमे* *सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, फिर भी BSA- ने आंख बंद की कार्रवाई कब? 1 महीने से DM-BSA के टेबल पर पड़ा है सबूत* *सुल्तानपुर बल्दीराय तहसील क्षेत्र ग्राम पंचायत बड़नपुर कंपोजिट विद्यालय का मामला है!*1
- बदलापुर तहसील की हकीकत! हमारे अधिवक्ता भाई मनोज तिवारी जी ने बार-बार आवेदन दिए, आवाज़ उठाई, लेकिन सुनवाई आज तक नहीं हुई। आज बदलापुर तहसील परिसर की बदहाल हालत देखकर साफ़ समझ आता है कि कुछ लोग सिर्फ़ "पहले और अब" की एडिटेड तस्वीरें दिखाकर वाहवाही लूटना चाहते हैं। अरे प्रचार के ठेकेदारों! अगर सच में इतना विकास हुआ होता, तो तहसील परिसर की ये टूटी-बिखरी व्यवस्था, गंदगी और अव्यवस्था किस बात की गवाही दे रही है? फोटो एडिट करने से ज़मीन की सच्चाई नहीं बदलती। जनता अब कैमरे के एंगल और फोटोशॉप से नहीं, ज़मीनी काम से फैसला करेगी। याद रखिए, झूठे प्रचार की उम्र छोटी होती है, लेकिन सच्चाई देर-सवेर सामने आ ही जाती है। बदलापुर की जनता सब देख रही है, सब समझ रही है… और समय आने पर जवाब भी उसी अंदाज़ में देगी।1