logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बाराबंकी टिकैतनगर क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी बबलू की दर्दनाक हत्या के पीछे एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। गरीबी, बीमारी और मजबूरी के बीच शुरू किया गया छोटा सा सपना आखिरकार उसकी जान ले बैठा। परिजनों के अनुसार, बबलू पहले सूरत (गुजरात) में पेंटिंग का काम कर परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब एक वर्ष पहले तबीयत बिगड़ने पर वह गांव लौट आया। उसके इलाज में परिवार ने अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा दी-यहां तक कि जमीन तक गिरवी रख दी गई। इलाज के लिए नेपाल के एक अस्पताल तक जाना पड़ा। काफी इलाज के बाद जब बबलू की तबीयत सुधरी, तब घर में रोजी-रोटी का कोई साधन नहीं बचा था। ऐसे में उसने नई शुरुआत करने का फैसला किया। दस दिन पहले उसने आइसक्रीम बेचने का काम शुरू करने की बात कही। उसकी पत्नी चांदमुनी ने अपने सोने-चांदी के जेवर उसे सौंप दिए। बबलू ने उन्हें गोंडा जिले के जरवल कस्बे में एक स्वर्ण व्यापारी के यहां मात्र पांच हजार रुपये में गिरवी रख दिया। उसने पत्नी से वादा किया था कि मेहनत कर जल्द ही जेवर छुड़ा लेगा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था-जिस आइसक्रीम के धंधे से उसने नई जिंदगी की उम्मीद की थी, वही उसकी मौत का कारण बन गया। बबलू का विवाह करीब तीन वर्ष पहले चांदमुनी (22) से हुआ था। पीछे दो मासूम बच्चे-दो साल की वंदना और छह माह का वरुण-अब बेसहारा हो गए हैं। पति की मौत के बाद चांदमुनी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही सवाल कर रही है। अब इन बच्चों का क्या होगा गांव में दहशत, खौफनाक मंजर देख सहमे लोग घटना के वक्त नीरज की चीख सुनकर आरोपी शंकर का भाई रामभवन और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लेकिन जो नजारा उन्होंने देखा, उससे हर कोई सन्न रह गया। आरोपी शंकर के एक हाथ में धारदार बांका था और दूसरे हाथ में बबलू का कटा हुआ सिर। वह सिर लेकर अपनी झोपड़ी की ओर बढ़ रहा था, लेकिन खौफ के कारण कोई भी उसे रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना पर पहुंची पुलिस, आरोपी गिरफ्तार ग्राम प्रधान राम मिलन यादव की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूरे इलाके में इस घटना के बाद सनसनी फैल गई है।

3 hrs ago
user_राम जी दीक्षित पत्रकार
राम जी दीक्षित पत्रकार
Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

बाराबंकी टिकैतनगर क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी बबलू की दर्दनाक हत्या के पीछे एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। गरीबी, बीमारी और मजबूरी के बीच शुरू किया गया छोटा सा सपना आखिरकार उसकी जान ले बैठा। परिजनों के अनुसार, बबलू पहले सूरत (गुजरात) में पेंटिंग का काम कर परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब एक वर्ष पहले तबीयत बिगड़ने पर वह गांव लौट आया। उसके इलाज में परिवार ने अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा दी-यहां तक कि जमीन तक गिरवी रख दी गई। इलाज के लिए नेपाल के एक अस्पताल तक जाना पड़ा। काफी इलाज के बाद जब बबलू की तबीयत सुधरी, तब घर में रोजी-रोटी का कोई साधन नहीं बचा था। ऐसे में उसने नई शुरुआत करने का फैसला किया। दस दिन पहले उसने आइसक्रीम बेचने का काम शुरू करने की बात कही। उसकी पत्नी चांदमुनी ने अपने सोने-चांदी के जेवर उसे सौंप दिए। बबलू ने उन्हें गोंडा जिले के जरवल कस्बे में एक स्वर्ण व्यापारी के यहां मात्र पांच हजार रुपये में गिरवी रख दिया। उसने पत्नी से वादा किया था कि मेहनत कर जल्द ही जेवर छुड़ा लेगा। लेकिन

किस्मत को कुछ और ही मंजूर था-जिस आइसक्रीम के धंधे से उसने नई जिंदगी की उम्मीद की थी, वही उसकी मौत का कारण बन गया। बबलू का विवाह करीब तीन वर्ष पहले चांदमुनी (22) से हुआ था। पीछे दो मासूम बच्चे-दो साल की वंदना और छह माह का वरुण-अब बेसहारा हो गए हैं। पति की मौत के बाद चांदमुनी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही सवाल कर रही है। अब इन बच्चों का क्या होगा गांव में दहशत, खौफनाक मंजर देख सहमे लोग घटना के वक्त नीरज की चीख सुनकर आरोपी शंकर का भाई रामभवन और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लेकिन जो नजारा उन्होंने देखा, उससे हर कोई सन्न रह गया। आरोपी शंकर के एक हाथ में धारदार बांका था और दूसरे हाथ में बबलू का कटा हुआ सिर। वह सिर लेकर अपनी झोपड़ी की ओर बढ़ रहा था, लेकिन खौफ के कारण कोई भी उसे रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना पर पहुंची पुलिस, आरोपी गिरफ्तार ग्राम प्रधान राम मिलन यादव की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूरे इलाके में इस घटना के बाद सनसनी फैल गई है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by राम जी दीक्षित पत्रकार
    1
    Post by राम जी दीक्षित पत्रकार
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by अंकित भारती
    1
    Post by अंकित भारती
    user_अंकित भारती
    अंकित भारती
    Political party office नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। सूचना पर पहुंची भारी पुलिस बल और फ़ायर बिग्रेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
    1
    आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। सूचना पर पहुंची भारी पुलिस बल और फ़ायर बिग्रेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
    user_Vikas
    Vikas
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Public News Network24
    1
    Post by Public News Network24
    user_Public News Network24
    Public News Network24
    Newspaper publisher नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • बाराबंकी के जैदपुर थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रविवार दोपहर करीब 3 बजे खड़ी एंबुलेंस में आग लग गई। इस घटना में 13 एंबुलेंस जलकर खाक हो गईं, जबकि 30 को बचा लिया गया। आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।घटना के समय अस्पताल परिसर में कुल 43 एंबुलेंस खड़ी थीं। आग की सूचना मिलते ही जैदपुर थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का काम शुरू किया।करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर जगदीश प्रसाद ने बताया कि संभवतः बाहर से किसी ने कुछ जलाया था, जिसकी लपटें एंबुलेंस तक पहुंच गईं। एंबुलेंस में डीजल होने के कारण आग तेजी से फैली और लगभग एक दर्जन एंबुलेंस जलकर नष्ट हो गईं।
    1
    बाराबंकी के जैदपुर थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रविवार दोपहर करीब 3 बजे खड़ी एंबुलेंस में आग लग गई। इस घटना में 13 एंबुलेंस जलकर खाक हो गईं, जबकि 30 को बचा लिया गया। आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।घटना के समय अस्पताल परिसर में कुल 43 एंबुलेंस खड़ी थीं। आग की सूचना मिलते ही जैदपुर थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का काम शुरू किया।करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर जगदीश प्रसाद ने बताया कि संभवतः बाहर से किसी ने कुछ जलाया था, जिसकी लपटें एंबुलेंस तक पहुंच गईं। एंबुलेंस में डीजल होने के कारण आग तेजी से फैली और लगभग एक दर्जन एंबुलेंस जलकर नष्ट हो गईं।
    user_Unna news agency
    Unna news agency
    Classified ads newspaper publisher नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • *महाराजगंज में सामूहिक विवाह योजना में घोटाला: अधिकारी ने दूल्हा-दुल्हन का सामान लूटा* महाराजगंज के परतावल ब्लॉक में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी दिलीप गौतम एक झोले में दूल्हा-दुल्हन को दिए जाने वाले सामान को लेकर तेजी से जाते नजर आए। एक ठेकेदार ने उनका पीछा करते हुए वीडियो बना लिया और आरोप लगाया कि अधिकारी सरकारी सामान लूट रहे हैं ¹। *क्या है मामला?* 13 मार्च को परतावल ब्लॉक में 492 जोड़ों का सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को विभिन्न घरेलू उपयोग के सामान वितरित किए जाने थे। लेकिन दिलीप गौतम नामक अधिकारी ने इस मौके का फायदा उठाकर सामान लूट लिया ¹। *अधिकारी की सफाई* हालांकि, अधिकारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है, लेकिन वीडियो में उन्हें सामान लेकर भागते हुए देखा जा सकता है। क्या आप जानना चाहेंगे कि महाराजगंज प्रशासन ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है या मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में घोटालों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
    1
    *महाराजगंज में सामूहिक विवाह योजना में घोटाला: अधिकारी ने दूल्हा-दुल्हन का सामान लूटा*
महाराजगंज के परतावल ब्लॉक में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी दिलीप गौतम एक झोले में दूल्हा-दुल्हन को दिए जाने वाले सामान को लेकर तेजी से जाते नजर आए। एक ठेकेदार ने उनका पीछा करते हुए वीडियो बना लिया और आरोप लगाया कि अधिकारी सरकारी सामान लूट रहे हैं ¹।
*क्या है मामला?*
13 मार्च को परतावल ब्लॉक में 492 जोड़ों का सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को विभिन्न घरेलू उपयोग के सामान वितरित किए जाने थे। लेकिन दिलीप गौतम नामक अधिकारी ने इस मौके का फायदा उठाकर सामान लूट लिया ¹।
*अधिकारी की सफाई*
हालांकि, अधिकारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है, लेकिन वीडियो में उन्हें सामान लेकर भागते हुए देखा जा सकता है।
क्या आप जानना चाहेंगे कि महाराजगंज प्रशासन ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है या मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में घोटालों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
    user_जनवार्ता न्यूज 24
    जनवार्ता न्यूज 24
    Local News Reporter Nawabganj, Barabanki•
    19 hrs ago
  • Post by Journalist Rais Samachar News India
    1
    Post by Journalist Rais Samachar News India
    user_Journalist Rais Samachar News India
    Journalist Rais Samachar News India
    लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 min ago
  • बाराबंकी टिकैतनगर क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी बबलू की दर्दनाक हत्या के पीछे एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। गरीबी, बीमारी और मजबूरी के बीच शुरू किया गया छोटा सा सपना आखिरकार उसकी जान ले बैठा। परिजनों के अनुसार, बबलू पहले सूरत (गुजरात) में पेंटिंग का काम कर परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब एक वर्ष पहले तबीयत बिगड़ने पर वह गांव लौट आया। उसके इलाज में परिवार ने अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा दी-यहां तक कि जमीन तक गिरवी रख दी गई। इलाज के लिए नेपाल के एक अस्पताल तक जाना पड़ा। काफी इलाज के बाद जब बबलू की तबीयत सुधरी, तब घर में रोजी-रोटी का कोई साधन नहीं बचा था। ऐसे में उसने नई शुरुआत करने का फैसला किया। दस दिन पहले उसने आइसक्रीम बेचने का काम शुरू करने की बात कही। उसकी पत्नी चांदमुनी ने अपने सोने-चांदी के जेवर उसे सौंप दिए। बबलू ने उन्हें गोंडा जिले के जरवल कस्बे में एक स्वर्ण व्यापारी के यहां मात्र पांच हजार रुपये में गिरवी रख दिया। उसने पत्नी से वादा किया था कि मेहनत कर जल्द ही जेवर छुड़ा लेगा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था-जिस आइसक्रीम के धंधे से उसने नई जिंदगी की उम्मीद की थी, वही उसकी मौत का कारण बन गया। बबलू का विवाह करीब तीन वर्ष पहले चांदमुनी (22) से हुआ था। पीछे दो मासूम बच्चे-दो साल की वंदना और छह माह का वरुण-अब बेसहारा हो गए हैं। पति की मौत के बाद चांदमुनी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही सवाल कर रही है। अब इन बच्चों का क्या होगा गांव में दहशत, खौफनाक मंजर देख सहमे लोग घटना के वक्त नीरज की चीख सुनकर आरोपी शंकर का भाई रामभवन और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लेकिन जो नजारा उन्होंने देखा, उससे हर कोई सन्न रह गया। आरोपी शंकर के एक हाथ में धारदार बांका था और दूसरे हाथ में बबलू का कटा हुआ सिर। वह सिर लेकर अपनी झोपड़ी की ओर बढ़ रहा था, लेकिन खौफ के कारण कोई भी उसे रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना पर पहुंची पुलिस, आरोपी गिरफ्तार ग्राम प्रधान राम मिलन यादव की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूरे इलाके में इस घटना के बाद सनसनी फैल गई है।
    2
    बाराबंकी
टिकैतनगर क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी बबलू की दर्दनाक हत्या के पीछे एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। गरीबी, बीमारी और मजबूरी के बीच शुरू किया गया छोटा सा सपना आखिरकार उसकी जान ले बैठा।
परिजनों के अनुसार, बबलू पहले सूरत (गुजरात) में पेंटिंग का काम कर परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब एक वर्ष पहले तबीयत बिगड़ने पर वह गांव लौट आया। उसके इलाज में परिवार ने अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा दी-यहां तक कि जमीन तक गिरवी रख दी गई। इलाज के लिए नेपाल के एक अस्पताल तक जाना पड़ा।
काफी इलाज के बाद जब बबलू की तबीयत सुधरी, तब घर में रोजी-रोटी का कोई साधन नहीं बचा था। ऐसे में उसने नई शुरुआत करने का फैसला किया। दस दिन पहले उसने आइसक्रीम बेचने का काम शुरू करने की बात कही।
उसकी पत्नी चांदमुनी ने अपने सोने-चांदी के जेवर उसे सौंप दिए। बबलू ने उन्हें गोंडा जिले के जरवल कस्बे में एक स्वर्ण व्यापारी के यहां मात्र पांच हजार रुपये में गिरवी रख दिया। उसने पत्नी से वादा किया था कि मेहनत कर जल्द ही जेवर छुड़ा लेगा।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था-जिस आइसक्रीम के धंधे से उसने नई जिंदगी की उम्मीद की थी, वही उसकी मौत का कारण बन गया।
बबलू का विवाह करीब तीन वर्ष पहले चांदमुनी (22) से हुआ था। पीछे दो मासूम बच्चे-दो साल की वंदना और छह माह का वरुण-अब बेसहारा हो गए हैं। पति की मौत के बाद चांदमुनी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही सवाल कर रही है।
अब इन बच्चों का क्या होगा
गांव में दहशत, खौफनाक मंजर देख सहमे लोग
घटना के वक्त नीरज की चीख सुनकर आरोपी शंकर का भाई रामभवन और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लेकिन जो नजारा उन्होंने देखा, उससे हर कोई सन्न रह गया।
आरोपी शंकर के एक हाथ में धारदार बांका था और दूसरे हाथ में बबलू का कटा हुआ सिर। वह सिर लेकर अपनी झोपड़ी की ओर बढ़ रहा था, लेकिन खौफ के कारण कोई भी उसे रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
सूचना पर पहुंची पुलिस, आरोपी गिरफ्तार ग्राम प्रधान राम मिलन यादव की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूरे इलाके में इस घटना के बाद सनसनी फैल गई है।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.