साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में नूंह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार फर्जी सिम और मोबाइल का इस्तेमाल कर लोगों से करते थे साइबर ठगी, एक आरोपी रेस्ट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर लोगों को बनाता था निशाना साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में नूंह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार फर्जी सिम और मोबाइल का इस्तेमाल कर लोगों से करते थे साइबर ठगी, एक आरोपी रेस्ट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर लोगों को बनाता था निशाना नूंह। जिले में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत नूंह पुलिस की साइबर थाना टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर अपनी असली पहचान छिपाते हुए अलग-अलग तरीकों से आमजन के साथ साइबर धोखाधड़ी कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और एक बोलेरो गाड़ी बरामद की है। पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में 6 नवंबर पुलिस टीम नूंह-सोहना रोड स्थित घासेड़ा बाईपास के नजदीक गश्त और अपराध जांच पर मौजूद थी। इसी दौरान सूचना मिली कि साजिद पुत्र सुब खान और आकिल पुत्र शरीफ निवासी महूं फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर मोबाइल फोन के माध्यम से साइबर ठगी करते हैं, जो सलंबा बाईपास के नजदीक बोलेरो गाड़ी में फर्जी सिम व मोबाइल लेकर किसी के इंतजार में खड़े हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान आकिल और साजिद के कब्जे से दो मोबाइल मिले। इन मोबाइल फोन में अलग-अलग नामों से व्हाट्सएप अकाउंट लॉगिन मिले। इसके अलावा मोबाइल के कवर से दो- दो सिम कार्ड भी बरामद किए गए आरोपी फर्जी सिम के माध्यम से अपनी असली पहचान छिपाकर व्हाट्सएप चलाते थे और सस्ते दामों पर लैपटॉप बेचने का झांसा देकर डिलीवरी के नाम पर लोगों से रुपये ठगते थे। पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन और सिम कार्ड को अलग-अलग लिफाफों में सील कर कब्जे में लिया तथा आरोपियों के कब्जे से बोलेरो गाड़ी भी बरामद की। इस संबंध में साइबर थाना नूंह में मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरे मामले में हरियाणा पुलिस के मानचित्र पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान एक मोबाइल नम्बर साइबर अपराध से जुड़ा पाया। इस मोबाइल नंबर के खिलाफ आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के कुप्पम थाने में 4 नवंबर को 3,000 रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज थी। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम नूंह-होडल रोड पर गांव हुसैनपुर के नजदीक पहुंची, जहां एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे काबू किया। पूछताछ में उसकी पहचान अनवर पुत्र यूनुस निवासी गांव जलालपुर, थाना नगीना, जिला नूंह के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें संबंधित सिम लगी हुई थी। मोबाइल की जांच करने पर नंबर से रजिस्टर व्हाट्सएप अकाउंट मिला, जिसकी प्रोफाइल का नाम रिजर्वेशन था। पुलिस को मोबाइल में आंध्र प्रदेश स्थित रामबगीचा रेस्ट हाउस, तिरुमला की बुकिंग के नाम पर लोगों के साथ की गई संदिग्ध चैटिंग और कॉलिंग के साक्ष्य मिले। मोबाइल की गैलरी में रेस्ट हाउस के फोटो और क्यूआर कोड की तस्वीरें भी बरामद हुईं। पुलिस के मुताबिक आरोपी रेस्ट हाउस में बुकिंग कराने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर साइबर ठगी करता था। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित जियो सिम मध्य प्रदेश के गुना निवासी एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थी। पुलिस ने मोबाइल फोन और सिम कार्ड को सील कर कब्जे में लेते हुए इस मामले में भी केस दर्ज किया है। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिले में साइबर अपराध के खिलाफ साइबर मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत साइबर थाना पुलिस लगातार साइबर ठगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। आमजन से अपील की कि ऑनलाइन खरीदारी, होटल या रेस्ट हाउस की बुकिंग करते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अग्रिम भुगतान न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में नूंह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार फर्जी सिम और मोबाइल का इस्तेमाल कर लोगों से करते थे साइबर ठगी, एक आरोपी रेस्ट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर लोगों को बनाता था निशाना साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में नूंह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार फर्जी सिम और मोबाइल का इस्तेमाल कर लोगों से करते थे साइबर ठगी, एक आरोपी रेस्ट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर लोगों को बनाता था निशाना नूंह। जिले में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत नूंह पुलिस की साइबर थाना टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर अपनी असली पहचान छिपाते हुए अलग-अलग तरीकों से आमजन के साथ साइबर धोखाधड़ी कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और एक बोलेरो गाड़ी बरामद की है। पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में 6 नवंबर पुलिस टीम नूंह-सोहना रोड स्थित घासेड़ा बाईपास के नजदीक गश्त और अपराध जांच पर मौजूद थी। इसी दौरान सूचना मिली कि साजिद पुत्र सुब खान और आकिल पुत्र शरीफ निवासी महूं फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर मोबाइल फोन के माध्यम से साइबर ठगी करते हैं, जो सलंबा बाईपास के नजदीक बोलेरो गाड़ी में फर्जी सिम व मोबाइल लेकर किसी के इंतजार में खड़े हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान आकिल और साजिद के कब्जे से दो मोबाइल मिले। इन मोबाइल फोन में अलग-अलग नामों से व्हाट्सएप अकाउंट लॉगिन मिले। इसके अलावा मोबाइल के कवर से दो- दो सिम कार्ड भी बरामद किए गए आरोपी फर्जी सिम के माध्यम से अपनी असली पहचान छिपाकर व्हाट्सएप चलाते थे और सस्ते दामों पर लैपटॉप बेचने का झांसा देकर डिलीवरी के नाम पर लोगों से रुपये ठगते थे। पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन और सिम कार्ड को अलग-अलग लिफाफों में सील कर कब्जे में लिया तथा आरोपियों के कब्जे से बोलेरो गाड़ी भी बरामद की। इस संबंध में साइबर थाना नूंह में मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरे मामले में हरियाणा पुलिस के मानचित्र पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान एक मोबाइल नम्बर साइबर अपराध से जुड़ा पाया। इस मोबाइल नंबर के खिलाफ आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के कुप्पम थाने में 4 नवंबर को 3,000 रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज थी। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम नूंह-होडल रोड पर गांव हुसैनपुर के नजदीक पहुंची, जहां एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे काबू किया। पूछताछ में उसकी पहचान अनवर पुत्र यूनुस निवासी गांव जलालपुर, थाना नगीना, जिला नूंह के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें संबंधित सिम लगी हुई थी। मोबाइल की जांच करने पर नंबर से रजिस्टर व्हाट्सएप अकाउंट मिला, जिसकी प्रोफाइल का नाम रिजर्वेशन था। पुलिस को मोबाइल में आंध्र प्रदेश स्थित रामबगीचा रेस्ट हाउस, तिरुमला की बुकिंग के नाम पर लोगों के साथ की गई संदिग्ध चैटिंग और कॉलिंग के साक्ष्य मिले। मोबाइल की गैलरी में रेस्ट हाउस के फोटो और क्यूआर कोड की तस्वीरें भी बरामद हुईं। पुलिस के मुताबिक आरोपी रेस्ट हाउस में बुकिंग कराने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर साइबर ठगी करता था। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित जियो सिम मध्य प्रदेश के गुना निवासी एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थी। पुलिस ने मोबाइल फोन और सिम कार्ड को सील कर कब्जे में लेते हुए इस मामले में भी केस दर्ज किया है। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिले में साइबर अपराध के खिलाफ साइबर मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत साइबर थाना पुलिस लगातार साइबर ठगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। आमजन से अपील की कि ऑनलाइन खरीदारी, होटल या रेस्ट हाउस की बुकिंग करते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अग्रिम भुगतान न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
- साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में नूंह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार फर्जी सिम और मोबाइल का इस्तेमाल कर लोगों से करते थे साइबर ठगी, एक आरोपी रेस्ट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर लोगों को बनाता था निशाना साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में नूंह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार फर्जी सिम और मोबाइल का इस्तेमाल कर लोगों से करते थे साइबर ठगी, एक आरोपी रेस्ट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर लोगों को बनाता था निशाना नूंह। जिले में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत नूंह पुलिस की साइबर थाना टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर अपनी असली पहचान छिपाते हुए अलग-अलग तरीकों से आमजन के साथ साइबर धोखाधड़ी कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और एक बोलेरो गाड़ी बरामद की है। पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में 6 नवंबर पुलिस टीम नूंह-सोहना रोड स्थित घासेड़ा बाईपास के नजदीक गश्त और अपराध जांच पर मौजूद थी। इसी दौरान सूचना मिली कि साजिद पुत्र सुब खान और आकिल पुत्र शरीफ निवासी महूं फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर मोबाइल फोन के माध्यम से साइबर ठगी करते हैं, जो सलंबा बाईपास के नजदीक बोलेरो गाड़ी में फर्जी सिम व मोबाइल लेकर किसी के इंतजार में खड़े हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान आकिल और साजिद के कब्जे से दो मोबाइल मिले। इन मोबाइल फोन में अलग-अलग नामों से व्हाट्सएप अकाउंट लॉगिन मिले। इसके अलावा मोबाइल के कवर से दो- दो सिम कार्ड भी बरामद किए गए आरोपी फर्जी सिम के माध्यम से अपनी असली पहचान छिपाकर व्हाट्सएप चलाते थे और सस्ते दामों पर लैपटॉप बेचने का झांसा देकर डिलीवरी के नाम पर लोगों से रुपये ठगते थे। पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन और सिम कार्ड को अलग-अलग लिफाफों में सील कर कब्जे में लिया तथा आरोपियों के कब्जे से बोलेरो गाड़ी भी बरामद की। इस संबंध में साइबर थाना नूंह में मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरे मामले में हरियाणा पुलिस के मानचित्र पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान एक मोबाइल नम्बर साइबर अपराध से जुड़ा पाया। इस मोबाइल नंबर के खिलाफ आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के कुप्पम थाने में 4 नवंबर को 3,000 रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज थी। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम नूंह-होडल रोड पर गांव हुसैनपुर के नजदीक पहुंची, जहां एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे काबू किया। पूछताछ में उसकी पहचान अनवर पुत्र यूनुस निवासी गांव जलालपुर, थाना नगीना, जिला नूंह के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें संबंधित सिम लगी हुई थी। मोबाइल की जांच करने पर नंबर से रजिस्टर व्हाट्सएप अकाउंट मिला, जिसकी प्रोफाइल का नाम रिजर्वेशन था। पुलिस को मोबाइल में आंध्र प्रदेश स्थित रामबगीचा रेस्ट हाउस, तिरुमला की बुकिंग के नाम पर लोगों के साथ की गई संदिग्ध चैटिंग और कॉलिंग के साक्ष्य मिले। मोबाइल की गैलरी में रेस्ट हाउस के फोटो और क्यूआर कोड की तस्वीरें भी बरामद हुईं। पुलिस के मुताबिक आरोपी रेस्ट हाउस में बुकिंग कराने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर साइबर ठगी करता था। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित जियो सिम मध्य प्रदेश के गुना निवासी एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थी। पुलिस ने मोबाइल फोन और सिम कार्ड को सील कर कब्जे में लेते हुए इस मामले में भी केस दर्ज किया है। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिले में साइबर अपराध के खिलाफ साइबर मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत साइबर थाना पुलिस लगातार साइबर ठगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। आमजन से अपील की कि ऑनलाइन खरीदारी, होटल या रेस्ट हाउस की बुकिंग करते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अग्रिम भुगतान न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।1
- नूंह में दो साइबर अपराधी गिरफ्तार,एक ने पुराने नोट-सिक्के बेचने के नाम पर किया फ्रॉड, दूसरे पर फर्जी सिम बेचने और फ्रॉड का पैसा निकालने का आरोप नूंह साइबर क्राइम पुलिस ने अलग-अलग मामलों में दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर फर्जी सिम, फेक व्हाट्सएप अकाउंट और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल कर आम लोगों के साथ ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल फोन, फर्जी एक्टिवेटिड सिम और तकनीकी डाटा बरामद किया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पहली कार्रवाई में सीएस स्टाफ फिरोजपुर झिरका की टीम ने बडकली चौक के पास से सोयब पुत्र समसु निवासी दोरखी को काबू किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि सोयब अपनी असल पहचान छिपाकर फर्जी एक्टिवेटिड सिम और फ्रॉड मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर ऑनलाइन पुराने करेंसी नोट और पुराने सिक्के बेचने-खरीदने के नाम पर लोगों के साथ साइबर फ्रॉड करता है। सूचना पर बडकली चौक से नूंह की तरफ यूरिया पंप के सामने रोड पर रेड की। तलाशी में आरोपी के पास से एक नीले रंग का फोन मिला, जिसमें लगी सिम व फोन में राज ग्यानी और विक्रम राठौड़ नाम से 4 अलग-अलग व्हाट्सएप /व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट लॉगिन मिले। इसके अलावा एक आई फ़ोन भी मिला, जिसमें सोएब हरियाणवी नाम से व्हाट्सएप, गूगल पे व फम अप्प वॉलेट लॉगिन मिला। फोन की गैलरी और व्हाट्सएप में पुराने नोट-सिक्के बेचने-खरीदने के नाम पर संदिग्ध चैटिंग और फोटो के स्क्रीनशॉट मिले। पूछताछ में आरोपी दोनों सिमों को फर्जी बताने के अलावा संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। जांच में सिम राजस्थान के जालौर के प्रवीन के नाम और सिम सकूनत निवासी दोरखी के नाम रजिस्टर्ड मिली। दूसरी कार्रवाई में सीएस पीओ स्टाफ पुन्हाना की टीम ने सलमान पुत्र खुर्शीद अहमद निवासी बीसरू को होडल-पुन्हाना रोड से दल्लाबास को जाने वाले कच्चे रास्ते से गिरफ्तार किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि सलमान साइबर ठगों को फर्जी सिम बेचने और अपने खाते में साइबर फ्रॉड का पैसा डलवाकर कमीशन पर निकालने का काम करता है। तलाशी में आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन मिला, जिसमें दो सिमें लगी थीं। मोबाइल कवर से एक फर्जी एक्टिवेटिड सिम कार्ड भी बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके कोटक महिंद्रा बैंक खाता नंबर में साइबर फ्रॉड का पैसा डलवाकर कमीशन पर निकालता था। साइबर पुलिस पोर्टल पर चेक करने पर इस खाते के खिलाफ हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड के 8 साइबर फ्रॉड की शिकायतें मिलीं। फर्जी सिम को सील कर कब्जे में लिया।2
- सोयब निवासी दोरखी सलमान निवासी बीसरू साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार.. नूंह पुलिस का साइबर ठगों पर बड़ा प्रहार, दो आरोपी गिरफ्तार; फर्जी सिम और व्हाट्सएप अकाउंट से करते थे ठगी पुराने नोट-सिक्के बेचने के नाम पर साइबर फ्रॉड, फर्जी सिम बेचने और ठगी की रकम खपाने वाले दो आरोपी दबोचे हरियाणा समेत चार राज्यों में 8 साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़ा बैंक खाता मिला, नूंह पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को पकड़ा सोयब निवासी दोरखी सलमान निवासी बीसरू साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार..1
- कंपनी में दीपावली1
- नारनौल के हाईवे पर ट्रक ने मारी बाइक सवार के टक्कर महिला की हुई मौत रेवाड़ी हरियाणा1
- जिला प्रशासन की तरफ से पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस में शनीवार को दीपावली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने किया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने पत्रकारों को पटका पहनाकर एवं श्रीमद्भागवत गीता भेट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। पलवल अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद,एसडीएम भूपेंद्र सिंह,सुशासन सहयोगी संदीप सिंह,जिला सूचना, जनसंपर्क अधिकारी कुलदीप ङ्क्षसह सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सभी सम्मानित पत्रकार एवं छायाकार उपस्थित थे। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने दीपावली के पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली उत्साह,उमंग और उल्लास का पर्व है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच प्रेम, सौहार्द, एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है और प्रशासन एवं लोगों के बीच में सेतु का काम करता है। पत्रकारों के माध्यम से ही प्रशासन को लोगों की समस्या के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। जिसका संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाती है। उन्होंने कहा कि कुछ समस्याओं का निदान समय पर हो जाता है। जबकि बड़ी समस्याओं के निदान के लिए प्रारूप तैयार किया जाता है। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की तरफ से लोगों की समस्याओं का निपटारा करने के लिए सप्ताह में दो बार समाधान शिविरों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि पलवल जिला समाधान शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं का निपटारा करने में प्रदेश के टॉप पांच जिलों में शामिल है। पिछले सप्ताह के रिव्यू में पलवल जिला दूसरे स्थान पर आया है। समाधान शिविर एवं सीएम विंडों पर आने वाली शिकायतों का समाधान जिला अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि जिला के संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए है कि अगर किसी भी व्यक्ति की कोई भी समस्या है तो उसका हल समय पर किया जाए। किसी भी पीड़ित व्यक्ति को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े। उपायुक्त ने कहा कि पलवल जिला में विकास को गति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि पलवल जिला भविष्य का ग्रोथ इंजन है। आने वाले समय में पलवल जिला हरियाणा प्रदेश के विकसित जिले में शामिल होगा। यह पलवल जिलावासियों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में देवर्षि नारद भगवान विष्णु के अनन्य भक्त थे। जिन्हें तीनों लोकों में पहले संदेशवाहक पत्रकार के रूप में जाना जाता है। देवर्षि नारद परम ज्ञानी थे। जिन्हें वर्तमान एवं भविष्य के बारे में ज्ञान था। इसी प्रकार पत्रकारों को देवर्षि नारद की तरह ज्ञानवान बनकर भविष्य के निर्माण में अपनी भागीदारी प्रदान करनी चाहिए।3
- गुरुग्राम में चलते ऑटो से महिला का मोबाइल छीनाः एक हाथ से बाइक का हैंडल संभाला, दूसरे से झपटा फोन; VIDEO आया सामने गुरुग्राम में इफ्को चौक मेट्रो स्टेशन के पास एमजी रोड पर बाइक सवार युवकों ने ऑटो में जा रही महिला का मोबाइल छीन लिया। वारदात 31 अक्टूबर की बताई जा रही है, जिसका डैशकैम वीडियो 5 नवंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक ऑटो इफ्को चौक मेट्रो स्टेशन के पास से गुजर रहा है। इसी दौरान पीछे से बाइक सवार युवक कार को ओवरटेक करते हुए ऑटो के बराबर पहुंचता है और महिला के हाथ से मोबाइल छीन लेता है। हैरानी की बात यह है कि बाइक चला रहे युवक ने एक हाथ से हैंडल संभालते हुए दूसरे हाथ से मोबाइल छीना। वारदात के बाद आरोपी ट्रैफिक के बीच फरार हो गया। पुलिस ने सेक्टर-29 थाने में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।1
- "ये छोड़ी नौकरी, हमने नहीं लेनी नौकरी, नहीं लेने पैसे" "ਆਹ ਛੱਡੀ ਨੌਕਰੀ, ਅਸੀਂ ਨੀਂ ਲੈਣੀ ਨੌਕਰੀ, ਨਹੀਂ ਲੈਣੇ ਪੈਸੇ" "ये छोड़ी नौकरी, हमने नहीं लेनी नौकरी, नहीं लेने पैसे" झोटे के पिता ने ट्रोलरों को दिया जवाब शुरू की भूख हड़ताल ! "ਆਹ ਛੱਡੀ ਨੌਕਰੀ, ਅਸੀਂ ਨੀਂ ਲੈਣੀ ਨੌਕਰੀ, ਨਹੀਂ ਲੈਣੇ ਪੈਸੇ" ਝੋਟੇ ਦੇ ਪਿਤਾ ਨੇ ਟ੍ਰੋਲਰਾਂ ਨੂੰ ਪਾਈਆਂ ਲਾਹਨਤਾਂ, ਰੱਖੀ ਭੁੱਖ ਹੜਤਾਲ !1