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बैंक लूटने से एक माह पहले आरोपियों ने शहर में लिया था किराए का मकान:यहीं बनाई योजना,4 आरोपी अभी भी पुलिस से दूर सिंगरौली। * मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बीते 17 अप्रैल को हुई बैंक डकैती के मामले में पुलिस रिमांड पर चल रहे मुख्य आरोपी कमलेश कुमार से पूछताँछ में प्रतिदिन नए खुलासे हो रहे हैं.कमलेश कुमार बिहार के नालंदा जिले के ग्वाल बिगहा गांव का रहने वाला है.रेलवे पुलिस ने आरोपी को सिंगरौली एक्सप्रेस ट्रेन से बिहार के डेहरी ऑन सोन स्टेशन से दो दिन पहले गिरफ्तार किया था. आरोपी कमलेश कुमार पर चोरी और अवैध वसूली के दो मामले पहले भी दर्ज हैं.वह 1 साल जेल में भी रहा है.कमलेश कुमार से पुलिस को पता चला है कि आरोपी ने दो साथियों के साथ शहर के मोरवा में बड़ी मस्जिद के पास किराए से कमरा लिया था.तीनों यहां लगभग एक माह तक रहे.इसी दौरान 2 और युवक आकर उनके साथ रहने लगे.आरोपियों ने यहीं रहकर बैंक डकैती का मास्टर प्लान तैयार किया.आरोपियो ने महीनों तक बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रेकी की.सभी आरोपी इतने शातिर थे कि मोहल्ले के लोगों को उन पर शंका नहीं हुई.इनमें से दो आरोपियों ने पहचान के रूप में मकान मालिक के पास जो आधार कार्ड जमा किया था.उस पर लिखा आधार नंबर भी फर्जी निकला. वारदात के दिन से एक माह पहले से जिले की कमजोर पुलिसिंग और बैंक की नदारद सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह भांप लिया तब जाकर आरोपियों ने डकैती के लिए बनाए ब्लूप्रिंट को फाइनल किया.योजना के मुताबिक 17 अप्रैल को 5 आरोपियों ने दोपहर 12:50 PM पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र में धावा बोल दिया.ग्राहकों और बैंक कर्मियों को 15 से 20 मिनट तक बंदूक की नोक पर रखा लगभग 7 किलो सोना व 20 लाख कैश लेकर वहां से भाग गए. ग्राहकों को चिंता,आरोपियों का नेपाल कनेक्शन! बैंक में जिन ग्राहकों ने सोना रखा था उन्हें चिंता है कि गहने वापस मिलेंगे या नहीं.गिरफ्तार आरोपी कमलेश कुमार से मात्र 61 ग्राम सोना ही बरामद हुआ है.लूटने के बाद यह उसके हिस्से आया था. घटना के 4 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ में मात्र एक आरोपी आया है.10 अलग अलग टीमें यूपी, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ राज्यों में 4 अन्य आरोपियों को तलाश रही हैं.इधर आरोपियों के तार नेपाल से जुड़े होने की भी बात सामने आ रही है.5 राज्यों की पुलिस अलर्ट के बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग रहा है.जिससे आशंका है कि आरोपी देश के बाहर भाग गए हैं.

2 hrs ago
user_Ravi Shankar pathak
Ravi Shankar pathak
Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago
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बैंक लूटने से एक माह पहले आरोपियों ने शहर में लिया था किराए का मकान:यहीं बनाई योजना,4 आरोपी अभी भी पुलिस से दूर सिंगरौली। * मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बीते 17 अप्रैल को हुई बैंक डकैती के मामले में पुलिस रिमांड पर चल रहे मुख्य आरोपी कमलेश कुमार से पूछताँछ में प्रतिदिन नए खुलासे हो रहे हैं.कमलेश कुमार बिहार के नालंदा जिले के ग्वाल बिगहा गांव का रहने वाला है.रेलवे पुलिस ने आरोपी को सिंगरौली एक्सप्रेस ट्रेन से बिहार के डेहरी ऑन सोन स्टेशन से दो दिन पहले गिरफ्तार किया था. आरोपी कमलेश कुमार पर चोरी और अवैध वसूली के दो मामले पहले भी दर्ज हैं.वह 1 साल जेल में भी रहा है.कमलेश कुमार से पुलिस को पता चला है कि आरोपी ने दो साथियों के साथ शहर के मोरवा में बड़ी मस्जिद के पास किराए से कमरा लिया था.तीनों यहां लगभग एक माह तक रहे.इसी दौरान 2 और युवक आकर उनके साथ रहने लगे.आरोपियों ने यहीं रहकर बैंक डकैती का मास्टर प्लान तैयार किया.आरोपियो ने महीनों तक बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रेकी की.सभी आरोपी इतने शातिर थे कि मोहल्ले के लोगों को उन पर शंका नहीं हुई.इनमें से दो आरोपियों ने पहचान के रूप में मकान मालिक के पास जो आधार कार्ड जमा किया था.उस पर लिखा आधार नंबर भी फर्जी निकला. वारदात के दिन से एक माह पहले से जिले की कमजोर पुलिसिंग और बैंक की नदारद सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह भांप लिया तब जाकर आरोपियों ने डकैती के लिए बनाए ब्लूप्रिंट को फाइनल किया.योजना के मुताबिक 17 अप्रैल को 5 आरोपियों ने दोपहर 12:50 PM पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र में धावा बोल दिया.ग्राहकों और बैंक कर्मियों को 15 से 20 मिनट तक बंदूक की नोक पर रखा लगभग 7 किलो सोना व 20 लाख कैश लेकर वहां से भाग गए. ग्राहकों को चिंता,आरोपियों का नेपाल कनेक्शन! बैंक में जिन ग्राहकों ने सोना रखा था उन्हें चिंता है कि गहने वापस मिलेंगे या नहीं.गिरफ्तार आरोपी कमलेश कुमार से मात्र 61 ग्राम सोना ही बरामद हुआ है.लूटने के बाद यह उसके हिस्से आया था. घटना के 4 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ में मात्र एक आरोपी आया है.10 अलग अलग टीमें यूपी, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ राज्यों में 4 अन्य आरोपियों को तलाश रही हैं.इधर आरोपियों के तार नेपाल से जुड़े होने की भी बात सामने आ रही है.5 राज्यों की पुलिस अलर्ट के बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग रहा है.जिससे आशंका है कि आरोपी देश के बाहर भाग गए हैं.

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  • महिला आरक्षण बिल पर फिर बोले नारायण त्रिपाठी पूर्व विधायक मैहर
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    महिला आरक्षण बिल पर फिर बोले नारायण त्रिपाठी पूर्व  विधायक मैहर
    user_Ravi Shankar pathak
    Ravi Shankar pathak
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    44 min ago
  • Post by Unchehra news
    1
    Post by Unchehra news
    user_Unchehra news
    Unchehra news
    News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • Post by Neeraj Ravi
    1
    Post by Neeraj Ravi
    user_Neeraj Ravi
    Neeraj Ravi
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • थाने में वीडियो-फोटो बनाना अपराध नहीं, नागरिक का अधिकार है: गुजरात हाईकोर्ट गुजरात हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान न्याय की वह तस्वीर उभरी, जो पूरे देश में पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की मिसाल बन गई है। जस्टिस निरजर एस. देसाई की अदालत में जब पुलिस पक्ष की महिला अधिवक्ता ने तर्क दिया कि थाने के अंदर आम नागरिक वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी नहीं कर सकते, तो न्यायाधीश ने सख्त स्वर में पूछा – “बताइए, किस कानून की धारा के तहत वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है?” यह सवाल केवल एक वकील से नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र से था। मामला हिरासत में यातना से जुड़ा था। पुलिस ने अपने बचाव में कहा कि शिकायतकर्ता लोग घटना की वीडियो बना रहे थे। जस्टिस देसाई ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि अगर पुलिस अपना कानूनी काम कर रही है तो वीडियो से उसे क्या आपत्ति हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 80 प्रतिशत CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, फिर नागरिकों को रिकॉर्डिंग करने से कैसे रोका जा सकता है। जब सरकारी वकील ने बार-बार CCTV का हवाला दिया, तो कोर्ट ने साफ कहा कि यह तर्क तभी दिया जा सकता है जब 100 प्रतिशत CCTV कार्यरत हों। लेकिन हकीकत यह है कि 80 प्रतिशत कैमरे खराब पड़े हैं। भरी अदालत में न्यायाधीश ने स्पष्ट घोषणा की कि थाने में वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना कोई अपराध नहीं है। कोई भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी आम नागरिक को सबूत के रूप में वीडियो बनाने या फोटो खींचने से नहीं रोक सकता। थाना सार्वजनिक स्थान है। यह बयान न केवल उस मामले में निर्णायक साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप को देखकर लाखों नागरिकों ने न्यायाधीश की तार्किक और साहसिक बहस की सराहना की। यह फैसला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पुलिस जवाबदेही मजबूत होगी और हिरासत में मारपीट या दुरुपयोग के खिलाफ ठोस सबूत आसानी से तैयार किए जा सकेंगे। साथ ही नागरिकों के अधिकारों को भी मजबूती मिली है। थाना किसी प्रतिबंधित स्थान की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए Official Secrets Act भी यहां लागू नहीं होता। थाने या किसी सरकारी कार्यालय में शांतिपूर्वक, बिना ड्यूटी में बाधा डाले रिकॉर्डिंग करना कानूनी है। लेकिन हमेशा सावधानी बरतें – शांत रहें, आक्रामक न हों और यदि जरूरी हो तो दूसरे व्यक्ति की मदद लें। यह सुनवाई सिर्फ एक मुकदमे की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण की बड़ी जीत है। जस्टिस निरजर एस. देसाई ने एक बार फिर साबित किया कि अदालत आम आदमी की आवाज और संवैधानिक मूल्यों की रक्षक है। जागरूक रहिए। सजग रहिए। जब हर नागरिक अपने अधिकारों को जानता और इस्तेमाल करता है, तभी लोकतंत्र सही मायने में मजबूत होता है।
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    थाने में वीडियो-फोटो बनाना अपराध नहीं, नागरिक का अधिकार है: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान न्याय की वह तस्वीर उभरी, जो पूरे देश में पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की मिसाल बन गई है। जस्टिस निरजर एस. देसाई की अदालत में जब पुलिस पक्ष की महिला अधिवक्ता ने तर्क दिया कि थाने के अंदर आम नागरिक वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी नहीं कर सकते, तो न्यायाधीश ने सख्त स्वर में पूछा – “बताइए, किस कानून की धारा के तहत वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है?”
यह सवाल केवल एक वकील से नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र से था। मामला हिरासत में यातना से जुड़ा था। पुलिस ने अपने बचाव में कहा कि शिकायतकर्ता लोग घटना की वीडियो बना रहे थे। जस्टिस देसाई ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि अगर पुलिस अपना कानूनी काम कर रही है तो वीडियो से उसे क्या आपत्ति हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 80 प्रतिशत CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, फिर नागरिकों को रिकॉर्डिंग करने से कैसे रोका जा सकता है।
जब सरकारी वकील ने बार-बार CCTV का हवाला दिया, तो कोर्ट ने साफ कहा कि यह तर्क तभी दिया जा सकता है जब 100 प्रतिशत CCTV कार्यरत हों। लेकिन हकीकत यह है कि 80 प्रतिशत कैमरे खराब पड़े हैं।
भरी अदालत में न्यायाधीश ने स्पष्ट घोषणा की कि थाने में वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना कोई अपराध नहीं है। कोई भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी आम नागरिक को सबूत के रूप में वीडियो बनाने या फोटो खींचने से नहीं रोक सकता। थाना सार्वजनिक स्थान है।
यह बयान न केवल उस मामले में निर्णायक साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप को देखकर लाखों नागरिकों ने न्यायाधीश की तार्किक और साहसिक बहस की सराहना की।
यह फैसला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पुलिस जवाबदेही मजबूत होगी और हिरासत में मारपीट या दुरुपयोग के खिलाफ ठोस सबूत आसानी से तैयार किए जा सकेंगे। साथ ही नागरिकों के अधिकारों को भी मजबूती मिली है। थाना किसी प्रतिबंधित स्थान की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए Official Secrets Act भी यहां लागू नहीं होता।
थाने या किसी सरकारी कार्यालय में शांतिपूर्वक, बिना ड्यूटी में बाधा डाले रिकॉर्डिंग करना कानूनी है। लेकिन हमेशा सावधानी बरतें – शांत रहें, आक्रामक न हों और यदि जरूरी हो तो दूसरे व्यक्ति की मदद लें।
यह सुनवाई सिर्फ एक मुकदमे की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण की बड़ी जीत है। जस्टिस निरजर एस. देसाई ने एक बार फिर साबित किया कि अदालत आम आदमी की आवाज और संवैधानिक मूल्यों की रक्षक है।
जागरूक रहिए। सजग रहिए। जब हर नागरिक अपने अधिकारों को जानता और इस्तेमाल करता है, तभी लोकतंत्र सही मायने में मजबूत होता है।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • भीम आर्मी का प्रदर्शन जारी?
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    भीम आर्मी का प्रदर्शन जारी?
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    19 hrs ago
  • ​मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ स्कूल से घर लौट रही एक 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया गया। इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए अमदरा थाना पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ​क्या है पूरा मामला? ​घटना शुक्रवार शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, नाबालिग छात्रा जब स्कूल से अपनी छुट्टी के बाद घर वापस लौट रही थी, तभी रास्ते में दो दरिंदों ने उसे अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने छात्रा को जबरन अगवा किया और उसके साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। ​आरोपियों की हुई पहचान ​अमदरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार शाम को दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है: ​सनी कोहली (उम्र 25 वर्ष, निवासी कटनी) ​गोलू उर्फ दीपक (उम्र 38 वर्ष, निवासी झुकेही, हाल निवासी कटनी) ​पुलिस की कार्रवाई ​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश किया। माननीय न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। ​मध्य भारत न्यूज़ (MBN) के लिए मैहर से ब्यूरो रिपोर्ट।
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    ​मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ स्कूल से घर लौट रही एक 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया गया। इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए अमदरा थाना पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
​क्या है पूरा मामला?
​घटना शुक्रवार शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, नाबालिग छात्रा जब स्कूल से अपनी छुट्टी के बाद घर वापस लौट रही थी, तभी रास्ते में दो दरिंदों ने उसे अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने छात्रा को जबरन अगवा किया और उसके साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
​आरोपियों की हुई पहचान
​अमदरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार शाम को दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
​सनी कोहली (उम्र 25 वर्ष, निवासी कटनी)
​गोलू उर्फ दीपक (उम्र 38 वर्ष, निवासी झुकेही, हाल निवासी कटनी)
​पुलिस की कार्रवाई
​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश किया। माननीय न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
​मध्य भारत न्यूज़ (MBN) के लिए मैहर से ब्यूरो रिपोर्ट।
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • Post by AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
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    Post by AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
    user_AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
    AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
    Internet shop नागौद, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • इस तरह मरीज और उनके परिजनों से वसूले जाते पैसे।
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    इस तरह मरीज और उनके परिजनों से वसूले जाते पैसे।
    user_Ravi Shankar pathak
    Ravi Shankar pathak
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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