जगदलपुर: नजूल भूमि पर निर्माण को लेकर महिला पार्षद और परिवार के बीच 'हाईवोल्टेज ड्रामा', बीच सड़क पर चले लात-घूंसे... जगदलपुर। शहर के बोधघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शांति नगर वार्ड में नजूल जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थाने की दहलीज तक जा पहुंचा है। एक तरफ जहां बेघर होने का डर था, वहीं दूसरी ओर सत्ता और नियमों का दबाव; इन दोनों के बीच हुए टकराव ने इतना उग्र रूप ले लिया कि महिला पार्षद और पीड़ित परिवार की महिलाओं के बीच जमकर मारपीट हुई। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, बोधघाट क्षेत्र में एक महिला अपनी पांच बेटियों के साथ पिछले कई वर्षों से लगभग 250 वर्ग फीट के एक कच्चे मकान में गुजर-बसर कर रही है। बरसात और भविष्य की सुरक्षा को देखते हुए परिवार ने इस कच्चे मकान की मरम्मत कर इसे पक्का बनाने का काम शुरू किया था। विवाद तब शुरू हुआ जब क्षेत्र की भाजपा महिला पार्षद ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को 'अवैध' बताते हुए रुकवा दिया। पार्षद का तर्क था कि नजूल भूमि पर बिना अनुमति के पक्का निर्माण नहीं किया जा सकता, जबकि पीड़ित परिवार का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और उनके पास सिर छिपाने के लिए यही एकमात्र सहारा है। सड़क पर छिड़ा 'संग्राम' देखते ही देखते बहस गाली-गलौज और फिर शारीरिक हिंसा में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों की महिलाएं आपस में भिड़ गईं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे महिलाएं एक-दूसरे के बाल खींच रही हैं और मारपीट कर रही हैं। बीच बचाव करने आए लोग भी इस हाईवोल्टेज ड्रामे को रोकने में नाकाम रहे। पुलिसिया कार्रवाई और राजनीतिक गरमाहट घटना के तुरंत बाद दोनों पक्ष बोधघाट थाने पहुंचे। पार्षद पक्ष: सरकारी काम में बाधा डालने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार: पार्षद पर सत्ता का धौंस दिखाने और गरीब परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। बोधघाट पुलिस का कहना है: "दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर ली गई है। मारपीट के वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग से जमीन की स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी जा सकती है।" सवालिया घेरे में प्रशासन यह घटना शहर में नजूल भूमि पर काबिज हजारों परिवारों के भविष्य और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या प्रशासन केवल गरीबों के छोटे निर्माणों पर ही डंडा चलाता है, या फिर नियमों का पालन सभी के लिए समान है? फिलहाल, इस मारपीट के वीडियो ने पूरे शहर में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है और पुलिस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
जगदलपुर: नजूल भूमि पर निर्माण को लेकर महिला पार्षद और परिवार के बीच 'हाईवोल्टेज ड्रामा', बीच सड़क पर चले लात-घूंसे... जगदलपुर। शहर के बोधघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शांति नगर वार्ड में नजूल जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थाने की दहलीज तक जा पहुंचा है। एक तरफ जहां बेघर होने का डर था, वहीं दूसरी ओर सत्ता और नियमों का दबाव; इन दोनों के बीच हुए टकराव ने इतना उग्र रूप ले लिया कि महिला पार्षद और पीड़ित परिवार की महिलाओं के बीच जमकर मारपीट हुई। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, बोधघाट क्षेत्र में एक महिला अपनी पांच बेटियों के साथ पिछले कई वर्षों से लगभग 250 वर्ग फीट के एक कच्चे मकान में गुजर-बसर कर रही है। बरसात और भविष्य की सुरक्षा को देखते हुए परिवार ने इस कच्चे मकान की मरम्मत कर इसे पक्का बनाने का काम शुरू किया था। विवाद तब शुरू हुआ जब क्षेत्र की भाजपा महिला पार्षद ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को 'अवैध' बताते हुए रुकवा दिया। पार्षद का तर्क था कि नजूल भूमि पर बिना अनुमति के पक्का निर्माण नहीं किया जा सकता, जबकि पीड़ित परिवार का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और उनके पास सिर छिपाने के लिए यही एकमात्र सहारा है। सड़क पर छिड़ा 'संग्राम' देखते ही देखते बहस गाली-गलौज और फिर शारीरिक हिंसा में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों की महिलाएं आपस में भिड़ गईं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे महिलाएं एक-दूसरे के बाल खींच रही हैं और मारपीट कर रही हैं। बीच बचाव करने आए लोग भी इस हाईवोल्टेज ड्रामे को रोकने में नाकाम रहे। पुलिसिया कार्रवाई और राजनीतिक गरमाहट घटना के तुरंत बाद दोनों पक्ष बोधघाट थाने पहुंचे। पार्षद पक्ष: सरकारी काम में बाधा डालने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार: पार्षद पर सत्ता का धौंस दिखाने और गरीब परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। बोधघाट पुलिस का कहना है: "दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर ली गई है। मारपीट के वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग से जमीन की स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी जा सकती है।" सवालिया घेरे में प्रशासन यह घटना शहर में नजूल भूमि पर काबिज हजारों परिवारों के भविष्य और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या प्रशासन केवल गरीबों के छोटे निर्माणों पर ही डंडा चलाता है, या फिर नियमों का पालन सभी के लिए समान है? फिलहाल, इस मारपीट के वीडियो ने पूरे शहर में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है और पुलिस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
- जगदलपुर। शहर के बोधघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शांति नगर वार्ड में नजूल जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थाने की दहलीज तक जा पहुंचा है। एक तरफ जहां बेघर होने का डर था, वहीं दूसरी ओर सत्ता और नियमों का दबाव; इन दोनों के बीच हुए टकराव ने इतना उग्र रूप ले लिया कि महिला पार्षद और पीड़ित परिवार की महिलाओं के बीच जमकर मारपीट हुई। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, बोधघाट क्षेत्र में एक महिला अपनी पांच बेटियों के साथ पिछले कई वर्षों से लगभग 250 वर्ग फीट के एक कच्चे मकान में गुजर-बसर कर रही है। बरसात और भविष्य की सुरक्षा को देखते हुए परिवार ने इस कच्चे मकान की मरम्मत कर इसे पक्का बनाने का काम शुरू किया था। विवाद तब शुरू हुआ जब क्षेत्र की भाजपा महिला पार्षद ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को 'अवैध' बताते हुए रुकवा दिया। पार्षद का तर्क था कि नजूल भूमि पर बिना अनुमति के पक्का निर्माण नहीं किया जा सकता, जबकि पीड़ित परिवार का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और उनके पास सिर छिपाने के लिए यही एकमात्र सहारा है। सड़क पर छिड़ा 'संग्राम' देखते ही देखते बहस गाली-गलौज और फिर शारीरिक हिंसा में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों की महिलाएं आपस में भिड़ गईं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे महिलाएं एक-दूसरे के बाल खींच रही हैं और मारपीट कर रही हैं। बीच बचाव करने आए लोग भी इस हाईवोल्टेज ड्रामे को रोकने में नाकाम रहे। पुलिसिया कार्रवाई और राजनीतिक गरमाहट घटना के तुरंत बाद दोनों पक्ष बोधघाट थाने पहुंचे। पार्षद पक्ष: सरकारी काम में बाधा डालने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार: पार्षद पर सत्ता का धौंस दिखाने और गरीब परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। बोधघाट पुलिस का कहना है: "दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर ली गई है। मारपीट के वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग से जमीन की स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी जा सकती है।" सवालिया घेरे में प्रशासन यह घटना शहर में नजूल भूमि पर काबिज हजारों परिवारों के भविष्य और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या प्रशासन केवल गरीबों के छोटे निर्माणों पर ही डंडा चलाता है, या फिर नियमों का पालन सभी के लिए समान है? फिलहाल, इस मारपीट के वीडियो ने पूरे शहर में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है और पुलिस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।1
- आज धारमजयगड़ नोनाईजोर बृज के पास 7:5 बजे बस और सफारी जोरदार टक्कर1
- अंबिकापुर/मैनपाट, 29 अप्रैल 2026। मैनपाट क्षेत्र में जंगली हाथियों की मौजूदगी के बीच एक ग्रामीण महिला हाथियों के हमले में घायल हो गई। हाथ पांव पर चोट के निशान तो है ही साथ ही साथ उसका एक हाथ भी फ्रैक्चर हो गया है।घायल महिला की पहचान शांति पति मुन्ना, जाति मांझी, उम्र लगभग 45 वर्ष, निवासी खालपारा (नर्मदापुर) के रूप में हुई है। घटना पी 2382 क्षेत्र, स्थानीय नाम जग्गूपोखरी (जोबलापानी) में सुबह लगभग 11 बजे घटित हुई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर सूचना नहीं दी जाती और क्षेत्र में वाहन की भी कमी है, जिससे आपात स्थिति में त्वरित सहायता नहीं मिल पाती। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मुनादी या अलर्ट जारी किया जाता, तो इस प्रकार की घटना टाली जा सकती थी। इस मामले में मैनपाट के रेंजर ने विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि वन विभाग का स्टाफ पूरी रात ड्यूटी करता है और लगातार मुनादी भी कराई जाती है। उन्होंने कहा कि “हाथी पिछले 5-6 दिनों से उसी क्षेत्र में विचरण कर रहा था, जिसकी जानकारी आसपास के गांव वालों को थी। इसके बावजूद लोग लापरवाही करते हैं।” वन विभाग का कहना है कि लोगों को हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहना चाहिए तथा बिना आवश्यकता जंगल या प्रभावित क्षेत्रों में नहीं जाना चाहिए। घटना के बाद घायल महिला को उपचार के लिए नर्मदापुर शासकीय अस्पताल भेजा गया । जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।वहीं ग्रामीणों ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराने और समय पर सूचना तंत्र मजबूत करने की मांग की है। सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट4
- Post by Dhananajy jangde1
- Post by Gautam karsh1
- Post by Laxman Singh Rathor1
- कोरबा जिले की बांगो थाना की पुलिस ने उन दो शातिर लूटेरों को गिरफ्तार कर लिया है जिन्होंने एक ट्रक चालक को डरा धमकाकर करीब दस हजार रूपये नकदी रकम की लूट कर ली थी. ट्रक चालक की शिकायत पर अपराध कायम कर पुलिस में बिलासपुर निवासी दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं जिनके पास से लूट की रकम बरामद कर ली गई हैं. पुलिस ने बताया की गढ़वा निवासी ट्रक चालक सलमान अंसारी कोयला लेकर अंबिकापुर से रायपुर जा रहा था. हसदेव नदी के पास गाडी में कुछ खराबी आने पर उसने ट्रक को रोका. तभी पीछे से बिना नंबर की बोलेरो वाहन में सवार होकर आरोपी पहुंचे और डरा धमकाकर ट्रक चालक को अपनी वाहन में बिठाया और जेब में रखे नकदी रकम के साथ ही फोन पे के माध्यम से करीब दस हजार रूपये लूट लिए.1
- Post by Dhananajy jangde1