हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर उपायुक्त ने जिला स्तरीय बैठक आयोजित की उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिले में हाथियों की आवाजाही से उत्पन्न समस्याओं एवं उससे होने वाली घटनाओं की समीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य हाथी प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा जान-माल की क्षति को न्यूनतम करना था। बैठक में पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री मौन प्रकाश ने बताया कि हाथियों से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए आम लोगों में जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जानकारी दी कि हाथियों से हुई मृत्यु, फसलों की क्षति, अनाज भंडारण एवं मकानों के नुकसान की स्थिति में सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा का भुगतान किया जाता है। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों से मुआवजा भुगतान से संबंधित अंचल स्तर पर लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही, मृत्यु के मामलों में संबंधित थाना प्रभारी द्वारा एफआईआर की प्रति शीघ्र वन विभाग को भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर मुआवजा मिल सके। स्थानीय स्तर पर हाथियों की आवाजाही की सूचना आमजन तक शीघ्र पहुँचाने के लिए माइकिंग आदि माध्यमों के उपयोग पर जोर दिया गया। इस क्रम में डीएफओ द्वारा जानकारी दी गई कि सरकार द्वारा विकसित *“Hamar Haathi 2.0”* नामक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से हाथियों की लोकेशन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से इस एप्लिकेशन https://play.google.com/store/apps/details?id=com.kalpvaig.jktracker&pcampaignid=web_share को प्ले-स्टोर से डाउनलोड कर उपयोग करने की अपील की। उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने बैठक में बताया कि हाथियों के प्रकोप से लोगों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से प्रशिक्षु आईएफएस को जिला नियंत्रण कक्ष का नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला नियंत्रण कक्ष 24×7 संचालित रहेगी। हाथियों के आगमन से संबंधित सूचना सभी पदाधिकारी एवं प्रभावित क्षेत्र के लोग सीधे जिला नियंत्रण कक्ष को देंगे। नियंत्रण कक्ष से संबंधित क्षेत्र के मुखिया एवं ग्रामीणों को तत्काल सूचित किया जाएगा, जिससे समय रहते आवश्यक सावधानियाँ बरती जा सकें एवं प्रशासनिक कदम उठाए जा सकें। उपायुक्त ने सभी संबंधित अंचलाधिकारियों को हाथी से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हाथियों द्वारा हुए नुकसान के लिए मुआवजा भुगतान जिम्मेदारी के साथ समय पर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को सुरक्षित एवं निर्बाध रखा जाए। इसके अतिरिक्त हाथी कॉरिडोर क्षेत्रों को अतिक्रमण-मुक्त एवं साफ-सुथरा रखने का भी निर्देश दिया गया। *हाथियों से बचने के लिए क्या करें?* 1. हाथी आने की सूचना तत्काल निकटवर्ती वन विभाग के कर्मचारियों को दें। 2. यदि हाथी से सामना हो जाए तो तुरंत उसके लिए रास्ता छोड़ें। पहाड़ी स्थानों में सामना होने पर ढलान की ओर दौड़ें, ऊपर की ओर नहीं। सीधे न दौड़कर आड़े-तिरछे दौड़ें, कुछ दूर दौड़ने पर गमछा, पगड़ी, टोपी अथवा कोई वस्त्र फेंक दें ताकि कुछ समय तक हाथी उसमें उलझा रहे और आपको सुरक्षित स्थान पर पहुँचने का मौका मिल जाए। 3. अगर हाथी गांव में आ ही जाता है तो मशाल के साथ कम से कम आठ-दस लोग मिलकर एक साथ ढोल या टीना पीटकर उसे भगाने का प्रयास करें। इस प्रक्रिया में भी हाथी के बहुत नजदीक न जाएं। हाथी प्रभावित क्षेत्रों के गांवों में रात्रि में दल बनाकर मशाल के साथ पहरा दें। 4. अगर मचान बनाकर खेत की रखवाली करनी हो, तो मचान ऊँचा बनाएं, विशेषकर उसे ऊँचे मजबूत पेड़ के ऊपर बनाएं और उसे नीचे जमीन पर लकड़ी से आग जलाये रखें। 5. हाथी जिस जंगल में दिखे उस क्षेत्र में चारा, जलावन एकत्र करने नहीं जाएं। हाथी जिन क्षेत्रों में हो उसके आस-पास के गांवों में संध्या से प्रातः काल तक आवागमन से बचें। 6. हाथी द्वारा कान खड़े कर, सुंढ़ ऊपर कर आवाज देना, इस बात का संकेत है कि वह आप पर हमला करने आ रहा है। अतः तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाए। 7. हाथियों की सूंघने की शक्ति अत्यधिक प्रबल होती है। अतः हाथी को भगाने के क्रम में हवा की दिशा का ध्यान रखें। 8. वैज्ञानिक प्रयोग के आधार पर पाया गया है कि मधुमक्खियों के गुनगुनाने की आवाज हाथियों को भगाने में सहायक साबित होती है। *हाथियों से बचने के लिए क्या न करें?* 1. हाथी के चारों ओर कौतुहलवश भीड़ न लगाएं। हाथियों के चलने दौड़ने की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। अतः हाथी से कम से कम 200 मीटर की दूरी बनाएं रखें। बच्चों, स्त्रियों एवं वृद्धों को कभी भी हाथी के समक्ष नहीं जाने दें। 2. हाथियों को छेड़े नहीं, विशेषकर उन पर पत्थर, तीर, जलता हुआ टायर या मशाल आदि फेंककर प्रहार न करें। पटाखें आदि का प्रयोग से हाथियों को गुस्सा आ सकता है एवं इससे क्षति की संभावना बढ़ सकती है, अतः इसके प्रयोग से बचें। 3. हाथियों को अनाज अथवा अन्य खाद्य सामग्री न दें, क्योंकि इससे उनकी खाद्य सामग्री के प्रति रूचि बढ़ेगी एवं इस कारण वे मकानों को तोड़कर खाद्य सामग्री प्राप्त करने का प्रयास कर सकते हैं। हाथी प्रभावित क्षेत्र में जिस कमरे में अनाज का भंडारण हो उसमें न सोएं एवं कुछ दिनों के लिए किसी सुरक्षित जगह पर अनाज को रख दें। 4. क्षेत्र में जबतक हाथी रहे, तबतक हड़िया या देशी शराब (महुआ) नहीं बनाएं। इसका भंडारण भी न करें। हाथी शराब की ओर आकर्षित होते हैं और प्राप्त करने के उद्देश्य से ये घरों को क्षति पहुँचाते हैं। 5. गर्भवती हथिनी अथवा नवजात शिशु के साथ होने पर हथिनी या उसके झुण्ड को भगाने का प्रयास न करें, उसे थोड़ा समय दें। 6. हाथियों को भगाने के क्रम में श्वेत वस्त्र या लाल वस्त्र का प्रयोग नहीं करना चाहिए। यह रंग उन्हें चिड़चिड़ा बनाता है। 7. हाथी को देखकर पूजा या प्रणाम करने के उद्देश्य से उनके नजदीक न जाएं। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अंजनी अंजन, उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, नगर आयुक्त श्री ओमप्रकाश गुप्ता, अपर समाहर्ता श्री संतोष सिंह, प्रशिक्षु आईएएस श्री आनंद शर्मा, प्रशिक्षु आईएफएस, बरही एसडीओ श्री जोहन टुडू सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना प्रभारी एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित थे।
हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर उपायुक्त ने जिला स्तरीय बैठक आयोजित की उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिले में हाथियों की आवाजाही से उत्पन्न समस्याओं एवं उससे होने वाली घटनाओं की समीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य हाथी प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा जान-माल की क्षति को न्यूनतम करना था। बैठक में पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री मौन प्रकाश ने बताया कि हाथियों से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए आम लोगों में जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जानकारी दी कि हाथियों से हुई मृत्यु, फसलों की क्षति, अनाज भंडारण एवं मकानों के नुकसान की स्थिति में सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा का भुगतान किया जाता है। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों से मुआवजा भुगतान से संबंधित अंचल स्तर पर लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही, मृत्यु के मामलों में संबंधित थाना प्रभारी द्वारा एफआईआर की प्रति शीघ्र वन विभाग को भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर मुआवजा मिल सके। स्थानीय स्तर पर हाथियों की आवाजाही की सूचना आमजन तक शीघ्र पहुँचाने के लिए माइकिंग आदि माध्यमों के उपयोग पर जोर दिया गया। इस क्रम में डीएफओ द्वारा जानकारी दी गई कि सरकार द्वारा विकसित *“Hamar Haathi 2.0”* नामक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से हाथियों की लोकेशन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से इस एप्लिकेशन https://play.google.com/store/apps/details?id=com.kalpvaig.jktracker&pcampaignid=web_share को प्ले-स्टोर से डाउनलोड कर उपयोग करने की अपील की। उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने बैठक में बताया कि हाथियों के प्रकोप से लोगों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से प्रशिक्षु आईएफएस को जिला नियंत्रण कक्ष का नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला नियंत्रण कक्ष 24×7 संचालित रहेगी। हाथियों के आगमन से संबंधित सूचना सभी पदाधिकारी एवं प्रभावित क्षेत्र के लोग सीधे जिला नियंत्रण कक्ष को देंगे। नियंत्रण कक्ष से संबंधित क्षेत्र के मुखिया एवं ग्रामीणों को तत्काल सूचित किया जाएगा, जिससे समय रहते आवश्यक सावधानियाँ बरती जा सकें एवं प्रशासनिक कदम उठाए जा सकें। उपायुक्त ने सभी संबंधित अंचलाधिकारियों को हाथी से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हाथियों द्वारा हुए नुकसान के लिए मुआवजा भुगतान जिम्मेदारी के साथ समय पर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को सुरक्षित एवं निर्बाध रखा जाए। इसके अतिरिक्त हाथी कॉरिडोर क्षेत्रों को अतिक्रमण-मुक्त एवं साफ-सुथरा रखने का भी निर्देश दिया गया। *हाथियों से बचने के लिए क्या करें?* 1. हाथी आने की सूचना तत्काल निकटवर्ती वन विभाग के कर्मचारियों को दें। 2. यदि हाथी से सामना हो जाए तो तुरंत उसके लिए रास्ता छोड़ें। पहाड़ी स्थानों में सामना होने पर ढलान की ओर दौड़ें, ऊपर की ओर नहीं। सीधे न दौड़कर आड़े-तिरछे दौड़ें, कुछ दूर दौड़ने पर गमछा, पगड़ी, टोपी अथवा कोई वस्त्र फेंक दें ताकि कुछ समय तक हाथी उसमें उलझा रहे और आपको सुरक्षित स्थान पर पहुँचने का
मौका मिल जाए। 3. अगर हाथी गांव में आ ही जाता है तो मशाल के साथ कम से कम आठ-दस लोग मिलकर एक साथ ढोल या टीना पीटकर उसे भगाने का प्रयास करें। इस प्रक्रिया में भी हाथी के बहुत नजदीक न जाएं। हाथी प्रभावित क्षेत्रों के गांवों में रात्रि में दल बनाकर मशाल के साथ पहरा दें। 4. अगर मचान बनाकर खेत की रखवाली करनी हो, तो मचान ऊँचा बनाएं, विशेषकर उसे ऊँचे मजबूत पेड़ के ऊपर बनाएं और उसे नीचे जमीन पर लकड़ी से आग जलाये रखें। 5. हाथी जिस जंगल में दिखे उस क्षेत्र में चारा, जलावन एकत्र करने नहीं जाएं। हाथी जिन क्षेत्रों में हो उसके आस-पास के गांवों में संध्या से प्रातः काल तक आवागमन से बचें। 6. हाथी द्वारा कान खड़े कर, सुंढ़ ऊपर कर आवाज देना, इस बात का संकेत है कि वह आप पर हमला करने आ रहा है। अतः तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाए। 7. हाथियों की सूंघने की शक्ति अत्यधिक प्रबल होती है। अतः हाथी को भगाने के क्रम में हवा की दिशा का ध्यान रखें। 8. वैज्ञानिक प्रयोग के आधार पर पाया गया है कि मधुमक्खियों के गुनगुनाने की आवाज हाथियों को भगाने में सहायक साबित होती है। *हाथियों से बचने के लिए क्या न करें?* 1. हाथी के चारों ओर कौतुहलवश भीड़ न लगाएं। हाथियों के चलने दौड़ने की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। अतः हाथी से कम से कम 200 मीटर की दूरी बनाएं रखें। बच्चों, स्त्रियों एवं वृद्धों को कभी भी हाथी के समक्ष नहीं जाने दें। 2. हाथियों को छेड़े नहीं, विशेषकर उन पर पत्थर, तीर, जलता हुआ टायर या मशाल आदि फेंककर प्रहार न करें। पटाखें आदि का प्रयोग से हाथियों को गुस्सा आ सकता है एवं इससे क्षति की संभावना बढ़ सकती है, अतः इसके प्रयोग से बचें। 3. हाथियों को अनाज अथवा अन्य खाद्य सामग्री न दें, क्योंकि इससे उनकी खाद्य सामग्री के प्रति रूचि बढ़ेगी एवं इस कारण वे मकानों को तोड़कर खाद्य सामग्री प्राप्त करने का प्रयास कर सकते हैं। हाथी प्रभावित क्षेत्र में जिस कमरे में अनाज का भंडारण हो उसमें न सोएं एवं कुछ दिनों के लिए किसी सुरक्षित जगह पर अनाज को रख दें। 4. क्षेत्र में जबतक हाथी रहे, तबतक हड़िया या देशी शराब (महुआ) नहीं बनाएं। इसका भंडारण भी न करें। हाथी शराब की ओर आकर्षित होते हैं और प्राप्त करने के उद्देश्य से ये घरों को क्षति पहुँचाते हैं। 5. गर्भवती हथिनी अथवा नवजात शिशु के साथ होने पर हथिनी या उसके झुण्ड को भगाने का प्रयास न करें, उसे थोड़ा समय दें। 6. हाथियों को भगाने के क्रम में श्वेत वस्त्र या लाल वस्त्र का प्रयोग नहीं करना चाहिए। यह रंग उन्हें चिड़चिड़ा बनाता है। 7. हाथी को देखकर पूजा या प्रणाम करने के उद्देश्य से उनके नजदीक न जाएं। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अंजनी अंजन, उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, नगर आयुक्त श्री ओमप्रकाश गुप्ता, अपर समाहर्ता श्री संतोष सिंह, प्रशिक्षु आईएएस श्री आनंद शर्मा, प्रशिक्षु आईएफएस, बरही एसडीओ श्री जोहन टुडू सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना प्रभारी एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित थे।
- नशा छोड़ो, जीवन जोड़ोः हजारीबाग में छात्रों से गांवों तक पहुंचा नशा मुक्ति का संदेश1
- जैप–7 पद्मा, हजारीबाग में तीसवां स्थापना दिवस समारोह धूमधाम से संपन्न हजारीबाग (पद्मा) | झारखंड सशस्त्र बल 7 (जैप–7) पद्मा, हजारीबाग में तीसवां स्थापना दिवस समारोह बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। समारोह का आयोजन कमांडेंट अविनाश कुमार के नेतृत्व में किया गया, जिसमें भव्य परेड का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्तिक एस, पुलिस उप महानिरीक्षक, झारखंड सशस्त्र बल, रांची थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अंजनी कुमार झा, पुलिस उपमहानिरीक्षक, उत्तरी छोटानागपुर रेंज उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त अंजनी कुमार अंजन (पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग), रोशन गुड़िया (पुलिस अधीक्षक, सीआईडी), हीरालाल रवि (अपर पुलिस अधीक्षक, जे ए पी टी सी, पद्मा), दीपक कुमार वर्मा (सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक), अजीत कुमार विमल (एसडीपीओ, बरही) सहित कई वरीय एवं कनिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य अतिथि द्वारा परेड का निरीक्षण किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने जैप–7 के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि कम समय में बटालियन ने अनुशासन और दक्षता के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने जवानों एवं सभी कर्मियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें और अधिक उत्साह व प्रेरणा के साथ कर्तव्य निर्वहन करने का आह्वान किया। कमांडेंट अविनाश कुमार ने अपने वक्तव्य में जैप–7 के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 से 2000 तक यह इकाई पूर्व में बीएमपी की 17वीं बटालियन के रूप में कार्यरत थी। झारखंड राज्य के गठन के बाद इसका नामकरण जैप–7 हुआ तथा वर्ष 2021 में जैप–7 का मुख्यालय पद्मा, हजारीबाग में स्थानांतरित किया गया। उन्होंने कहा कि बटालियन के जवान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, विधि-व्यवस्था एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं। समारोह के दौरान जैप–7 के 23 वीर जवानों की शहादत को नमन करते हुए उनके आश्रितों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। आयोजित परेड में प्लाटून नंबर–1 को सर्वश्रेष्ठ परेड का पुरस्कार मिला, जिसकी सभी अतिथियों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। अंत में सभी आगंतुकों ने जैप–7 के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- आर्य कन्या गुरुकुल में सांसद मनीष जायसवाल की पहल से पहुंचा कंबल , सांसद प्रतिनिधि ने गुरुकुल के आचार्य को सौंपा कंबल आगामी कुछ दिनों से हजारीबाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है और बढ़ते ठंड को देखते हुए आज हजारीबाग के आर्य कन्या गुरुकुल में बच्चों को कंबल उपलब्ध करवाया गया । हजारीबाग संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सतेंद्र सिंह , संसदीय क्षेत्र के मीडिया प्रभारी रंजन चौधरी,भाजपा कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा आज आर्य कन्या गुरुकुल पहुंचे और बच्चों के लिए कंबल आर्य कन्या गुरुकुल के प्रभारी आचार्य कौटिल्य को उपलब्ध करवाया । इस मौके पर आर्य कन्या गुरुकुल के आचार्य कौटिल्य कहा कि बढ़ती ठंड में बच्चियों के लिए ऐसे विचार रखने वाले लोग अगर आगे आते है तो बहुत अच्छी बात है उन्हें इसके लिए सांसद मनीष जायसवाल को धन्यवाद कहा है वही हजारीबाग सांसद क्षेत्र के प्रतिनिधि सतेंद्र सिंह ने कहा कि सीसीएल के सीएसआर फंड से से एवं सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश के बाद बच्चियों के लिए कुछ कंबल आचार्य कौटिल्य जी को उपलब्ध कराया जा रहा है क्योंकि सनातन संस्कृति को बढ़ावा देते हुए आचार्य कौटिल्य आर्य कन्या गुरुकुल में बच्चियों को बेहतर शिक्षा दे रहे हैं तो जनप्रतिनिधि होने के नाते सांसद मनीष जायसवाल ने यहां पढ़ने वाली बच्चियों के लिए यह कंबल उपलब्ध करवाया है एवं आगे भी हर संभव मदद करेंगे कंबल पा कर बच्चियां भी काफी खुश दिखी...4
- हजारीबाग शहर के मालवीय मार्ग स्थित बिजली घर नेक्स्ट में कल देर रात करीब 8:25 बजे एक चोर ने चोरी की घटना को अंजाम दिया।1
- हजारीबाग के मालवीय मार्ग बिजली घर नेक्स्ट में देर रात चोर ने चोरी की घटना को अंजाम दिया। #HazaribaghNews #TheftCase #MalviyaMarg #CrimeNews #JharkhandNews1
- विवेकानंद सिंह निर्विरोध भाजपा जिला अध्यक्ष निर्वाचित हुए -- हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष का चुनाव निष्पक्ष एवं लोकतांत्रिक तरीके से हुआ: मनीष जायसवाल -- संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं के सहयोग से, पार्टी को उच्च शिखर तक पहुंचाना मेरी पहली प्राथमिकता होगी: विवेकानंद सिंह -- हजारीबाग। भारतीय जनता पार्टी, हजारीबाग जिला का निर्विरोध जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह निर्वाचित किए गए। इस आशय की घोषणा जिला पर्यवेक्षक विनोद सिंह द्वारा सांसद मनीष जायसवाल ,विधायक प्रदीप प्रसाद ,पूर्व विधायक लोकनाथ महतो ,जिला सह पर्यवेक्षक सत्यनारायण सिंह, टुनू गोप, कैलाशपति ओझा, प्रदेश कार्य समिति सदस्य ,जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्षों ,मंडल प्रतिनिधियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में उपस्थित जिले के कार्यकर्ताओं के बीच पैराडाइस रिसॉर्ट में की गई। 8 जनवरी 2026 को विधिवत सांसद मनीष जायसवाल द्वारा हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष पद के लिए विवेकानंद सिंह के नाम का प्रस्ताव किया गया, जिनका सर्वसम्मत से जिले के सभी मंडल अध्यक्ष एवं मंडल प्रतिनिधियों द्वारा समर्थन किया गया। इस तरह सिर्फ एक नामांकन विवेकानंद सिंह के द्वारा ही जिला अध्यक्ष पद हेतु किया गया। पर्यवेक्षक विनोद सिंह द्वारा अपने सहयोगी सह पर्यवेक्षकों टुन्नू गोप, कैलाशपति ओझा एवं सत्यनारायण सिंह के समक्ष विवेकानंद सिंह द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज का जांच किया गया, जिसे सही पाया गया।जिला अध्यक्ष के स्वागत सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में हजारीबाग जिला के कनिष्ठ -वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता गण उपस्थित हुए ।स्वागत सामान समारोह का संचालन जिला सह पर्यवेक्षक टुन्नू गुप्त द्वारा की गई ।स्वागत समारोह को मुख्य रूप से सांसद मनीष जायसवाल ,विधायक प्रदीप प्रसाद, पूर्व विधायक लोकनाथ महतो ,प्रदेश कार्य समिति सदस्य केपी ओझा ,हरीश श्रीवास्तव ,अनिल मिश्रा ,सुदेश चंद्रवंशी ,सांवरमल अग्रवाल, अशोक यादव, गणेश यादव, उदयभान नारायण सिंह, चंद्रनाथ भाई पटेल ,दिनेश सिंह राठौड़, सुमन कुमार ,सुनील मेहता आदि के द्वारा संबोधित किया गया। अपनी संबोधन में सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि स्वतंत्र, स्वच्छ एवं लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा जिला अध्यक्ष का चुनाव हुआ। भारतीय जनता पार्टी ही ऐसी पार्टी है ,जहां किसी भी कार्यकर्ता को जिला से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अध्यक्ष बनने का अवसर दिया जाता है ।पहले से कोई पता नहीं होता है कि अध्यक्ष किन्हे बनाया जाएगा ।परंतु वही कांग्रेस ,राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा ,त्रिणमूल कांग्रेस ,बसपा ,सपा जैसे अनेकों क्षेत्रीय पार्टियां है जिनका अध्यक्ष कौन होगा पहले से सभी को पता रहता है। नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह द्वारा अपने संबोधन में कहा गया कि ,भाजपा के ऊर्जावान कार्यकर्ता, जिला के नेताओं एवं माननीय विधायक/ सांसद के आपसी सहयोग एवं तालमेल से पार्टी को आखिरी ऊंचाई तक ले जाने का काम करेंगे ।श्री सिंह ने कहा कि संगठन की मजबूती और पार्टी का कार्य मेरी पहली प्राथमिकता होगी तथा उन्होंने अपने संक्षिप्त भाषण में यहां मौजूद सभी जेस्ट- श्रेष्ठ कार्यकर्ता बंधुओ ,भगिनी के सहयोग से दल के कार्य को करते हुए ,पार्टी को शिखर की उच्चाई तक ले जाने का काम करेंगे । उपस्थित कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़े के टाप पर थिरकते हुए, आतिशबाजी कर जिला अध्यक्ष के चयन के अवसर पर खुशी का इजहार किया। नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष अपने समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बुढ़वा महादेव मंदिर ,महावीर मंदिर आदि देवस्थान में माथा टेककर आशीर्वाद लिया एवं झंडा चौक पर आतिशबाजी एवं फुलझड़ियां छोड़कर कार्यकर्ताओं ने खुशी का इजहार किया। सम्मान समारोह में मुख्य रूप से दिनेश सिंह राठौड़ ,सुनील मेहता, सुमन कुमार ,आनंद देव, रेणुका साहू ,दामोदर सिंह, भानुमति पासवान, सुनील साहू ,जयनारायण प्रसाद ,कुणाल किशोर, अरविंद सिकरवार, राजकरण पांडे, मनोज गिरी ,कुंवर मनोज सिंह ,नंदकुमार नंदू ,शिवलाल महतो ,अजीत चंद्रवंशी ,तनवीर अहमद, महेंद्र बिहारी ,कुलदीप सिंह, मुखलाल मेहता, रतन सिंहा ,डॉक्टर महावीर प्रसाद, चंदन सिंह विधायक के निजी सचिव ,नागेंद्र गुप्ता, पुरुषोत्तम पांडेय ,उमा पाठक ,अजय साहू ,मोतीलाल जी, अर्जुन साहू ,बलदेव बाबू ,मनीष पांडे के साथ-साथ हजारीबाग जिला के सभी मंडल के अध्यक्ष ,मंडल प्रतिनिधि एवं सैकड़ो गण्यमान्य कार्यकर्ता एवं नेता उपस्थित थे। 👇👇 https://youtu.be/eXCm7pcMCQY?si=dfKu-S5tgJVHPdiX1
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- कविलासी में अपराध पर करारा प्रहार, दारू पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को किया गिरफ्तार1