जानिए अपडेट... ईरान इज़राइल USA युद्ध कहाँ से कहाँ तक दुनिया पर असर डाला है... यह 2026 Iran War अभी भी जारी है। नीचे आज तक की मुख्य और ताज़ा जानकारी दी जा रही है: 1️⃣ युद्ध कैसे शुरू हुआ 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान के कई सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए। इस सैन्य अभियान को Operation Lion’s Roar कहा गया। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इज़राइल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले शुरू कर दिए। 2️⃣ हाल की बड़ी घटनाएँ (ताज़ा अपडेट) अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के इस्फहान क्षेत्र में कई ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए। ईरान ने जवाब में इज़राइल और खाड़ी देशों के अमेरिकी बेस पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए। खाड़ी क्षेत्र के तेल बंदरगाहों और ऊर्जा ठिकानों पर भी हमलों की खबरें आई हैं। लेबनान में Hezbollah भी युद्ध में शामिल होकर इज़राइल पर रॉकेट दाग रहा है। 3️⃣ बड़े राजनीतिक झटके युद्ध की शुरुआत में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की एक हमले में मौत की खबर आई। इसके बाद ईरान में नया नेतृत्व बना और तनाव और बढ़ गया। 4️⃣ दुनिया पर असर Strait of Hormuz में तनाव बढ़ गया है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। कई देशों ने अपने नागरिकों को मध्य-पूर्व छोड़ने की सलाह दी है। तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर इसका बड़ा असर पड़ रहा है। 5️⃣ आगे क्या हो सकता है विशेषज्ञों के अनुसार तीन संभावनाएँ हैं: 1. युद्ध और बड़े मध्य-पूर्व युद्ध में बदल सकता है। 2. अमेरिका-ईरान के बीच सीधी लड़ाई बढ़ सकती है। 3. अंतरराष्ट्रीय दबाव से सीज़फायर (युद्धविराम) भी हो सकता है। @JHVP BHARAT NEWS
जानिए अपडेट... ईरान इज़राइल USA युद्ध कहाँ से कहाँ तक दुनिया पर असर डाला है... यह 2026 Iran War अभी भी जारी है। नीचे आज तक की मुख्य और ताज़ा जानकारी दी जा रही है: 1️⃣ युद्ध कैसे शुरू हुआ 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान के कई सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए। इस सैन्य अभियान को Operation Lion’s Roar कहा गया।
इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इज़राइल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले शुरू कर दिए। 2️⃣ हाल की बड़ी घटनाएँ (ताज़ा अपडेट) अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के इस्फहान क्षेत्र में कई ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए। ईरान ने जवाब में इज़राइल और खाड़ी देशों के अमेरिकी बेस पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए। खाड़ी क्षेत्र के तेल बंदरगाहों और ऊर्जा ठिकानों पर भी
हमलों की खबरें आई हैं। लेबनान में Hezbollah भी युद्ध में शामिल होकर इज़राइल पर रॉकेट दाग रहा है। 3️⃣ बड़े राजनीतिक झटके युद्ध की शुरुआत में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की एक हमले में मौत की खबर आई। इसके बाद ईरान में नया नेतृत्व बना और तनाव और बढ़ गया। 4️⃣ दुनिया पर असर Strait of Hormuz में तनाव बढ़ गया है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित
हो सकती है। कई देशों ने अपने नागरिकों को मध्य-पूर्व छोड़ने की सलाह दी है। तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर इसका बड़ा असर पड़ रहा है। 5️⃣ आगे क्या हो सकता है विशेषज्ञों के अनुसार तीन संभावनाएँ हैं: 1. युद्ध और बड़े मध्य-पूर्व युद्ध में बदल सकता है। 2. अमेरिका-ईरान के बीच सीधी लड़ाई बढ़ सकती है। 3. अंतरराष्ट्रीय दबाव से सीज़फायर (युद्धविराम) भी हो सकता है। @JHVP BHARAT NEWS
- यह 2026 Iran War अभी भी जारी है। नीचे आज तक की मुख्य और ताज़ा जानकारी दी जा रही है: 1️⃣ युद्ध कैसे शुरू हुआ 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान के कई सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए। इस सैन्य अभियान को Operation Lion’s Roar कहा गया। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इज़राइल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले शुरू कर दिए। 2️⃣ हाल की बड़ी घटनाएँ (ताज़ा अपडेट) अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के इस्फहान क्षेत्र में कई ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए। ईरान ने जवाब में इज़राइल और खाड़ी देशों के अमेरिकी बेस पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए। खाड़ी क्षेत्र के तेल बंदरगाहों और ऊर्जा ठिकानों पर भी हमलों की खबरें आई हैं। लेबनान में Hezbollah भी युद्ध में शामिल होकर इज़राइल पर रॉकेट दाग रहा है। 3️⃣ बड़े राजनीतिक झटके युद्ध की शुरुआत में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की एक हमले में मौत की खबर आई। इसके बाद ईरान में नया नेतृत्व बना और तनाव और बढ़ गया। 4️⃣ दुनिया पर असर Strait of Hormuz में तनाव बढ़ गया है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। कई देशों ने अपने नागरिकों को मध्य-पूर्व छोड़ने की सलाह दी है। तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर इसका बड़ा असर पड़ रहा है। 5️⃣ आगे क्या हो सकता है विशेषज्ञों के अनुसार तीन संभावनाएँ हैं: 1. युद्ध और बड़े मध्य-पूर्व युद्ध में बदल सकता है। 2. अमेरिका-ईरान के बीच सीधी लड़ाई बढ़ सकती है। 3. अंतरराष्ट्रीय दबाव से सीज़फायर (युद्धविराम) भी हो सकता है। @JHVP BHARAT NEWS4
- सिवान जिला अंतर्गत दरौंदा प्रखंड क्षेत्र के धनौती उप स्वास्थ्य केंद्र पर को द्वारा पैसा निकासी के नाम पर आशा कर्मी से ₹300 रिश्वत मांगने का मामला प्रकाश में आया है आशा कर्मी द्वारा पत्रकारों को जानकारी दी गई इस पर चिकित्सा पर भारी डॉक्टर अमरेश सिंह द्वारा मामले में जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.1
- सीवान के डीएवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से इस वक्त एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां शिक्षा के मंदिर में अब राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बनता दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल जिस मुद्दे पर उठ रहा है, वह है 'महाकाल कंप्यूटर' का नाम। कॉलेज परिसर में धरना दे रहे कई शिक्षक अपने हाथों में महाकाल कंप्यूटर की तख्तियां लेकर बैठे हैं। आरोप है कि इस कंप्यूटर कोर्स या व्यवस्था की आड़ में छात्रों से वसूली की जा रही है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर महाकाल कंप्यूटर का संचालक कौन है? छात्रों से ली जा रही राशि का कमीशन किसे मिलता है? और क्यों इस मुद्दे को लेकर शिक्षक खुलकर विरोध में उतर आए हैं? इधर, कॉलेज के शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने महाविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण, लेकिन जोरदार धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर लगाए गए बैनरों में प्राचार्य रामानन्द राम पर मनमानी, तानाशाही रवैया और शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि वेतन कटौती, अपमानजनक व्यवहार, महिला शिक्षिकाओं को विशेष अवकाश न देना, और SC/ST केस में फंसाने की धमकी जैसी बातें लगातार हो रही हैं। साथ ही, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन लाभ से वंचित करने और कॉलेज के वित्तीय मामलों में पारदर्शिता न रखने के भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों को महाविद्यालय के प्राचार्य रामानन्द राम ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने वर्ष 2025 में कार्यभार संभालने के बाद कॉलेज में अनुशासन लागू किया और पहले कई शिक्षक समय पर नहीं आते थे, इसलिए उनकी उपस्थिति काटकर वेतन रोका गया और रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी गई। प्राचार्य का यह भी कहना है कि कॉलेज में पारदर्शिता लाने के लिए ठेकेदारी प्रथा बंद कर टेंडर व्यवस्था लागू की गई, जिससे कुछ लोग नाराज़ हैं और इसी कारण यह आंदोलन किया जा रहा है। फिलहाल, कॉलेज परिसर में धरना जारी है और शिक्षक प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या सच में शिक्षा के मंदिर में शिक्षा से ज़्यादा राजनीति हावी हो गई है? क्या महाकाल कंप्यूटर के नाम पर हो रही वसूली का सच सामने आएगा? और क्या शिक्षक-प्राचार्य का यह टकराव छात्रों की पढ़ाई प्रभावित करेगा? मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।"1
- सारण जिले के तरैया प्रखंड अंतर्गत भटकाई पंचायत में जंगली जानवरों से किसानों की फसल को लगातार नुकसान हो रहा था। किसानों की शिकायत के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए 18 मार्च को नीलगाय और जंगली सूअर मारने का आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है।1
- Post by एनामुल हक1
- “देश किसी के बाप का नहीं, भारत माता का है” — ओवैसी के बयान पर हिंदू महासभा के डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य का करारा जवाब । संभल के सीओ कुलदीप कुमार को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर अब सियासत तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने कहा कि “यह देश किसी के बाप का नहीं है, यह देश सबका है।” उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई बाप-मां की बात करता है तो यह याद रखना चाहिए कि भारत देश भारत माता का है, जो हम सबकी माता हैं, और महाकाल हमारे पिता हैं। उन्होंने कहा कि किसी पुलिस अधिकारी के लिए बाप का नाम लेकर अभद्र टिप्पणी करना बेहद निंदनीय है। ओवैसी एक बैरिस्टर और सांसद हैं, इसलिए उन्हें अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए और ऐसे बयान देकर जनता को भड़काने से बचना चाहिए। डॉ. सिद्धार्थ ने आगे कहा कि यदि एक राजनीतिक दल का प्रमुख होकर ओवैसी किसी पुलिस अधिकारी के पिता का नाम लेकर टिप्पणी करते हैं, तो यह भी समझ लें कि अखिल भारत हिंदू महासभा देश का सबसे पुराना संगठन और राजनीतिक दल है। उन्होंने कहा कि संगठन संविधान के दायरे में रहकर ही काम करता है, लेकिन बार-बार उकसाने की कोशिश की गई तो कड़ी प्रतिक्रिया भी देखने को मिल सकती है। उन्होंने ओवैसी को सलाह देते हुए कहा कि भविष्य में शांत और गरिमामयी भाषा का इस्तेमाल करें। #AsaduddinOwaisi #HinduMahasabha #SambhalNews #PoliticalStatement #IndiaPolitics #BreakingNews #UPNews1
- गोपालगंज के मीरगंज NH 531 पर अहले सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मीरगंज एनएच-531 पर इटवा पुल पर बालू लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर पुल में जा समाया। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रेलर चालक को नींद की झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे इटवा पुल में जा घुसा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची।1
- महाराजगंज, सिवान, बिहार /कवि गोष्ठी JHVP BHARAT NEWS परवेज़ आलम भारतीय ;लेखक और कवि साहित्य प्रेमी बन्धुओं, आप जैसा कि आप देख रहें हैं कि पहले की तरह युवाओं में हिन्दी साहित्य में रूचि नहीं दिख रही है... शायद गुरूजी लोग सहयोग नहीं कर रहें हैं1