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सीवान के डीएवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से इस वक्त एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां शिक्षा के मंदिर में अब राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बनता दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल जिस मुद्दे पर उठ रहा है, वह है 'महाकाल कंप्यूटर' का नाम। कॉलेज परिसर में धरना दे रहे कई शिक्षक अपने हाथों में महाकाल कंप्यूटर की तख्तियां लेकर बैठे हैं। आरोप है कि इस कंप्यूटर कोर्स या व्यवस्था की आड़ में छात्रों से वसूली की जा रही है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर महाकाल कंप्यूटर का संचालक कौन है? छात्रों से ली जा रही राशि का कमीशन किसे मिलता है? और क्यों इस मुद्दे को लेकर शिक्षक खुलकर विरोध में उतर आए हैं? इधर, कॉलेज के शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने महाविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण, लेकिन जोरदार धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर लगाए गए बैनरों में प्राचार्य रामानन्द राम पर मनमानी, तानाशाही रवैया और शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि वेतन कटौती, अपमानजनक व्यवहार, महिला शिक्षिकाओं को विशेष अवकाश न देना, और SC/ST केस में फंसाने की धमकी जैसी बातें लगातार हो रही हैं। साथ ही, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन लाभ से वंचित करने और कॉलेज के वित्तीय मामलों में पारदर्शिता न रखने के भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों को महाविद्यालय के प्राचार्य रामानन्द राम ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने वर्ष 2025 में कार्यभार संभालने के बाद कॉलेज में अनुशासन लागू किया और पहले कई शिक्षक समय पर नहीं आते थे, इसलिए उनकी उपस्थिति काटकर वेतन रोका गया और रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी गई। प्राचार्य का यह भी कहना है कि कॉलेज में पारदर्शिता लाने के लिए ठेकेदारी प्रथा बंद कर टेंडर व्यवस्था लागू की गई, जिससे कुछ लोग नाराज़ हैं और इसी कारण यह आंदोलन किया जा रहा है। फिलहाल, कॉलेज परिसर में धरना जारी है और शिक्षक प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या सच में शिक्षा के मंदिर में शिक्षा से ज़्यादा राजनीति हावी हो गई है? क्या महाकाल कंप्यूटर के नाम पर हो रही वसूली का सच सामने आएगा? और क्या शिक्षक-प्राचार्य का यह टकराव छात्रों की पढ़ाई प्रभावित करेगा? मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।"

5 hrs ago
user_Aakash Srivastava
Aakash Srivastava
पत्रकार सिवान, सीवान, बिहार•
5 hrs ago

सीवान के डीएवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से इस वक्त एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां शिक्षा के मंदिर में अब राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बनता दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल जिस मुद्दे पर उठ रहा है, वह है 'महाकाल कंप्यूटर' का नाम। कॉलेज परिसर में धरना दे रहे कई शिक्षक अपने हाथों में महाकाल कंप्यूटर की तख्तियां लेकर बैठे हैं। आरोप है कि इस कंप्यूटर कोर्स या व्यवस्था की आड़ में छात्रों से वसूली की जा रही है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर महाकाल कंप्यूटर का संचालक कौन है? छात्रों से ली जा रही राशि का कमीशन किसे मिलता है? और क्यों इस मुद्दे को लेकर शिक्षक खुलकर विरोध में उतर आए हैं? इधर, कॉलेज के शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने महाविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण, लेकिन जोरदार धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर लगाए गए बैनरों में प्राचार्य रामानन्द राम पर मनमानी, तानाशाही रवैया और शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि वेतन कटौती, अपमानजनक व्यवहार, महिला शिक्षिकाओं को विशेष अवकाश न देना, और SC/ST केस में फंसाने की धमकी जैसी बातें लगातार हो रही हैं। साथ ही, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन लाभ से वंचित करने और कॉलेज के वित्तीय मामलों में पारदर्शिता न रखने के भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों को महाविद्यालय के प्राचार्य रामानन्द राम ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने वर्ष 2025 में कार्यभार संभालने के बाद कॉलेज में अनुशासन लागू किया और पहले कई शिक्षक समय पर नहीं आते थे, इसलिए उनकी उपस्थिति काटकर वेतन रोका गया और रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी गई। प्राचार्य का यह भी कहना है कि कॉलेज में पारदर्शिता लाने के लिए ठेकेदारी प्रथा बंद कर टेंडर व्यवस्था लागू की गई, जिससे कुछ लोग नाराज़ हैं और इसी कारण यह आंदोलन किया जा रहा है। फिलहाल, कॉलेज परिसर में धरना जारी है और शिक्षक प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या सच में शिक्षा के मंदिर में शिक्षा से ज़्यादा राजनीति हावी हो गई है? क्या महाकाल कंप्यूटर के नाम पर हो रही वसूली का सच सामने आएगा? और क्या शिक्षक-प्राचार्य का यह टकराव छात्रों की पढ़ाई प्रभावित करेगा? मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।"

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  • सीवान के डीएवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से इस वक्त एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां शिक्षा के मंदिर में अब राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बनता दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल जिस मुद्दे पर उठ रहा है, वह है 'महाकाल कंप्यूटर' का नाम। कॉलेज परिसर में धरना दे रहे कई शिक्षक अपने हाथों में महाकाल कंप्यूटर की तख्तियां लेकर बैठे हैं। आरोप है कि इस कंप्यूटर कोर्स या व्यवस्था की आड़ में छात्रों से वसूली की जा रही है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर महाकाल कंप्यूटर का संचालक कौन है? छात्रों से ली जा रही राशि का कमीशन किसे मिलता है? और क्यों इस मुद्दे को लेकर शिक्षक खुलकर विरोध में उतर आए हैं? इधर, कॉलेज के शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने महाविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण, लेकिन जोरदार धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर लगाए गए बैनरों में प्राचार्य रामानन्द राम पर मनमानी, तानाशाही रवैया और शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि वेतन कटौती, अपमानजनक व्यवहार, महिला शिक्षिकाओं को विशेष अवकाश न देना, और SC/ST केस में फंसाने की धमकी जैसी बातें लगातार हो रही हैं। साथ ही, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन लाभ से वंचित करने और कॉलेज के वित्तीय मामलों में पारदर्शिता न रखने के भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों को महाविद्यालय के प्राचार्य रामानन्द राम ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने वर्ष 2025 में कार्यभार संभालने के बाद कॉलेज में अनुशासन लागू किया और पहले कई शिक्षक समय पर नहीं आते थे, इसलिए उनकी उपस्थिति काटकर वेतन रोका गया और रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी गई। प्राचार्य का यह भी कहना है कि कॉलेज में पारदर्शिता लाने के लिए ठेकेदारी प्रथा बंद कर टेंडर व्यवस्था लागू की गई, जिससे कुछ लोग नाराज़ हैं और इसी कारण यह आंदोलन किया जा रहा है। फिलहाल, कॉलेज परिसर में धरना जारी है और शिक्षक प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या सच में शिक्षा के मंदिर में शिक्षा से ज़्यादा राजनीति हावी हो गई है? क्या महाकाल कंप्यूटर के नाम पर हो रही वसूली का सच सामने आएगा? और क्या शिक्षक-प्राचार्य का यह टकराव छात्रों की पढ़ाई प्रभावित करेगा? मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।"
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    सीवान के डीएवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से इस वक्त एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां शिक्षा के मंदिर में अब राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बनता दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल जिस मुद्दे पर उठ रहा है, वह है 'महाकाल कंप्यूटर' का नाम। कॉलेज परिसर में धरना दे रहे कई शिक्षक अपने हाथों में महाकाल कंप्यूटर की तख्तियां लेकर बैठे हैं। आरोप है कि इस कंप्यूटर कोर्स या व्यवस्था की आड़ में छात्रों से वसूली की जा रही है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर महाकाल कंप्यूटर का संचालक कौन है? छात्रों से ली जा रही राशि का कमीशन किसे मिलता है? और क्यों इस मुद्दे को लेकर शिक्षक खुलकर विरोध में उतर आए हैं? इधर, कॉलेज के शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने महाविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण, लेकिन जोरदार धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर लगाए गए बैनरों में प्राचार्य रामानन्द राम पर मनमानी, तानाशाही रवैया और शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि वेतन कटौती, अपमानजनक व्यवहार, महिला शिक्षिकाओं को विशेष अवकाश न देना, और SC/ST केस में फंसाने की धमकी जैसी बातें लगातार हो रही हैं। साथ ही, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन लाभ से वंचित करने और कॉलेज के वित्तीय मामलों में पारदर्शिता न रखने के भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों को महाविद्यालय के प्राचार्य रामानन्द राम ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने वर्ष 2025 में कार्यभार संभालने के बाद कॉलेज में अनुशासन लागू किया और पहले कई शिक्षक समय पर नहीं आते थे, इसलिए उनकी उपस्थिति काटकर वेतन रोका गया और रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी गई। प्राचार्य का यह भी कहना है कि कॉलेज में पारदर्शिता लाने के लिए ठेकेदारी प्रथा बंद कर टेंडर व्यवस्था लागू की गई, जिससे कुछ लोग नाराज़ हैं और इसी कारण यह आंदोलन किया जा रहा है। फिलहाल, कॉलेज परिसर में धरना जारी है और शिक्षक प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या सच में शिक्षा के मंदिर में शिक्षा से ज़्यादा राजनीति हावी हो गई है? क्या महाकाल कंप्यूटर के नाम पर हो रही वसूली का सच सामने आएगा? और क्या शिक्षक-प्राचार्य का यह टकराव छात्रों की पढ़ाई प्रभावित करेगा? मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।"
    user_Aakash Srivastava
    Aakash Srivastava
    पत्रकार सिवान, सीवान, बिहार•
    5 hrs ago
  • सिवान जिला अंतर्गत दरौंदा प्रखंड क्षेत्र के धनौती उप स्वास्थ्य केंद्र पर को द्वारा पैसा निकासी के नाम पर आशा कर्मी से ₹300 रिश्वत मांगने का मामला प्रकाश में आया है आशा कर्मी द्वारा पत्रकारों को जानकारी दी गई इस पर चिकित्सा पर भारी डॉक्टर अमरेश सिंह द्वारा मामले में जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.
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    सिवान जिला अंतर्गत दरौंदा प्रखंड क्षेत्र के धनौती उप स्वास्थ्य केंद्र पर को द्वारा पैसा निकासी के नाम पर आशा कर्मी से ₹300 रिश्वत मांगने का मामला प्रकाश में आया है आशा कर्मी द्वारा पत्रकारों को जानकारी दी गई इस पर चिकित्सा पर भारी डॉक्टर अमरेश सिंह द्वारा मामले में जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.
    user_Anish Singh
    Anish Singh
    दरौंधा, सीवान, बिहार•
    11 min ago
  • महाराजगंज, सिवान, बिहार JHVP BHARAT NEWS EDITED BY : परवेज़ भारतीय कॉल : 9931481554 व्हाट्सप्प : +91-6202433405 मोहनजोदड़ो सभ्यता के विकास पर विशेष लेख भूमिका मानव इतिहास की प्राचीन और विकसित सभ्यताओं में सिंधु घाटी सभ्यता का विशेष स्थान है। इसी महान सभ्यता का एक प्रमुख और विकसित नगर था मोहनजोदड़ो, जिसका अर्थ है – “मृतकों का टीला”। यह नगर आज के सिंध प्रांत में सिंधु नदी के किनारे स्थित था। लगभग 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व के बीच यह नगर अपने चरम विकास पर था। 1. खोज और महत्व मोहनजोदड़ो की खोज 1922 ई. में प्रसिद्ध भारतीय पुरातत्वविद् राखालदास बनर्जी ने की थी। इसके बाद जॉन मार्शल के नेतृत्व में विस्तृत खुदाई कराई गई। इस खोज से यह सिद्ध हुआ कि भारतीय उपमहाद्वीप में हजारों वर्ष पहले ही अत्यंत उन्नत शहरी सभ्यता विकसित हो चुकी थी। 2. नगर नियोजन (City Planning) मोहनजोदड़ो की सबसे बड़ी विशेषता उसका सुव्यवस्थित नगर नियोजन था। सड़कों का निर्माण सीधी और एक-दूसरे को समकोण पर काटने वाली ग्रिड प्रणाली में किया गया था। घर पक्की ईंटों से बने होते थे और अधिकतर घरों में आंगन, स्नानघर और कुएँ होते थे। शहर में नालियों की उत्कृष्ट जल निकासी व्यवस्था थी, जो ढकी हुई होती थी। नगर को मुख्य रूप से ऊपरी नगर (दुर्ग क्षेत्र) और निचला नगर में विभाजित किया गया था। यह नगर नियोजन उस समय की अत्यंत उन्नत तकनीकी समझ को दर्शाता है। 3. सामाजिक और आर्थिक जीवन मोहनजोदड़ो के लोग मुख्यतः कृषि, व्यापार और हस्तशिल्प से जुड़े थे। गेहूँ, जौ और कपास की खेती की जाती थी। मिट्टी के बर्तन, मनके, धातु के औजार और आभूषण बनाए जाते थे। व्यापार के लिए तौल-माप की मानकीकृत प्रणाली का प्रयोग होता था। इस सभ्यता का व्यापार दूर-दूर तक, यहाँ तक कि मेसोपोटामिया तक होता था। 4. महान स्नानागार (Great Bath) मोहनजोदड़ो का सबसे प्रसिद्ध निर्माण महान स्नानागार है। यह एक विशाल जलकुंड था, जिसके चारों ओर कमरे बने हुए थे। इसे पक्की ईंटों और जलरोधी पदार्थों से बनाया गया था। माना जाता है कि इसका उपयोग धार्मिक या सामाजिक अनुष्ठानों के लिए किया जाता था। 5. धर्म और संस्कृति मोहनजोदड़ो के लोगों के धार्मिक विश्वासों के बारे में जानकारी मुख्यतः मूर्तियों और मुहरों से मिलती है। मातृ देवी (Mother Goddess) की पूजा के प्रमाण मिलते हैं। पशु आकृतियों वाली मुहरें भी मिली हैं। कुछ विद्वान मानते हैं कि एक मुहर पर दिखाई देने वाली आकृति बाद में भगवान शिव के पशुपति रूप से मिलती-जुलती है। 6. लिपि और कला मोहनजोदड़ो की लिपि आज भी अपूर्ण रूप से पढ़ी नहीं जा सकी है। इस सभ्यता की कला अत्यंत उत्कृष्ट थी। प्रसिद्ध कांस्य की “नर्तकी” की मूर्ति दाढ़ी वाले पुजारी की मूर्ति सुंदर मुहरें और मिट्टी के खिलौने ये सभी उस समय की उच्च कला और शिल्पकला को दर्शाते हैं। 7. पतन के कारण लगभग 1900 ईसा पूर्व के आसपास मोहनजोदड़ो सभ्यता का पतन शुरू हो गया। इसके संभावित कारणों में शामिल हैं: प्राकृतिक आपदाएँ और बाढ़ जलवायु परिवर्तन व्यापार का पतन नदी के मार्ग में परिवर्तन हालाँकि इसके पतन का सटीक कारण आज भी इतिहासकारों के लिए शोध का विषय है। निष्कर्ष मोहनजोदड़ो सभ्यता मानव इतिहास की सबसे उन्नत प्राचीन शहरी सभ्यताओं में से एक थी। इसका सुव्यवस्थित नगर नियोजन, विकसित व्यापार प्रणाली, उत्कृष्ट कला और वैज्ञानिक सोच यह दर्शाती है कि हजारों वर्ष पहले भी मानव समाज अत्यंत संगठित और विकसित था। आज मोहनजोदड़ो के अवशेष हमें यह सिखाते हैं कि सभ्यता का विकास केवल तकनीक से नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवस्था, संस्कृति और ज्ञान से भी होता है।
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    महाराजगंज, सिवान, बिहार 
JHVP BHARAT NEWS 
EDITED BY : परवेज़ भारतीय 
कॉल : 9931481554
व्हाट्सप्प : +91-6202433405
मोहनजोदड़ो सभ्यता के विकास पर विशेष लेख
भूमिका
मानव इतिहास की प्राचीन और विकसित सभ्यताओं में सिंधु घाटी सभ्यता का विशेष स्थान है। इसी महान सभ्यता का एक प्रमुख और विकसित नगर था मोहनजोदड़ो, जिसका अर्थ है – “मृतकों का टीला”। यह नगर आज के सिंध प्रांत में सिंधु नदी के किनारे स्थित था। लगभग 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व के बीच यह नगर अपने चरम विकास पर था।
1. खोज और महत्व
मोहनजोदड़ो की खोज 1922 ई. में प्रसिद्ध भारतीय पुरातत्वविद् राखालदास बनर्जी ने की थी। इसके बाद जॉन मार्शल के नेतृत्व में विस्तृत खुदाई कराई गई। इस खोज से यह सिद्ध हुआ कि भारतीय उपमहाद्वीप में हजारों वर्ष पहले ही अत्यंत उन्नत शहरी सभ्यता विकसित हो चुकी थी।
2. नगर नियोजन (City Planning)
मोहनजोदड़ो की सबसे बड़ी विशेषता उसका सुव्यवस्थित नगर नियोजन था।
सड़कों का निर्माण सीधी और एक-दूसरे को समकोण पर काटने वाली ग्रिड प्रणाली में किया गया था।
घर पक्की ईंटों से बने होते थे और अधिकतर घरों में आंगन, स्नानघर और कुएँ होते थे।
शहर में नालियों की उत्कृष्ट जल निकासी व्यवस्था थी, जो ढकी हुई होती थी।
नगर को मुख्य रूप से ऊपरी नगर (दुर्ग क्षेत्र) और निचला नगर में विभाजित किया गया था।
यह नगर नियोजन उस समय की अत्यंत उन्नत तकनीकी समझ को दर्शाता है।
3. सामाजिक और आर्थिक जीवन
मोहनजोदड़ो के लोग मुख्यतः कृषि, व्यापार और हस्तशिल्प से जुड़े थे।
गेहूँ, जौ और कपास की खेती की जाती थी।
मिट्टी के बर्तन, मनके, धातु के औजार और आभूषण बनाए जाते थे।
व्यापार के लिए तौल-माप की मानकीकृत प्रणाली का प्रयोग होता था।
इस सभ्यता का व्यापार दूर-दूर तक, यहाँ तक कि मेसोपोटामिया तक होता था।
4. महान स्नानागार (Great Bath)
मोहनजोदड़ो का सबसे प्रसिद्ध निर्माण महान स्नानागार है।
यह एक विशाल जलकुंड था, जिसके चारों ओर कमरे बने हुए थे।
इसे पक्की ईंटों और जलरोधी पदार्थों से बनाया गया था।
माना जाता है कि इसका उपयोग धार्मिक या सामाजिक अनुष्ठानों के लिए किया जाता था।
5. धर्म और संस्कृति
मोहनजोदड़ो के लोगों के धार्मिक विश्वासों के बारे में जानकारी मुख्यतः मूर्तियों और मुहरों से मिलती है।
मातृ देवी (Mother Goddess) की पूजा के प्रमाण मिलते हैं।
पशु आकृतियों वाली मुहरें भी मिली हैं।
कुछ विद्वान मानते हैं कि एक मुहर पर दिखाई देने वाली आकृति बाद में भगवान शिव के पशुपति रूप से मिलती-जुलती है।
6. लिपि और कला
मोहनजोदड़ो की लिपि आज भी अपूर्ण रूप से पढ़ी नहीं जा सकी है।
इस सभ्यता की कला अत्यंत उत्कृष्ट थी।
प्रसिद्ध कांस्य की “नर्तकी” की मूर्ति
दाढ़ी वाले पुजारी की मूर्ति
सुंदर मुहरें और मिट्टी के खिलौने
ये सभी उस समय की उच्च कला और शिल्पकला को दर्शाते हैं।
7. पतन के कारण
लगभग 1900 ईसा पूर्व के आसपास मोहनजोदड़ो सभ्यता का पतन शुरू हो गया। इसके संभावित कारणों में शामिल हैं:
प्राकृतिक आपदाएँ और बाढ़
जलवायु परिवर्तन
व्यापार का पतन
नदी के मार्ग में परिवर्तन
हालाँकि इसके पतन का सटीक कारण आज भी इतिहासकारों के लिए शोध का विषय है।
निष्कर्ष
मोहनजोदड़ो सभ्यता मानव इतिहास की सबसे उन्नत प्राचीन शहरी सभ्यताओं में से एक थी। इसका सुव्यवस्थित नगर नियोजन, विकसित व्यापार प्रणाली, उत्कृष्ट कला और वैज्ञानिक सोच यह दर्शाती है कि हजारों वर्ष पहले भी मानव समाज अत्यंत संगठित और विकसित था।
आज मोहनजोदड़ो के अवशेष हमें यह सिखाते हैं कि सभ्यता का विकास केवल तकनीक से नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवस्था, संस्कृति और ज्ञान से भी होता है।
    user_JHVP BHARAT NEWS
    JHVP BHARAT NEWS
    Local News Reporter महाराजगंज, सीवान, बिहार•
    22 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज : महम्मदपर थाना क्षेत्र अंतर्गत गृहभेदन / चोरी कांड का सफल उदभेदन करते हुए पुलिस ने 2 अमियुक्त गिरफ्तार किया है।, साथ ही सोने जैसा मंगलसुत्र-04 पीस, अंगठी-5 पीस, मंगटीका-01 पीस, लॉकेट-01 पीस, ढोलना-01. टॉप्स-01 जोड़ा, झुमका-01 जोडा, चॉदी जैसा पायल-15 जोडा, बिछुआ-15 जोडा, लॉकेट-01 जोडा, बाला-01 जोडा, चॉदी जैसा सिक्का-10 पीस. कटोरा-01 पीस एवं नगद 1.21.000 रूपये बरामद किया है। दिनांक-22.11.2025 को महम्मदपूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम-बुधसी चौदहबिगहवॉ में उपेन्द्र सिंह पे-स्व० शिवजी सिह के घर से उनकी पुत्री की शादी हेतू सोने चॉदी के जेवरात लगभग चार लाख पचास हजार (4.50.000 / )रूपये का एवं नगद लगभग 1.60,000 / रूपये की चोरी घर का दरवाजा एवं अलमारी 'तोड़कर चोरी कर लेने की सूचना प्राप्त हुई थी। इस संबंध में महम्मदपुर थाना कांड संख्या-265/ 2025, दिनांक-23.11.2025 अज्ञात के विरूद्ध दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ की गई थी। कांड की गंभीरता को देखते हए पुलिस अधीक्षक गोपालगंज के निर्देशन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-02 एवं थानाध्यक्ष महम्मदपर के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया । गठित टीम द्वारा मानवीय एवं तकनिकी साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान के क्रम में चोरी की घटना' की घटना में संलिप्त अभियुक्त अनिस राम, पे0-मुनीलाल राम सा-माधोपुर, थाना-माधोपुर, जिला गोपालगंज" के घर पर विधिवत तलाशी ली गई, जहॉ से 1.21.,000 / - रूपये नगद बरामद करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के क्रम में अभियुक्त द्वारा उक्त चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की गई। गिरफतार अभियुक्त' की निशानदेही पर घटना में संलिप्त अन्य अभियुक्त रमेश सोनी उर्फ पिंटू, पे0-चन्द्रमा प्रसाद, के घर पर छापेमारी कर चोरी का समान सोने चॉदी का जेवरात बरामद करते हुए उसे भी गिरफ्तार किया गया । इस संबंध में पुलिस द्वारा विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है, तथा अन्य संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु मानवीय एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान की जा रही है...
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    ब्रेकिंग न्यूज  : महम्मदपर थाना क्षेत्र अंतर्गत गृहभेदन / चोरी कांड का सफल उदभेदन करते हुए पुलिस ने 2 अमियुक्त गिरफ्तार किया है।, साथ ही सोने जैसा मंगलसुत्र-04 पीस, अंगठी-5 पीस, मंगटीका-01 पीस, लॉकेट-01 पीस, ढोलना-01. टॉप्स-01 जोड़ा, झुमका-01 जोडा, चॉदी जैसा पायल-15 जोडा, बिछुआ-15 जोडा, लॉकेट-01 जोडा, बाला-01 जोडा, चॉदी जैसा सिक्का-10 पीस. कटोरा-01 पीस एवं नगद 1.21.000 रूपये बरामद किया है।
दिनांक-22.11.2025 को महम्मदपूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम-बुधसी चौदहबिगहवॉ में उपेन्द्र सिंह पे-स्व० शिवजी सिह के घर से उनकी पुत्री की शादी हेतू सोने चॉदी के जेवरात लगभग चार लाख पचास हजार (4.50.000 / )रूपये का एवं नगद लगभग 1.60,000 / रूपये की चोरी घर का दरवाजा एवं अलमारी 'तोड़कर चोरी कर लेने की सूचना प्राप्त हुई थी। इस संबंध में महम्मदपुर थाना कांड संख्या-265/ 2025, दिनांक-23.11.2025 अज्ञात के विरूद्ध दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ की गई थी।
कांड की गंभीरता को देखते हए पुलिस अधीक्षक गोपालगंज के निर्देशन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-02 एवं थानाध्यक्ष महम्मदपर के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया ।
गठित टीम द्वारा मानवीय एवं तकनिकी साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान के क्रम में चोरी की घटना' की घटना में संलिप्त अभियुक्त अनिस राम, पे0-मुनीलाल राम सा-माधोपुर, थाना-माधोपुर, जिला गोपालगंज" के घर पर विधिवत तलाशी ली गई, जहॉ से 1.21.,000 / - रूपये नगद बरामद करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के क्रम में अभियुक्त द्वारा उक्त चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की गई। गिरफतार अभियुक्त' की निशानदेही पर घटना में संलिप्त अन्य अभियुक्त रमेश सोनी उर्फ पिंटू, पे0-चन्द्रमा प्रसाद, के घर पर छापेमारी कर चोरी का समान सोने चॉदी का जेवरात बरामद करते हुए उसे भी गिरफ्तार किया गया । इस संबंध में पुलिस द्वारा विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है, तथा अन्य संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु मानवीय एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान की जा रही है...
    user_Gopalganj Local News
    Gopalganj Local News
    मैं डीबी एडिटोरियल में काम करता हूं। Gopalganj, Bihar•
    6 hrs ago
  • गोपालगंज के मीरगंज NH 531 पर अहले सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मीरगंज एनएच-531 पर इटवा पुल पर बालू लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर पुल में जा समाया। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रेलर चालक को नींद की झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे इटवा पुल में जा घुसा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं घायल चालक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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    गोपालगंज के 
मीरगंज NH 531 पर अहले सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मीरगंज एनएच-531 पर इटवा पुल पर बालू लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर पुल में जा समाया। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
बताया जा रहा है कि ट्रेलर चालक को नींद की झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे इटवा पुल में जा घुसा। 
घटना की सूचना मिलते ही  पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं घायल चालक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
    user_हथुआ हलचल
    हथुआ हलचल
    Gopalganj, Bihar•
    6 hrs ago
  • अब गाड़ी चोरी होने का डर खत्म! अगर आपकी बाइक या गाड़ी चोरी हो जाए तो भी GPS Tracking System से मोबाइल में उसकी Live Location देख सकते हैं। ✔ Live Tracking ✔ Geo Fence Alert ✔ Engine Cut Feature ✔ Mobile App से पूरी निगरानी अपनी गाड़ी को सुरक्षित बनाइए और आज ही GPS लगवाइए। 📞 जानकारी के लिए कॉल / WhatsApp करें: 9931495415 #GPSTracker #VehicleSecurity #BikeSafety #CarSecurity #LiveTracking #AntiTheft #GPSIndia #SearchPointTechnology #Gopalganj #BiharBusiness
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    अब गाड़ी चोरी होने का डर खत्म!
अगर आपकी बाइक या गाड़ी चोरी हो जाए तो भी GPS Tracking System से मोबाइल में उसकी Live Location देख सकते हैं।
✔ Live Tracking
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✔ Engine Cut Feature
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    user_Searchpoint Technology
    Searchpoint Technology
    Car factory गोपालगंज, गोपालगंज, बिहार•
    6 hrs ago
  • प्राइवेट अस्पताल में काम कर रही लड़की करंट की चपेट में, इलाके में हड़'कंप #BiharNews #CHCHospital #Kuchaikote #GopalganjNews #gopalganj_district #gopalganjnewsupdate
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    प्राइवेट अस्पताल में काम कर रही लड़की करंट की चपेट में, इलाके में हड़'कंप #BiharNews #CHCHospital #Kuchaikote #GopalganjNews #gopalganj_district #gopalganjnewsupdate
    user_सुनील कुमार मिश्रा लोजपा (रा)
    सुनील कुमार मिश्रा लोजपा (रा)
    City Star गोपालगंज, गोपालगंज, बिहार•
    17 hrs ago
  • महाराजगंज, सिवान, बिहार JHVP BHARAT NEWS EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय दुनिया अक्सर कहती है..... पढ़ोगे.. लिखोगे तो... बनोगे नवाब सिर्फ खेलोगे बेमतलब तो... होओगे ख़राब लेकिन, सच कुछ दूसरा ही है... ज़िद्द चाहिए. जी हाँ, आसमान में सुराख़ करने के लिए इरादा फौलादी होना चाहिए... मानने से हार.. और ठानने से सिर्फ जीत मिलती है... और हाँ, जितने वाले हमलोगों के बीच में से ही कोई होता है... जो लगातार चलता रहा.. सही दिशा में, सकारात्मक सोच रखा,, साहस नहीं खोया... बाकी सब.. इस वीडियो में समझा जा सकता है.... धन्यवाद
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    महाराजगंज, सिवान, बिहार 
JHVP BHARAT NEWS 
EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय 
दुनिया अक्सर कहती है.....
पढ़ोगे.. लिखोगे तो... बनोगे नवाब 
सिर्फ खेलोगे बेमतलब तो... होओगे ख़राब 
लेकिन, सच कुछ दूसरा ही है... ज़िद्द चाहिए.
जी हाँ, आसमान में सुराख़ करने के लिए इरादा फौलादी होना चाहिए... मानने से हार.. और ठानने से सिर्फ जीत मिलती है...
और हाँ, जितने वाले हमलोगों के बीच में से ही कोई होता है... जो लगातार चलता रहा.. सही दिशा में, सकारात्मक सोच रखा,, साहस नहीं खोया... बाकी सब.. इस वीडियो में समझा जा सकता है.... धन्यवाद
    user_JHVP BHARAT NEWS
    JHVP BHARAT NEWS
    Local News Reporter महाराजगंज, सीवान, बिहार•
    22 hrs ago
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