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मीरगंज NH-531 परइटवा पुल के समीप बालू लदा ट्रेलर इटवा पुल में समाया, एक की मौत, चालक घायल गोपालगंज के मीरगंज NH 531 पर अहले सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मीरगंज एनएच-531 पर इटवा पुल पर बालू लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर पुल में जा समाया। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रेलर चालक को नींद की झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे इटवा पुल में जा घुसा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं घायल चालक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
हथुआ हलचल
मीरगंज NH-531 परइटवा पुल के समीप बालू लदा ट्रेलर इटवा पुल में समाया, एक की मौत, चालक घायल गोपालगंज के मीरगंज NH 531 पर अहले सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मीरगंज एनएच-531 पर इटवा पुल पर बालू लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर पुल में जा समाया। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रेलर चालक को नींद की झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे इटवा पुल में जा घुसा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं घायल चालक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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- Post by Shambhu Rajbhar1
- सीवान के डीएवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से इस वक्त एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां शिक्षा के मंदिर में अब राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बनता दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल जिस मुद्दे पर उठ रहा है, वह है 'महाकाल कंप्यूटर' का नाम। कॉलेज परिसर में धरना दे रहे कई शिक्षक अपने हाथों में महाकाल कंप्यूटर की तख्तियां लेकर बैठे हैं। आरोप है कि इस कंप्यूटर कोर्स या व्यवस्था की आड़ में छात्रों से वसूली की जा रही है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर महाकाल कंप्यूटर का संचालक कौन है? छात्रों से ली जा रही राशि का कमीशन किसे मिलता है? और क्यों इस मुद्दे को लेकर शिक्षक खुलकर विरोध में उतर आए हैं? इधर, कॉलेज के शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने महाविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण, लेकिन जोरदार धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर लगाए गए बैनरों में प्राचार्य रामानन्द राम पर मनमानी, तानाशाही रवैया और शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि वेतन कटौती, अपमानजनक व्यवहार, महिला शिक्षिकाओं को विशेष अवकाश न देना, और SC/ST केस में फंसाने की धमकी जैसी बातें लगातार हो रही हैं। साथ ही, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन लाभ से वंचित करने और कॉलेज के वित्तीय मामलों में पारदर्शिता न रखने के भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों को महाविद्यालय के प्राचार्य रामानन्द राम ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने वर्ष 2025 में कार्यभार संभालने के बाद कॉलेज में अनुशासन लागू किया और पहले कई शिक्षक समय पर नहीं आते थे, इसलिए उनकी उपस्थिति काटकर वेतन रोका गया और रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी गई। प्राचार्य का यह भी कहना है कि कॉलेज में पारदर्शिता लाने के लिए ठेकेदारी प्रथा बंद कर टेंडर व्यवस्था लागू की गई, जिससे कुछ लोग नाराज़ हैं और इसी कारण यह आंदोलन किया जा रहा है। फिलहाल, कॉलेज परिसर में धरना जारी है और शिक्षक प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या सच में शिक्षा के मंदिर में शिक्षा से ज़्यादा राजनीति हावी हो गई है? क्या महाकाल कंप्यूटर के नाम पर हो रही वसूली का सच सामने आएगा? और क्या शिक्षक-प्राचार्य का यह टकराव छात्रों की पढ़ाई प्रभावित करेगा? मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।"1
- Post by Akash Kumar1
- नगर निगम बोर्ड की विशेष बैठक में वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 530 करोड़ 80 लाख 41 हजार 157 रुपये का बजट प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। यह बैठक महापौर गरिमा देवी सिकारिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जबकि बैठक का संचालन नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित ने किया। बैठक के दौरान बजट प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद सभी पार्षदों की सहमति से इसे मंजूरी दे दी गई। पारित बजट के अनुसार कुल प्राप्ति 430 करोड़ 65 लाख 65 हजार 833 रुपये अनुमानित है, जबकि कुल भुगतान 530 करोड़ 80 लाख 31 हजार 157 रुपये रहने का अनुमान है। इसके साथ ही अंतिम शेष राशि 64 करोड़ 73 लाख 6 हजार 566 रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि नगर निगम द्वारा पारित यह बजट शहर के विकास के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले वित्तीय वर्ष 2025–26 में लगभग 528 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया था। वहीं सरकार और नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से विभिन्न मदों में करीब 55 करोड़ रुपये का आवंटन भी मिला था, लेकिन कई विकास कार्यों के लिए नगर निगम को अपने आंतरिक संसाधनों पर भी निर्भर रहना पड़ा। महापौर ने कहा कि नए वित्तीय वर्ष के लिए पारित यह बजट नगर निगम क्षेत्र में सड़क, नाली, सफाई व्यवस्था, पेयजल सहित कई आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बजट के लागू होने से शहर में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही महापौर ने नगर निगम के सभी पार्षदों, पदाधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही शहर के समग्र विकास का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा।1
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- Post by Shambhu Rajbhar1
- Post by Akash Kumar1