रंका प्रखंड की बिश्रामपुर पंचायत के कसमार गांव में लाखों रुपये की लागत से वर्ष 2021 में निर्मित पेयजल टंकी आज तक ग्रामीणों के लिए एक बूंद भी शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं करा सकी है। आज सोमवार को दोपहर एक बजे ग्रामीणों ने बताया कि यह जलमीनार सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गई है, जिसके कारण गांव के सैकड़ों लोग आज भी भटकुआं (कुएंनुमा जलस्रोत) का पानी पीने को विवश हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जलमीनार के निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई है। ठेकेदार ने पानी टंकी का निर्माण लाखों की लागत से किया, लेकिन जलापूर्ति के लिए किया गया बोरिंग केवल 180 फीट गहरा है, जिसमें मात्र 80 फीट तक ही पाइप डाला गया है। इन तकनीकी खामियों के चलते पानी टंकी तक नहीं पहुँच पाता है, जिससे पूरी योजना शुरू होने से पहले ही दम तोड़ चुकी है। गांव के लोगों ने कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकुआं और अन्य असुरक्षित स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस गंभीर पेयजल संकट को देखते हुए, रंका प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि जयंत चौधरी ने भी कसमार गांव का निरीक्षण किया और पाया कि ग्रामीण मजबूरी में भटकुआं का पानी पी रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह ग्रामीणों की वास्तविक और गंभीर समस्या है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। कसमार गांव के ग्रामीणों ने रंका-गढ़वा क्षेत्र के वर्तमान विधायक और प्रशासन से तत्काल नया एवं पर्याप्त गहराई वाला बोरिंग कराने की मांग की है, ताकि जलमीनार के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू हो सके। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने दोषी ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित करने की भी पुरजोर मांग की है।
रंका प्रखंड की बिश्रामपुर पंचायत के कसमार गांव में लाखों रुपये की लागत से वर्ष 2021 में निर्मित पेयजल टंकी आज तक ग्रामीणों के लिए एक बूंद भी शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं करा सकी है। आज सोमवार को दोपहर एक बजे ग्रामीणों ने बताया कि यह जलमीनार सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गई है, जिसके कारण गांव के सैकड़ों लोग आज भी भटकुआं (कुएंनुमा जलस्रोत) का पानी पीने को विवश हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जलमीनार के निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई है। ठेकेदार ने पानी टंकी का निर्माण लाखों की लागत से किया, लेकिन जलापूर्ति के लिए किया गया बोरिंग केवल 180 फीट गहरा है, जिसमें मात्र 80 फीट तक ही पाइप डाला गया है। इन तकनीकी खामियों के चलते पानी टंकी तक नहीं पहुँच पाता है, जिससे पूरी योजना शुरू होने से पहले ही दम तोड़ चुकी है। गांव के लोगों ने कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकुआं और अन्य असुरक्षित स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस गंभीर पेयजल संकट को देखते हुए, रंका प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि जयंत चौधरी ने भी कसमार गांव का निरीक्षण किया और पाया कि ग्रामीण मजबूरी में भटकुआं का पानी पी रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह ग्रामीणों की वास्तविक और गंभीर समस्या है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। कसमार गांव के ग्रामीणों ने रंका-गढ़वा क्षेत्र के वर्तमान विधायक और प्रशासन से तत्काल नया एवं पर्याप्त गहराई वाला बोरिंग कराने की मांग की है, ताकि जलमीनार के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू हो सके। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने दोषी ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित करने की भी पुरजोर मांग की है।
- रंका प्रखंड की बिश्रामपुर पंचायत के कसमार गांव में लाखों रुपये की लागत से वर्ष 2021 में निर्मित पेयजल टंकी आज तक ग्रामीणों के लिए एक बूंद भी शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं करा सकी है। आज सोमवार को दोपहर एक बजे ग्रामीणों ने बताया कि यह जलमीनार सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गई है, जिसके कारण गांव के सैकड़ों लोग आज भी भटकुआं (कुएंनुमा जलस्रोत) का पानी पीने को विवश हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जलमीनार के निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई है। ठेकेदार ने पानी टंकी का निर्माण लाखों की लागत से किया, लेकिन जलापूर्ति के लिए किया गया बोरिंग केवल 180 फीट गहरा है, जिसमें मात्र 80 फीट तक ही पाइप डाला गया है। इन तकनीकी खामियों के चलते पानी टंकी तक नहीं पहुँच पाता है, जिससे पूरी योजना शुरू होने से पहले ही दम तोड़ चुकी है। गांव के लोगों ने कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकुआं और अन्य असुरक्षित स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस गंभीर पेयजल संकट को देखते हुए, रंका प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि जयंत चौधरी ने भी कसमार गांव का निरीक्षण किया और पाया कि ग्रामीण मजबूरी में भटकुआं का पानी पी रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह ग्रामीणों की वास्तविक और गंभीर समस्या है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। कसमार गांव के ग्रामीणों ने रंका-गढ़वा क्षेत्र के वर्तमान विधायक और प्रशासन से तत्काल नया एवं पर्याप्त गहराई वाला बोरिंग कराने की मांग की है, ताकि जलमीनार के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू हो सके। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने दोषी ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित करने की भी पुरजोर मांग की है।1
- गढ़वा में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में आइसक्रीम बेचने वाले एक व्यक्ति की मौत हो गई है। यह घटना राष्ट्रीय राजमार्ग पर तब हुई जब एक तेज रफ्तार बाइक और आइसक्रीम ठेले के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि आइसक्रीम विक्रेता गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस दुर्घटना के बाद हाईवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक काफी तेज गति में थी, जिसके कारण चालक अपना नियंत्रण खो बैठा और यह हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, इस बाइक को कोरवाडीह निवासी ताहिर अंसारी का पुत्र चला रहा था। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। इस घटना से मृतक के परिवार में शोक की लहर है और पूरे इलाके में मातम का माहौल बना हुआ है।1
- विश्रामपुर नगर परिषद के पचघारा गांव में 14 जून को अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में एक पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। गायत्री परिवार के जिला युवा समन्वयक योगेश श्रीवास्तव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 14 जून की शाम को दीप महायज्ञ के साथ-साथ एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया है।1
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने लातेहार जिले में भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि लातेहार जिले की जमीन की समस्या का समाधान किया जाएगा।1
- बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के चलते एक पोते ने अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। ग्राम नवाडीह निवासी अरुण केरकेटा ने घरेलू कहासुनी के दौरान अपने दादा भुवनेश्वर केरकेटा पर घर में रखे बसुला से सिर और गर्दन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। गंभीर चोटों के कारण वृद्ध भुवनेश्वर केरकेटा की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पोता मौके से फरार हो गया था। मृतक की पत्नी की शिकायत पर चांदो थाना में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी राजपुर-बरियों मार्ग की ओर भाग रहा है और जिले से बाहर जाने की फिराक में था। इस सूचना के आधार पर चांदो और राजपुर थाना की एक संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को राजपुर क्षेत्र से घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले की आगे की तहकीकात पुलिस कर रही है।1
- सोनभद्र जिले के पन्नूगंज थाना क्षेत्र में हुई एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की दुखद मृत्यु हो गई है। इस घटना के संबंध में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सोनभद्र, श्री अनिल कुमार ने इस पूरे मामले को लेकर एक बाइट जारी की है, जिसमें उन्होंने दुर्घटना और पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही से जुड़ी जानकारी प्रदान की।1
- गढ़वा के चर्चित यूट्यूब क्रिएटर राजाराम प्रसाद और मिस जायसवाल ने एक खास इंटरव्यू में अपने प्रशंसकों के साथ कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। इस विशेष बातचीत के दौरान, दोनों कलाकारों ने कंटेंट क्रिएशन के अपने सफर, सोशल मीडिया पर लगातार बढ़ती अपनी लोकप्रियता और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर चर्चा की। इंटरव्यू में दर्शकों के सवालों के जवाब भी दिए गए, जिससे कई मजेदार पल सामने आए। यह पूरी बातचीत गढ़वा के सोशल मीडिया दर्शकों के लिए बेहद आकर्षक और प्रेरणादायक रही, जिसमें स्थानीय क्रिएटर्स की यात्रा और सफलता की झलक मिली।1
- बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के चलते अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर फरार हुए आरोपी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना चांदो थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव की है, जहाँ 7 जून को एक घरेलू कहासुनी के दौरान 20 वर्षीय अरुण केरकेटा ने अपने दादा भुवनेश्वर केरकेटा पर बसुला से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था और जिले से बाहर भागने की फिराक में था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर चांदो और राजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने राजपुर क्षेत्र से घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि मामले की आगे की विवेचना जारी है।2