बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के चलते एक पोते ने अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। ग्राम नवाडीह निवासी अरुण केरकेटा ने घरेलू कहासुनी के दौरान अपने दादा भुवनेश्वर केरकेटा पर घर में रखे बसुला से सिर और गर्दन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। गंभीर चोटों के कारण वृद्ध भुवनेश्वर केरकेटा की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पोता मौके से फरार हो गया था। मृतक की पत्नी की शिकायत पर चांदो थाना में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी राजपुर-बरियों मार्ग की ओर भाग रहा है और जिले से बाहर जाने की फिराक में था। इस सूचना के आधार पर चांदो और राजपुर थाना की एक संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को राजपुर क्षेत्र से घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले की आगे की तहकीकात पुलिस कर रही है।
बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के चलते एक पोते ने अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। ग्राम नवाडीह निवासी अरुण केरकेटा ने घरेलू कहासुनी के दौरान अपने दादा भुवनेश्वर केरकेटा पर घर में रखे बसुला से सिर और गर्दन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। गंभीर चोटों के कारण वृद्ध भुवनेश्वर केरकेटा की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पोता मौके से फरार हो गया था। मृतक की पत्नी की शिकायत पर चांदो थाना में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी राजपुर-बरियों मार्ग की ओर भाग रहा है और जिले से बाहर जाने की फिराक में था। इस सूचना के आधार पर चांदो और राजपुर थाना की एक संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को राजपुर क्षेत्र से घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले की आगे की तहकीकात पुलिस कर रही है।
- बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के चलते एक पोते ने अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। ग्राम नवाडीह निवासी अरुण केरकेटा ने घरेलू कहासुनी के दौरान अपने दादा भुवनेश्वर केरकेटा पर घर में रखे बसुला से सिर और गर्दन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। गंभीर चोटों के कारण वृद्ध भुवनेश्वर केरकेटा की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पोता मौके से फरार हो गया था। मृतक की पत्नी की शिकायत पर चांदो थाना में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी राजपुर-बरियों मार्ग की ओर भाग रहा है और जिले से बाहर जाने की फिराक में था। इस सूचना के आधार पर चांदो और राजपुर थाना की एक संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को राजपुर क्षेत्र से घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले की आगे की तहकीकात पुलिस कर रही है।1
- रंका प्रखंड की बिश्रामपुर पंचायत के कसमार गांव में लाखों रुपये की लागत से वर्ष 2021 में निर्मित पेयजल टंकी आज तक ग्रामीणों के लिए एक बूंद भी शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं करा सकी है। आज सोमवार को दोपहर एक बजे ग्रामीणों ने बताया कि यह जलमीनार सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गई है, जिसके कारण गांव के सैकड़ों लोग आज भी भटकुआं (कुएंनुमा जलस्रोत) का पानी पीने को विवश हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जलमीनार के निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई है। ठेकेदार ने पानी टंकी का निर्माण लाखों की लागत से किया, लेकिन जलापूर्ति के लिए किया गया बोरिंग केवल 180 फीट गहरा है, जिसमें मात्र 80 फीट तक ही पाइप डाला गया है। इन तकनीकी खामियों के चलते पानी टंकी तक नहीं पहुँच पाता है, जिससे पूरी योजना शुरू होने से पहले ही दम तोड़ चुकी है। गांव के लोगों ने कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकुआं और अन्य असुरक्षित स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस गंभीर पेयजल संकट को देखते हुए, रंका प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि जयंत चौधरी ने भी कसमार गांव का निरीक्षण किया और पाया कि ग्रामीण मजबूरी में भटकुआं का पानी पी रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह ग्रामीणों की वास्तविक और गंभीर समस्या है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। कसमार गांव के ग्रामीणों ने रंका-गढ़वा क्षेत्र के वर्तमान विधायक और प्रशासन से तत्काल नया एवं पर्याप्त गहराई वाला बोरिंग कराने की मांग की है, ताकि जलमीनार के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू हो सके। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने दोषी ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित करने की भी पुरजोर मांग की है।1
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने लातेहार जिले में भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि लातेहार जिले की जमीन की समस्या का समाधान किया जाएगा।1
- बेंगलुरु में स्थित आध्यात्मिक केंद्र ध्याण मंदिर को राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर आयोजित ध्याण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शिरकत की।1
- अंबिकापुर शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नमनाकला निवासी एक शिक्षक ने सोमवार की सुबह अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह वह अपनी पत्नी के साथ मॉर्निंग वॉक पर गए थे, और वहां से लौटने के बाद ही उन्होंने यह कदम उठा लिया। उनका शव रस्सी के सहारे फंदे से लटका मिला, जिसे देखने के बाद पत्नी और पुत्र का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक शिक्षक की पहचान 61 वर्षीय अशोक जायसवाल के रूप में हुई है, जो नमनाकला पावर हाउस के समीप रहते थे। वे सोमवार को रोजाना की तरह अपनी पत्नी के साथ सुबह करीब 5 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे और करीब 6.15 बजे घर लौटे। पत्नी घरेलू काम में लग गई, और कुछ ही देर बाद उन्होंने कमरे में पति का शव फंदे से लटका देखा, जिससे उनके होश उड़ गए। शोर सुनकर उनका बेटा मौके पर पहुंचा और पिता को फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पड़ोसियों ने गांधीनगर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस की पूछताछ में शिक्षक की पत्नी ने बताया कि सुबह वह कचरा फेंकने बाहर गई थी और उस समय पति की स्थिति सामान्य थी। जब वह कचरा फेंककर लौटी, तो उन्होंने पति का शव फंदे से लटका पाया। फिलहाल, शिक्षक ने आत्महत्या क्यों की, इसका पता नहीं चल सका है और इसे लेकर संशय बना हुआ है। यह भी बताया जा रहा है कि मृतक अपने घर के बगल में ही नए मकान का निर्माण करवा रहे थे, और सोमवार को ही मकान की ढलाई के लिए मजदूर व मिस्त्री आने वाले थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और अग्रिम जांच कार्रवाई कर रही है।1
- अंबिकापुर जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत असोला के वार्ड क्रमांक 9 के ग्रामीणों ने लंबे समय से चली आ रही अपनी विभिन्न मूलभूत समस्याओं को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके वार्ड में गंदगी, पेयजल संकट, खराब सड़कें, शौचालय की कमी और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। ग्रामीणों के अनुसार, वार्ड में नियमित साफ-सफाई न होने के कारण जगह-जगह गंदगी फैली हुई है, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था न होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह, वार्ड की कई सड़कें खराब हालत में हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके अतिरिक्त, कई गरीब और पात्र परिवार आज भी पक्के मकान से वंचित हैं; उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है और वे कच्चे व जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं, खासकर बरसात के मौसम में उनकी मुश्किलें बढ़ जाती हैं। कई परिवारों को अभी तक शौचालय की सुविधा भी नहीं मिल पाई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इन सभी समस्याओं की जानकारी पंचायत को कई बार दी गई, लेकिन समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने सरपंच पर गैरजिम्मेदार रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से यह मांग की है कि वार्ड क्रमांक 9 में पानी, सड़क, स्वच्छता, शौचालय और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े मामलों का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में ध्याण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर, उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र में ध्याण मंदिर का विधिवत लोकार्पण किया।1
- बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के चलते अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर फरार हुए आरोपी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना चांदो थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव की है, जहाँ 7 जून को एक घरेलू कहासुनी के दौरान 20 वर्षीय अरुण केरकेटा ने अपने दादा भुवनेश्वर केरकेटा पर बसुला से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था और जिले से बाहर भागने की फिराक में था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर चांदो और राजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने राजपुर क्षेत्र से घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि मामले की आगे की विवेचना जारी है।2