पर्यावरण मानकों से समझौता नहीं होगा, सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती के निर्देश : अपूर्व देवगन श्रेेडेड प्लास्टिक का सड़क निर्माण में उपयोग मिशन मोड में, 15 अप्रैल तक होगी समीक्षा मंडी, 30 मार्च उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय के वीसी कक्ष में एनजीटी से संबंधित विभिन्न मामलों तथा सिंगल यूज प्लास्टिक उन्मूलन को लेकर जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रतिबंधित एकल-उपयोग प्लास्टिक (सिंगल यूज प्लास्टिक) पर रोक को कड़ाई से लागू किया जाए तथा नियमों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए निरीक्षण, चालान, प्लास्टिक जब्ती तथा प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजारों, संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जाएं तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री के उपयोग पर पूर्ण रोक सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए इसे सड़क निर्माण, सीमेंट संयंत्रों तथा अन्य स्वीकृत माध्यमों के माध्यम से उपयोग में लाने के निर्देश दिए। सेप्टिक टैंक के मल पर सख्ती उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि तरल एवं ठोस कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करना नगर निकायों की जिम्मेदारी है तथा इस कार्य में संलग्न सभी डिस्लजर एवं ठेकेदारों का नगर निकायों तथा खंड (ब्लॉक) कार्यालयों में पंजीकरण अनिवार्य होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सेप्टिक टैंक से निकाले गए मल को केवल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में ही डंप किया जाए तथा इसे खुले में, नालों अथवा खड्डों में बहाने की किसी भी घटना पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उपमंडल अधिकारियों (एसडीएम) एवं खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जल शक्ति विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करें कि सेप्टिक टैंक से निकाले गए मल का निस्तारण केवल अधिकृत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अथवा यांत्रिक डिस्लजर के माध्यम से ही किया जाए। उन्होंने कहा कि गोहर जैसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए तथा वर्षा के दौरान सेप्टिक टैंक खाली कर मल को खड्डों में बहाने की शिकायतों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उपायुक्त ने बताया कि जिले में 426 गांवों की मैपिंग कर उन्हें सुरक्षित स्लज निस्तारण हेतु सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों से जोड़ा गया है। इनमें जोगिन्द्रनगर के मझारनू, मंडी के रघुनाथ का पधर तथा सुन्दरनगर के चांदपुर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट शामिल हैं। सड़क निर्माण में प्लास्टिक का उपयोग उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि कतरित (श्रेडेड) प्लास्टिक का उपयोग सड़कों को पक्का करने में मिशन मोड में किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिरिक्त उपायुक्त इस संबंध में सभी खंड विकास अधिकारियों के साथ अलग से बैठक करेंगे। ग्रामीण विकास विभाग एवं शहरी निकायों को दो सप्ताह के भीतर कतरित प्लास्टिक लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध करवाना होगा तथा संबंधित रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को देना सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि प्लास्टिक उपलब्ध नहीं करवाया जाता है तो लोक निर्माण विभाग संबंधित एसडीएम को इसकी सूचना देगा। एक किलोमीटर सड़क निर्माण में लगभग 550 किलोग्राम प्लास्टिक का उपयोग किया जा सकता है। इस कार्य की समीक्षा 15 अप्रैल तक की जाएगी। कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायतों में कचरे के उचित निस्तारण को लेकर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने सभी शहरी निकायों को कचरा प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कचरा निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी तथा आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस दौरान उन्होंने नगर परिषद सुन्दरनगर द्वारा गीले कचरे के निस्तारण हेतु स्थापित मशीनरी के बंद होने का कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मशीनरी को शीघ्र प्रभाव से चालू किया जाए तथा गीले कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया को नियमित और सुचारु बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कचरा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में ऐसी स्थिति पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पर्यावरण मानकों की अनुपालना उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। निर्धारित मानकों की अनदेखी पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी और समयबद्ध प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य होगी। बैठक का संचालन क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विनय कुमार ने किया। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु, आयुक्त नगर निगम रोहित राठौर, एसडीएम रूपिन्द्र कौर, जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) गोपी चंद पाठक, जिला पर्यटन अधिकारी रजनीश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
पर्यावरण मानकों से समझौता नहीं होगा, सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती के निर्देश : अपूर्व देवगन श्रेेडेड प्लास्टिक का सड़क निर्माण में उपयोग मिशन मोड में, 15 अप्रैल तक होगी समीक्षा मंडी, 30 मार्च उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय के वीसी कक्ष में एनजीटी से संबंधित विभिन्न मामलों तथा सिंगल यूज प्लास्टिक उन्मूलन को लेकर जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रतिबंधित एकल-उपयोग प्लास्टिक (सिंगल यूज प्लास्टिक) पर रोक को कड़ाई से लागू किया जाए तथा नियमों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए निरीक्षण, चालान, प्लास्टिक जब्ती तथा प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजारों, संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जाएं तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री के उपयोग पर पूर्ण रोक सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए इसे सड़क निर्माण, सीमेंट संयंत्रों तथा अन्य स्वीकृत माध्यमों के माध्यम से उपयोग में लाने के
निर्देश दिए। सेप्टिक टैंक के मल पर सख्ती उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि तरल एवं ठोस कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करना नगर निकायों की जिम्मेदारी है तथा इस कार्य में संलग्न सभी डिस्लजर एवं ठेकेदारों का नगर निकायों तथा खंड (ब्लॉक) कार्यालयों में पंजीकरण अनिवार्य होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सेप्टिक टैंक से निकाले गए मल को केवल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में ही डंप किया जाए तथा इसे खुले में, नालों अथवा खड्डों में बहाने की किसी भी घटना पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उपमंडल अधिकारियों (एसडीएम) एवं खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जल शक्ति विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करें कि सेप्टिक टैंक से निकाले गए मल का निस्तारण केवल अधिकृत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अथवा यांत्रिक डिस्लजर के माध्यम से ही किया जाए। उन्होंने कहा कि गोहर जैसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए तथा वर्षा के दौरान सेप्टिक टैंक खाली कर मल को खड्डों में बहाने की शिकायतों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उपायुक्त ने बताया कि जिले में 426 गांवों की मैपिंग कर उन्हें सुरक्षित स्लज निस्तारण हेतु सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों से जोड़ा गया है। इनमें जोगिन्द्रनगर के मझारनू, मंडी के रघुनाथ का पधर तथा
सुन्दरनगर के चांदपुर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट शामिल हैं। सड़क निर्माण में प्लास्टिक का उपयोग उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि कतरित (श्रेडेड) प्लास्टिक का उपयोग सड़कों को पक्का करने में मिशन मोड में किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिरिक्त उपायुक्त इस संबंध में सभी खंड विकास अधिकारियों के साथ अलग से बैठक करेंगे। ग्रामीण विकास विभाग एवं शहरी निकायों को दो सप्ताह के भीतर कतरित प्लास्टिक लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध करवाना होगा तथा संबंधित रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को देना सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि प्लास्टिक उपलब्ध नहीं करवाया जाता है तो लोक निर्माण विभाग संबंधित एसडीएम को इसकी सूचना देगा। एक किलोमीटर सड़क निर्माण में लगभग 550 किलोग्राम प्लास्टिक का उपयोग किया जा सकता है। इस कार्य की समीक्षा 15 अप्रैल तक की जाएगी। कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायतों में कचरे के उचित निस्तारण को लेकर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने सभी शहरी निकायों को कचरा प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कचरा निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही
तय की जाएगी तथा आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस दौरान उन्होंने नगर परिषद सुन्दरनगर द्वारा गीले कचरे के निस्तारण हेतु स्थापित मशीनरी के बंद होने का कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मशीनरी को शीघ्र प्रभाव से चालू किया जाए तथा गीले कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया को नियमित और सुचारु बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कचरा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में ऐसी स्थिति पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पर्यावरण मानकों की अनुपालना उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। निर्धारित मानकों की अनदेखी पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी और समयबद्ध प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य होगी। बैठक का संचालन क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विनय कुमार ने किया। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु, आयुक्त नगर निगम रोहित राठौर, एसडीएम रूपिन्द्र कौर, जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) गोपी चंद पाठक, जिला पर्यटन अधिकारी रजनीश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
- Post by Himachal Ab Tak1
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- Post by Dinesh Kumar1
- Post by Himachal Update 24 News3
- Post by हमीरपुरी पत्रकार1
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