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Deoghar Jharkhand Baba Dham deoghar Dham Live Blog

3 hrs ago
user_Sonu Singh
Sonu Singh
Education Centre मधुपुर, देवघर, झारखंड•
3 hrs ago
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Deoghar Jharkhand Baba Dham deoghar Dham Live Blog

More news from झारखंड and nearby areas
  • Baba Dham deoghar Dham Live Blog
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    Baba Dham deoghar Dham Live Blog
    user_Sonu Singh
    Sonu Singh
    Education Centre मधुपुर, देवघर, झारखंड•
    3 hrs ago
  • प्रेम से बेटा घर से निकलते हैं गाड़ी लेकर लेकिन बेटा ने जाकर स्टैंड करके जान गवा लेते हैं घर वाले लोग परेशान रहते हैं ऐसा ऐसा दुनिया में नाडंगी करते हैं जिनका खामियां दूसरों को भगत ने पड़ता है मां बाप भाई बहन घर से बेघर हो जाते हैं एक बेटे के लिए एक बेटे को जवान करने के लिए 20 साल लगते हैं और एक बेटा अपनी जान कमाने के लिए 20 मिनट नहीं लगा देते हैं इंश्योरेंस कंपनियों ने अपनी पॉलिसी में स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि वे सामान्य इंसानों का बीमा करती हैं, सुपरमैन का नहीं, और न ही यमराज के दामादों का! इन लोगों के लिए तो अलग से एक नई कैटेगरी ही बनानी पड़ जाएगी 'आत्महत्या की कोशिश करने वाले स्टंटबाज़' वाली। और उस कैटेगरी का प्रीमियम भी कम से कम 4 लाख रुपये प्रति माह होना चाहिए, ताकि कम से कम कंपनी को कोई नुकसान न हो। ऐसे लोग न केवल अपनी जान को खतरे में डालते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी फैलाते हैं कि जोखिम उठाना और बेवकूफी करना एक ही बात है। इंश्योरेंस का उद्देश्य अप्रत्याशित दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करना है, न कि स्वयं द्वारा बनाई गई लापरवाही या वीडियो वायरल होने की लालच को कवर करना।
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    प्रेम से बेटा घर से निकलते हैं गाड़ी लेकर लेकिन बेटा ने जाकर स्टैंड करके जान गवा लेते हैं घर वाले लोग परेशान रहते हैं ऐसा ऐसा दुनिया में नाडंगी करते हैं जिनका खामियां दूसरों को भगत ने पड़ता है मां बाप भाई बहन घर से बेघर हो जाते हैं एक बेटे के लिए एक बेटे को जवान करने के लिए 20 साल लगते हैं और एक बेटा अपनी जान कमाने के लिए 20 मिनट नहीं लगा देते हैं
इंश्योरेंस कंपनियों ने अपनी पॉलिसी में स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि वे सामान्य इंसानों का बीमा करती हैं, सुपरमैन का नहीं, और न ही यमराज के दामादों का! इन लोगों के लिए तो अलग से एक नई कैटेगरी ही बनानी पड़ जाएगी 'आत्महत्या की कोशिश करने वाले स्टंटबाज़' वाली। और उस कैटेगरी का प्रीमियम भी कम से कम 4 लाख रुपये प्रति माह होना चाहिए, ताकि कम से कम कंपनी को कोई नुकसान न हो।
ऐसे लोग न केवल अपनी जान को खतरे में डालते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी फैलाते हैं कि जोखिम उठाना और बेवकूफी करना एक ही बात है। इंश्योरेंस का उद्देश्य अप्रत्याशित दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करना है, न कि स्वयं द्वारा बनाई गई लापरवाही या वीडियो वायरल होने की लालच को कवर करना।
    user_Jhhar Khabar D9
    Jhhar Khabar D9
    Deoghar, Jharkhand•
    2 hrs ago
  • Post by PRESS R K PRESS R K
    1
    Post by PRESS R K PRESS R K
    user_PRESS R K PRESS R K
    PRESS R K PRESS R K
    पत्रकार Karma Tanr Vidyasagar*, Jamtara•
    7 hrs ago
  • लॉन्ग ड्राइव
    1
    लॉन्ग ड्राइव
    user_Chandrika Yadav
    Chandrika Yadav
    Voice of people चानन, बांका, बिहार•
    2 hrs ago
  • पीरटांड़ प्रखंड में चल रही मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के तहत किसानों की जमीन खोदे जाने से नाराज स्थानीय ग्रामीणों ने रविवार को 12 बजे दूधनिया गांव में विरोध प्रदर्शन किया।ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक किसानों के खेतों की क्षति की भरपाई कर मेढ़ों को दुरुस्त नहीं किया जाएगा, तब तक निर्माण कार्य बंद रहेगा.फिलहाल ग्रामीणों के विरोध के बाद काम रोक दिया गया है. जानकारी के अनुसार, मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के तहत कुम्हरलालो पंचायत के दूधनिया गांव स्थित बराकर नदी तट पर इंटेक वेल का निर्माण किया जा रहा है. इसके अलावा पूरे प्रखंड में सैकड़ों तालाबों का निर्माण किया जा रहा है.तालाबों तक पानी पहुंचाने के लिए बड़े-बड़े पाइप बिछाए जा रहे हैं. जिससे बाद खेतों की सिंचाई की जाएगी. ग्रामीणों का आरोप है कि पाइप बिछाने के दौरान खेतों में भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है.जिससे खेतों की मेढ़ें टूट रही हैं और जमीन की पहचान करना मुश्किल हो रहा है. इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है. रविवार को सैकड़ों की संख्या में संथाली महिला-पुरुष कार्यस्थल पर पहुंचे और निर्माण कार्य में लगे कर्मियों से विवाद हो गया.बाद में स्थानीय मुखिया की उपस्थिति में बैठक कर निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया.
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    पीरटांड़ प्रखंड में चल रही मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के तहत किसानों की जमीन खोदे जाने से नाराज स्थानीय ग्रामीणों ने रविवार को 12 बजे दूधनिया गांव में विरोध प्रदर्शन किया।ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक किसानों के खेतों की क्षति की भरपाई कर मेढ़ों को दुरुस्त नहीं किया जाएगा, तब तक निर्माण कार्य बंद रहेगा.फिलहाल ग्रामीणों के विरोध के बाद काम रोक दिया गया है.
जानकारी के अनुसार, मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के तहत कुम्हरलालो पंचायत के दूधनिया गांव स्थित बराकर नदी तट पर इंटेक वेल का निर्माण किया जा रहा है. इसके अलावा पूरे प्रखंड में सैकड़ों तालाबों का निर्माण किया जा रहा है.तालाबों तक पानी पहुंचाने के लिए बड़े-बड़े पाइप बिछाए जा रहे हैं. जिससे बाद खेतों की सिंचाई की जाएगी.
ग्रामीणों का आरोप है कि पाइप बिछाने के दौरान खेतों में भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है.जिससे खेतों की मेढ़ें टूट रही हैं और जमीन की पहचान करना मुश्किल हो रहा है. इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है.
रविवार को सैकड़ों की संख्या में संथाली महिला-पुरुष कार्यस्थल पर पहुंचे और निर्माण कार्य में लगे कर्मियों से विवाद हो गया.बाद में स्थानीय मुखिया की उपस्थिति में बैठक कर निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया.
    user_Aakansha Sinha
    Aakansha Sinha
    Local News Reporter गंडे, गिरिडीह, झारखंड•
    3 hrs ago
  • कांदे की खेती करने का तरीका किसगो के किसान प्रसादी राय व उनकी धर्मपत्नी ने विस्तार से Pnews के संवाददाता प्रवेश पाण्डेय को बताई आप देखें और कमेंट कर बताएं prime news Pnews ke Facebook par .
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    कांदे की खेती करने का तरीका किसगो के किसान प्रसादी राय व उनकी धर्मपत्नी ने विस्तार से Pnews के संवाददाता प्रवेश पाण्डेय को बताई 
आप देखें और कमेंट कर बताएं
prime news Pnews ke Facebook par .
    user_Pravesh Pandey
    Pravesh Pandey
    पत्रकार Giridih, Jharkhand•
    8 hrs ago
  • जामताड़ा। जिले के जामताड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत बागघारा गांव में शनिवार देर रात सनसनीखेज आगजनी की घटना सामने आई। असामाजिक तत्वों ने भारत दिसोम आदिवासी संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेश मुर्मू के घर में कथित रूप से किरोसिन छिड़ककर आग लगा दी, जिससे घर में रखे फर्नीचर, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और नगदी सहित लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित सुरेश मुर्मू ने जानकारी देते हुए बताया की पिछले कई महीनों से आदिवासी समाज में नशा मुक्ति और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे थे। उन्होंने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग भी की थी। मुर्मू का आरोप है कि इसी से नाराज असामाजिक तत्वों ने उन्हें पहले धमकियां दीं और फिर घटना को अंजाम दिया। शनिवार रात करीब 12 बजे एक बजे की बीच जब आग लगाई गई, उस समय घर के अंदर उनकी बहन लक्खी मुर्मू सो रही थीं। आग की लपटें देख वह किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहीं, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। मांझी परगना सरदार महासभा सहित विभिन्न संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। वही जामताड़ा थाना एवं अंचल अधिकारी को आवेदन देने की प्रक्रिया जारी है।
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    जामताड़ा। जिले के जामताड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत बागघारा गांव में शनिवार देर रात सनसनीखेज आगजनी की घटना सामने आई। असामाजिक तत्वों ने भारत दिसोम आदिवासी संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेश मुर्मू के घर में कथित रूप से किरोसिन छिड़ककर आग लगा दी, जिससे घर में रखे फर्नीचर, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और नगदी सहित लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल है।
पीड़ित सुरेश मुर्मू ने जानकारी देते हुए बताया की   पिछले कई महीनों से आदिवासी समाज में नशा मुक्ति और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे थे। उन्होंने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग भी की थी। मुर्मू का आरोप है कि इसी से नाराज असामाजिक तत्वों ने उन्हें पहले धमकियां दीं और फिर घटना को अंजाम दिया।
शनिवार रात करीब 12 बजे एक बजे की बीच जब आग लगाई गई, उस समय घर के अंदर उनकी बहन लक्खी मुर्मू सो रही थीं। आग की लपटें देख वह किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहीं, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। मांझी परगना सरदार महासभा सहित विभिन्न संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। वही जामताड़ा थाना एवं अंचल अधिकारी को आवेदन देने की प्रक्रिया जारी है।
    user_Yogesh Kumar
    Yogesh Kumar
    Local News Reporter जामताड़ा, जामताड़ा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • गिरिडीह से पचम्बा तक बन रही फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों तेजी पर है। ऐसे में राहगीरों की सुरक्षा को लेकर डीसीपी ने अपनी टीम के साथ रविवार शाम 7 बजे पचंबा में बैरिटेकटिंग की।बताया गया कि कई स्थानों पर पुल–पुलिया निर्माण के लिए गहरे गड्ढे किए गए हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इसी बीच डीएसपी सह ट्रैफिक इंचार्ज कौसर अली का मानवीय और जिम्मेदार चेहरा सामने आया। क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर हमेशा गंभीर रहने वाले डीएसपी कौसर अली ने भंडारीडीह में खुदे गड्ढे के पास स्वयं मोर्चा संभाला। उन्होंने अपने जवानों के साथ मिलकर मौके पर ब्रैकेटिंग और सुरक्षा घेरा लगाने का कार्य कराया, ताकि किसी भी राहगीर या वाहन चालक को दुर्घटना का शिकार न होना पड़े। डीएसपी का यह कदम न केवल कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रशासनिक अधिकारी यदि चाहें तो जमीनी स्तर पर उतरकर आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील अधिकारियों की वजह से जनता का भरोसा पुलिस प्रशासन पर और मजबूत होता है।
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    गिरिडीह से पचम्बा तक बन रही फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों तेजी पर है। ऐसे में राहगीरों की सुरक्षा को लेकर डीसीपी ने अपनी टीम के साथ रविवार शाम 7 बजे पचंबा में बैरिटेकटिंग की।बताया गया कि कई स्थानों पर पुल–पुलिया निर्माण के लिए गहरे गड्ढे किए गए हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
इसी बीच डीएसपी सह ट्रैफिक इंचार्ज कौसर अली का मानवीय और जिम्मेदार चेहरा सामने आया। क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर हमेशा गंभीर रहने वाले डीएसपी कौसर अली ने भंडारीडीह में खुदे गड्ढे के पास स्वयं मोर्चा संभाला। उन्होंने अपने जवानों के साथ मिलकर मौके पर ब्रैकेटिंग और सुरक्षा घेरा लगाने का कार्य कराया, ताकि किसी भी राहगीर या वाहन चालक को दुर्घटना का शिकार न होना पड़े।
डीएसपी का यह कदम न केवल कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रशासनिक अधिकारी यदि चाहें तो जमीनी स्तर पर उतरकर आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील अधिकारियों की वजह से जनता का भरोसा पुलिस प्रशासन पर और मजबूत होता है।
    user_Aakansha Sinha
    Aakansha Sinha
    Local News Reporter गंडे, गिरिडीह, झारखंड•
    3 hrs ago
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