X सभी इंश्योरेंस कंपनियों से विनम्र निवेदन है कि यदि कभी ऐसा कोई मामला उनके पास आए, तो वे एक रुपया भी क्लेम के रूप में न दें। सचमुच आश्चर्य होता है कि किसी व्यक्ति के अंदर इतनी बड़ी मूर्खता कैसे समा सकती है? वह अपनी जान की परवाह किए बिना, सिर्फ एक वीडियो बनाने के चक्कर में इतने जानलेवा जोखिम क्यों मोल लेता है? यह समझ से परे है। इंश्योरेंस कंपनियों ने अपनी पॉलिसी में स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि वे सामान्य इंसानों का बीमा करती हैं, सुपरमैन का नहीं, और न ही यमराज के दामादों का! इन लोगों के लिए तो अलग से एक नई कैटेगरी ही बनानी पड़ जाएगी 'आत्महत्या की कोशिश करने वाले स्टंटबाज़' वाली। और उस कैटेगरी का प्रीमियम भी कम से कम 4 लाख रुपये प्रति माह होना चाहिए, ताकि कम से कम कंपनी को कोई नुकसान न हो। ऐसे लोग न केवल अपनी जान को खतरे में डालते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी फैलाते हैं कि जोखिम उठाना और बेवकूफी करना एक ही बात है। इंश्योरेंस का उद्देश्य अप्रत्याशित दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करना है, न कि स्वयं द्वारा बनाई गई लापरवाही या वीडियो वायरल होने की लालच को कवर करना। प्रेम से बेटा घर से निकलते हैं गाड़ी लेकर लेकिन बेटा ने जाकर स्टैंड करके जान गवा लेते हैं घर वाले लोग परेशान रहते हैं ऐसा ऐसा दुनिया में नाडंगी करते हैं जिनका खामियां दूसरों को भगत ने पड़ता है मां बाप भाई बहन घर से बेघर हो जाते हैं एक बेटे के लिए एक बेटे को जवान करने के लिए 20 साल लगते हैं और एक बेटा अपनी जान कमाने के लिए 20 मिनट नहीं लगा देते हैं इंश्योरेंस कंपनियों ने अपनी पॉलिसी में स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि वे सामान्य इंसानों का बीमा करती हैं, सुपरमैन का नहीं, और न ही यमराज के दामादों का! इन लोगों के लिए तो अलग से एक नई कैटेगरी ही बनानी पड़ जाएगी 'आत्महत्या की कोशिश करने वाले स्टंटबाज़' वाली। और उस कैटेगरी का प्रीमियम भी कम से कम 4 लाख रुपये प्रति माह होना चाहिए, ताकि कम से कम कंपनी को कोई नुकसान न हो। ऐसे लोग न केवल अपनी जान को खतरे में डालते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी फैलाते हैं कि जोखिम उठाना और बेवकूफी करना एक ही बात है। इंश्योरेंस का उद्देश्य अप्रत्याशित दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करना है, न कि स्वयं द्वारा बनाई गई लापरवाही या वीडियो वायरल होने की लालच को कवर करना।
X सभी इंश्योरेंस कंपनियों से विनम्र निवेदन है कि यदि कभी ऐसा कोई मामला उनके पास आए, तो वे एक रुपया भी क्लेम के रूप में न दें। सचमुच आश्चर्य होता है कि किसी व्यक्ति के अंदर इतनी बड़ी मूर्खता कैसे समा सकती है? वह अपनी जान की परवाह किए बिना, सिर्फ एक वीडियो बनाने के चक्कर में इतने जानलेवा जोखिम क्यों मोल लेता है? यह समझ से परे है। इंश्योरेंस कंपनियों ने अपनी पॉलिसी में स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि वे सामान्य इंसानों का बीमा करती हैं, सुपरमैन का नहीं, और न ही यमराज के दामादों का! इन लोगों के लिए तो अलग से एक नई कैटेगरी ही बनानी पड़ जाएगी 'आत्महत्या की कोशिश करने वाले स्टंटबाज़' वाली। और उस कैटेगरी का प्रीमियम भी कम से कम 4 लाख रुपये प्रति माह होना चाहिए, ताकि कम से कम कंपनी को कोई नुकसान न हो। ऐसे लोग न केवल अपनी जान को खतरे में डालते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी फैलाते हैं कि जोखिम उठाना और बेवकूफी करना एक ही बात है। इंश्योरेंस का उद्देश्य अप्रत्याशित दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करना है, न कि स्वयं द्वारा बनाई गई लापरवाही या वीडियो वायरल होने की लालच को कवर करना। प्रेम से बेटा घर से निकलते हैं गाड़ी लेकर लेकिन बेटा ने जाकर स्टैंड करके जान गवा लेते हैं घर वाले लोग परेशान रहते हैं ऐसा ऐसा दुनिया में नाडंगी करते हैं जिनका खामियां दूसरों को भगत ने पड़ता है मां बाप भाई बहन घर से बेघर हो जाते हैं एक बेटे के लिए एक बेटे को जवान करने के लिए 20 साल लगते हैं और एक बेटा अपनी जान कमाने के लिए 20 मिनट नहीं लगा देते हैं इंश्योरेंस कंपनियों ने अपनी पॉलिसी में स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि वे सामान्य इंसानों का बीमा करती हैं, सुपरमैन का नहीं, और न ही यमराज के दामादों का! इन लोगों के लिए तो अलग से एक नई कैटेगरी ही बनानी पड़ जाएगी 'आत्महत्या की कोशिश करने वाले स्टंटबाज़' वाली। और उस कैटेगरी का प्रीमियम भी कम से कम 4 लाख रुपये प्रति माह होना चाहिए, ताकि कम से कम कंपनी को कोई नुकसान न हो। ऐसे लोग न केवल अपनी जान को खतरे में डालते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी फैलाते हैं कि जोखिम उठाना और बेवकूफी करना एक ही बात है। इंश्योरेंस का उद्देश्य अप्रत्याशित दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करना है, न कि स्वयं द्वारा बनाई गई लापरवाही या वीडियो वायरल होने की लालच को कवर करना।
- प्रेम से बेटा घर से निकलते हैं गाड़ी लेकर लेकिन बेटा ने जाकर स्टैंड करके जान गवा लेते हैं घर वाले लोग परेशान रहते हैं ऐसा ऐसा दुनिया में नाडंगी करते हैं जिनका खामियां दूसरों को भगत ने पड़ता है मां बाप भाई बहन घर से बेघर हो जाते हैं एक बेटे के लिए एक बेटे को जवान करने के लिए 20 साल लगते हैं और एक बेटा अपनी जान कमाने के लिए 20 मिनट नहीं लगा देते हैं इंश्योरेंस कंपनियों ने अपनी पॉलिसी में स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि वे सामान्य इंसानों का बीमा करती हैं, सुपरमैन का नहीं, और न ही यमराज के दामादों का! इन लोगों के लिए तो अलग से एक नई कैटेगरी ही बनानी पड़ जाएगी 'आत्महत्या की कोशिश करने वाले स्टंटबाज़' वाली। और उस कैटेगरी का प्रीमियम भी कम से कम 4 लाख रुपये प्रति माह होना चाहिए, ताकि कम से कम कंपनी को कोई नुकसान न हो। ऐसे लोग न केवल अपनी जान को खतरे में डालते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी फैलाते हैं कि जोखिम उठाना और बेवकूफी करना एक ही बात है। इंश्योरेंस का उद्देश्य अप्रत्याशित दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करना है, न कि स्वयं द्वारा बनाई गई लापरवाही या वीडियो वायरल होने की लालच को कवर करना।1
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- बिहार बांका) जिला में महाशिवरात्रि को लेकर विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगी रही। जलाभिषेक व पूजा-अर्चना के साथ पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक दर्शन किया। #वीडियोシ゚viralシfypシ゚viralシalシfollowers #BiharNews1
- har har Mahadev 🙏🙏🙏🙏📷📷🕳️🫥🫥🫥🫥🫥🫥🫥🕳️🕳️🕳️🕳️🕳️🕳️📷1