हिमाचल प्रदेश आज अपने छह बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। इस अवसर पर शिमला के रिज मैदान स्थित वीरभद्र सिंह की प्रतिमा पर एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर याद किया गया। इस कार्यक्रम में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित अन्य कांग्रेस आला नेताओं, जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस दौरान कहा कि वीरभद्र सिंह कांग्रेस के एक बड़े नेता थे जिन्होंने छह बार प्रदेश का नेतृत्व किया और हिमाचल प्रदेश के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने सभी से वीरभद्र सिंह से प्रेरणा लेकर प्रदेश के विकास को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने बताया कि वीरभद्र सिंह को आज प्रदेश के कोने-कोने में याद किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पतालों में मरीजों को फल वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है। प्रतिभा सिंह ने सभी नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी इच्छा है कि लोग उनके कार्यों को याद करते हुए जन सेवा के पथ पर आगे बढ़ते रहें।
हिमाचल प्रदेश आज अपने छह बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। इस अवसर पर शिमला के रिज मैदान स्थित वीरभद्र सिंह की प्रतिमा पर एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर याद किया गया। इस कार्यक्रम में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, विधानसभा
अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित अन्य कांग्रेस आला नेताओं, जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस दौरान कहा कि वीरभद्र सिंह कांग्रेस के एक बड़े नेता थे जिन्होंने
छह बार प्रदेश का नेतृत्व किया और हिमाचल प्रदेश के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने सभी से वीरभद्र सिंह से प्रेरणा लेकर प्रदेश के विकास को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने बताया कि वीरभद्र सिंह को आज प्रदेश के कोने-कोने में याद किया
जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पतालों में मरीजों को फल वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है। प्रतिभा सिंह ने सभी नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी इच्छा है कि लोग उनके कार्यों को याद करते हुए जन सेवा के पथ पर आगे बढ़ते रहें।
- हिमाचल प्रदेश आज अपने छह बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। इस अवसर पर शिमला के रिज मैदान स्थित वीरभद्र सिंह की प्रतिमा पर एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर याद किया गया। इस कार्यक्रम में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित अन्य कांग्रेस आला नेताओं, जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस दौरान कहा कि वीरभद्र सिंह कांग्रेस के एक बड़े नेता थे जिन्होंने छह बार प्रदेश का नेतृत्व किया और हिमाचल प्रदेश के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने सभी से वीरभद्र सिंह से प्रेरणा लेकर प्रदेश के विकास को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने बताया कि वीरभद्र सिंह को आज प्रदेश के कोने-कोने में याद किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पतालों में मरीजों को फल वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है। प्रतिभा सिंह ने सभी नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी इच्छा है कि लोग उनके कार्यों को याद करते हुए जन सेवा के पथ पर आगे बढ़ते रहें।4
- तु है कहाँ तुझे ढूंढे मेरी नज़र, सिर्फ एक मुलाकात की तमन्ना है दिल को समझा सकु इस जमाने मे मेरा भी कोई है l1
- हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की नालागढ़ तहसील में स्थित पंचायत गुलरवाला करसौली के टप्परियां गाँव का एक परिवार बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहा है। इस परिवार के पास अपना कोई घर नहीं है, जिसके कारण वे फिलहाल पंचायत भवन में रहने को मजबूर हैं। परिवार में तीन बेटियाँ हैं, और उनकी सुरक्षा व भविष्य को लेकर माता-पिता गंभीर रूप से चिंतित हैं। समाज के सभी लोगों से विनम्र अपील की गई है कि वे इस परिवार की मदद के लिए आगे आएँ। इस सहायता का उद्देश्य उन्हें रहने के लिए एक सुरक्षित घर, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। इस अपील के साथ ही यह भी कहा गया है कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।1
- बिलासपुर में ट्राई देने आए चालकों में उस समय भारी रोष फैल गया जब उन्हें सूचित किया गया कि स्ट्राइक समाप्त हो चुकी है। चालकों का गुस्सा इस बात पर था कि उन्हें स्ट्राइक खत्म होने की जानकारी उसके समाप्त होने के बाद दी गई।2
- पिंजौर / मोरनी खंड के थापली-केदारपुर-भौरिया सड़क मार्ग की जर्जर हालत से ग्रामीणों और वाहन चालकों में भारी नाराजगी है। सड़क की कारपेटिंग पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिसके कारण अब मार्ग पर केवल धूल, मिट्टी और गहरे गड्ढे ही नजर आते हैं। इससे रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क कभी क्षेत्र की प्रमुख संपर्क सड़कों में शामिल थी, लेकिन अब इसकी बदहाली ऐसी है कि इसे पहचानना भी मुश्किल है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्ते के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे वाहन चालकों को मजबूरी में बेहद धीमी गति से सफर करना पड़ता है। सड़क से उड़ने वाली धूल लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में यही सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे हालात और भी खराब हो जाते हैं। इस स्थिति के बीच, किसान संघ के महामंत्री मनोज कुमार ने मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन इसकी लंबे समय से अनदेखी की जा रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) के कर्मचारियों और सरकार के बीच वित्तीय देनदारियों को लेकर चल रहा गतिरोध अब चरम पर पहुँच गया है। अपनी लंबित वित्तीय देनदारियों को लेकर लंबे समय से मोर्चा खोले बैठी HRTC चालक-परिचालक यूनियन ने अब राज्यव्यापी चक्का जाम का एलान कर दिया है। यह घोषणा मंगलवार को सचिवालय में यूनियन के पदाधिकारियों की अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) के साथ हुई वार्ता पूरी तरह विफल रहने के बाद की गई। वार्ता विफल होने के उपरांत, यूनियन के सदस्यों ने पुराने बस अड्डे पर निगम प्रबंधन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 24 जून की रात 12 बजे से पूरे प्रदेश में चक्का जाम करने की अंतिम घोषणा कर दी। इस पूरे विवाद के बीच, यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष मान सिंह का शिमला से चंबा तबादला किए जाने से स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई है। मान सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें पहले उपमुख्यमंत्री (परिवहन मंत्री) के साथ बैठक के लिए बुलाया गया था, लेकिन सचिवालय पहुँचने पर उन्हें सूचित किया गया कि बैठक रद्द हो गई है और उन्हें ACS परिवहन के साथ वार्ता करनी होगी। मान सिंह ने इसे निगम के 12 हजार कर्मचारियों के साथ धोखा करार दिया और कहा कि सरकार के इस अड़ियल रवैये से कर्मचारियों का हौसला टूटा है और उनमें भारी आक्रोश है। उन्होंने अपने तबादले को लेकर कहा कि यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और वे चंबा जाने को तैयार हैं, क्योंकि उन्होंने खुद कर्मचारियों से नीट (NEET) परीक्षा के मद्देनजर शांत रहने की अपील की थी। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी अब पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कंडक्टर और ड्राइवर यूनियन का स्पष्ट रुख है कि जब तक तबादला आदेश रद्द नहीं होते और वित्तीय देनदारियों पर लिखित आदेश नहीं मिलते, तब तक कोई वार्ता नहीं होगी। मान सिंह ने बताया कि इस आंदोलन को टेक्निकल यूनियन, पेंशनर्स जॉइंट एक्शन कमेटी और ड्राइवर यूनियन ने भी अपना पूर्ण समर्थन दे दिया है। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे 24 जून की रात 12 बजे के बाद HRTC की बसों में अपनी बुकिंग न कराएँ और न ही बसों का इंतजार करें, क्योंकि इसके बाद चक्का जाम पूरी तरह प्रभावी रहेगा। मान सिंह ने अंत में कहा कि कर्मचारियों को रोकने की क्षमता अब संगठन के बस में भी नहीं रही है और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार व प्रबंधन की होगी।2
- रामपुर बुशैहर में उपमंडलाधिकारी हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने पल्स पोलियो से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने इस विषय पर आवश्यक सूचनाएं प्रदान कीं।1