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पलामू उंटारी रोड बाजार में कुछ लड़कों के बीच आपस में झगड़ा हो गया। इस दौरान बाजार के एक व्यक्ति ने बीच-बचाव करते हुए उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन लड़कों ने उनकी बात नहीं मानी। शांत होने के बजाय वे छुड़ाने आए व्यक्ति से ही उलझ गए और झगड़ने लगे। लड़कों के न मानने पर गांव वालों को मजबूरी में थाने से पुलिस को बुलाना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, उंटारी बाजार में यह झगड़ा सेमरी गांव के एक लड़के और उसके अपने ही गांव के लड़के के बीच हुआ था।
झारखंड सिर्फ सच न्यूज
पलामू उंटारी रोड बाजार में कुछ लड़कों के बीच आपस में झगड़ा हो गया। इस दौरान बाजार के एक व्यक्ति ने बीच-बचाव करते हुए उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन लड़कों ने उनकी बात नहीं मानी। शांत होने के बजाय वे छुड़ाने आए व्यक्ति से ही उलझ गए और झगड़ने लगे। लड़कों के न मानने पर गांव वालों को मजबूरी में थाने से पुलिस को बुलाना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, उंटारी बाजार में यह झगड़ा सेमरी गांव के एक लड़के और उसके अपने ही गांव के लड़के के बीच हुआ था।
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- गढ़वा में विवाह का दावा करते हुए एक युवती अपने ससुराल पहुंची और उसने मामले में पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। दूसरी ओर, पति ने युवती द्वारा लगाए गए सभी आरोपों से साफ़ इनकार कर दिया है।1
- दहेज प्रथा विवाह जैसे पवित्र बंधन को सौदेबाजी में बदलकर पूरे समाज के लिए एक घातक अभिशाप बनती जा रही है। यह प्रथा महिलाओं को महज एक वस्तु मानती है और दहेज की मांग पूरी न होने पर नवविवाहितों का शारीरिक व मानसिक शोषण किया जाता है, जिससे दहेज हत्या जैसे जघन्य अपराध भी होते हैं। इस कुप्रथा के कारण बेटियों को परिवार पर आर्थिक बोझ समझा जाने लगता है, जिससे कन्या भ्रूण हत्या की घटनाएं बढ़ती हैं और समाज में लड़का-लड़की के बीच भेदभाव व लैंगिक असमानता मजबूत होती है। बेटी की शादी में भारी दहेज देने के चक्कर में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की जीवनभर की जमा पूंजी खत्म हो जाती है और लोग भयंकर कर्ज के जाल में डूब जाते हैं। वहीं समाज में इस बढ़ती कुप्रथा और इसके दुष्प्रभावों को लेकर एक महिला का संगीत गाते हुए वीडियो भी वायरल हो रहा है।4
- गढ़वा जिले के रंका प्रखंड स्थित चुतरू पंचायत के उर्दू विद्यालय में खेल मैदान की जमीन पर अतिक्रमण कर खेती करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बुधवार दोपहर करीब 3:00 बजे कुछ लोगों ने विद्यालय के लिए वर्षों पहले दान की गई जमीन को अपनी रैयती भूमि बताकर ट्रैक्टर से जुताई कर दी और उसमें तिल तथा अरहर की बुआई कर दी। इससे विद्यालय के बच्चों के खेलने के लिए उपलब्ध मैदान पूरी तरह समाप्त होने की स्थिति में आ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह भूमि पहले कल्लू यादव, सोमारू यादव, राजमणि यादव, शिवपुर यादव सहित अन्य यादव परिवार की थी, जिन्होंने बच्चों के खेलकूद और विद्यालय के विकास के लिए इसे उपलब्ध कराया था और इसे राजपाल के नाम दर्ज भी कराया गया था। वहीं, जमीन दान देने वाले परिवार के लोगों का आरोप है कि विद्यालय की जमीन पर कुछ अन्य प्रभावशाली लोग भी खेती कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करके केवल कुछ ही लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इस घटना से विद्यालय के छात्र-छात्राओं में निराशा है और ग्रामीणों ने बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास का हवाला देते हुए मैदान की सुरक्षा को जरूरी बताया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालय प्रबंधन समिति, प्रधानाध्यापक और संबंधित राजस्व विभाग संयुक्त रूप से भूमि की पैमाइश कराकर विधिवत सीमांकन करें तथा राजपाल के नाम दर्ज भूमि को विद्यालय के अभिलेखों में शामिल कर सुरक्षित कराएं, ताकि भविष्य में विवाद खत्म हो और प्रशासन के समय रहते हस्तक्षेप से बच्चों के खेलकूद का अधिकार सुरक्षित रहे।1
- अखिल भारतीय किसान महासभा ने जिला प्रभारी जय बिजय तिवारी की अध्यक्षता में जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्रदर्शन करते हुए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया। यह विरोध प्रदर्शन सेटेलाइट टाउनशिप के नाम पर किसानों की जमीन लूटने, पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया गया कि सरकार सेटेलाइट टाउनशिप बनाने के नाम पर 12 जगहों पर करीब चार लाख एकड़ किसानों की जमीन हड़पना चाहती है। इसके साथ ही, जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और लड़कियों से छेड़छाड़ की घटनाओं पर भी कड़ा आक्रोश व्यक्त किया गया।4
- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों के इस प्रदर्शन पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के बाद से लगातार लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- फेसबुक क्रिएटरों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए गरीब सुखना बहू को नई छत दिलाई है। क्रिएटरों के इस प्रयास से गरीब महिला को रहने के लिए नया सहारा और छत मिल सकी है।1
- Post by जय बिजय तिवारी1
- दिल्ली में एक पुलिस वाले द्वारा छात्र को गोली मारे जाने के बाद हंगामा खड़ा हो गया। गोली चलने की इस घटना से छात्र भड़क गए और उन्होंने पुलिस वाले को ही पीटना शुरू कर दिया। वहीं इस पूरी घटना को लेकर गोदी मीडिया की कवरेज पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि वह मामले में क्या और कैसे दिखा रही है।1