सोनभद्र में कोन–विंढमगंज मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सतह और जलभराव के कारण लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। इस बदहाल स्थिति से छात्र-छात्राओं, मरीजों, व्यापारियों तथा रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, और कई बार संबंधित विभाग तथा जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। पूर्व में भी इस मार्ग के निर्माण कार्य में देरी और खराब स्थिति की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जनहित को देखते हुए इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया, तो वे आगामी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने पर विचार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
सोनभद्र में कोन–विंढमगंज मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सतह और जलभराव के कारण लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। इस बदहाल स्थिति से छात्र-छात्राओं, मरीजों, व्यापारियों तथा रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, और कई बार संबंधित विभाग तथा जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। पूर्व में भी इस मार्ग के निर्माण कार्य में देरी और खराब स्थिति की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जनहित को देखते हुए इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया, तो वे आगामी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने पर विचार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
- सोनभद्र में कोन–विंढमगंज मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सतह और जलभराव के कारण लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। इस बदहाल स्थिति से छात्र-छात्राओं, मरीजों, व्यापारियों तथा रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, और कई बार संबंधित विभाग तथा जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। पूर्व में भी इस मार्ग के निर्माण कार्य में देरी और खराब स्थिति की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जनहित को देखते हुए इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया, तो वे आगामी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने पर विचार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।1
- सोनभद्र के दुद्धी में अखिल भारतीय जागरण सुधार मण्डल ने सीईओ कार्यालय पहुंचकर एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। यह ज्ञापन तहसील अध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार गुप्ता और प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर सिंह के नेतृत्व में दिया गया, जिसमें कलाकारों के बकाया भुगतान को लेकर आक्रोश व्यक्त किया गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि गौरी शंकर, पुत्र कन्हैयालाल, निवासी ग्राम झारोकला, थाना दुद्धी, जनपद सोनभद्र ने विभिन्न कार्यक्रमों में कलाकारों से कार्य तो कराया, लेकिन उन्हें उनका मेहनताना अब तक नहीं दिया है, जिससे कलाकारों में गहरा असंतोष है। मण्डल ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कलाकारों का बकाया भुगतान तत्काल सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, जब तक सभी कलाकारों को भुगतान नहीं हो जाता, तब तक संबंधित झांकी के आयोजन और संचालन पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की गई है। तहसील अध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया कि कलाकारों के साथ किसी भी प्रकार का आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए आगे बढ़ेगा। प्रशासन ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1
- एक अकेले लड़के ने पूरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए 'काल' का काम किया है, जिसने उनकी पूरी बखिया उधेड़ डाली है।1
- सोनभद्र के अनपरा में एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र में ‘वन दरोगा पर मोबाइल और ट्रैक्टर लूटने का आरोप’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद, एक खोजी पत्रकार द्वारा इसकी पड़ताल की गई है। इस पड़ताल में सामने आए प्रशासनिक विरोधाभासों ने पूरी व्यवस्था को विधिक कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह घटना 3 तारीख को घटित हुई थी, जबकि 5 तारीख के अखबार में यह सुर्खियाँ बनी। पड़ताल के अनुसार, मानसून और बुआई के मौसम में, जहाँ ग्रामीण सीमांकन के अभाव में पीढ़ियों से परंपरागत खेती करते आ रहे हैं, वहाँ एक किराए के ट्रैक्टर को स्थानीय वन कर्मियों ने रोका। ट्रैक्टर चालक का आरोप है कि वन कर्मियों द्वारा की गई बर्बर मारपीट के कारण उसे अपनी जान का खतरा महसूस हुआ, जिसके बाद उसने आत्मरक्षा में ट्रैक्टर को अपने निजी आवास के पार्किंग शेड में खड़ा कर दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वन कर्मियों ने घर में घुसकर महिलाओं से मोबाइल फोन जबरन छीने ताकि ज्यादती का कोई वीडियो बाहर न आ सके। इसके बाद विभाग ने स्वयं 112 पुलिस को 'गाड़ी चढ़ाने' की झूठी सूचना देकर गुमराह किया और फिर, भारी दबाव बनाकर, बिना चाबी के ही घर के भीतर से ट्रैक्टर को जबरन खिंचवा लिया गया, जिसका लाइव वीडियो साक्ष्य भी मौजूद है। इस मामले में एक बड़ा विरोधाभास तब सामने आया जब 5 तारीख की शाम लगभग 7:00 बजे प्रभाग के डीएफओ (DFO) से बात की गई। दो दिन बीत जाने और खबर प्रकाशित होने के बाद भी शीर्ष स्तर पर इस गंभीर जमीनी हकीकत की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी। यह स्थिति प्रशासनिक नियमावली पर गंभीर सवाल उठाती है, जिसके तहत प्रतिदिन की कार्यवाहियों का लेखा-जोखा उसी दिन उच्चाधिकारियों तक पहुँचना अनिवार्य है। प्रश्न उठता है कि स्थानीय रेंजर और दरोगा ने इस जमीनी सच को शीर्ष स्तर से क्यों छुपाया? क्या यह अपनी पुरानी रंजिश और सीज़र (जब्ती) की विधिक त्रुटियों पर पर्दा डालने के लिए उच्चाधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास था? इस तानाशाही और अधिकार क्षेत्र के खुले उल्लंघन के खिलाफ पीड़ित परिवार ने माननीय मुख्यमंत्री जी के जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर एक आधिकारिक शिकायत (संदर्भ संख्या: 40020026012739) दर्ज कराई है। शिकायत में घर में घुसकर छेड़छाड़, अभद्रता और अनुसूचित जाति के उत्पीड़न जैसे गंभीर और गैर-जमानती आरोप शामिल हैं। इस मुस्तैद पड़ताल के बाद रेणुकूट वन अधिकारी ने एक जिम्मेदार रुख अपनाते हुए दोनों पक्षों को बैठक के लिए बुलाया है, जिससे न्याय की उम्मीद जगी है। पत्रकारिता का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार लाना बताया गया है, न कि किसी पर व्यक्तिगत आरोप लगाना।1
- सोनभद्र जिले के कोन थाना क्षेत्र में स्थित कचनरवा ग्राम पंचायत के नरोईयादामर टोला में एक दुखद घटना सामने आई है। यहाँ करंट लगने से 30 वर्षीय युवक अनुज गिरी की दर्दनाक मृत्यु हो गई। इस हादसे के कारण उनके चार मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। इस दुख की घड़ी में ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और उनके शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्राप्त हो।1
- झारखंड में चल रहे विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत चिनिया प्रखंड में कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसी क्रम में, रविवार दोपहर पंचायत सेवक सह प्रखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रभारी पवन रजक ने प्रखंड के बेता एवं बिलतीखैर गाँव में डोर-टू-डोर चल रहे पुनरीक्षण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, पवन रजक ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में लगी आंगनबाड़ी सेविकाओं और संबंधित कर्मियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक पात्र मतदाता का सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटना नहीं चाहिए और अपात्र नामों की पहचान पूरी पारदर्शिता के साथ की जानी चाहिए। रजक ने कर्मियों को घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करने, आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करने और समयबद्ध तरीके से पुनरीक्षण कार्य पूरा करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी कर्मी पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से कार्य कर रहे हैं।1
- बिहार में वर्तमान में कई बड़ी कंपनियाँ और औद्योगिक इकाइयाँ कार्यरत हैं। राज्य के छह शहरों में खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स और टेक्सटाइल क्षेत्रों में कुल 30 नई औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित की जा रही हैं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (आईटी), अमेज़न (लॉजिस्टिक्स) और पारस हेल्थकेयर (स्वास्थ्य सेवा) जैसी प्रमुख कंपनियाँ पटना और अन्य शहरों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। पटना और उसके आसपास का क्षेत्र व्यापारिक और कॉर्पोरेट कार्यालयों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है, जहाँ आईटी और टेक सेक्टर में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और विप्रो जैसी दिग्गज कंपनियाँ मौजूद हैं। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पारस हेल्थकेयर (गुलज़ारबाग, पटना) और बिल्टएक्स (कंस्ट्रक्शन/अस्पताल निर्माण) सक्रिय हैं, वहीं एफएमसीजी और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में अमेज़न का फुलफिलमेंट सेंटर और डिलीवरी हब भी संचालित है। इसके अतिरिक्त, बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) के तहत मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा और पटना सहित कई शहरों में औद्योगिक इकाइयों का विस्तार हो रहा है, जिसमें खाद्य प्रसंस्करण और टेक्सटाइल की 30 नई फैक्ट्रियाँ लगाई जा रही हैं। सीमेंट व निर्माण क्षेत्र में लक्ष्मी सीमेंट एंड सिरेमिक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड और बालमुकुंद कॉन्कास्ट प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियाँ काम कर रही हैं। डेयरी उद्योग में बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन (COMFED - सुधा) के प्लांट बरौनी और पटना जैसे स्थानों पर पूरे राज्य में कार्यरत हैं। राज्य सरकार श्रम संसाधन विभाग के माध्यम से समय-समय पर जॉब कैंप आयोजित करती है, जहाँ स्थानीय कंपनियाँ ₹21,400 तक के वेतन पर रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में मौर्य मोटर्स और अलंकार ऑटो सेल्स (पटना/मुजफ्फरपुर) जैसी कंपनियाँ भी अपनी सेवाएँ दे रही हैं।1
- सोनभद्र जिले के म्योरपुर थाना क्षेत्र के लिलासी कला गांव में जमीन विवाद को लेकर एक दंपती के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस दौरान लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर भी चले, जिसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है। पीड़ित चतुर्गुन प्रसाद, पुत्र बेचन प्रसाद, ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि उनके भाई चमन (पुत्र बेचन राम) और उनके बेटे राजेश, भोला, तथा भोला का बेटा नवीन ने जमीन विवाद को लेकर उन्हें और उनकी पत्नी सुनैना देवी को गाली-गलौज की। उन्होंने बताया कि इन चारों ने मिलकर लाठी-डंडों से उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक श्रीराम यादव को सौंपी गई है, जिन्होंने बताया कि घायल दंपती का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।1