बस एक फोन कॉल... और फाटक पर रुक गई ट्रेन? VIDEO वायरल, रेलवे ने लिया संज्ञान बेतिया से चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें रेलवे फाटक के बीच एक ट्रेन के रुकने और कुछ यात्रियों के ट्रेन में सवार होने का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो ने रेलवे की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो को लेकर रेलवे ने भी संज्ञान लिया है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह पश्चिम चंपारण जिले के कुमारबाग स्टेशन के पास स्थित एक रेलवे फाटक का है। वीडियो में रेलवे फाटक बंद दिखाई दे रहा है और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। लोग ट्रेन के गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। इसी दौरान फाटक के अंदर कुछ लोग बैग लेकर रेलवे ट्रैक के आसपास खड़े नजर आते हैं। कुछ ही देर बाद ट्रेन आने की आवाज सुनाई देती है। वीडियो में एक व्यक्ति मोबाइल फोन निकालकर किसी से बातचीत करता दिखाई देता है। बातचीत के बाद वह ट्रेन की तरफ हाथ से इशारा करता नजर आता है। इसके बाद जैसे ही ट्रेन रेलवे फाटक के पास पहुंचती है, वह कथित तौर पर फाटक के बीच रुक जाती है। वीडियो में इसके बाद ट्रैक के पास खड़े कुछ लोग ट्रेन में चढ़ते हुए दिखाई देते हैं। इसी दौरान फाटक के पास मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ट्रेन रेलवे फाटक के बीच क्यों रुकी और क्या वास्तव में किसी फोन कॉल के बाद ट्रेन को वहां रोका गया था? वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे की कार्यप्रणाली और नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि ट्रेन के चालक से फोन पर संपर्क किया गया था, जबकि कुछ लोग वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति को लोको पायलट का परिचित बता रहे हैं। वहीं, कुछ यूजर्स ने तो यहां तक टिप्पणी कर दी कि वह व्यक्ति रेलवे के किसी बड़े अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हो सकता है। मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद 'सीतामढ़ी जिला' नाम के एक्स हैंडल से भी वीडियो शेयर किया गया। इस पोस्ट में रेलवे से मामले पर कार्रवाई की मांग की गई। इसके बाद रेल सेवा की ओर से समस्तीपुर रेलवे डिविजन को टैग करते हुए जवाब दिया गया कि संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी दी जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ट्रेन रेलवे फाटक के बीच क्यों रुकी? क्या वास्तव में किसी फोन कॉल के बाद ट्रेन को रुकवाया गया था, या इसके पीछे कोई रेलवे से जुड़ी आधिकारिक वजह थी? क्या फाटक के पास खड़े लोगों को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति थी? इन तमाम सवालों का जवाब आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर रेलवे की ओर से जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया की बात सामने आई है। वीडियो में दिखाई दे रही घटना और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए वायरल वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ट्रेन वास्तव में किस वजह से रेलवे फाटक के बीच रुकी और यात्रियों के ट्रेन में सवार होने की अनुमति किस आधार पर दी गई थी।
बस एक फोन कॉल... और फाटक पर रुक गई ट्रेन? VIDEO वायरल, रेलवे ने लिया संज्ञान बेतिया से चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें रेलवे फाटक के बीच एक ट्रेन के रुकने और कुछ यात्रियों के ट्रेन में सवार होने का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो ने रेलवे की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो को लेकर रेलवे ने भी संज्ञान लिया है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह पश्चिम चंपारण जिले के कुमारबाग स्टेशन के पास स्थित एक रेलवे फाटक का है। वीडियो में रेलवे फाटक बंद दिखाई दे रहा है और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। लोग ट्रेन के गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। इसी दौरान फाटक के अंदर कुछ लोग बैग लेकर रेलवे ट्रैक के आसपास खड़े नजर आते हैं। कुछ ही देर बाद ट्रेन आने की आवाज सुनाई देती है। वीडियो में एक व्यक्ति मोबाइल फोन निकालकर किसी से बातचीत करता दिखाई देता है। बातचीत के बाद वह ट्रेन की तरफ हाथ से इशारा करता नजर आता है। इसके बाद जैसे ही ट्रेन रेलवे फाटक के पास पहुंचती है, वह कथित तौर पर फाटक के बीच रुक जाती है। वीडियो में इसके बाद ट्रैक के पास खड़े कुछ लोग ट्रेन में चढ़ते हुए दिखाई देते हैं। इसी दौरान फाटक के पास मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ट्रेन रेलवे फाटक के बीच क्यों रुकी और क्या वास्तव में किसी फोन कॉल के बाद ट्रेन को वहां रोका गया था? वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे की कार्यप्रणाली और नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि ट्रेन के चालक से फोन पर संपर्क किया गया था, जबकि कुछ लोग वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति को लोको पायलट का परिचित बता रहे हैं। वहीं, कुछ यूजर्स ने तो यहां तक टिप्पणी कर दी कि वह व्यक्ति रेलवे के किसी बड़े अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हो सकता है। मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद 'सीतामढ़ी जिला' नाम के एक्स हैंडल से भी वीडियो शेयर किया गया। इस पोस्ट में रेलवे से मामले पर कार्रवाई की मांग की गई। इसके बाद रेल सेवा की ओर से समस्तीपुर रेलवे डिविजन को टैग करते हुए जवाब दिया गया कि संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी दी जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ट्रेन रेलवे फाटक के बीच क्यों रुकी? क्या वास्तव में किसी फोन कॉल के बाद ट्रेन को रुकवाया गया था, या इसके पीछे कोई रेलवे से जुड़ी आधिकारिक वजह थी? क्या फाटक के पास खड़े लोगों को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति थी? इन तमाम सवालों का जवाब आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर रेलवे की ओर से जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया की बात सामने आई है। वीडियो में दिखाई दे रही घटना और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए वायरल वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ट्रेन वास्तव में किस वजह से रेलवे फाटक के बीच रुकी और यात्रियों के ट्रेन में सवार होने की अनुमति किस आधार पर दी गई थी।
- शिक्षा और सामाजिक समरसता की मिसाल पेश कर रहा मझौलिया: एएस इंटरनेशनल स्कूल में गोष्ठी, तो बैध हुकुम मियां के नेतृत्व में देवघर निकला कांवरिया जत्था मझौलिया से दो खास रिपोर्ट: स्कूल में बंटा जुलाई परीक्षा का रिपोर्ट कार्ड, उधर बाबा धाम के लिए रवाना हुआ बोलबम कांवरिया संघ1
- नगर आयुक्त सुश्री शिवाक्षी दिक्षित ने आगामी 79 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के सफल एवं गरिमापूर्ण ढंग से मनाने को लेकर किया समीक्षा बैठक। 11 August समारोह से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तार से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। 11.08.2026.1
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- तेजस्वी के आरोपों पर ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ का पलटवार, कहा- अभियान को बदनाम करने की कोशिश, आरोप निराधार और तथ्यहीन।। बेतिया । सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा संगठन और इसके मुख्य संरक्षक आईपीएस अधिकारी विकास वैभव को लेकर लगाए गए आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है। बेतिया में आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने आरोपों को निराधार, तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक बताते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपना पक्ष रखा। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि लेट्स इंस्पायर बिहार पूरी तरह गैर-राजनीतिक सामाजिक अभियान है। इसका उद्देश्य बिहार की सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक क्षमता को मजबूत करना तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा से जोड़ना है। वक्ताओं के अनुसार, किसी सामाजिक कार्यक्रम में किसी जनप्रतिनिधि की मौजूदगी या उनके साथ सार्वजनिक रूप से खिंचवाई गई तस्वीर को आधार बनाकर व्यक्तिगत संबंध, संरक्षण अथवा आर्थिक सहयोग जैसे आरोप लगाना उचित नहीं है। प्रेस वार्ता में विकास वैभव पर की जा रही टीका-टिप्पणी पर भी वक्ताओं ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ आरोप लगाने से पहले तथ्यों और प्रमाणों को सामने रखना चाहिए। केवल तस्वीरों अथवा सार्वजनिक मुलाकातों के आधार पर निष्कर्ष निकालना सार्वजनिक विमर्श की गरिमा के विपरीत है।संगठन ने सभी राजनीतिक दलों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों से अपील की कि सामाजिक अभियानों को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाए। बिना प्रमाण किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाले बयान देने से भी बचना चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान संगठन ने अपने गैर-राजनीतिक स्वरूप को दोहराते हुए सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देने की बात कहा1
- * 108 साल की उम्र में बुजुर्ग की मौत, ढोल-नगाड़ों और आर्केस्ट्रा के साथ निकली अंतिम यात्रा1
- बस एक फोन कॉल... और फाटक पर रुक गई ट्रेन? VIDEO वायरल, रेलवे ने लिया संज्ञान बेतिया से चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें रेलवे फाटक के बीच एक ट्रेन के रुकने और कुछ यात्रियों के ट्रेन में सवार होने का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो ने रेलवे की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो को लेकर रेलवे ने भी संज्ञान लिया है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह पश्चिम चंपारण जिले के कुमारबाग स्टेशन के पास स्थित एक रेलवे फाटक का है। वीडियो में रेलवे फाटक बंद दिखाई दे रहा है और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। लोग ट्रेन के गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। इसी दौरान फाटक के अंदर कुछ लोग बैग लेकर रेलवे ट्रैक के आसपास खड़े नजर आते हैं। कुछ ही देर बाद ट्रेन आने की आवाज सुनाई देती है। वीडियो में एक व्यक्ति मोबाइल फोन निकालकर किसी से बातचीत करता दिखाई देता है। बातचीत के बाद वह ट्रेन की तरफ हाथ से इशारा करता नजर आता है। इसके बाद जैसे ही ट्रेन रेलवे फाटक के पास पहुंचती है, वह कथित तौर पर फाटक के बीच रुक जाती है। वीडियो में इसके बाद ट्रैक के पास खड़े कुछ लोग ट्रेन में चढ़ते हुए दिखाई देते हैं। इसी दौरान फाटक के पास मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ट्रेन रेलवे फाटक के बीच क्यों रुकी और क्या वास्तव में किसी फोन कॉल के बाद ट्रेन को वहां रोका गया था? वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे की कार्यप्रणाली और नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि ट्रेन के चालक से फोन पर संपर्क किया गया था, जबकि कुछ लोग वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति को लोको पायलट का परिचित बता रहे हैं। वहीं, कुछ यूजर्स ने तो यहां तक टिप्पणी कर दी कि वह व्यक्ति रेलवे के किसी बड़े अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हो सकता है। मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद 'सीतामढ़ी जिला' नाम के एक्स हैंडल से भी वीडियो शेयर किया गया। इस पोस्ट में रेलवे से मामले पर कार्रवाई की मांग की गई। इसके बाद रेल सेवा की ओर से समस्तीपुर रेलवे डिविजन को टैग करते हुए जवाब दिया गया कि संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी दी जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ट्रेन रेलवे फाटक के बीच क्यों रुकी? क्या वास्तव में किसी फोन कॉल के बाद ट्रेन को रुकवाया गया था, या इसके पीछे कोई रेलवे से जुड़ी आधिकारिक वजह थी? क्या फाटक के पास खड़े लोगों को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति थी? इन तमाम सवालों का जवाब आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर रेलवे की ओर से जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया की बात सामने आई है। वीडियो में दिखाई दे रही घटना और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए वायरल वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ट्रेन वास्तव में किस वजह से रेलवे फाटक के बीच रुकी और यात्रियों के ट्रेन में सवार होने की अनुमति किस आधार पर दी गई थी।1