कोदो के बीज से बनी रोटी खाने के बाद पांच लोगों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में चल रहा इलाज कोदो के बीज से बनी रोटी खाने के बाद पांच लोगों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में चल रहा इलाज वाराणसी। जंसा थाना क्षेत्र के खिल्लूपुर गांव में रविवार की शाम कोदो के बीज से बनी रोटी खाने के बाद एक ही परिवार के पांच सदस्यों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में सभी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, खिल्लूपुर निवासी उमाशंकर पटेल ने सेवापुरी बहुउद्देशीय केंद्र से खेत में बुवाई के लिए कोदो का बीज लिया था। बताया जा रहा है कि बीज पर कीटनाशक दवा लगी हुई थी। बुवाई नहीं होने के कारण परिवार ने कथित तौर पर उसी बीज की पिसाई कर आटा तैयार कर लिया। इसके बाद रविवार की देर शाम इसी आटे से बनी रोटी परिवार के सदस्यों ने खा ली बताया गया कि भोजन करने के कुछ ही घंटों बाद उमाशंकर पटेल समेत परिवार के पांच सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। इसके बाद उमाशंकर के पुत्र नागेंद्र पटेल ने फोन कर पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पड़ोसी मौके पर पहुंचे और सभी को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है। वहीं, इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी सेवापुरी देवदत्त ने बताया कि घटना की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। संभवतः मरीजों का उपचार किसी निजी चिकित्सालय में चल रहा होगा।
कोदो के बीज से बनी रोटी खाने के बाद पांच लोगों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में चल रहा इलाज कोदो के बीज से बनी रोटी खाने के बाद पांच लोगों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में चल रहा इलाज वाराणसी। जंसा थाना क्षेत्र के खिल्लूपुर गांव में रविवार की शाम कोदो के बीज से बनी रोटी खाने के बाद एक ही परिवार के पांच सदस्यों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में सभी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, खिल्लूपुर निवासी उमाशंकर पटेल ने सेवापुरी बहुउद्देशीय केंद्र से खेत में बुवाई के लिए कोदो का बीज लिया था। बताया जा रहा है कि बीज पर कीटनाशक दवा लगी हुई थी। बुवाई नहीं होने के कारण परिवार ने कथित तौर पर उसी बीज की पिसाई कर आटा तैयार कर लिया। इसके बाद रविवार की देर शाम इसी आटे से बनी रोटी परिवार के सदस्यों ने खा ली बताया गया कि भोजन करने के कुछ ही घंटों बाद उमाशंकर पटेल समेत परिवार के पांच सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। इसके बाद उमाशंकर के पुत्र नागेंद्र पटेल ने फोन कर पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पड़ोसी मौके पर पहुंचे और सभी को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है। वहीं, इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी सेवापुरी देवदत्त ने बताया कि घटना की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। संभवतः मरीजों का उपचार किसी निजी चिकित्सालय में चल रहा होगा।
- लहिया बाजार के समीप सड़क के गड्ढों की मरम्मत शुरू, राहगीरों को मिलेगी राहत लहिया बाजार के समीप सड़क के गड्ढों की मरम्मत शुरू, राहगीरों को मिलेगी राहत सेवापुरी। आराजी लाइन विकासखंड के लहिया बाजार के समीप देहली विनायक-लहरतारा मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढों की मरम्मत का कार्य मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे संबंधित विभाग ने शुरू करा दिया। सड़क की मरम्मत शुरू होने से लंबे समय से परेशानी झेल रहे राहगीरों और वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, देहली विनायक-लहरतारा मार्ग पर लहिया बाजार के समीप जगह-जगह सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन में काफी परेशानी होती थी। सबसे अधिक दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ती थी। हल्की बारिश होते ही सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाता था, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता था। ऐसे में बाइक सवार कई बार अनियंत्रित होकर गिर जाते थे और हादसे की आशंका बनी रहती थी। ग्रामीणों और राहगीरों ने सड़क की बदहाल स्थिति की ओर संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित कराया था। इसके बाद मंगलवार को विभाग की ओर से गड्ढों को पेचिंग कर सड़क को दुरुस्त करने का काम शुरू कराया गया। मरम्मत कार्य शुरू होने पर स्थानीय लोगों ने राहत जताई। लोगों का कहना है कि सड़क के दुरुस्त हो जाने से आवागमन सुगम होगा और वाहन चालकों को होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी।1
- आईपीएस प्रमोद कुमार और श्रुति श्रीवास्तव के कार्यकाल की पुलिस आयुक्त ने की सराहना1
- चाका में निःशुल्क नेत्र महाशिविर, सैकड़ों लोगों की हुई जांच न्यूज टू इंडिया से संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता जिला चीफ ब्यूरो की खास रिपोर्ट मोतियाबिंद समेत विभिन्न नेत्र रोगों की जांच के साथ दवाएं वितरित, जरूरतमंद मरीजों के निःशुल्क ऑपरेशन की व्यवस्था नैनी, प्रयागराज। चाका क्षेत्र के पंचायत भवन, चकराना तिवारी, राम सागर में रविवार को रीती आई केयर हॉस्पिटल, प्रयागराज के सहयोग से निःशुल्क नेत्र जांच एवं मोतियाबिंद महाशिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर नेत्र परीक्षण कराया। शिविर का शुभारंभ पार्षद वार्ड नंबर-01 दीप चन्द्र उर्फ मुन्ना प्रधान ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना समाजसेवा का महत्वपूर्ण कार्य है। शिविर के माध्यम से लोगों को आंखों की जांच और उपचार की सुविधा मिलना सराहनीय पहल है। शिविर में चिकित्सकों की टीम ने लोगों की आंखों की जांच करने के साथ चश्मे के नंबर की जांच की। नाखुना, समलबाई सहित विभिन्न नेत्र रोगों की पहचान की गई। वहीं, मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को चिन्हित कर उनके निःशुल्क ऑपरेशन के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई। लाभार्थियों को निःशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं तथा आयुष्मान कार्ड से संबंधित सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम के संचालन और आयोजन में वार्ड नंबर-17 के समाजसेवी उज्जवल प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना ही इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य है। आगे भी जनहित से जुड़े कार्यों को जारी रखने की बात कही इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता धीरेंद्र कुशवाहा सहित विनोद यादव, शिवम तिवारी, सूरज भारतीय, संजय तिवारी, उत्तम यादव, मनोज, रवि भारतीय, सुनील विश्वकर्मा, बुलबुल यादव, सतीश भारतीय, रमाकांत तिवारी, अभय रावत, देशराज भारतीय, प्रदीप भारतीय, राहुल पटेल, कुलदीप भारतीय, रूपेश कुशवाहा, अनूप पासी, नरेंद्र पासी, सुरेंद्र शर्मा, नारायण दुबे, विकास दुबे सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे शिविर में उमड़ी भीड़ और मिली निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा से ग्रामीणों में खुशी का माहौल रहा। आयोजक मंडल ने सहयोग करने वाले सभी लोगों और रीती आई केयर हॉस्पिटल की टीम के प्रति आभार जताया।1
- माँ तो माँ होती है! तीस्ता नदी में बहा 3 दिन का हाथी का बच्चा, वन विभाग ने बचाई जान,माँ से मिलते ही लिपट गया नन्हा जलपाईगुड़ी, वेस्ट बंगाल। जलपाईगुड़ी जिले के गजोल्डोबा इलाके से एक दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवता और ममता दोनों की मिसाल पेश की है। जानकारी के मुताबिक, तीस्ता नदी के तेज बहाव में एक हथिनी का 3 दिन का नवजात बच्चा बह गया। तेज धार में बच्चा कई किलोमीटर दूर तक बहता चला गया। वहीं नदी के किनारे उसकी माँ बेबस खड़ी, खोजती नजरों से अपने जिगर के टुकड़े का इंतजार करती रही। घटना की सूचना मिलते ही बैकुंठपुर फॉरेस्ट डिवीजन (Baikunthapur Forest Division) की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने स्थानीय मछुआरों की मदद से जान जोखिम में डालकर नदी की उफनती लहरों के बीच से उस नवजात बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। बाहर निकालने के बाद तुरंत डॉक्टरों की टीम ने बच्चे को मेडिकल केयर दी। जब उसकी हालत स्थिर हुई तो वन विभाग की टीम ने उसे वापस उसकी माँ के पास पहुंचाया। और फिर जो हुआ, उसने सबकी आंखें नम कर दीं।अपनी माँ को देखते ही नन्हा हाथी उसकी ओर दौड़ा और माँ भी तुरंत अपने बच्चे को सूंड से दुलारने-पुचकारने लगी और उसे दूध पिलाने लगी। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना पूरे इलाके में हो रही है।1
- कलम के तेज धार से 14 कोसी मार्ग पर घर-दुकान गिराए जाने पर सपा ने जताया आक्रोश, पीड़ितों की अखिलेश से कराई बात अयोध्या। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण में घर-दुकान गिराए जाने के मामले में पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन और महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने महानगर कमेटी के साथ पीड़ितों से मुलाकात की और उनका दर्द सुना। इस दौरान पूर्व सभासद मुरारी यादव की सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात कराई गई। प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट ने बताया कि पूर्व मंत्री पवन पांडे ने कहा कि 11 घर-दुकानों पर बुलडोजर चलना दुखद है। भाजपा के पूर्व सभासद मुरारी यादव के घर पर बिना नोटिस कार्रवाई की गई। एक परिवार में शादी थी, बिना बताए घर गिरा दिया गया और जेवरात मलबे में दब गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है, सपा आखिरी दम तक पीड़ितों के साथ खड़ी है। महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि मामला न्यायालय में होने के बावजूद कार्रवाई गैरकानूनी है। पूर्व सभासद को कस्टडी में लेकर घर गिराया गया, यह तानाशाही है। उन्होंने मांग की कि पीड़ितों को मकान दिया जाए और बुलडोजर कार्रवाई के बाद जनरेटर-एसी लूटने वाले अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज हो।2
- जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली1
- यूपीआई (UPI - Unified Payments Interface) की कहानी भारत के एक साधारण विचार से दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बनने की एक बेमिसाल दास्तान है. इसने न सिर्फ भारत में कैश के चलन को कम किया, बल्कि अमेरिका के वीज़ा (Visa) और मास्टरकार्ड (Mastercard) जैसे दिग्गजों के दबदबे को भी कड़ी टक्कर दी है.इसकी शुरुआत से लेकर मौजूदा बदलावों तक की पूरी कहानी नीचे दी गई है:1. शुरुआत और विचार (2012 - 2016)आइडिया की शुरुआत: साल 2012 के आसपास भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और कुछ बैंकिंग एक्सपर्ट्स ने एक ऐसे सिस्टम की कल्पना की, जिससे बिना किसी वॉलेट (जैसे Paytm वॉलेट) के सीधे एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में तुरंत पैसे भेजे जा सकें. इस विज़न को आगे बढ़ाने में नंदन नीलेकणी और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अहम भूमिका रही.लॉन्च: अप्रैल 2016 में तत्कालीन आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने यूपीआई को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया. शुरुआत में इसके पायलट प्रोजेक्ट में सिर्फ 21 बैंक शामिल थे.2. गेम-चेंजर मोड़: नोटबंदी और महामारी2016 की नोटबंदी: नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी ने यूपीआई के लिए बूस्टर का काम किया. जब नकदी की कमी हुई, तो लोगों ने तेजी से डिजिटल पेमेंट को अपनाया.कोविड-19 महामारी: 2020 में कोरोना महामारी के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के कारण 'कॉन्टैक्टलेस पेमेंट' की जरूरत पड़ी. ठेले-पटरी वाले से लेकर बड़े शोरूम तक, हर जगह QR कोड नजर आने लगे.फ्री मॉडल का जादू: भारत सरकार और NPCI ने डिजिटल इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए साल 2020 में MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) को जीरो कर दिया. यानी ग्राहकों और दुकानदारों दोनों के लिए यूपीआई पूरी तरह मुफ्त हो गया, जिससे इसका प्रसार अभूतपूर्व गति से हुआ.3. सफलता के बेमिसाल आंकड़ेग्लोबल लीडर: यूपीआई आज दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बन चुका है. अगस्त 2026 में यूपीआई पर 24.51 अरब (2450 करोड़) से ज्यादा के लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 29.82 लाख करोड़ रुपये थी.बैंकों का ग्रिड: 2016 में 21 बैंकों से शुरू हुआ यह सफर आज 750 से ज्यादा लाइव बैंकों तक पहुंच चुका है.अंतरराष्ट्रीय उड़ान: भारत की यह तकनीक अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं है. सिंगापुर, यूएई (UAE), नेपाल, भूटान, और फ्रांस जैसे कई देश भी Britannica और अन्य माध्यमों के अनुसार यूपीआई पेमेंट्स को स्वीकार करने लगे हैं.4. वर्तमान स्थिति और चार्ज का नया मोड़ (2026)हाल के दिनों में यूपीआई इकोसिस्टम को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से टिकाऊ (Sustainable) बनाने के लिए एक नया बदलाव देखा गया है:P2P और छोटे व्यापारी पूरी तरह मुफ्त: आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि पर्सन-टू-पर्सन (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति) किए जाने वाले ट्रांसफर पूरी तरह मुफ्त हैं. साथ ही, छोटे व्यापारियों के लिए भी ₹2000 तक के लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं है.बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर मामूली चार्ज: फिनटेक कंपनियों और बैंकों के इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को संभालने के लिए सरकार ने बड़े मर्चेंट (व्यापारी) ट्रांजैक्शंस पर 0.4% का मामूली मर्चेंट चार्ज (MDR) लागू किया है. हालांकि, कुछ क्षेत्रों (जैसे पेट्रोल पंप और बड़े व्यापारी) में इसे लेकर बहस और चिंताएं भी देखने को मिल रही हैं.क्या आप यूपीआई की तकनीक (यह काम कैसे करता है) के बारे में जानना चाहते हैं, या इसके नए नियमों और चार्ज से जुड़ी कोई खास जानकारी चाहते हैं?1
- कोदो के बीज से बनी रोटी खाने के बाद पांच लोगों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में चल रहा इलाज कोदो के बीज से बनी रोटी खाने के बाद पांच लोगों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में चल रहा इलाज वाराणसी। जंसा थाना क्षेत्र के खिल्लूपुर गांव में रविवार की शाम कोदो के बीज से बनी रोटी खाने के बाद एक ही परिवार के पांच सदस्यों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में सभी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, खिल्लूपुर निवासी उमाशंकर पटेल ने सेवापुरी बहुउद्देशीय केंद्र से खेत में बुवाई के लिए कोदो का बीज लिया था। बताया जा रहा है कि बीज पर कीटनाशक दवा लगी हुई थी। बुवाई नहीं होने के कारण परिवार ने कथित तौर पर उसी बीज की पिसाई कर आटा तैयार कर लिया। इसके बाद रविवार की देर शाम इसी आटे से बनी रोटी परिवार के सदस्यों ने खा ली बताया गया कि भोजन करने के कुछ ही घंटों बाद उमाशंकर पटेल समेत परिवार के पांच सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। इसके बाद उमाशंकर के पुत्र नागेंद्र पटेल ने फोन कर पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पड़ोसी मौके पर पहुंचे और सभी को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है। वहीं, इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी सेवापुरी देवदत्त ने बताया कि घटना की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। संभवतः मरीजों का उपचार किसी निजी चिकित्सालय में चल रहा होगा।1