सपा कार्यालय में मनाई गई छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की जयंती, समाजवादी विचारों पर चलने का लिया संकल्प बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बुधवार को समाजवादी चिंतक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रद्धेय जनेश्वर मिश्र (छोटे लोहिया) की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए समाजवादी सिद्धांतों और जनसेवा के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जनेश्वर मिश्र का पूरा जीवन गरीबों, किसानों, मजदूरों और वंचित वर्ग के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित रहा। उन्होंने सादगी, ईमानदारी और समाजवादी मूल्यों की राजनीति को नई पहचान दी। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। नेताओं ने कहा कि छोटे लोहिया ने हमेशा सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य किया। वर्तमान समय में उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने, आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और समाजवादी विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के जिला पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। सभी ने जनेश्वर मिश्र के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
सपा कार्यालय में मनाई गई छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की जयंती, समाजवादी विचारों पर चलने का लिया संकल्प बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बुधवार को समाजवादी चिंतक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रद्धेय जनेश्वर मिश्र (छोटे लोहिया) की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए समाजवादी सिद्धांतों और जनसेवा के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जनेश्वर मिश्र का पूरा जीवन गरीबों, किसानों, मजदूरों और वंचित वर्ग के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित रहा। उन्होंने सादगी, ईमानदारी और समाजवादी मूल्यों की राजनीति को नई पहचान दी। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। नेताओं ने कहा कि छोटे लोहिया ने हमेशा सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य किया। वर्तमान समय में उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने, आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और समाजवादी विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के जिला पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। सभी ने जनेश्वर मिश्र के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
- ⚡ एचटी लाइन टूटने से गड़वार उपकेंद्र की बिजली 30 घंटे गुल, 50 से अधिक गांवों में हाहाकार 🥵 भीषण गर्मी-उमस में लोगों की कटी जागकर रात, इन्वर्टर जवाब दे गए और पेयजल संकट ने बढ़ाई परेशानी गड़वार (बलिया)। दुमदुमा गांव के पास एचटी लाइन टूटने का खामियाजा गड़वार विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 50 हजार लोगों को भुगतना पड़ा। मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे बाधित हुई बिजली बुधवार शाम तक बहाल नहीं हो सकी। लगभग 30 घंटे तक 50 से अधिक गांव अंधेरे में डूबे रहे, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। लंबे समय तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों की रात आंखों-आंखों में कट गई। इन्वर्टर जवाब दे गए, घरों में पेयजल संकट खड़ा हो गया और खेतों से लेकर बाजार तक लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली न होने से घरेलू कामकाज के साथ-साथ दुकानदारों और किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गईं। 🔧 रात में नहीं हो सकी मरम्मत एचटी लाइन में फाल्ट की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीम रात में मौके पर पहुंची, लेकिन अंधेरा और तकनीकी बाधाओं के कारण मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो सका। बुधवार सुबह दोबारा मरम्मत कार्य शुरू किया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद टूटे तार को जोड़ दिया गया, लेकिन इसी बीच बलिया की 132 केवी लाइन में फाल्ट आने से गड़वार विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। ✊ उपकेंद्र पहुंचे प्रधान प्रतिनिधि व समर्थक बुधवार दोपहर गड़वार ग्रामसभा के प्रधान प्रतिनिधि दीपक कन्नौजिया अपने दर्जनों समर्थकों के साथ विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और अवर अभियंता को बुलाने की मांग पर अड़ गए। उनका आरोप था कि अवर अभियंता का मोबाइल अक्सर बंद रहता है और उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारी भी फोन नहीं उठाते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो जाती, तब तक वे लोग उपकेंद्र परिसर में ही डटे रहेंगे। 📞 क्या बोले प्रभारी उपखंड अधिकारी? इस संबंध में प्रभारी उपखंड अधिकारी दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि करीब दो बजे 33 हजार केवी का फाल्ट ठीक कर लिया गया था। हालांकि, 132 केवी लाइन में फाल्ट आने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित है। वहां मरम्मत कार्य चल रहा है और दो-तीन घंटे में विद्युत आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है। 📢 क्या आपके गांव में भी लंबे समय से बिजली गुल है? बिजली विभाग की व्यवस्था पर आपकी क्या राय है? कमेंट कर अपनी बात जरूर बताएं। #गड़वार #बिजली_संकट #बलिया_समाचार #विद्युत_उपकेंद्र #एचटी_लाइन2
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- 5 August San 2026 janeshwar Mishra s*** s*** Naman sapa Karyalay Lucknow जनेश्वर को क्यों कहते हैं छोटे लोहिया 5 अगस्त 1933 को बलिया के शुभ नाथहि गांव में पैदा हुए जनेश्वर मिश्रा समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया के बड़े अनुयायियों में गिने जाते हैं। छात्र जीवन में ही उनके ऊपर लोहिया के विचारों का प्रभाव पड़ गया था। समाजवादी युवजन सभा जॉइन करने के बाद मिश्रा पहली❤️ बार राम मनोहर लोहिया के संपर्क में आए। यूपी के पूर्व मंत्री नारद राय की मानें तो मिश्रा ने राम मनोहर लोहिया के साथ लंबे समय तक काम किया था। इस दौरान उन्होंने लोहिया के विचारों और उनके काम करने के तरीकों को ऐसे अपना लिया था, जैसे वह उनकी परछाईं हों। यही कारण था कि एक बार इलाहाबाद में आयोजित जनसभा में समाजवादी नेता छुन्नू ने कहा था कि जनेश्वर मिश्र के अंदर राम मनोहर लोहिया के सारे गुण हैं और इसलिए वे एक तरह से 'छोटे लोहिया' हैं। इसके बाद से ही जनेश्वर मिश्र का नाम छोटे लोहिया मशहूर हो गया। फूलपुर से बने सांसद छोटे लोहिया ने साल 1967 में अपने करियर का पहला संसदीय चुनाव लड़ा था। पहले ही चुनाव में उनकी प्रतिद्वंदी जवाहर लाल नेहरू की बहन और कांग्रेस नेता विजयलक्ष्मी पंडित थीं। इलाहाबाद की मशहूर फूलपुर लोकसभा सीट थी। यह चुनौती छोटे लोहिया के लिए बहुत मुश्किल थी और वह इसमें विफल भी हो गए लेकिन साल 1968 में विजयलक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्र चली गईं। इसके बाद फूलपुर में उपचुनाव हुआ और इस बार मिश्र ने बाजी मार ली। उन्होंने कांग्रेस के केडी मालवीय को हराकर चुनाव जीत लिया और पहली बार लोकसभा पहुंचे। फूलपुर सीट से चुनाव जीतने वाले मिश्र पहले गैर-कांग्रेसी नेता थे।1
- जॉब पाने के लिए पुरे देश के लोग बिहार में आए ऐसा बिहार बनाना है "मेरा सपना मुख्यमंत्री बनना नहीं है। मेरा सपना है कि अपने जीवनकाल में ऐसा बिहार बने, जहाँ हरियाणा, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र से लोग नौकरी और रोजगार के लिए बिहार आएँ। तभी मानूँगा कि बिहार का विकास हुआ है।"1
- #BreakingNews : "कृष्ण-सुदामा की दोस्ती कितनी पुरानी?" — अखिलेश यादव ने बताया युगों पुराना संबंध! #BreakingNews : "कृष्ण-सुदामा की दोस्ती कितनी पुरानी?" — अखिलेश यादव ने बताया युगों पुराना संबंध!1
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- रतसर कलां में जमीनी विवाद पर मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी; दो पक्षों में हुआ था विवाद हेडिंग: बलिया। गड़वार थाना क्षेत्र के रतसर कलां नगर पंचायत में जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट का एक वीडियो बुधवार सुबह से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो एक-दो दिन पुराना है, जिसमें दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट होती दिखाई दे रही है। वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता मंजू देवी का आरोप है कि विवादित जमीन पर निर्माण कार्य का उन्होंने विरोध किया, जिसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके साथ मारपीट की। शोर सुनकर बचाव के लिए पहुंचे जयराम और राहुल भी कथित रूप से हमले में घायल हो गए। दोनों घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर गड़वार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित पक्ष से तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। वायरल वीडियो को लेकर पुलिस भी जांच कर रही है। फिलहाल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई गई घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, मामले में दूसरे पक्ष का बयान भी अभी सामने नहीं आया है। नोट: यह समाचार उपलब्ध शिकायत, स्थानीय जानकारी और वायरल वीडियो के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।1