सिंगरौली जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची खनिज विभाग की टीम को अभद्रता, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और जान से मारने की धमकी का सामना करना पड़ा है। यह घटना तब सामने आई जब सहायक खनिज अधिकारी रामसुशील चौरसिया 17 जून 2026 को अपने विभागीय अमले, जिसमें खनिज सर्वेयर, सिपाही और पुलिस बल शामिल थे, के साथ क्षेत्र भ्रमण पर निकले थे। जांच के दौरान, टीम ने ग्राम बिलासपुर स्थित मयार नदी के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत का अवैध परिवहन होते देखा। वाहन को रोकने का प्रयास करने पर चालक कथित रूप से रेत खाली कर ट्रैक्टर लेकर भागने लगा, जिसके बाद टीम ने उसका पीछा किया। चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ग्राम बिलासपुर में छोड़कर फरार हो गया। खनिज अधिकारियों ने मौके पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत पाए जाने पर उसे अवैध परिवहन में संलिप्त मानते हुए जब्त कर पंचनामा तैयार किया और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की। शिकायत के अनुसार, जब जब्त ट्रैक्टर को पुलिस चौकी सासन ले जाने की तैयारी हो रही थी, तभी तियरा निवासी प्रेमलाल शाह और अरुण शाह मौके पर पहुंचे और वाहन ले जाने का विरोध करने लगे। सहायक खनिज अधिकारी ने आरोप लगाया है कि दोनों व्यक्तियों ने शासकीय कार्रवाई में बाधा डालते हुए अभद्र व्यवहार किया और खनिज विभाग की टीम के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को डराते-धमकाते हुए कार्रवाई रोकने की कोशिश की और आगे बढ़कर उन्हें धमकाया। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि दोबारा ट्रैक्टर लेने आने पर टीम को जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना के बाद, सुरक्षा कारणों से खनिज विभाग की टीम को जब्त वाहन वहीं छोड़कर वापस लौटना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस चौकी सासन ने सहायक खनिज अधिकारी की शिकायत पर प्रेमलाल शाह और अरुण शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
सिंगरौली जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची खनिज विभाग की टीम को अभद्रता, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और जान से मारने की धमकी का सामना करना पड़ा है। यह घटना तब सामने आई जब सहायक खनिज अधिकारी रामसुशील चौरसिया 17 जून 2026 को अपने विभागीय अमले, जिसमें खनिज सर्वेयर, सिपाही और पुलिस बल शामिल थे, के साथ क्षेत्र भ्रमण पर निकले थे। जांच के दौरान, टीम ने ग्राम बिलासपुर स्थित मयार नदी के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत का अवैध परिवहन होते देखा। वाहन को रोकने का प्रयास करने पर चालक कथित रूप से रेत खाली कर ट्रैक्टर लेकर भागने लगा, जिसके बाद टीम ने उसका पीछा किया। चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ग्राम बिलासपुर में छोड़कर फरार हो गया। खनिज अधिकारियों ने मौके पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत पाए जाने पर उसे अवैध परिवहन में संलिप्त मानते हुए जब्त कर पंचनामा तैयार किया और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की। शिकायत के अनुसार, जब जब्त ट्रैक्टर को पुलिस चौकी सासन ले जाने की तैयारी हो रही थी, तभी तियरा निवासी प्रेमलाल शाह और अरुण शाह मौके पर पहुंचे और वाहन ले जाने का विरोध करने लगे। सहायक खनिज अधिकारी ने आरोप लगाया है कि दोनों व्यक्तियों ने शासकीय कार्रवाई में बाधा डालते हुए अभद्र व्यवहार किया और खनिज विभाग की टीम के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को डराते-धमकाते हुए कार्रवाई रोकने की कोशिश की और आगे बढ़कर उन्हें धमकाया। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि दोबारा ट्रैक्टर लेने आने पर टीम को जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना के बाद, सुरक्षा कारणों से खनिज विभाग की टीम को जब्त वाहन वहीं छोड़कर वापस लौटना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस चौकी सासन ने सहायक खनिज अधिकारी की शिकायत पर प्रेमलाल शाह और अरुण शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
- बिहार के आरा जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने एटा में प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर हुआ। पदाधिकारियों का कहना है कि भरत तिवारी एनकाउंटर से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें जीवित देखा जा सकता है। इसी वीडियो को आधार बनाकर संगठन ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में कुल 12 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से जांच पूरी होने तक मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, मानवाधिकार आयोग से जांच कराने, परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और मुठभेड़ के वीडियो तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा द्वारा भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में पूरे प्रदेशभर में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। संगठन की मुख्य मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान युवा मोर्चा अध्यक्ष विशाल वशिष्ठ, सोशल मीडिया प्रभारी रवि गुप्ता, जिला मीडिया प्रकोष्ठ अध्यक्ष सरोज कुमार दुबे और किसान मोर्चा अध्यक्ष दीपक वशिष्ठ सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- सिंगरौली जिले के बंधा कोल ब्लॉक से विवाद की बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ ग्रामीणों ने ईएमआईएल बिरला कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन ने कुछ लोगों के साथ गुप्त बैठक कर विस्थापन और मुआवजा प्रक्रिया पूरी किए बिना ही एक बार फिर खनन कार्य शुरू करा दिया है। इस कार्रवाई से प्रभावित ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई और उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि अभी तक कई परिवारों के पुनर्वास, मुआवजा और विस्थापन से जुड़े मामले अनसुलझे हैं, और पूरे गांव की सहमति के बजाय केवल कुछ चुनिंदा लोगों के माध्यम से निर्णय लेकर काम शुरू किया गया है, जो उनके अधिकारों की अनदेखी है। सूत्रों के अनुसार, पिछली रात कुछ ग्रामीणों और सरपंच की कंपनी प्रबंधन से जुड़े लोगों के साथ एक बैठक हुई थी, जिसके बाद शनिवार सुबह से नवाटोला क्षेत्र में खनन कार्य शुरू कर दिया गया। इसकी सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता एवं महामंत्री (ग्रामीण) उपेंद्र द्विवेदी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। करीब पाँच से छह घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, उपेंद्र द्विवेदी ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने बरगवां तहसीलदार दीपेंद्र तिवारी से चर्चा कर स्पष्ट किया कि ग्रामीणों के साथ किसी भी स्थिति में अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा, और जब तक मुआवजा व विस्थापन की प्रक्रिया संतोषजनक ढंग से पूरी नहीं होती, तब तक खनन कार्य नहीं होना चाहिए। मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता उपेंद्र द्विवेदी ने कंपनी प्रबंधन और प्रशासन को सोमवार तक का समय दिया है, ताकि सड़क और मुआवजे से संबंधित मामलों का समाधान किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।1
- आज विश्वभर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह और जोश के साथ मनाया जा रहा है। यह वैश्विक आयोजन हर साल की तरह इस बार भी बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है।1
- ऑपरेटर महासंघ ने सभी सदस्यों से एकजुट होकर संगठन से जुड़ने और समर्थन करने का आह्वान किया है। महासंघ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि किसी को भी कहीं कोई समस्या या परेशानी आती है, तो सभी को मिलकर उसका समाधान करने के लिए अवश्य आगे आना चाहिए।1
- सोनभद्र के ओबरा स्थित वार्ड 3, गुलाब तिराहा, गजराज नगर में बिपछी नागेंद्र पांडे जी द्वारा एक सार्वजनिक सड़क पर चैंबर का निर्माण किया जा रहा है। आरोप है कि यह निर्माण नगर पंचायत ओबरा सोनभद्र की सहमति से हो रहा है, और इसमें नगर पंचायत ओबरा सोनभद्र के सारे अधिकारी भी सीधे तौर पर मिले हुए हैं। इस चैंबर के सार्वजनिक सड़क पर होने के कारण आने वाले समय में आम जनता को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। इसी को देखते हुए, जिलाधिकारी जी से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे इस मामले का संज्ञान लें और सार्वजनिक सड़क से उक्त चैंबर को हटाने के लिए उचित कार्रवाई करें। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि वे इस कार्रवाई के लिए सदैव आभारी रहेंगे।3
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- एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में हैरान करने वाला खुलासा सामने आया है। 'न्यूज़ की पाठशाला' में 'दान चोरी' पर एक और 'होश उड़ाने वाला खुलासा' दिखाया गया, जहाँ यह गंभीर सवाल उठाया गया है कि क्या रामलला को दान में मिला हार गलाकर ईंट बना दिया गया है।1
- सोनभद्र में किसानों ने गैलन में डीजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर रामगढ़-रावटसगंज स्टेट हाईवे पर प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने इस दौरान कहा कि यदि किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो उनका आंदोलन और भी तेज किया जाएगा।1