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दरभंगा जिला के बिरौल प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत 17 नंबर स्टेट हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहाँ मोटरसाइकिल सवार युवक और टेंपो चालक के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। इस भीषण दुर्घटना में घटनास्थल पर ही एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग जख्मी हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है।
JantaStarNews
दरभंगा जिला के बिरौल प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत 17 नंबर स्टेट हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहाँ मोटरसाइकिल सवार युवक और टेंपो चालक के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। इस भीषण दुर्घटना में घटनास्थल पर ही एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग जख्मी हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है।
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- दरभंगा जिला के बिरौल प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत 17 नंबर स्टेट हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहाँ मोटरसाइकिल सवार युवक और टेंपो चालक के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। इस भीषण दुर्घटना में घटनास्थल पर ही एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग जख्मी हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है।1
- विपिन सर ने खान सर से जुड़े एक मामले का खुलासा करते हुए दावा किया है कि उन्होंने खान सर को समझौता करने के लिए एक संदेश भेजा था। हालांकि, विपिन सर के अनुसार, खान सर ने इस समझौते के प्रस्ताव को नहीं माना।1
- समस्तीपुर जिले के हसनपुर प्रखंड कार्यालय में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को खुला रहेगा, जहाँ संबंधित कार्य किए जा सकेंगे।1
- मधुबनी में दहेज के खातिर एक नवविवाहित लड़की की हत्या कर दी गई है। इस निर्मम घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है, जिससे लोग सदमे में हैं।1
- बिहार के बेगूसराय में हारताली चौक पर शिक्षक संघ ने सरकार को अपनी मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ ने स्पष्ट कहा है कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं, तो वे बेगूसराय से लेकर पटना तक घेराव करेंगे।1
- दरभंगा के अल्लपट्टी स्थित नीलकंठ हॉस्पिटल और आदया डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों संस्थानों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाए जाने के बाद हुई मौत और जांच में लापरवाही सामने आने के बाद की गई है। यह मामला 10 मार्च का है, जब हसन चौक निवासी प्रभात कुमार को नीलकंठ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के चिकित्सकों ने मरीज के लिए रक्त की आवश्यकता बताई, जिसके बाद परिजनों ने नीलकंठ हॉस्पिटल के ब्लड रिक्वेस्ट लेटर के आधार पर आदया डायग्नोस्टिक सेंटर से रक्त लिया और उसे मरीज को चढ़ाया गया। परिजनों का आरोप है कि रक्त चढ़ाने के बाद प्रभात कुमार की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पहले पटना और बाद में पुनः डीएमसीएच, दरभंगा लाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ा दिया गया था, जिसके कारण उनकी जान चली गई। परिजनों ने इस संबंध में नीलकंठ हॉस्पिटल द्वारा दिए गए एक शपथ पत्र का भी हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर अस्पताल की ओर से जल्दबाजी में गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाए जाने की बात स्वीकार की गई थी। इसके बाद, परिजनों ने सिविल सर्जन कार्यालय में आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष जांच टीम गठित की, जिसने नीलकंठ हॉस्पिटल और आदया डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच की। जांच के दौरान दोनों संस्थानों में गंभीर अनियमितता और लापरवाही पाए जाने के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को जिले में एक बड़ी पहल के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे लोगों के बीच निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जहां मरीज जान बचाने की उम्मीद लेकर पहुँचते हैं, यदि वहीं लापरवाही बरती जाए तो यह बेहद गंभीर विषय है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या हर मामले में इसी तरह त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई हो पाती है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई की जिलेभर में चर्चा हो रही है और लोग इसे मरीजों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।1
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- समस्तीपुर जिले के हसनपुर प्रखंड कार्यालय में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में लोगों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से कार्य किया गया।1