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पीलीभीत अधिवक्ता की हत्या से वकीलों में आक्रोश, पीलीभीत डीएम को सौपा ज्ञापन अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए 'एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट' लागू करने की मांग को लेकर वकीलों में आक्रोश MYogiAdityanath Jitin Prasada Varun Gandhi #UttarPradesh #pilibhit
Bharat Public Samachar
पीलीभीत अधिवक्ता की हत्या से वकीलों में आक्रोश, पीलीभीत डीएम को सौपा ज्ञापन अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए 'एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट' लागू करने की मांग को लेकर वकीलों में आक्रोश MYogiAdityanath Jitin Prasada Varun Gandhi #UttarPradesh #pilibhit
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- अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए 'एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट' लागू करने की मांग को लेकर वकीलों में आक्रोश MYogiAdityanath Jitin Prasada Varun Gandhi #UttarPradesh #pilibhit1
- पीलीभीत पुलिस लाइन में शुक्रवार को साप्ताहिक परेड का आयोजन किया गया पुलिस अधीक्षक सुकृति माधव मिश्र ने रिजर्व पुलिस लाइन पहुंचकर परेड की सलामी ली और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया इस दौरान पुलिस कर्मियों की शारीरिक दक्षता के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया गया परेड के दौरान सभी पुलिस कर्मियों ने कदमताल करते हुए अपनी तैयारी का प्रदर्शन किया इसके तत्काल बाद शास्त्र ड्रिल का आयोजन किया गया जिसमें हथियारों के रखरखाव और सुरक्षित प्रयोग पर विशेष ध्यान दिया गया पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी के दौरान शास्त्रों के सही रखरखाव और प्रभावी उपयोग को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया जिसमें किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त न करने के निर्देश दिए1
- पीलीभीत में ऑफिस के बाहर कर्मचारी का लटका मिला शव और परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप2
- सुबह राहगीरों ने शव को लटका देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पहचान कराई, जिसकी पहचान शहर के छोटा खुदागंज निवासी 25 वर्षीय अनिल पाल के रूप में हुई। पुलिस ने मौके से CCTV फुटेज कब्जे में लिया। फुटेज में युवक सुबह करीब 4:45 बजे ऑफिस के अंदर जाता दिखाई देता है, लेकिन इसके बाद अचानक कैमरे बंद हो जाते हैं, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है। परिजनों का आरोप है कि अनिल की हत्या कर शव को फंदे से लटकाया गया है। मृतक के भाई ने बताया कि सुबह करीब 4:30 बजे प्रॉपर्टी डीलर ने अनिल को फोन कर ऑफिस बुलाया था। इसके बाद उसकी हत्या कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि अनिल पहले उसी प्रॉपर्टी डीलिंग कंपनी में काम करता था। ऑफिस में काम करने वाली एक युवती को लेकर अनिल और प्रॉपर्टी डीलर के बीच विवाद चल रहा था। परिजनों का कहना है कि इसी विवाद के चलते अनिल को पहले नौकरी से निकाला गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कॉल डिटेल्स व CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल परिजनों के आरोपों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई की जा रही है।1
- नोटिस के बाद दूसरे राज्यों से लौटे मजदूर, रोज़गार पर पड़ा सीधा असर प्रधान ने निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर की मुआवजे की मांग पीलीभीत।जनपद में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के तहत जारी किए जा रहे सुनवाई नोटिसों ने ग्रामीण इलाकों में खलबली मचा दी है। चंदिया हजारा गांव के ग्राम प्रधान वासुदेव कुंडू समेत उनके परिवार के सदस्यों को भी एसआईआर के अंतर्गत नोटिस भेजे गए हैं। नोटिस मिलने के बाद ग्राम प्रधान ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे अनुचित और जनहित के विरुद्ध बताया है।गुरुवार शाम करीब चार बजे ग्राम प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि एसआईआर नोटिसों का असर केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे गांव के सैकड़ों मजदूरों की रोजी-रोटी पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। प्रधान का कहना है कि गांव के कई मजदूर दूसरे राज्यों में रहकर मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, लेकिन नोटिस की सूचना मिलते ही वे डर और असमंजस की स्थिति में काम छोड़कर गांव लौटने को मजबूर हो गए।प्रधान ने कहा कि मजदूरों को अचानक वापस लौटने से न केवल उनकी मजदूरी छिन गई, बल्कि यात्रा में समय और पैसा भी बर्बाद हुआ। कई मजदूरों ने उधार लेकर सफर किया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और भी कमजोर हो गई है। इस पूरी प्रक्रिया से गरीब मजदूर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।ग्राम प्रधान वासुदेव कुंडू ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए केंद्रीय निर्वाचन आयोग को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने एसआईआर नोटिसों की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा है कि प्रशासनिक कार्रवाई के चलते मजदूरों को हुए नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए। प्रधान ने मांग की है कि प्रभावित प्रत्येक मजदूर को दस हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें हुए आर्थिक नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो सके।प्रधान का कहना है कि यदि समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया तो ग्रामीण क्षेत्रों में भय और असंतोष का माहौल और अधिक गहरा सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि एसआईआर प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि आम ग्रामीण और मजदूर बेवजह परेशान न हों।एसआईआर नोटिसों को लेकर उपजे इस विवाद ने अब प्रशासन और निर्वाचन आयोग के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।1
- फतेहगंज पश्चिमी-बरेली। प्रेटी पेटल्स पब्लिक स्कूल का रंगारंग वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया।1
- पीलीभीत बीसलपुर क्षेत्र विलसंडा से लौट रहे थे शादी समारोह से तभी अचानक बीसलपुर क्षेत्र ईटगाव चौराहा पर बुजुर्ग महिला रोड क्रॉस कर रही थी तभी महिला बुजुर्ग बचाने के चक्कर में बाइक संतुलन बिगड़ा बाइक सवार गंभीर रूप से घायल होने पर प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती1
- पीलीभीत जिले के कोतवाली बीसलपुर इलाका के गांव मीरपुर वाहनपुर में मोबाइल को लेकर झगड़ा हुआ और तेजधार हथियार से एक युवक पर हमला बोलकर उसका सर फोड़ दिया जिससे वह खून से लटपट हो गया पीड़ित ने जिसकी तहरीर कोतवाली पुलिस को दी। पीड़ित सकलेन ने तहरीर में बताया कि 9 फरवरी को शाम 4 बजे प्रार्थी का मोबाइल और 10150 रुपए छोटे पुत्र सोहराब निवासी मीरपुर थाना बीसलपुर, ने रेहान बेग के घर से चुरा ले गया जिसको चोरी करते हुए रेहान और उसकी पत्नी ने देखा था इसी बात की शिकायत प्रार्थी ने सुबह करीब 9 बजे बल्लू के कारखाने पर गया जहां पर छोटा ,बल्लू और साजिद अमादा प्रसाद होते हुए प्राथी के साथ मारपीट करने लगे छोटा ने जान से मारने की नीयत से बांका मार दिया जिससे प्राथी वहीं जमीन पर गिर गया तभी बल्लू और साजिद ने प्रार्थी को सरियों से मार कर घायल कर दिया प्रार्थी जब तीखा चिल्लाया तब गांव वालों ने आकर प्रार्थी को बचाया उक्त के पश्चात प्राथी थाना बीसलपुर गया जहां पर पुलिस ने प्राथमिक उपचार के सरकारी अस्पताल बीसलपुर भेज दिया जहां से अपनी चोटों का परीक्षण कराने के उपरांत प्रार्थी को जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर कर दिया गया प्राथी अपना इलाज करा कर रिपोर्ट दर्ज करने के लिए बीसलपुर कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर दी है3