प्रतापगढ़ के पट्टी स्थित कंधई थाना क्षेत्र के कोनी गांव में जमीनी विवाद के चलते 14 वर्षीय किशोर प्रवेश पटेल की हत्या के बाद आक्रोशित परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। परिजनों की मांग है कि जिलाधिकारी को मौके पर बुलाया जाए। पृथ्वी पाल पटेल के अनुसार, 8 जुलाई को हुए जानलेवा हमले में उनके पुत्र पर कुल्हाड़ी और रॉड से वार किया गया था, जिसके बाद प्रयागराज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस हमले में पीड़ित की पत्नी प्रमिला देवी और पुत्री प्रतिमा पटेल भी घायल हुई हैं, जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है और वे भविष्य में आरोपियों से जान के खतरे को लेकर डरे हुए हैं। परिवार ने अपनी मुख्य मांगों में तत्काल शस्त्र लाइसेंस जारी करने, 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग रखी है। परिवार प्रशासन से मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है।
प्रतापगढ़ के पट्टी स्थित कंधई थाना क्षेत्र के कोनी गांव में जमीनी विवाद के चलते 14 वर्षीय किशोर प्रवेश पटेल की हत्या के बाद आक्रोशित परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। परिजनों की मांग है कि जिलाधिकारी को मौके पर बुलाया जाए। पृथ्वी पाल पटेल के अनुसार, 8 जुलाई को हुए जानलेवा हमले में उनके पुत्र पर कुल्हाड़ी और रॉड से वार किया गया था, जिसके बाद प्रयागराज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस हमले में पीड़ित की पत्नी प्रमिला देवी और पुत्री प्रतिमा पटेल भी घायल हुई हैं, जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है और वे भविष्य में आरोपियों से जान के खतरे को लेकर डरे हुए हैं। परिवार ने अपनी मुख्य मांगों में तत्काल शस्त्र लाइसेंस जारी करने, 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग रखी है। परिवार प्रशासन से मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है।
- प्रतापगढ़ के पट्टी स्थित कंधई थाना क्षेत्र के कोनी गांव में जमीनी विवाद के चलते 14 वर्षीय किशोर प्रवेश पटेल की हत्या के बाद आक्रोशित परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। परिजनों की मांग है कि जिलाधिकारी को मौके पर बुलाया जाए। पृथ्वी पाल पटेल के अनुसार, 8 जुलाई को हुए जानलेवा हमले में उनके पुत्र पर कुल्हाड़ी और रॉड से वार किया गया था, जिसके बाद प्रयागराज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस हमले में पीड़ित की पत्नी प्रमिला देवी और पुत्री प्रतिमा पटेल भी घायल हुई हैं, जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है और वे भविष्य में आरोपियों से जान के खतरे को लेकर डरे हुए हैं। परिवार ने अपनी मुख्य मांगों में तत्काल शस्त्र लाइसेंस जारी करने, 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग रखी है। परिवार प्रशासन से मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है।1
- प्रतापगढ़ जनपद के कंधई थाना क्षेत्र के कोनी गांव में खेत की मेंड़ बांधने को लेकर हुए खूनी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल 14 वर्षीय किशोर प्रवेश पटेल की प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और तनाव का माहौल बन गया है, जिसके मद्देनज़र पुलिस ने गांव में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। जानकारी के अनुसार, कोनी गांव निवासी पृथ्वीपाल पटेल का पड़ोसी पक्ष से जमीन के बंटवारे को लेकर एक विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि बुधवार दोपहर करीब 12 बजे विपक्षी पक्ष के लोगों ने विवादित भूमि पर जबरन खेत की मेंड़ बांधना शुरू कर दिया। जब पृथ्वीपाल पटेल के परिवार ने इसका विरोध किया, तो दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने कुल्हाड़ी, सरिया और लाठियों से हमला किया। इस हमले में पृथ्वीपाल पटेल की पत्नी परसीला देवी (45), पुत्र प्रवेश पटेल (14), ईशु (11) और पुत्री प्रतिभा (16) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ से प्रवेश को गंभीर हालत में प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया था। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। बुधवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद जब किशोर का शव गांव पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल था। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हुए। पीड़ित पृथ्वीपाल पटेल की तहरीर पर कंधई थाना पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार और क्षेत्राधिकारी पट्टी मनोज रघुवंशी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्राधिकारी पट्टी मनोज रघुवंशी ने बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।1
- प्रतापगढ़ जिले की पट्टी तहसील में कार्यरत अधिवक्ता रोशन सिंह को गुरुवार दोपहर करीब 1:06 बजे एक अज्ञात नंबर से फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है। बीबीपुर निवासी अधिवक्ता ने जैसे ही फोन उठाया और अपना नाम बताया, फोन करने वाले शख्स ने उन्हें माँ-बहन की भद्दी गालियाँ देते हुए गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी। इस घटना की जानकारी मिलते ही पट्टी के सैकड़ों अधिवक्ता बार अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी के नेतृत्व में एकजुट हुए और पट्टी कोतवाली पहुंचे। अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर पट्टी कोतवाल को घटना की लिखित तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है। पट्टी कोतवाल आनंदपाल सिंह ने बताया कि उन्हें प्रार्थना पत्र प्राप्त हो गया है और इस पर नियमानुसार जांच कराकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- प्रतापगढ़ में हुए 'थप्पड़ कांड' को लेकर पुलिस अधीक्षक ने कड़ा फैसला लिया है। इस मामले में तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज कर ली गई है, और संबंधित चौकी इंचार्ज के खिलाफ विभागीय जाँच भी शुरू कर दी गई है।1
- प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भूकर ने आज पुलिस लाइन से यूपी-112 की 04 नई पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन नए वाहनों के संचालन से आपातकालीन घटनाओं पर पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी। इसके परिणामस्वरूप फुट पेट्रोलिंग और रिस्पांस टाइम में भी प्रभावशीलता एवं तेजी आएगी। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़ श्री दीपक भूकर ने अपनी बाइट भी दी।2
- जौनपुर के मड़ियाहूं थाने में तैनात उप निरीक्षक रामाश्रय प्रजापति को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की वाराणसी इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई के दौरान रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उप निरीक्षक ने यह रिश्वत एक मुकदमे में नाम बढ़ाने की एवज में मांगी थी। आरोपी दरोगा को कार्यालय के पास से रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ में वकीलों ने उपजिलाधिकारी प्रीति जैन पर अभद्रता का गंभीर आरोप लगाया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामसागर पाठक ने बताया कि उपजिलाधिकारी ने अधिवक्ता भएन्द्र जीत यादव के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें कोर्ट से बाहर निकल जाने के लिए कहा। इस घटना से आक्रोशित वकीलों ने 'उपजिलाधिकारी लम्भुआ मुर्दाबाद' के नारे लगाए और प्रदर्शन किया। अधिवक्ता सुषमा पाल और अन्य पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उपजिलाधिकारी पर उचित कार्यवाही नहीं की जाती, तब तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। बार एसोसिएशन के सचिव ने यह भी आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी के न्यायालय में आदेश पारित होने के बावजूद महीनों तक कोई कार्यवाही नहीं होती है, जिससे आम जनता को बेवजह परेशान होना पड़ता है। वकीलों ने इसे घोर लापरवाही बताते हुए न्याय की मांग की है।1
- प्रतापगढ़ के विकास खंड मांधाता अंतर्गत भगवतगंज बाजार से सराय प्रानमती होते हुए नीमा सराय जाने वाले मुख्य संपर्क मार्ग को कथित रूप से कुछ दबंगों द्वारा ट्रैक्टर चलाकर क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस सार्वजनिक उपयोग के मार्ग को ट्रैक्टर से जोतकर खेत की तरह बना दिया गया है, जिससे सड़क की स्थिति खराब हो गई और लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने इसे केवल रास्ते को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं, बल्कि सरकारी भूमि और आम जनता के अधिकारों को चुनौती देने जैसा बताया है, साथ ही यह सवाल भी उठाया है कि आखिर किसके दम पर सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण करने और सार्वजनिक मार्ग को उसकी पूर्व स्थिति में बहाल करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। उनकी प्रमुख मांगों में सार्वजनिक मार्ग की तत्काल मरम्मत, राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त निरीक्षण, जानबूझकर मार्ग क्षतिग्रस्त करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई और भविष्य में अतिक्रमण तथा क्षति रोकने के लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था शामिल है। इस पूरे प्रकरण के बाद ग्रामीणों में रोष है और यह सवाल उठ रहा है कि क्या सार्वजनिक रास्तों पर भी अब दबंगों का कब्जा चलेगा या प्रशासन ग्रामीणों के आवागमन के अधिकार की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाएगा।1