अनुसूचित जनजातीय आयोग के सदस्य श्री भगत सिंह नेताम ने 25 मई को नई दिल्ली के लोक भवन में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य और आयोग की सदस्य आशा लकड़ा से सौजन्य भेंट की। इस दौरान आयोग के संवैधानिक दायित्वों, प्रावधानों तथा न्यायालयीन प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मध्य प्रदेश में स्थापित प्रक्रियाओं में आवश्यक सुधार एवं बदलाव किए जाने संबंधी सुझाव भी साझा किए गए। चर्चा के दौरान जनजाति कल्याण एवं आदिवासी वर्ग के लोगों को संवैधानिक संरक्षण प्रभावी रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में आयोग की भूमिका को और सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर यह भावना व्यक्त की गई कि आयोग जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा एवं उनके हितों के संरक्षण में एक प्रभावी एवं सक्षम संस्था के रूप में कार्य करता रहे तथा सभी मिलकर इसी उद्देश्य के साथ आगे कार्य करें। इस मुलाकात के दौरान विकास मरकाम और दीपक गोंड भी उपस्थित रहे।
अनुसूचित जनजातीय आयोग के सदस्य श्री भगत सिंह नेताम ने 25 मई को नई दिल्ली के लोक भवन में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य और आयोग की सदस्य आशा लकड़ा से सौजन्य भेंट की। इस दौरान आयोग के संवैधानिक दायित्वों, प्रावधानों तथा न्यायालयीन प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मध्य प्रदेश में स्थापित प्रक्रियाओं में आवश्यक सुधार एवं बदलाव किए जाने संबंधी सुझाव भी साझा किए गए। चर्चा के दौरान जनजाति कल्याण एवं आदिवासी वर्ग के लोगों को संवैधानिक संरक्षण प्रभावी रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में आयोग की भूमिका को और सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर यह भावना व्यक्त की गई कि आयोग जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा एवं उनके हितों के संरक्षण में एक प्रभावी एवं सक्षम संस्था के रूप में कार्य करता रहे तथा सभी मिलकर इसी उद्देश्य के साथ आगे कार्य करें। इस मुलाकात के दौरान विकास मरकाम और दीपक गोंड भी उपस्थित रहे।
- अनुसूचित जनजातीय आयोग के सदस्य श्री भगत सिंह नेताम ने 25 मई को नई दिल्ली के लोक भवन में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य और आयोग की सदस्य आशा लकड़ा से सौजन्य भेंट की। इस दौरान आयोग के संवैधानिक दायित्वों, प्रावधानों तथा न्यायालयीन प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मध्य प्रदेश में स्थापित प्रक्रियाओं में आवश्यक सुधार एवं बदलाव किए जाने संबंधी सुझाव भी साझा किए गए। चर्चा के दौरान जनजाति कल्याण एवं आदिवासी वर्ग के लोगों को संवैधानिक संरक्षण प्रभावी रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में आयोग की भूमिका को और सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर यह भावना व्यक्त की गई कि आयोग जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा एवं उनके हितों के संरक्षण में एक प्रभावी एवं सक्षम संस्था के रूप में कार्य करता रहे तथा सभी मिलकर इसी उद्देश्य के साथ आगे कार्य करें। इस मुलाकात के दौरान विकास मरकाम और दीपक गोंड भी उपस्थित रहे।1
- जिला मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत भरवेली में सरपँच श्रीमती गीता अनिल बिसेन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है। पंचायत के कुल 21 पंचों में से 19 पंचों ने, उपसरपंच सहित, सरपँच के विरुद्ध अविश्वास जताते हुए सोमवार देर शाम एसडीएम कार्यालय में प्रस्ताव सौंप दिया। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिफिकेशन जारी कर जल्द से जल्द पंचों के बीच चुनाव कराकर नया सरपँच बनाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न लंबित शिकायतों का हवाला देते हुए सरपँच गीता अनिल बिसेन को धारा 40 के तहत पद से हटाने की भी गुहार लगाई गई है। पंचों ने सरपँच और उनके पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत भरवेली द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों में करोड़ों रुपये का हिसाब, मॉयल से पंचायत को प्राप्त टैक्स राशि का ब्यौरा, और ग्रामकोष की राशि का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने की मांग की है। साथ ही, सरपँच पति द्वारा निर्माण एवं पंचायत के विभिन्न कार्यों में हस्तक्षेप पर प्रतिबंध लगाने, विगत 3 वर्षों का आय-व्यय का हिसाब देने और पंचों को उनके अधिकार से वंचित रखे जाने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। इन मुद्दों पर पूर्व में भी आवेदन, ज्ञापन और धरना-प्रदर्शन किए गए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। भरवेली पंचायत का राजनीतिक पारा इस समय भीषण गर्मी में नौतपा की तरह चढ़ा हुआ है। यह पहली बार नहीं है जब सरपँच के खिलाफ बगावत हुई हो; बल्कि निर्वाचित सरपँच, उपसरपंच और अन्य पंचों के बीच पिछले तीन वर्षों से लगातार विवाद जारी है। इससे पहले भी सरपँच श्रीमती गीता अनिल बिसेन के खिलाफ करीब 13 पंचों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें 25 जुलाई 2025 को हुए चुनाव में सरपँच की जीत हुई थी। हालांकि, इस बार सरपँच पर अविश्वास जताने वाले पंचों की संख्या 13 से बढ़कर 19 हो गई है। अब केवल सरपँच गीता अनिल बिसेन स्वयं और एक अन्य पंच को छोड़कर बाकी सभी 19 पंच उनके खिलाफ हैं, जिन्होंने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करते हुए पंचायत के विकास कार्यों को देखते हुए नया सरपँच चुनने की मांग की है।1
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- वारासिवनी-लालबर्रा सड़क मार्ग पर स्थित नेवरगांव के टोल नाके के पास सोमवार रात लगभग 8 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक बाइक सवार युवक ने पैदल घूमने निकले 40 वर्षीय कुलदीप पिता रंगलाल केकरे को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक कुलदीप ग्राम गोपीटोला नेवरगांव के निवासी थे। इस घटना में टक्कर मारने वाला बाइक सवार युवक तिपेश मुरखे भी ग्राम गोपीटोला नेवरगांव का ही निवासी बताया जा रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुँचे और 108 एम्बुलेंस की मदद से घायल कुलदीप को शासकीय चिकित्सालय वारासिवनी लेकर आए। चिकित्सालय में डॉक्टरों ने कुलदीप का परीक्षण करने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हृदय विदारक हादसे से कुलदीप के परिवार में कोहराम मच गया और उनकी पत्नी व बच्चे का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जाँच शुरू कर दी है। मंगलवार को मृतक कुलदीप का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।1
- स्वास्थ्य अमले ने 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत जंगल के बीच स्थित सिवनहेटी गांव तक पहुंचकर एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस अभियान के अंतर्गत, स्वास्थ्यकर्मियों ने गांव में घर-घर जाकर लोगों के एक्स-रे किए, ताकि टीबी की जांच और रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।1
- छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ जंगलों में पानी पीने से कई दुर्लभ वन्यजीवों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई है। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यह दर्दनाक घटना खैरागढ़ जिले के दल्लीखोली और लछना जंगल में घटी है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब वन्यजीव प्रेमी मुकेश वर्मा बर्ड वॉचिंग के लिए जंगल गए। उन्होंने एक जलस्रोत के पास भारी संख्या में जानवरों और पक्षियों के शव देखे, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो के अनुसार, मृत वन्यजीवों में 1 नर मोर, 2 मादा मोर, 3 एशियन पाम सिवेट के साथ-साथ रुफस ट्रीपाई, ओरिएंटल मैगपाई रॉबिन और जंगल आउलेट जैसे कई दुर्लभ पक्षी शामिल हैं। इन बेजुबानों की मौत की शुरुआती आशंका यह जताई जा रही है कि किसी ने जंगल के पानी में जहरीला पदार्थ मिला दिया था। हालाँकि, वन विभाग भीषण गर्मी और पानी की कमी के पहलू से भी घटना की जाँच कर रहा है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू कर दी है, पानी के सैंपल ले लिए गए हैं और मृत जीवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- 26 मई मंगलवार को दोपहर 1 बजे मिली जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत खैरागढ़ के जालबांधा में 'सुशासन तिहार 2 हजार 26' के तहत एक जनसमस्या निवारण एवं समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी मांगों, शिकायतों और समस्याओं से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई और पात्र हितग्राहियों से लाभ के लिए आवेदन भी लिए गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान कर आमजनों को तत्काल राहत पहुंचाई।1
- किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और शासन की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराने के उद्देश्य से 25 मई 2026 को 'कृषि रथ' कटंगी विकासखंड की ग्राम पंचायत देवठाना, मानेगांव और चिकमारा पहुंचा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कृषकों के साथ-साथ सरपंच, जनपद सदस्य, वार्ड पंच, सचिव और रोजगार सहायक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी विस्तारपूर्वक प्रदान की। कृषि विस्तार अधिकारी श्रद्धा मोहन्ता ने किसानों को डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई, प्राकृतिक खेती, मृदा परीक्षण कार्ड और हरित खाद के महत्व के बारे में बताया, साथ ही वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन लागत कम करने और बेहतर उपज प्राप्त करने पर जोर दिया। कृषि विस्तार अधिकारी वंदना धुर्वे ने विभागीय योजनाओं जैसे बलराम तालाब योजना, बायोगैस प्लांट और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत स्प्रिंकलर, ड्रिप तथा पाइपलाइन सिंचाई सिस्टम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने "धरती माता बचाओ अभियान" के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन का संदेश भी दिया। वहीं, कृषि विस्तार अधिकारी श्री सलिल दीक्षित ने पराली प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, ई-टोकन से खाद वितरण और उपलब्ध धान बीजों की जानकारी देते हुए किसानों से फसल अवशेषों को जलाने के बजाय जैविक खाद बनाने में उपयोग करने की अपील की। उद्यानिकी विभाग की ओर से ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी रेणुका डेहरिया ने फल क्षेत्र विस्तार योजना, सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना और पीएमएफएमई योजना की जानकारी दी, जिससे किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा सके। पशुपालन विभाग से सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी अमीषा रामटेके और सोनिका ठाकरे ने पशुपालन से संबंधित योजनाओं, पशुओं के टीकाकरण, डेयरी विकास और पशुपालन से अतिरिक्त आय बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अंत में, किसानों ने 'कृषि रथ' अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम उन्हें सीधे गांव स्तर पर नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे खेती को और अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।1