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26 मई मंगलवार को दोपहर 1 बजे मिली जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत खैरागढ़ के जालबांधा में 'सुशासन तिहार 2 हजार 26' के तहत एक जनसमस्या निवारण एवं समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी मांगों, शिकायतों और समस्याओं से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई और पात्र हितग्राहियों से लाभ के लिए आवेदन भी लिए गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान कर आमजनों को तत्काल राहत पहुंचाई।
गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
26 मई मंगलवार को दोपहर 1 बजे मिली जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत खैरागढ़ के जालबांधा में 'सुशासन तिहार 2 हजार 26' के तहत एक जनसमस्या निवारण एवं समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी मांगों, शिकायतों और समस्याओं से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई और पात्र हितग्राहियों से लाभ के लिए आवेदन भी लिए गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान कर आमजनों को तत्काल राहत पहुंचाई।
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- अनुसूचित जनजातीय आयोग के सदस्य श्री भगत सिंह नेताम ने 25 मई को नई दिल्ली के लोक भवन में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य और आयोग की सदस्य आशा लकड़ा से सौजन्य भेंट की। इस दौरान आयोग के संवैधानिक दायित्वों, प्रावधानों तथा न्यायालयीन प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मध्य प्रदेश में स्थापित प्रक्रियाओं में आवश्यक सुधार एवं बदलाव किए जाने संबंधी सुझाव भी साझा किए गए। चर्चा के दौरान जनजाति कल्याण एवं आदिवासी वर्ग के लोगों को संवैधानिक संरक्षण प्रभावी रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में आयोग की भूमिका को और सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर यह भावना व्यक्त की गई कि आयोग जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा एवं उनके हितों के संरक्षण में एक प्रभावी एवं सक्षम संस्था के रूप में कार्य करता रहे तथा सभी मिलकर इसी उद्देश्य के साथ आगे कार्य करें। इस मुलाकात के दौरान विकास मरकाम और दीपक गोंड भी उपस्थित रहे।1
- कबिरधाम जिले के घोठिया ग्राम पंचायत में गर्मी के दिनों में सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है, जहाँ सड़क अब तालाब जैसी दिख रही है।2
- कबीरधाम पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी के खिलाफ कवर्धा में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार, यह सट्टेबाजी व्हाट्सएप के माध्यम से संचालित की जा रही थी। पुलिस के इस एक्शन के बाद, मामले में शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।1
- रायपुर ग्रामीण पुलिस थाना तिल्दा नेवरा क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहाँ शराब पीने को लेकर हुए विवाद में एक बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। यह घटना 25 मई 2026 की रात लगभग 9 बजे वार्ड क्रमांक 04, तिल्दा नेवरा में हुई। आरोपी बीरेन्द्र कोठारी उर्फ राजू और उसके पिता संतू कोठारी के बीच घर में शराब पीने तथा अन्य लोगों को बुलाकर शराब पिलाने की बात पर विवाद शुरू हुआ था। विवाद के बढ़ने पर, आरोपी बीरेन्द्र ने घर में रखे एक लकड़ी के डंडे से अपने पिता संतू कोठारी पर हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर चोटें लगने से संतू कोठारी की मृत्यु हो गई। हत्या के बाद, आरोपी ने घटना को छिपाने के इरादे से घटनास्थल की साफ-सफाई की और शव को खाट पर लिटा दिया। सूचना मिलने पर, थाना तिल्दा नेवरा पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और मर्ग कायम कर शव परीक्षण सहित आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी बीरेन्द्र कोठारी उर्फ राजू (उम्र 33 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 04 तिल्दा नेवरा) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहाँ उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का डंडा भी जब्त कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले की आगे की जाँच कर रही है।2
- प्रशासन ने तिल्दा-नेवरा के समीप ग्राम तुलसी में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान जेसीबी मशीन की मदद से सड़क किनारे बने कई पक्के निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, कई लोगों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर स्थायी ढांचे बना लिए थे। कुछ स्थानों पर तो सरकारी बिजली के खंभों को भी दीवारों और पक्के पर्दों से घेरकर घरों के भीतर शामिल कर लिया गया था, जिससे भविष्य में विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका थी। इस कार्रवाई के समय प्रशासनिक अमला, राजस्व विभाग और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी मर्जी से सरकारी भूमि खाली कर दें, अन्यथा नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- तिल्दा-नेवरा के समीप ग्राम तुलसी में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान सरकारी जमीन पर बने पक्के निर्माणों को जेसीबी मशीन की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे सरकारी भूमि पर किए गए सभी अतिक्रमण हटाए गए। जानकारी के अनुसार, कई व्यक्तियों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर पक्के निर्माण कर लिए थे। कुछ स्थानों पर तो सरकारी बिजली के खंभों को भी दीवारों और पक्के पर्दों से घेरकर घरों के भीतर शामिल कर लिया गया था, जिससे भविष्य में विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका बनी हुई थी। इस कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमला, राजस्व विभाग और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से सरकारी भूमि को खाली कर दें, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और शासन की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराने के उद्देश्य से 25 मई 2026 को 'कृषि रथ' कटंगी विकासखंड की ग्राम पंचायत देवठाना, मानेगांव और चिकमारा पहुंचा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कृषकों के साथ-साथ सरपंच, जनपद सदस्य, वार्ड पंच, सचिव और रोजगार सहायक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी विस्तारपूर्वक प्रदान की। कृषि विस्तार अधिकारी श्रद्धा मोहन्ता ने किसानों को डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई, प्राकृतिक खेती, मृदा परीक्षण कार्ड और हरित खाद के महत्व के बारे में बताया, साथ ही वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन लागत कम करने और बेहतर उपज प्राप्त करने पर जोर दिया। कृषि विस्तार अधिकारी वंदना धुर्वे ने विभागीय योजनाओं जैसे बलराम तालाब योजना, बायोगैस प्लांट और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत स्प्रिंकलर, ड्रिप तथा पाइपलाइन सिंचाई सिस्टम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने "धरती माता बचाओ अभियान" के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन का संदेश भी दिया। वहीं, कृषि विस्तार अधिकारी श्री सलिल दीक्षित ने पराली प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, ई-टोकन से खाद वितरण और उपलब्ध धान बीजों की जानकारी देते हुए किसानों से फसल अवशेषों को जलाने के बजाय जैविक खाद बनाने में उपयोग करने की अपील की। उद्यानिकी विभाग की ओर से ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी रेणुका डेहरिया ने फल क्षेत्र विस्तार योजना, सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना और पीएमएफएमई योजना की जानकारी दी, जिससे किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा सके। पशुपालन विभाग से सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी अमीषा रामटेके और सोनिका ठाकरे ने पशुपालन से संबंधित योजनाओं, पशुओं के टीकाकरण, डेयरी विकास और पशुपालन से अतिरिक्त आय बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अंत में, किसानों ने 'कृषि रथ' अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम उन्हें सीधे गांव स्तर पर नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे खेती को और अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।1
- जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने दृढ़ता से घोषणा की है कि जिला प्रशासन की दमनकारी कार्रवाई के बावजूद, उनके सेनानियों का जेल जाना व्यर्थ नहीं गया, बल्कि यह जनहित, न्याय और समान कार्यवाही की लड़ाई को और अधिक सशक्त करने वाला सिद्ध हुआ है। संगठन ने बालोद के सदर क्षेत्र में कथित अवैध अतिक्रमण/कब्जे के मामलों में प्रशासन के दोहरे मापदंडों और उदासीन रवैये पर तीखा प्रहार किया है, जिसकी परिणति उनके 8 सेनानियों को जेल भेजे जाने में हुई। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला सचिव डी. देशमुख ने बताया कि संगठन विगत लगभग तीन माह से सदर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और कब्जों के विरुद्ध लगातार आवाज उठा रहा था और प्रशासन से निष्पक्ष, प्रभावी एवं समान कार्यवाही की मांग कर रहा था, किन्तु प्रशासन ने अपेक्षित कदम नहीं उठाए। संगठन का आरोप है कि प्रशासन ने गरीब किसानों के खेतों को अवैध कब्जा बताकर त्वरित कार्यवाही की, वहीं सदर क्षेत्र के कथित अवैध कब्जों पर उदासीन और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया। इस भेदभावपूर्ण कार्यवाही पर सवाल उठाने और जवाब मांगने पर प्रशासन ने दमनकारी नीति अपनाते हुए संगठन के 8 सेनानियों को जेल भेज दिया। संगठन ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है। इस घटनाक्रम के तहत, 17 अप्रैल 2026 को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और कलेक्टर बालोद को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्यवाही की मांग की। प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही न किए जाने पर, संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन और गृहमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के नाम पत्र भेजे। संगठन के अनुसार, मुख्यमंत्री सचिवालय के अवर सचिव ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिए, लेकिन जिला प्रशासन का रवैया सुस्त और निष्क्रिय बना रहा। प्रशासन की इस निष्क्रियता से आक्रोशित होकर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने 25 मई 2026 को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और सेनानियों के साथ अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। संगठन ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल जनहित, न्याय और समान कार्यवाही की मांग को लेकर था तथा किसी भी प्रकार के भेदभावपूर्ण प्रशासनिक रवैये को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आंदोलन के दौरान, प्रशासन ने 26 मई 2026 को सदर क्षेत्र से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही का आश्वासन दिया, जिसके बाद संगठन ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशिभूषण चन्द्राकर ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वह अपने आश्वासनानुसार कार्यवाही करने में विफल रहता है, तो जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना भविष्य में और व्यापक एवं उग्र जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस आंदोलन में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशिभूषण चन्द्राकर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला सचिव डी. देशमुख, जिला संगठन मंत्री नरेन्द्र साहू, जिला आईटी सेल प्रभारी ईमेश साहू, जिला सचिव कामता साहू, चम्मन तरौदिहा, दीपक सहारे, खेमलाल साहू, रेमन साहू, दुलार देशमुख, टिकेन्द्र साहू, कमलेश साहू, राजू साहू,मिलेन्द भुआर्य, ईश्वर सोनी, नमन, राहुल सहित संगठन के बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सेनानी उपस्थित रहे।4
- छत्तीसगढ़ के खरोरा में साप्ताहिक सोमवारी बाजार अव्यवस्था और भीषण जाम का अड्डा बन गया है, जहाँ सड़क पर लगी दुकानों के कारण हर सोमवार को स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह समस्या खरोरा के सोमवारी बाजार में अव्यवस्था के चरम पर पहुँचने के कारण उत्पन्न हुई है, जहाँ पर्याप्त जगह के अभाव और बेतरतीब तरीके से लगी दुकानों से हर सप्ताह गंभीर जाम लगता है। बाजार में पार्किंग की व्यवस्था न होने से लोग मजबूरी में अपने वाहन सड़क किनारे ही खड़े कर देते हैं, जिससे मुख्य मार्ग संकरा हो जाता है। बाजार के बगल से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है, ऐसे में जाम के बीच सड़क पार करना लोगों के लिए जान जोखिम में डालने जैसा है। बूड़ेनी निवासी बुजुर्ग श्यामसुंदर सोनवानी को भी इसी भीड़ और अव्यवस्था के कारण अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। सामाजिक कार्यकर्ता धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि इस भीड़ और अव्यवस्था से आम लोगों का चलना दूभर हो गया है, और त्योहारी सीजन में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है। नगर के नागरिकों ने शासन-प्रशासन, जिला प्रशासन और नगर पंचायत खरोरा से इस समस्या पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में सोमवारी बाजार के लिए एक निर्धारित पार्किंग स्थल चिन्हित करना, दुकानों को व्यवस्थित तरीके से लगवाना जिससे आवागमन अवरुद्ध न हो, और बाजार के दिन भीड़ नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस की तैनाती करना शामिल है।2