*सेमरिया के मनकहरी पाठकन टोला में सड़क न होने से बदहाल ग्रामीण मरीज को खाट पर लादकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाने को मजबूर* *सरपंच से लेकर विधायक तक की अनदेखी से बढ़ा असंतोष ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई पक्की सड़क बनवाने की गुहार* *♦️रीवा : सेमरिया समाचार* रीवा जिले के सेमरिया विधानसभा क्षेत्र एवं जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत मनकहरी के पाठकन टोला में बुनियादी सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है।आजादी के दशकों बाद भी इस बस्ती के रहवासी पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। वर्तमान समय में बस्तीवासियों को लगभग 1 किलोमीटर लंबेमें कीचड़ से सराबोर पगडंडी रास्ते से गुजरने को मजबही होना पड़ रहा है।बारिश के मौसम में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है जिससे ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह-तरह से थम सा जाता है।सड़क न होने का खमियाजा आज एक बार फिर ग्रामीणों को भुगतना पड़ा जब बस्ती के एक बुजुर्ग की अचानक तबीयत काफी बिगड़ गई।एम्बुलेंस या किसी वाहन के घर तक न पहुंच पाने के कारण भारतीय सर्व सेवा संगठन के पदाधिकारी एवं स्थानीय निवासी राजा चौबे ने संगठन के अन्य सदस्यों और बस्ती के लोगों की मदद से बुजुर्ग को खाट में लिटाया और अपने कंधों पर उठाकर लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग तक पहुंचाया।इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक दावों और स्थानीय विकास की पोल खोलकर रख दी है। *जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश* भारतीय सर्व सेवा संगठन के पदाधिकारी राजा चौबे ने जानकारी देते हुए बताया कि सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार स्थानीय सरपंच से गुहार लगाई गई।हालांकि हर बार सरपंच द्वारा यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है कि संबंधित इंजीनियर तकनीकी स्वीकृति बनाकर नहीं दे रहाा है।पंचायत स्तर पर सुनवाई न होने के बाद ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर स्थानीय विधायक अभय मिश्रा के पास भी पहुंचे थे।राजा चौबे का आरोप है कि मुलाकात के दौरान विधायक का व्यवहार ग्रामीणों के प्रति अत्यंत असंतोषजनक और अमर्यादित रहा।उन्होंने बताया कि विधायक का रवैया ऐसा था कि शब्दों में बयां करना मुश्किल है जिससे ग्रामीणों को भारी निराशा हाथ लगी।बरसात के सीजन में पाठकन टोला के निवासी पूरी तरह से अपनी बस्ती में कैद होकर रह जाते हैं।न तो कोई वाहन वहां आ जा सकता है और न ही पैदल चलना संभव हो पाता है।आपातकालीन स्थिति में मरीजों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो रही है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए राजा चौबे एवं समस्त बस्तीवासियों ने रीवा कलेक्टर से विनम्र निवेदन किया है कि मामले को तत्काल संज्ञान में लिया जाए और सड़क निर्माण के लिए आवश्यक विभागीय कार्रवाई शुरू कराई जाए ताकि इस आधुनिक युग में भी पक्की सड़क से वंचित ग्रामीणों को राहत मिल सके।
*सेमरिया के मनकहरी पाठकन टोला में सड़क न होने से बदहाल ग्रामीण मरीज को खाट पर लादकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाने को मजबूर* *सरपंच से लेकर विधायक तक की अनदेखी से बढ़ा असंतोष ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई पक्की सड़क बनवाने की गुहार* *♦️रीवा : सेमरिया समाचार* रीवा जिले के सेमरिया विधानसभा क्षेत्र एवं जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत मनकहरी के पाठकन टोला में बुनियादी सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है।आजादी के दशकों बाद भी इस बस्ती के रहवासी पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। वर्तमान समय में बस्तीवासियों को लगभग 1 किलोमीटर लंबेमें कीचड़ से सराबोर पगडंडी रास्ते से गुजरने को मजबही होना पड़ रहा है।बारिश के मौसम में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है जिससे ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह-तरह से थम सा जाता है।सड़क न होने का खमियाजा आज एक बार फिर ग्रामीणों को भुगतना पड़ा जब बस्ती के एक बुजुर्ग की अचानक तबीयत काफी बिगड़ गई।एम्बुलेंस या किसी वाहन के घर तक न पहुंच पाने के कारण भारतीय सर्व सेवा संगठन के पदाधिकारी एवं स्थानीय निवासी राजा चौबे ने संगठन के अन्य सदस्यों और बस्ती के लोगों की मदद से बुजुर्ग को खाट में लिटाया और अपने कंधों पर उठाकर लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग तक पहुंचाया।इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक दावों और स्थानीय विकास की पोल खोलकर रख दी है। *जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश* भारतीय सर्व सेवा संगठन के पदाधिकारी राजा चौबे ने जानकारी देते हुए बताया कि सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार स्थानीय सरपंच से गुहार लगाई गई।हालांकि हर बार सरपंच द्वारा यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है कि संबंधित इंजीनियर तकनीकी स्वीकृति बनाकर नहीं दे रहाा है।पंचायत स्तर पर सुनवाई न होने के बाद ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर स्थानीय विधायक अभय मिश्रा के पास भी पहुंचे थे।राजा चौबे का आरोप है कि मुलाकात के दौरान विधायक का व्यवहार ग्रामीणों के प्रति अत्यंत असंतोषजनक और अमर्यादित रहा।उन्होंने बताया कि विधायक का रवैया ऐसा था कि शब्दों में बयां करना मुश्किल है जिससे ग्रामीणों को भारी निराशा हाथ लगी।बरसात के सीजन में पाठकन टोला के निवासी पूरी तरह से अपनी बस्ती में कैद होकर रह जाते हैं।न तो कोई वाहन वहां आ जा सकता है और न ही पैदल चलना संभव हो पाता है।आपातकालीन स्थिति में मरीजों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो रही है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए राजा चौबे एवं समस्त बस्तीवासियों ने रीवा कलेक्टर से विनम्र निवेदन किया है कि मामले को तत्काल संज्ञान में लिया जाए और सड़क निर्माण के लिए आवश्यक विभागीय कार्रवाई शुरू कराई जाए ताकि इस आधुनिक युग में भी पक्की सड़क से वंचित ग्रामीणों को राहत मिल सके।
- सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर कुमार संत ने जारी किया वीडियो।पूर्व में सोशल मीडिया में अवैध हथियार के साथ डाली गई फोटो में सतना में सतना पुलिस द्वारा की ताबड़तोड़ कार्यवाही के मुद्दे को इस पोस्ट ने फिर गर्म कर दिया है।वीडियों में दिख रहे शख्स ने कई शस्त्रों के साथ वीडियो पोस्ट की है। तो क्या इस व्यक्ति को इतने शस्त्र लाइसेंस शासन ने दे रखे है।या अन्य व्यक्ति के लाइसेंस धारी हथियार है।या सभी अवैध है।किसी भी हालत में सोशल मीडिया में हथियारों की नुमाइश नियमानुसार सही नहीं है।वीडियो में संत कुमार ने पुलिस अधीक्षक सतना, पुलिस महानिरीक्षक से इसकी जांच के लिए अपील भी की है। सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर कुमार संत ने जारी किया वीडियो।पूर्व में सोशल मीडिया में अवैध हथियार के साथ डाली गई फोटो में सतना में सतना पुलिस द्वारा की ताबड़तोड़ कार्यवाही के मुद्दे को इस पोस्ट ने फिर गर्म कर दिया है।वीडियों में दिख रहे शख्स ने कई शस्त्रों के साथ वीडियो पोस्ट की है। तो क्या इस व्यक्ति को इतने शस्त्र लाइसेंस शासन ने दे रखे है।या अन्य व्यक्ति के लाइसेंस धारी हथियार है।या सभी अवैध है।किसी भी हालत में सोशल मीडिया में हथियारों की नुमाइश नियमानुसार सही नहीं है।वीडियो में संत कुमार ने पुलिस अधीक्षक सतना, पुलिस महानिरीक्षक से इसकी जांच के लिए अपील भी की है।1
- सागर जहरीली शराब कांड: एक और आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर, हथियार-जिंदा कारतूस बरामद - *सीएम डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी* - *आरोपी शिवांजय राजपूत के सिर पर था 30 हजार रुपये का इनाम* - *पुलिस की टीम को देख आरोपी ने तीन बार किया फायर* भोपाल/सागर। मध्यप्रदेश पुलिस को सागर जहरीली शराब कांड में बड़ी सफलता हाथ लगी है। सागर पुलिस ने 30 हजार रुपये के इनामी आरोपी शिवांजय राजपूत को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस की टीम को देखकर तीन फायर किए। जवाब फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने आरोपी शिवांजय के कब्जे से 315 बोर देशी कट्टा, 3 जिंदा कारतूस, 3 खाली कारतूस बरामद किए। पुलिस ने उसका मोबाइल और मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। गिरफ्तार आरोपी पूर्व से ही शराब तस्कर है। उसके ऊपर 3 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर जहरीली शराब मामले को लेकर स्पष्ट कह चुके हैं कि यह घटना दुखद है। कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार सख्त है। प्रशासन को इस कांड के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इस घटना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कांड के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मामले में हो रही कार्रवाई की पल-पल मॉनिटरिंग की। *पुलिस ने की घेराबंदी* बता दें, 13 सितंबर को तड़के बहरोल थाने की पुलिस को सूचना मिली कि सागर शराब प्रकरण का आरोपी शिवंजय राजपूत मड़ैया के पास जंगल में है। संभावना है कि वह मुख्य मार्ग बंडा-बहरोल से निकलकर अपने घर छापरी थाना बंदा जाए। यह सूचना मिलते ही एसपी ने थाना बान्द्री प्रभारी सतेन्द्र सिंह को तत्काल मौके पर पहुंचने, आसपास के थाना प्रभारियों को आवश्यक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस की टीमों ने वहां चारों तरफ घेराबंदी कर दी। *आरोपी ने की फायरिंग* पुलिस टीम को देखकर आरोपी शिवांजय राजपूत ने फायरिंग शुरू कर दी। उसने पुलिस की टीम पर तीन फायर किया। उसकी फायरिंग के जवाब में पुलिस ने भी दो राउंड गोली चलाई। Tv इनमें से एक गोली आरोपी के पैर में लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी राजपूत को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। उसके पास से 315 बोर का देशी कट्टा, 3 जिंदा कारतूस, 3 खाली कारतूस, एक मोबाइल और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे1
- ग्राम बरा पैपखार 396 पोस्ट मनकहरी जिला रीवा मध्य प्रदेश तहसील हजूर ब्लॉक रायपुर कर्चुलियान निवासी आवास योजना और पट्टा जहां द हमार घर बना है वहां के पट्टा बनवा1
- अस्पताल में मोबाइल पर रोक नहीं,अनधिकृत वीडियो पर सख्ती; सोशल मीडिया के दावों पर प्रबंधन का पलटवार "संयुक्त संचालक-अधीक्षक ने वीडियो संदेश जारी कर किया स्थिति स्पष्ट,बोले—मरीजों की निजता से खिलवाड़ की इजाजत नहीं,, "अस्पताल प्रबंधन का दावा भ्रामक और अधूरी जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर न फैलाएं खबरें,पहले अधिकृत स्रोत से करें पुष्टि, रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच अस्पताल प्रबंधन ने अब सीधे वीडियो संदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक ने कहा कि अस्पताल परिसर में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन बिना अनुमति वीडियो या फोटो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना प्रतिबंधित है। अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही उन खबरों को भ्रामक और अधूरी जानकारी पर आधारित बताया, जिनमें अस्पताल परिसर में मोबाइल या वीडियोग्राफी को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियम का उद्देश्य किसी की आवाज दबाना नहीं,बल्कि अस्पताल की संवेदनशील व्यवस्था में मरीजों,परिजनों, चिकित्सकों और कर्मचारियों की निजता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है। *मोबाइल ले जाने की मनाही नहीं,कैमरे के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक* वीडियो संदेश में अस्पताल अधिकारियों ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन अस्पताल में ले जाना प्रतिबंधित नहीं है। कार्रवाई या रोक का विषय केवल अनधिकृत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी है। प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की बीमारी, उपचार, ऑपरेशन, मेडिकल रिकॉर्ड और व्यक्तिगत परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी अत्यंत संवेदनशील होती है। ऐसे में बिना अनुमति कैमरे से रिकॉर्डिंग कर उसे सार्वजनिक करना मरीज की निजता को प्रभावित कर सकता है। *अधूरी जानकारी से बन रही सोशल मीडिया की ‘खबर’!* अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने वाली सूचनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। अधिकारियों का कहना है कि कई बार किसी घटना का एक पक्ष या अधूरी जानकारी वीडियो के साथ प्रसारित कर दी जाती है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है और वास्तविक तथ्यों से अलग संदेश लोगों तक पहुंचता है। प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हर वीडियो या खबर को अंतिम सत्य न मानें। अस्पताल से संबंधित किसी भी संवेदनशील जानकारी की पुष्टि अधिकृत स्रोतों से करने के बाद ही उसे आगे प्रसारित किया जाए। *मरीजों की निजता के साथ समझौता नहीं, अस्पताल प्रशासन ने साफ किया कि चिकित्सालय एक सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान है, जहां गंभीर अवस्था में मरीज उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में किसी मरीज या उसके परिजन की अनुमति के बिना उसकी तस्वीर या वीडियो बनाकर सार्वजनिक करना निजता के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है। अधिकारियों ने अस्पताल परिसर में व्यवस्था बनाए रखने, निर्धारित नियमों का पालन करने और मरीजों के हित में सहयोग करने की अपील की है। अस्पताल प्रबंधन के वीडियो संदेश के बाद अब सोशल मीडिया पर मोबाइल प्रतिबंध और अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर चल रहे दावों पर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।1
- मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें 🗓️ 13 सितम्बर 2026 ➡️पॉडकास्ट पर सुनें #जनसंपर्क_खबरें 👇1
- टेलीकॉम कंपनी द्वारा सतना शहर में खोदे जा रहे जानलेवा इन गड्ढों का जिम्मेदार कौन सतना। एक तो सतना नगर निगम की जनता पहले से गड्ढों की वजह से परेशान है आपदा में अवसर वाली कहावत यहां पर बिल्कुल सटीक बैठती है ऊपर से टेलीकॉम कंपनी द्वारा पूरे शहर में अपनी केविल डालने के लिए बड़े बड़े गड्ढे खोदने में लगी और अपना काम कर चलते बन रही है बारिश का दौर भी चल रहा है गड्ढों में गिरकर बड़ी दुर्घटनाएं भी हो रही है लेकिन इसकी किसीको क्या ही पड़ी है बहरहाल धवारी में टेलीकॉम कंपनी द्वारा एक चौराहे के ठीक बीचोंबीच खोदे गये गड्ढे के खिलाफ धवारी की जनता ने विरोध जताना शुरू कर दिया है और सतना नगर निगम से इस गड्ढे को यथावत भरने की अपील भी है।1
- रीवा ब्रेकिंग। मरीज को 45 मिनट नहीं मिला डॉक्टर, रास्ते में मौत। रीवा जिले के मनगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। शुक्रवार रात हार्ट अटैक के बाद 45 वर्षीय गोविंद पटेल, निवासी तेंदुआ, थाना गढ़ को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि करीब 45 मिनट तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए। परिजनों के मुताबिक अस्पताल में नर्स और गार्ड मौजूद थे, जबकि डॉक्टर के बारे में बताया गया कि डॉक्टर घर पर हैं। काफी इंतजार के बाद परिजन मरीज को रीवा लेकर रवाना हुए। रास्ते में निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने स्थिति बेहद गंभीर बताई। इलाज के दौरान गोविंद पटेल की मौत हो गई। मामले में बीएमओ का कहना है कि नाइट ड्यूटी में डॉक्टर रात में अस्पताल में नहीं रहते, नोटिस जारी किया जाएगा। अब सवाल है कि अगर नाइट ड्यूटी में डॉक्टर अस्पताल में ही नहीं रहेंगे, तो आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल चिकित्सा कौन देगा?1
- प्रसूता और नवजात की मौत के बाद न्याय की मांग, पिता का आमरण अनशन जारी संजय गांधी अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप, तीन सूत्रीय मांगों को लेकर 2 सितंबर से सिरमौर चौराहे पर बैठे रामशिरोमणि रीवा। संजय गांधी अस्पताल, रीवा में 26 अगस्त 2026 को प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के पिता रामशिरोमणि ने उपचार में चिकित्सकों द्वारा घोर लापरवाही किए जाने का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। न्याय की मांग को लेकर रामशिरोमणि 2 सितंबर 2026 से रीवा के सिरमौर चौराहे पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। चिकित्सक के खिलाफ FIR की प्रमुख मांग रामशिरोमणि ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन के सामने न्याय की गुहार लगाई है। उनकी प्रमुख मांग है कि मामले में जिम्मेदार चिकित्सक के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है। अनशन के दौरान उनके साथ कुंज बिहारी तिवारी, प्रमोद शर्मा, रहीश शुक्ला, पुष्पेंद्र तिवारी, अनिल सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्य और समर्थक मौजूद हैं। सोशल मीडिया से लेकर समाचार पत्रों तक पहुंचा मामला कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत के बाद शुरू हुआ यह आंदोलन अब सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। मामले को लेकर जिलेवासियों के बीच भी संवेदनाएं सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि उपचार में लापरवाही के आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। फिलहाल रामशिरोमणि का आमरण अनशन जारी है और सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे1
- तिवनी के डुभकी टोला में हर रविवार श्रमदान की मिसाल जनपद पंचायत गंगेव के अध्यक्ष विकास तिवारी की स्वच्छता मुहिम के तहत रविवार को तिवनी, सहेवा और पातई में स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान चलाया गया। युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। तिवनी के डुभकी टोला में अभियान में चंद्रशेखर तिवारी, राम उजागर तिवारी, दामोदर तिवारी, रंगनाथ तिवारी, देवमुनी तिवारी, शैलेंद्र तिवारी उर्फ शैलू भैया, पुष्पराज तिवारी, मदन मोहन दुबे, संजय तिवारी, योगराज तिवारी, विपिन तिवारी, शिवम दुबे एवं छाकौड़ी साकेत सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे। तिवनी से सहेवा और पातई तक पहुंची स्वच्छता की मुहिम। 88 ग्राम पंचायतों तक पहुंची पहल—हर रविवार श्रमदान, स्वच्छता बने गंगेव की पहचान। स्वच्छ गांव–सुंदर गांव, यही है गंगेव की नई पहचान।1