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खेड़ा वाली बबाड़ गोदाम लिंक रोड पर अज्ञात ट्रक टिप्पर का कहर, हाई टेंशन लाइन के दो बिजली के खंबे टूटे, कई गांवों की बिजली ठप हुई, लोग परेशान खेड़ा वाली बबाड़ गोदाम लिंक रोड पर अज्ञात ट्रक टिप्पर का कहर, हाई टेंशन लाइन के दो बिजली के खंबे टूटे, कई गांवों की बिजली ठप हुई, लोग परेशान
Samuel Yunas
खेड़ा वाली बबाड़ गोदाम लिंक रोड पर अज्ञात ट्रक टिप्पर का कहर, हाई टेंशन लाइन के दो बिजली के खंबे टूटे, कई गांवों की बिजली ठप हुई, लोग परेशान खेड़ा वाली बबाड़ गोदाम लिंक रोड पर अज्ञात ट्रक टिप्पर का कहर, हाई टेंशन लाइन के दो बिजली के खंबे टूटे, कई गांवों की बिजली ठप हुई, लोग परेशान
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- खेड़ा वाली बबाड़ गोदाम लिंक रोड पर अज्ञात ट्रक टिप्पर का कहर, हाई टेंशन लाइन के दो बिजली के खंबे टूटे, कई गांवों की बिजली ठप हुई, लोग परेशान1
- दाड़लाघाट के नौणी गांव में तेंदुए की दहशत - घर के बाथरूम में घुसा, कुत्ते के साथ रही रातभर आमने-सामने की स्थिति कसौली : ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के नौणी गांव में वीरवार रात्रि करीब दो बजे उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब एक खतरनाक तेंदुआ छलांग लगाकर कुलदीप नामक व्यक्ति के घर की छत पर पहुंच गया। तेंदुए ने वहां मौजूद कुत्ते पर हमला किया और उसे दौड़ाते हुए घर के बाथरूम में जा घुसा। घटना के समय मकान मालिक कुलदीप ने बाहर से तेज आवाजें सुनीं। जब वह बाहर निकला तो उसने बाथरूम के अंदर तेंदुए और कुत्ते के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए कुलदीप ने जान जोखिम में डालकर बाथरूम का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और तुरंत पुलिस विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी। इसके बाद पुलिस टीम के साथ वन विभाग के रेंज अधिकारी अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे। किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न हो, इसके लिए वन्यजीव बचाव दल (रेस्क्यू टीम) कुल्लू को भी दूरभाष के माध्यम से सूचित किया गया। प्रातःकाल डॉ. विपिन की अगुवाई में वन्यजीव रेस्क्यू टीम दाड़लाघाट पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित काबू में करने का अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद बाथरूम के दरवाजे में छेद कर तेंदुए को बेहोश किया गया। इसके बाद तेंदुए और कुत्ते दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि तेंदुआ और कुत्ता पूरी रात एक ही बाथरूम में आमने-सामने रहे। दोनों एक-दूसरे को देखकर गुर्राते रहे, लेकिन बंद कमरे में किसी ने भी दोबारा हमला नहीं किया। करीब दोपहर 12:30 बजे दोनों को जीवित और सुरक्षित बाहर निकाला गया।1
- Post by मल्टीमीडिया न्यूज़1
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- शिमला शहर को पानी की किल्लत से राहत दिलाने वाली शकरोड़ी पेयजल योजना अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गई है। शुक्रवार को मेयर ने शकरोड़ी योजना का निरीक्षण करने के बाद शनिवार को ढवाड़ा पहुंचकर कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान शकरोड़ी से ढवाड़ा तक पानी सफलतापूर्वक लिफ्ट कर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि अगले सप्ताह तक यह पानी डूम्मी तक पहुंचा दिया जाएगा, जबकि इसी महीने के भीतर संजौली तक सतलुज का पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होते ही शिमला के लोगों को पानी की पुरानी समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल योजना के तहत एक पंप चलाया जा रहा है, जिससे करीब 10 एमएलडी पानी लिफ्ट हो रहा है। जल्द ही दूसरा पंप भी चालू किया जाएगा, जिसके बाद 15 से 20 एमएलडी पानी शिमला पहुंच सकेगा। इससे गर्मियों में होने वाली पानी की किल्लत लगभग खत्म हो जाएगी। मेयर ने कहा कि यह योजना अपने अंतिम चरण में है और इसके पूरा होते ही शहरवासियों को 24 घंटे पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए, ताकि तय समय पर लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सके। शकरोड़ी पेयजल योजना के सफल क्रियान्वयन से शिमला शहर के हजारों परिवारों को स्थायी समाधान मिलेगा और आने वाले समय में जल संकट से निजात मिलेगी बाइट,,, सुरेंद्र चौहान माहापौर शिमला1
- शाहबाद के गांव दंगाली निवासी पवन कुमार नामक व्यक्ति हुआ गुमशुदा परिजनों ने पुलिस में दी शिकायत1
- फिर उठी मतीयाना में अस्पताल को अपग्रेड करने की मांग, भारतीय किसान संघ ठियोग के अध्यक्ष जयचंद लेप्टा ने सरकार पर लगाए पर लगाए सौतेला व्यवहार करने के आरोप1
- राज्यसभा में सांसद कार्तिकेय शर्मा ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और कार्यस्थलों पर वेतन असमानता को समाप्त करने के उद्देश्य से “शक्ति सम्मान” विधेयक प्रस्तुत किया। इस विधेयक को लिंग आधारित वेतन भेदभाव के खिलाफ एक निर्णायक और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। विधेयक में समान मूल्य के कार्य पर समान वेतन सुनिश्चित करने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। इसके तहत वेतन असमानता की पहचान और रोकथाम के लिए AI-आधारित डिजिटल पोर्टल विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। विधेयक के अनुसार 50 से अधिक कर्मचारियों वाले सभी संस्थानों के लिए वार्षिक वेतन ऑडिट अनिवार्य होगा। साथ ही, संस्थानों को अपने यहाँ मौजूद लिंग आधारित वेतन अंतर का सार्वजनिक रूप से खुलासा करना होगा, ताकि भेदभाव पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। नियुक्ति प्रक्रिया में महिलाओं के साथ होने वाले वेतन भेदभाव को रोकने के लिए पिछले वेतन इतिहास को आधार बनाने पर रोक लगाने का भी प्रावधान किया गया है। गैर-अनुपालन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव विधेयक में शामिल है। महिलाओं को न्यायिक सहायता और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “जेंडर जस्टिस फंड” के गठन का प्रावधान किया गया है, जिससे कानूनी सहायता और जन-जागरूकता अभियानों को समर्थन मिलेगा। विधेयक में वेतन समानता राष्ट्रीय प्राधिकरण के गठन का भी प्रस्ताव है, जिसे शिकायतों की सुनवाई और जांच के लिए सिविल कोर्ट जैसी शक्तियाँ प्रदान की जाएँगी। यह पहल अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के मानकों के अनुरूप तकनीक-आधारित श्रम सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विधेयक प्रस्तुत करते हुए सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा, “सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ केवल अवसर देना नहीं, बल्कि आर्थिक सम्मान सुनिश्चित करना है। जब तक महिलाओं को समान वेतन नहीं मिलेगा, तब तक समानता अधूरी रहेगी।”1