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उत्तर प्रदेश के वाराणसी में लंका थाना पुलिस ने शिवेंद्र सिंह, अभिषेक तिवारी, छोटू सिंह और आशू खरवार को पकड़ा है। ये लोग उत्तर प्रदेश से गाय काटने के लिए पश्चिम बंगाल ले जा रहे थे। पुलिस ने इनके पास से 16 गौवंश भी पकड़े हैं।
JOURNALIST MOHD JUNAID
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में लंका थाना पुलिस ने शिवेंद्र सिंह, अभिषेक तिवारी, छोटू सिंह और आशू खरवार को पकड़ा है। ये लोग उत्तर प्रदेश से गाय काटने के लिए पश्चिम बंगाल ले जा रहे थे। पुलिस ने इनके पास से 16 गौवंश भी पकड़े हैं।
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- उत्तर प्रदेश के नोएडा में सेक्टर-66 स्थित मामूरा गांव की एक पांच-मंजिला इमारत में इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्जिंग के दौरान हुए धमाके से भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में दो लड़कियों की मौत हो गई है। हादसे के बाद सीढ़ियां लगाकर 50 परिवारों का रेस्क्यू किया गया।1
- लखनऊ के दुबग्गा में हमेशा पानी भरा रहने की वजह से बच्चों को स्कूल जाने में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव के कारण आम लोगों को भी भारी परेशानी हो रही है। स्कूल जाते समय बच्चे आधे भीग जाते हैं और उनके कपड़े भी गिर जाते हैं। हमेशा पानी भरे रहने की वजह से बच्चों और स्थानीय लोगों को रोज इस गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है।2
- लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में दबंगों के आगे पुलिस और कानून बेबस नजर आ रहे हैं। सरकारी संपत्ति को निजी जागीर बनते देख जब गजाला और आसिफ ने इसे रोकने की हिम्मत दिखाई, तो दबंगों ने उन पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। मारपीट करने के बाद दबंगों ने पीड़ितों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि जहां जाना है जाओ, पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी और पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली ने इस बात को पूरी तरह सच साबित कर दिखाया है। पीड़ित जब इंसाफ की गुहार लेकर ठाकुरगंज थाने पहुँचे, तो पुलिस ने उन्हें सीधे सतखंडा चौकी भेज दिया, जहाँ उन्हें तीन घंटे तक इंतजार करवाया गया। पुलिस ने उनका मेडिकल कराना भी जरूरी नहीं समझा, जिसके कारण लाचार होकर घायल पीड़ितों को खुद ही अस्पताल जाकर इलाज और मरहम-पट्टी करानी पड़ी। इसके बाद दबंगों ने अस्पताल से लौटे पीड़ितों को शिकायत वापस लेने के लिए फिर से जान से मारने की धमकी भी दे डाली। इस पूरे मामले पर संवाददाता सैफ साबरी की रिपोर्ट बताती है कि ठाकुरगंज का यह नया इंसाफ मॉडल पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय उनकी परीक्षा ले रहा है। यहाँ न्याय की रफ्तार चोट की गंभीरता से नहीं, बल्कि अपराधी के रसूख से तय हो रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि इस गंभीर मामले में वरिष्ठ अधिकारी जागेंगे या फिर फाइल को ठंडे बस्ते में डालकर अपनी वर्दी की शोभा बढ़ाते रहेंगे।1
- लखनऊ के आलमबाग थाना क्षेत्र के मवैया में रेलवे की जमीन पर किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई जारी है। इस अभियान के तहत आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP) और नगर निगम की संयुक्त टीम मवैया तिवारी होटल से लेकर मछली मंडी तक अवैध दुकानों और झोपड़पट्टियों को हटाने में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, इस अतिक्रमण को हटाने के लिए पहले भी कई बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद अवैध कब्जा नहीं हटाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में लंका थाना पुलिस ने शिवेंद्र सिंह, अभिषेक तिवारी, छोटू सिंह और आशू खरवार को पकड़ा है। ये लोग उत्तर प्रदेश से गाय काटने के लिए पश्चिम बंगाल ले जा रहे थे। पुलिस ने इनके पास से 16 गौवंश भी पकड़े हैं।1
- लखनऊ के सरोसा मोड़ स्थित बीएल सुधा अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान उन्नाव निवासी सुरेश के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने पहले उनसे जबरन साइन कराए और उसके बाद मरीज को रेफर किया। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या सुरेश की मौत अस्पताल द्वारा रेफर किए जाने से पहले ही हो चुकी थी? मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि यह मामला इलाज में लापरवाही का है या फिर यह एक प्राकृतिक मौत थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।1
- राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के एक कथित वायरल बयान पर बहस तेज हो गई है। वायरल बयान में सतीश महाना कथित तौर पर यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि जिन लोगों का पैसा चोरी हुआ है, शायद उन्होंने सच्ची आस्था से दान नहीं किया था। उनके अनुसार, गलत भावना से चंदा देने वाले लोगों का ही पैसा चोरी हुआ है। इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। लोग लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या चोरी जैसे गंभीर मामले को दान देने वालों की आस्था के साथ जोड़ना उचित है? वहीं, इस वायरल बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।1
- लखनऊ के चौक थाना क्षेत्र के अंतर्गत नक्खास चौराहे के पास स्थित हाजी स्वीट शॉप ने अपनी दुकान के आगे पूरी सरकारी सड़क पर कथित तौर पर चाट का स्टॉल लगाकर अवैध कब्जा जमा रखा है। इस सड़क पर अतिक्रमण के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के बावजूद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी मानो आंखें मूंदे बैठे हैं और पूरी तरह से मौन हैं। पत्रकार रिंकू ने इस स्थिति पर तीखे सवाल खड़े किए हैं कि जब आम नागरिकों पर नियम-कानून का डंडा चलता है, तो प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? आखिर किसकी सरपरस्ती में सरकारी सड़क पर यह अवैध कब्जा खुलेआम जारी है?1
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 17 साल का नाबालिग कार लेकर सड़क पर निकल पड़ा। इस दौरान हुए एक अत्यंत दर्दनाक हादसे में स्कूटी सवार एक छात्र की जान चली गई। इस घटना पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे सीधे तौर पर माता-पिता की घोर लापरवाही का नतीजा बताया गया है। रिपोर्टर और एडिटर मो. ज़ुनैद के अनुसार, यह हादसा सिर्फ एक बच्चे की गलती नहीं है, बल्कि उन माता-पिता के शानो-शौकत के घमंड को दर्शाता है जो अपने बच्चों को गाड़ी पकड़ा देते हैं, भले ही इसकी कीमत किसी को अपनी जान देकर चुकानी पड़े।1