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उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने वाराणसी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि राज्य में अपराध और अपराधियों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति लगातार जारी है। उन्होंने दावा किया कि इस नीति के परिणामस्वरूप राज्य में अपराध कम हुए हैं और अपराधियों के हौसले पस्त हो गए हैं। डीजीपी ने आगे जानकारी दी कि 'मिशन शक्ति' के तहत राज्य में प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं। साथ ही, पुलिस साइबर क्राइम पर भी तेज़ी से काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कफ सिरप से जुड़े एक मामले में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया प्रगति पर है।

6 hrs ago
user_Duniya Direct news
Duniya Direct news
Voice of people गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने वाराणसी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि राज्य में अपराध और अपराधियों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति लगातार जारी है। उन्होंने दावा किया कि इस नीति के परिणामस्वरूप राज्य में अपराध कम हुए हैं और अपराधियों के हौसले पस्त हो गए हैं। डीजीपी ने आगे जानकारी दी कि 'मिशन शक्ति' के तहत राज्य में प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं। साथ ही, पुलिस साइबर क्राइम पर भी तेज़ी से काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कफ सिरप से जुड़े एक मामले में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया प्रगति पर है।

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  • उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने वाराणसी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि राज्य में अपराध और अपराधियों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति लगातार जारी है। उन्होंने दावा किया कि इस नीति के परिणामस्वरूप राज्य में अपराध कम हुए हैं और अपराधियों के हौसले पस्त हो गए हैं। डीजीपी ने आगे जानकारी दी कि 'मिशन शक्ति' के तहत राज्य में प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं। साथ ही, पुलिस साइबर क्राइम पर भी तेज़ी से काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कफ सिरप से जुड़े एक मामले में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया प्रगति पर है।
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    उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने वाराणसी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि राज्य में अपराध और अपराधियों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति लगातार जारी है। उन्होंने दावा किया कि इस नीति के परिणामस्वरूप राज्य में अपराध कम हुए हैं और अपराधियों के हौसले पस्त हो गए हैं।

डीजीपी ने आगे जानकारी दी कि 'मिशन शक्ति' के तहत राज्य में प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं। साथ ही, पुलिस साइबर क्राइम पर भी तेज़ी से काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कफ सिरप से जुड़े एक मामले में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया प्रगति पर है।
    user_Duniya Direct news
    Duniya Direct news
    Voice of people गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • असम के जोरहाट एयर फ़ोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना (IAF) के AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ़्ट के प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने का एक दिल दहला देने वाला CCTV फुटेज सामने आया है। इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी पाँच लोगों की दुखद मौत हो गई। यह घटना शनिवार सुबह करीब 10 बजे सैन्य स्टेशन के अंदर घटी, जिसके बाद एयरबेस पर एक विशाल आग लग गई और आपातकालीन स्थिति पैदा हो गई। वायरल फुटेज में विमान को लैंडिंग के बाद रनवे से फिसलते हुए, पलटते हुए और आग की लपटों में घिरते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। IAF ने प्रारंभिक बयान में AN-32 विमान के नियमित प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि की थी, और लोगों से शुरुआती जाँच के दौरान किसी भी तरह की अटकलों से बचने की अपील की थी। बाद में, वायु सेना ने इस दुर्घटना में पाँच लोगों की जान जाने की पुष्टि की। इस हादसे में जान गंवाने वालों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ़्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं। भारतीय वायु सेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि वह दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा है।
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    असम के जोरहाट एयर फ़ोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना (IAF) के AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ़्ट के प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने का एक दिल दहला देने वाला CCTV फुटेज सामने आया है। इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी पाँच लोगों की दुखद मौत हो गई। यह घटना शनिवार सुबह करीब 10 बजे सैन्य स्टेशन के अंदर घटी, जिसके बाद एयरबेस पर एक विशाल आग लग गई और आपातकालीन स्थिति पैदा हो गई।

वायरल फुटेज में विमान को लैंडिंग के बाद रनवे से फिसलते हुए, पलटते हुए और आग की लपटों में घिरते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। IAF ने प्रारंभिक बयान में AN-32 विमान के नियमित प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि की थी, और लोगों से शुरुआती जाँच के दौरान किसी भी तरह की अटकलों से बचने की अपील की थी। बाद में, वायु सेना ने इस दुर्घटना में पाँच लोगों की जान जाने की पुष्टि की।

इस हादसे में जान गंवाने वालों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ़्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं। भारतीय वायु सेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि वह दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा है।
    user_आदर्श भारत TV
    आदर्श भारत TV
    TV News Anchor सदरपुर, गाजियाबाद•
    7 hrs ago
  • जनपद गाजियाबाद के लोनी ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में सड़क किनारे बनी एक मजार पर गाजियाबाद प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। यह मजार यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की ग्रीन बेल्ट की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके बनाई गई थी। प्रशासन की टीम ने मजार को खाली कराने के लिए पहले ही नोटिस जारी किया था, और नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद ही यह ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। इस दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इस कार्रवाई को 'योगी बुलडोजर' की कार्रवाई के रूप में भी संदर्भित किया गया है।
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    जनपद गाजियाबाद के लोनी ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में सड़क किनारे बनी एक मजार पर गाजियाबाद प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। यह मजार यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की ग्रीन बेल्ट की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके बनाई गई थी।

प्रशासन की टीम ने मजार को खाली कराने के लिए पहले ही नोटिस जारी किया था, और नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद ही यह ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। इस दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इस कार्रवाई को 'योगी बुलडोजर' की कार्रवाई के रूप में भी संदर्भित किया गया है।
    user_Patrkar Harish Kumar Media
    Patrkar Harish Kumar Media
    Court reporter गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में एक युवक की आत्महत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के आरोप में एक युवक और एक युवती को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 11 जून को मिली तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 108 के तहत दर्ज मुकदमे के बाद की गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अमन सिंह का गिरफ्तार युवती से पिछले तीन-चार साल से परिचय था और उनके बीच विवाद चल रहा था। इसी दौरान युवती व दूसरे गिरफ्तार युवक के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। घटना वाले दिन अमन युवती से मिलने पहुंचा था, जहां दोनों के बीच कहासुनी हुई। पुलिस के अनुसार, उसी रात अमन ने कमरे के दूसरे हिस्से में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मुखबिर की सूचना पर मसूरी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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    गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में एक युवक की आत्महत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के आरोप में एक युवक और एक युवती को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 11 जून को मिली तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 108 के तहत दर्ज मुकदमे के बाद की गई है।

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अमन सिंह का गिरफ्तार युवती से पिछले तीन-चार साल से परिचय था और उनके बीच विवाद चल रहा था। इसी दौरान युवती व दूसरे गिरफ्तार युवक के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। घटना वाले दिन अमन युवती से मिलने पहुंचा था, जहां दोनों के बीच कहासुनी हुई। पुलिस के अनुसार, उसी रात अमन ने कमरे के दूसरे हिस्से में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

मुखबिर की सूचना पर मसूरी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
    user_पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    Media house गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र के वैशाली निवासी मंदबुद्धि युवक गिरधर सिंह विष्ट के लापता होने के बाद उसका शव मिलने से यह पूरा मामला गंभीर हो गया है। परिजनों ने कौशांबी थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शव की पहचान के बाद शनिवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिवार कौशांबी थाने पहुंचे, जहां घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिला। गिरधर सिंह के परिवार का आरोप है कि 16 मई को कॉलोनी के बाहर कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, कौशांबी थाना पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए युवक को जेल भेज दिया। परिवार का कहना है कि गिरधर सिंह मानसिक रूप से कमजोर था और उसका वर्षों से इलाज चल रहा था, लेकिन उसकी इस चिकित्सीय स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया। मृतक की मां देवकी देवी ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को जेल भेजे जाने के दौरान और उसके बाद कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने पूरे मामले को संदेहास्पद बना दिया। उन्होंने दावा किया कि कुछ पुलिसकर्मी उनके घर से बेटे के इलाज से संबंधित मेडिकल दस्तावेज लेकर गए थे, लेकिन बाद में इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि वे पुलिसकर्मी कौन थे, और पूछताछ करने पर पुलिसकर्मियों ने इन कागजातों को मंगाए जाने की बात से इनकार कर दिया था। अब परिवार सवाल कर रहा है कि आखिर वे पुलिसकर्मी कौन थे और किस मंशा से इलाज संबंधी कागजों को गायब किया गया। परिजनों के मुताबिक, डासना जेल प्रशासन ने उन्हें बताया कि 21 मई को युवक को किसी रिश्तेदार की सुपुर्दगी में रिहा कर दिया गया था, जबकि परिवार का दृढ़ता से कहना है कि उनका कोई भी सदस्य उसे लेने जेल नहीं गया था। ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि युवक को किसके हवाले किया गया और उसकी रिहाई की पूरी प्रक्रिया किस आधार पर की गई। परिवार का यह भी आरोप है कि युवक के लापता होने की सूचना पुलिस को दिए जाने के बावजूद उसकी तलाश में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। अब शव मिलने के बाद परिजन पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध मान रहे हैं और हत्या की आशंका जताते हुए मांग कर रहे हैं कि 21 मई से लेकर शव मिलने तक युवक कहां रहा और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई, इसकी निष्पक्ष जांच की जाए। मृतक की मां ने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की है कि कौशांबी थाना इंचार्ज और अन्य पुलिस कर्मियों के साथ-साथ, जेल प्रशासन और इस मामले से जुड़े सभी व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मंदबुद्धि युवक की इस संदिग्ध मौत ने पुलिस और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और इस पूरे मामले की सच्चाई को सामने लाने की मांग भी तेज हो गई है।
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    गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र के वैशाली निवासी मंदबुद्धि युवक गिरधर सिंह विष्ट के लापता होने के बाद उसका शव मिलने से यह पूरा मामला गंभीर हो गया है। परिजनों ने कौशांबी थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शव की पहचान के बाद शनिवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिवार कौशांबी थाने पहुंचे, जहां घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिला।

गिरधर सिंह के परिवार का आरोप है कि 16 मई को कॉलोनी के बाहर कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, कौशांबी थाना पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए युवक को जेल भेज दिया। परिवार का कहना है कि गिरधर सिंह मानसिक रूप से कमजोर था और उसका वर्षों से इलाज चल रहा था, लेकिन उसकी इस चिकित्सीय स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया। मृतक की मां देवकी देवी ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को जेल भेजे जाने के दौरान और उसके बाद कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने पूरे मामले को संदेहास्पद बना दिया। उन्होंने दावा किया कि कुछ पुलिसकर्मी उनके घर से बेटे के इलाज से संबंधित मेडिकल दस्तावेज लेकर गए थे, लेकिन बाद में इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि वे पुलिसकर्मी कौन थे, और पूछताछ करने पर पुलिसकर्मियों ने इन कागजातों को मंगाए जाने की बात से इनकार कर दिया था। अब परिवार सवाल कर रहा है कि आखिर वे पुलिसकर्मी कौन थे और किस मंशा से इलाज संबंधी कागजों को गायब किया गया।

परिजनों के मुताबिक, डासना जेल प्रशासन ने उन्हें बताया कि 21 मई को युवक को किसी रिश्तेदार की सुपुर्दगी में रिहा कर दिया गया था, जबकि परिवार का दृढ़ता से कहना है कि उनका कोई भी सदस्य उसे लेने जेल नहीं गया था। ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि युवक को किसके हवाले किया गया और उसकी रिहाई की पूरी प्रक्रिया किस आधार पर की गई। परिवार का यह भी आरोप है कि युवक के लापता होने की सूचना पुलिस को दिए जाने के बावजूद उसकी तलाश में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। अब शव मिलने के बाद परिजन पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध मान रहे हैं और हत्या की आशंका जताते हुए मांग कर रहे हैं कि 21 मई से लेकर शव मिलने तक युवक कहां रहा और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई, इसकी निष्पक्ष जांच की जाए।

मृतक की मां ने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की है कि कौशांबी थाना इंचार्ज और अन्य पुलिस कर्मियों के साथ-साथ, जेल प्रशासन और इस मामले से जुड़े सभी व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, मंदबुद्धि युवक की इस संदिग्ध मौत ने पुलिस और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और इस पूरे मामले की सच्चाई को सामने लाने की मांग भी तेज हो गई है।
    user_Pramod Singh
    Pramod Singh
    Media company गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • केन्द्र सरकार द्वारा डीजल की खुदरा बिक्री को लेकर जारी किए गए नए नियमों ने गाजियाबाद की औद्योगिक इकाइयों और हाई सोसाइटियों के लिए चिंता बढ़ा दी है। इन नए आदेशों के तहत, औद्योगिक इकाइयों को अब एक लीटर डीजल ₹134 में मिलेगा, जिस पर उद्यमियों ने गहरा रोष व्यक्त किया है। इसके साथ ही, थोक उपभोक्ता अब पेट्रोल पंपों से डीजल नहीं खरीद पाएंगे और प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल ही प्राप्त कर सकते हैं। यह नया नियम गाजियाबाद में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर पूरी तरह से डीजल जनरेटर पर निर्भर रहने वाली सैकड़ों सोसाइटियों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर रहा है। इन सोसाइटियों में, जिनमें सिद्धार्थ विहार, राजनगर एक्सटेंशन, इंदिरापुरम, वसुंधरा, शालीमार गार्डन, वैशाली सिटी और वेव सिटी जैसी लगभग 400 सोसाइटियां शामिल हैं, लिफ्ट, जलापूर्ति, लाइटिंग, फायर सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था का संचालन डीजल जनरेटर से ही होता है। नए नियमों के कारण इन सोसाइटियों में बिजली संकट का खतरा उत्पन्न हो गया है।
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    केन्द्र सरकार द्वारा डीजल की खुदरा बिक्री को लेकर जारी किए गए नए नियमों ने गाजियाबाद की औद्योगिक इकाइयों और हाई सोसाइटियों के लिए चिंता बढ़ा दी है। इन नए आदेशों के तहत, औद्योगिक इकाइयों को अब एक लीटर डीजल ₹134 में मिलेगा, जिस पर उद्यमियों ने गहरा रोष व्यक्त किया है। इसके साथ ही, थोक उपभोक्ता अब पेट्रोल पंपों से डीजल नहीं खरीद पाएंगे और प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल ही प्राप्त कर सकते हैं।

यह नया नियम गाजियाबाद में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर पूरी तरह से डीजल जनरेटर पर निर्भर रहने वाली सैकड़ों सोसाइटियों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर रहा है। इन सोसाइटियों में, जिनमें सिद्धार्थ विहार, राजनगर एक्सटेंशन, इंदिरापुरम, वसुंधरा, शालीमार गार्डन, वैशाली सिटी और वेव सिटी जैसी लगभग 400 सोसाइटियां शामिल हैं, लिफ्ट, जलापूर्ति, लाइटिंग, फायर सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था का संचालन डीजल जनरेटर से ही होता है। नए नियमों के कारण इन सोसाइटियों में बिजली संकट का खतरा उत्पन्न हो गया है।
    user_PRADEEP PURI
    PRADEEP PURI
    गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • ब्राज़ील के साओ पाउलो राज्य में 13 जून को बंजी जंपिंग के दौरान एक युवती की दर्दनाक मौत हो गई। शुरुआती पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हैरान कर देने वाली घटना की मुख्य वजह सुरक्षा उपकरणों को लगाना ही भूल जाना था, जो एक गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, घटना के बाद घटनास्थल से भागे दो कर्मचारियों का भी बाद में पता लगा लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है। यह घटना एक बार फिर इस बात पर ज़ोर देती है कि एडवेंचर स्पोर्ट्स रोमांचक भले ही हों, लेकिन सुरक्षा में की गई एक छोटी सी चूक भी किसी की जान ले सकती है। यह वाकया दर्दनाक लापरवाही का एक चौंकाने वाला उदाहरण है।
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    ब्राज़ील के साओ पाउलो राज्य में 13 जून को बंजी जंपिंग के दौरान एक युवती की दर्दनाक मौत हो गई। शुरुआती पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हैरान कर देने वाली घटना की मुख्य वजह सुरक्षा उपकरणों को लगाना ही भूल जाना था, जो एक गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, घटना के बाद घटनास्थल से भागे दो कर्मचारियों का भी बाद में पता लगा लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है।

यह घटना एक बार फिर इस बात पर ज़ोर देती है कि एडवेंचर स्पोर्ट्स रोमांचक भले ही हों, लेकिन सुरक्षा में की गई एक छोटी सी चूक भी किसी की जान ले सकती है। यह वाकया दर्दनाक लापरवाही का एक चौंकाने वाला उदाहरण है।
    user_आदर्श भारत TV
    आदर्श भारत TV
    TV News Anchor सदरपुर, गाजियाबाद•
    12 hrs ago
  • जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र में शारदा मंदिर के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार और कथित तौर पर ओवरलोड हाइवा ने एक स्कॉर्पियो और लोडिंग ऑटो को टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के बाद स्कॉर्पियो में भीषण आग लग गई, जिससे उसमें सवार दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस और एफएसएल टीम इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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    जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र में शारदा मंदिर के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार और कथित तौर पर ओवरलोड हाइवा ने एक स्कॉर्पियो और लोडिंग ऑटो को टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के बाद स्कॉर्पियो में भीषण आग लग गई, जिससे उसमें सवार दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस और एफएसएल टीम इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
    user_हिंदुस्तान समाचार
    हिंदुस्तान समाचार
    Media company Ghaziabad, Uttar Pradesh•
    14 hrs ago
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