उदयपुर जिले की कुराबड़ तहसील स्थित वली ग्राम पंचायत में नागणेची माता मंदिर और शिव मंदिर के पास पशु चिकित्सालय के आवंटन को लेकर ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी जताई है। इस मामले में ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने पशु चिकित्सालय का आवंटन किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर करने की मांग की है। ग्राम पंचायत के वार्ड पंच जोगेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि पशु चिकित्सालय के लिए गांव से लगभग 2 किलोमीटर दूर जगह निर्धारित की गई है। इसके साथ ही, यह ऐतिहासिक शिव मंदिर और नागणेची माता मंदिर के बिल्कुल नजदीक आवंटित किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस जमीन आवंटन के संबंध में पंचायत में किसी भी तरह का कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया, बल्कि यह कुछ लोगों की मनमर्जी से कर दिया गया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे पशु चिकित्सालय के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि मंदिर परिसर के इतने करीब इसके निर्माण का विरोध कर रहे हैं।
उदयपुर जिले की कुराबड़ तहसील स्थित वली ग्राम पंचायत में नागणेची माता मंदिर और शिव मंदिर के पास पशु चिकित्सालय के आवंटन को लेकर ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी जताई है। इस मामले में ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने पशु चिकित्सालय का आवंटन किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर करने की मांग की है। ग्राम पंचायत के वार्ड पंच जोगेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि पशु चिकित्सालय के लिए गांव से लगभग 2 किलोमीटर दूर जगह निर्धारित की गई है। इसके साथ ही, यह ऐतिहासिक शिव मंदिर और नागणेची माता मंदिर के बिल्कुल नजदीक आवंटित किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस जमीन आवंटन के संबंध में पंचायत में किसी भी तरह का कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया, बल्कि यह कुछ लोगों की मनमर्जी से कर दिया गया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे पशु चिकित्सालय के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि मंदिर परिसर के इतने करीब इसके निर्माण का विरोध कर रहे हैं।
- राजसमंद जिले के भीम उपखंड में पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में राजसमंद पुलिस और करियर संस्थान द्वारा आयोजित सात दिवसीय डिजिटल प्रहरी प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन साइबर सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सुरक्षित उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना और उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रभावी तरीके सिखाना है। प्रशिक्षण के दौरान, साइबर पुलिस थाना राजसमंद के प्रोग्रामर खैरुल वसीम ने प्रतिभागियों को संचार साथी ऐप की उपयोगिता, साइबर अपराधों की नई तकनीकों और ऑनलाइन सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों में भी तेजी आई है, जिनमें अज्ञात लिंक, फिशिंग वेबसाइट, फर्जी कॉल, वॉयस क्लोनिंग, डिजिटल अरेस्ट और नकली मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से होने वाली ठगी प्रमुख है। खैरुल वसीम ने विशेष रूप से एपीके फाइलों के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड के प्रति आगाह किया। उन्होंने समझाया कि अपराधी आसान लोन, इनाम, सरकारी योजना या भारी छूट का लालच देकर मोबाइल पर एपीके फाइल भेजते हैं, जिन्हें डाउनलोड करते ही मोबाइल साइबर अपराधियों के नियंत्रण में आ जाता है। इससे बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड, फोटो, संपर्क सूची और अन्य निजी डेटा तक उनकी पहुँच हो जाती है, जिससे आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे किसी भी मोबाइल ऐप को केवल गूगल प्ले स्टोर या संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें और किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें या उसे इंस्टॉल न करें। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएँ या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। साथ ही, मजबूत पासवर्ड रखने, उन्हें समय-समय पर बदलने, दो-स्तरीय सुरक्षा (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) का उपयोग करने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी गई। प्रशिक्षण के अंत में, उपस्थित युवाओं ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल उदाहरणों के साथ समाधान किया। चौहान ज्ञान केंद्र के प्रबंधक प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि इस सात दिवसीय कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करके उन्हें समाज में डिजिटल जागरूकता का दूत बनाना है, ताकि वे न केवल स्वयं सुरक्षित रहें बल्कि दूसरों को भी साइबर अपराधों से बचने के लिए प्रेरित कर सकें। यह पहल युवाओं को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए राजसमंद पुलिस और करियर संस्थान का एक संयुक्त प्रयास है।3
- आज राजसमंद से एक जत्था अहमदाबाद के कुजाड़ स्थित श्री चारभुजा जी मंदिर पहुंचा और ठाकुर जी के दर्शन किए। जानकारी के अनुसार, यह श्री चारभुजा जी मंदिर मेवाड़ क्षेत्र के कुमावत समाज के लोगों द्वारा बनवाया गया है। राजसमंद के लोगों ने इस मंदिर में, जिसे 'कुजाड़ श्याम' भी कहा जाता है, दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।4
- राजस्थान सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पंचायती राज विभाग में ऑनलाइन स्थानांतरण आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है। यह आवेदन अब एसएसओ आईडी के माध्यम से ई-पंचायत पोर्टल पर किए जा सकेंगे।1
- करोई के डरी मोहल्ला वार्ड नंबर 9 में जल्द से जल्द नाली का निर्माण कार्य कराया जाएगा।2
- राजसमंद में सोमवार को जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना, यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विभागवार समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना था। बैठक का संचालन पीडब्ल्यूडी एसई आर एल मेहता ने किया। जिला कलक्टर ने ई-डार पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के निरीक्षण और अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा की, साथ ही जिला सड़क सुरक्षा कार्ययोजना-2026 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, परिवहन, शिक्षा और पंचायतीराज विभाग के समन्वय से जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा यातायात नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। आई-रेड परियोजना के तहत चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर आवश्यक सुधार कार्य, एम्बुलेंस की प्री-पोजिशनिंग और प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर स्थित ट्रॉमा सेंटर और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँचने वाले मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखकर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने को कहा गया। जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण तेज गति और यातायात नियमों की अवहेलना है। इसे देखते हुए, उन्होंने पुलिस विभाग को ओवर स्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने, नशे की हालत में गाड़ी चलाने, ओवरलोडिंग और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर नियमित तथा सघन प्रवर्तन कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्य पालना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग पर रोक, रिफ्लेक्टिव टेप, स्पीड गवर्नर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में राजमार्गों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, सड़क सुरक्षा गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने और मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स एक्ट, 1961 के तहत अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों का पंजीकरण कराने के निर्देश भी शामिल थे। पंजीकृत प्रतिष्ठानों के लिए जागरूकता कार्यशालाओं और संयुक्त प्रवर्तन अभियानों के संचालन का भी निर्देश दिया गया। अन्य निर्देशों में व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए जनजागरूकता अभियान, राजमार्गों पर वे-साइड एमेनिटीज और चालक विश्राम केन्द्रों का विकास, टोल सड़कों की समयबद्ध मरम्मत, हाईटेंशन लाइनों की नियमानुसार ऊंचाई बनाए रखना तथा सार्वजनिक एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर क्षतिग्रस्त सड़क संकेतकों का शीघ्र सुधार शामिल थे। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और निर्धारित कार्यों की समयबद्ध अनुपालन का आश्वासन दिया। निष्कर्ष के तौर पर, सभी विभागों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में दिनभर कई आयोजन सुर्खियों में रहे। इनमें कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का प्रदर्शन, श्री बालाजी सेवा संस्थान की दुर्ग संरक्षण की मांग, दशनाम गोस्वामी समाज की नई कार्यकारिणी का गठन, और 'एक शाम सुमन कल्याणपुर के नाम' संगीतमय संध्या प्रमुख थे। इसके अतिरिक्त, यूनुस खान की दरगाह जियारत, असमा खानम का सम्मान, तथा पारलिया देवरी गौ कथा महोत्सव एवं 21वें कल्याण महाकुंभ की तैयारियां भी चर्चा का विषय बनी रहीं।1
- संगेसरा में 21 जून 2026 को योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर डॉक्टर मुकेश जी ने सभी ग्राम वासियों के साथ मिलकर उन्हें अच्छा योग सिखाया।1