बाढ़ में अलग-अलग राज्यों से पहुंचने लगे मरीज, आखिर अभ्यंग योग आश्रम में ऐसा क्या है? मरीजों ने खुद बताई अपनी कहानी बाढ़ के अचुआरा में स्थित अभ्यंग योग वाटिका इन दिनों मरीजों के पहुंचने को लेकर चर्चा में है। यहां अलग-अलग जगहों से लोग अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को लेकर पहुंच रहे हैं। हमने यहां मौजूद कई मरीजों से बातचीत की। किसी ने घुटने के दर्द की परेशानी बताई, तो किसी ने लंबे समय से चली आ रही दूसरी समस्याओं का जिक्र किया। मरीजों ने अपने-अपने अनुभव हमारे कैमरे पर साझा किए। बेगूसराय, नालंदा, पटना और झारखंड सहित अलग-अलग जगहों से पहुंचे मरीजों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई जगह इलाज कराया। कुछ मरीजों ने तो इलाज में काफी पैसा खर्च होने की बात भी कही, लेकिन मन मुताबिक राहत नहीं मिलने के बाद यहां आने का फैसला किया। मरीजों का कहना है कि यहां उनकी परेशानी को समझने के बाद उपचार किया गया और उन्हें अपने स्तर पर राहत महसूस हुई। हालांकि हर मरीज की बीमारी और शरीर की स्थिति अलग होती है, इसलिए उपचार को लेकर किसी भी तरह का दावा करने के बजाय मरीजों की बताई बात को उनके व्यक्तिगत अनुभव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अब इन मरीजों की बातों में कितनी सच्चाई और उनका अनुभव क्या रहा—यह आप खुद उन्हीं की जुबानी सुनिए। अभ्यंग योग वाटिका, अचुआरा हॉल्ट के नजदीक। 📞 8757335552 | 9504251951
बाढ़ में अलग-अलग राज्यों से पहुंचने लगे मरीज, आखिर अभ्यंग योग आश्रम में ऐसा क्या है? मरीजों ने खुद बताई अपनी कहानी बाढ़ के अचुआरा में स्थित अभ्यंग योग वाटिका इन दिनों मरीजों के पहुंचने को लेकर चर्चा में है। यहां अलग-अलग जगहों से लोग अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को लेकर पहुंच रहे हैं। हमने यहां मौजूद कई मरीजों से बातचीत की। किसी ने घुटने के दर्द की परेशानी बताई, तो किसी ने लंबे समय से चली आ रही दूसरी समस्याओं का जिक्र किया। मरीजों ने अपने-अपने अनुभव हमारे कैमरे पर साझा किए। बेगूसराय, नालंदा, पटना और झारखंड सहित अलग-अलग जगहों से पहुंचे मरीजों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई जगह इलाज कराया। कुछ मरीजों ने तो इलाज में काफी पैसा खर्च होने की बात भी कही, लेकिन मन मुताबिक राहत नहीं मिलने के बाद यहां आने का फैसला किया। मरीजों का कहना है कि यहां उनकी परेशानी को समझने के बाद उपचार किया गया और उन्हें अपने स्तर पर राहत महसूस हुई। हालांकि हर मरीज की बीमारी और शरीर की स्थिति अलग होती है, इसलिए उपचार को लेकर किसी भी तरह का दावा करने के बजाय मरीजों की बताई बात को उनके व्यक्तिगत अनुभव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अब इन मरीजों की बातों में कितनी सच्चाई और उनका अनुभव क्या रहा—यह आप खुद उन्हीं की जुबानी सुनिए। अभ्यंग योग वाटिका, अचुआरा हॉल्ट के नजदीक। 📞 8757335552 | 9504251951
- गोसाईंगांव में आस्था का सैलाब! 1151 कन्याओं की भव्य शोभायात्रा, हाथी-घोड़े और बैंड-बाजे के साथ गंगा स्नान के लिए उमड़ा जनसैलाब गोसाईंगांव में आस्था का सैलाब! 1151 कन्याओं की भव्य शोभायात्रा, हाथी-घोड़े और बैंड-बाजे के साथ गंगा स्नान के लिए उमड़ा जनसैलाब #Gosaingaon #Mokama #Ghoswari1
- बाढ़ के मोकिमपुर के पास 148 लीटर झारखंड निर्मित देसी शराब और अपाचे बाइक बरामद, तस्कर फरार बाढ़। बाढ़ थाना क्षेत्र के मोकीमपुर के पास पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 148 लीटर झारखंड निर्मित देसी शराब और एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति बाइक से झारखंड निर्मित देसी शराब की बड़ी खेप लेकर इलाके में सप्लाई करने जा रहा है। सूचना मिलते ही बाढ़ थाना पुलिस ने मोकीमपुर के पास घेराबंदी कर जांच अभियान शुरू किया। बाढ़ थानाध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह ने बताया कि पुलिस की गाड़ी को देखते ही शराब तस्कर बाइक और शराब की खेप छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके से 148 लीटर देसी शराब और अपाचे मोटरसाइकिल जब्त कर ली। फरार तस्कर की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने बरामद मोटरसाइकिल के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई किस इलाके में की जानी थी। गौरतलब है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। इसके बावजूद राज्य के विभिन्न इलाकों में लगातार शराब की तस्करी और अवैध कारोबार के मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस समय-समय पर कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में शराब बरामद कर रही है, लेकिन तस्कर नए-नए तरीकों से शराब की सप्लाई करने की कोशिश में जुटे हैं।1
- बाढ़ आपदा 2026 कैसा रहा अनुभव सरकारी और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कमेंट करें | शाम्हो बेगूसराय | Mobile Tv News1
- बेगूसराय। वीर कुंवर सिंह चौक पर सिमरिया सिक्स लेन पुल का नाम। राणाभामा।सेतु करने की मांग वीर कुंवर सिंह चौक पर सिमरिया सिक्स लेन पुल का नाम *राणाभामा* *सेतु* करने की मांग को लेकर आंदोलन का हुआ शंखनाद। लोगों ने सरकार पर लगाया वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप और उनके अभिन्न सहयोगी दानवीर भामाशाह की उपेक्षा का आरोप। सिमरिया सिक्स लेन पुल का नामकरण *राणाभामा* *सेतु* नहीं होने पर दिया *महापंचायत* बुलाकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का अल्टीमेटम। मौके पर आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता समीर सिंह चौहान ने कहा कि पूरे बिहार में एक भी सेतु का नामकरण वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप और उनके अभिन्न सहयोगी दानवीर भामाशाह के नाम पर नहीं है। इससे इन दो महान विभूतियों के प्रति उपेक्षा का भाव परिलक्षित होता है। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाकर स्वाधीनता की रक्षा की। दानवीर भामाशाह ने अपना सर्वस्व देशहित में न्योछावर कर दिया। इन दो महान विभूतियों के सम्मान में सिमरिया सिक्स लेन पुल का नामकरण *राणाभामा* *सेतु* होना चाहिए। सिमरिया सिक्स लेन पुल के निर्माण में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप और दानवीर भामाशाह के वंशजों की 600 बीघा जमीन गई है। इस परिप्रेक्ष्य में भी सेतु का नामकरण राणा।भामा सेतू होना चाहिए। मांग की पूर्ति नहीं होने पर बहुत जल्द महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। मौके पर सुनील पासवान अखिलेश साहनी रमेश पोद्दार शिव शंकर राजपूत दिनेश क्षत्रिय रघुवीर साहू सुनील साहू मोहम्मद अशरफुल अशोक साहू के साथ दर्जनों लोग उपस्थित थे।2
- बिहार के पूर्व कानून मंत्री कार्तिकेय कुमार ने बाढ़ पीड़ित जंजीरा दियारा के लोगों के बीच राहत सामाग्री का वितरण किया बिहार के पूर्व कानून मंत्री कार्तिकेय कुमार ने बाढ़ पीड़ित जंजीरा दियारा के लोगों के बीच राहत सामाग्री का वितरण किया।उन्होंने प्रखंड परिसर और सूर्य नारायण मन्दिर में शरण लिए बाढ़ पीड़ितों की समस्यायें सुनी और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।बीमार बाढ़ पीड़ितों को रोटी खिलाने के प्रशासनिक आदेश की जानकारी भी उन्होंने दिया।बाढ़ पीड़ितों के बीच चूड़ा-गुड़ और प्लास्टिक शीट का पूर्व कानून मंत्री ने वितरण किया।1
- hamare yaha barh ka ye pani karib 500 bigha dhan ka fashal ko baha te। le gya hai1
- mahadev jha Harare ya apa nn talkative stok ha Jan ko4
- बाढ़ में अलग-अलग राज्यों से पहुंचने लगे मरीज, आखिर अभ्यंग योग आश्रम में ऐसा क्या है? मरीजों ने खुद बताई अपनी कहानी बाढ़ के अचुआरा में स्थित अभ्यंग योग वाटिका इन दिनों मरीजों के पहुंचने को लेकर चर्चा में है। यहां अलग-अलग जगहों से लोग अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को लेकर पहुंच रहे हैं। हमने यहां मौजूद कई मरीजों से बातचीत की। किसी ने घुटने के दर्द की परेशानी बताई, तो किसी ने लंबे समय से चली आ रही दूसरी समस्याओं का जिक्र किया। मरीजों ने अपने-अपने अनुभव हमारे कैमरे पर साझा किए। बेगूसराय, नालंदा, पटना और झारखंड सहित अलग-अलग जगहों से पहुंचे मरीजों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई जगह इलाज कराया। कुछ मरीजों ने तो इलाज में काफी पैसा खर्च होने की बात भी कही, लेकिन मन मुताबिक राहत नहीं मिलने के बाद यहां आने का फैसला किया। मरीजों का कहना है कि यहां उनकी परेशानी को समझने के बाद उपचार किया गया और उन्हें अपने स्तर पर राहत महसूस हुई। हालांकि हर मरीज की बीमारी और शरीर की स्थिति अलग होती है, इसलिए उपचार को लेकर किसी भी तरह का दावा करने के बजाय मरीजों की बताई बात को उनके व्यक्तिगत अनुभव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अब इन मरीजों की बातों में कितनी सच्चाई और उनका अनुभव क्या रहा—यह आप खुद उन्हीं की जुबानी सुनिए। अभ्यंग योग वाटिका, अचुआरा हॉल्ट के नजदीक। 📞 8757335552 | 95042519511