logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

गुजरात कमाने गए श्रीनगर निवासी की तबीयत बिगड़ने से मौत, गांव में पसरा मातम गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड अंतर्गत श्रीनगर गांव से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। श्रीनगर निवासी भिखारी चंद्रवंशी, उम्र लगभग 50 वर्ष, रोजी-रोटी कमाने के लिए गुजरात गए हुए थे। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। जैसे ही उनके निधन की खबर गांव और परिजनों तक पहुंची, पूरे श्रीनगर गांव में मातम पसर गया। भिखारी चंद्रवंशी की मौत की खबर सुनकर उनके परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि मृतक अपने पीछे पत्नी और सात बच्चियों को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद और मुश्किल समय लेकर आई है। घर के कमाने वाले सदस्य की मौत से परिवार के सामने भावनात्मक दुख के साथ-साथ भविष्य को लेकर भी कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। मृतक भिखारी चंद्रवंशी गुजरात में रहकर अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मेहनत-मजदूरी कर रहे थे। उनके निधन की खबर ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं। आखिर गुजरात में ऐसा क्या हुआ कि श्रीनगर निवासी भिखारी चंद्रवंशी की मौत हो गई? उनकी मौत की पूरी जानकारी और परिजनों से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए देखिए Excellent News 66 की यह पूरी खबर। क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी खबर देखने के लिए Excellent News 66 को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। किसी भी विज्ञापन के लिए मोबाइल नंबर 9546 148 276 पर संपर्क करें।

5 hrs ago
user_Excellent news 66
Excellent news 66
कांडी, गढ़वा, झारखंड•
5 hrs ago

गुजरात कमाने गए श्रीनगर निवासी की तबीयत बिगड़ने से मौत, गांव में पसरा मातम गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड अंतर्गत श्रीनगर गांव से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। श्रीनगर निवासी भिखारी चंद्रवंशी, उम्र लगभग 50 वर्ष, रोजी-रोटी कमाने के लिए गुजरात गए हुए थे। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। जैसे ही उनके निधन की खबर गांव और परिजनों तक पहुंची, पूरे श्रीनगर गांव में मातम पसर गया। भिखारी चंद्रवंशी की मौत की खबर सुनकर उनके परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि मृतक अपने पीछे पत्नी और सात बच्चियों को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद और मुश्किल समय लेकर आई है। घर के कमाने वाले सदस्य की मौत से परिवार के सामने भावनात्मक दुख के साथ-साथ भविष्य को लेकर भी कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। मृतक भिखारी चंद्रवंशी गुजरात में रहकर अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मेहनत-मजदूरी कर रहे थे। उनके निधन की खबर ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं। आखिर गुजरात में ऐसा क्या हुआ कि श्रीनगर निवासी भिखारी चंद्रवंशी की मौत हो गई? उनकी मौत की पूरी जानकारी और परिजनों से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए देखिए Excellent News 66 की यह पूरी खबर। क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी खबर देखने के लिए Excellent News 66 को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। किसी भी विज्ञापन के लिए मोबाइल नंबर 9546 148 276 पर संपर्क करें।

More news from झारखंड and nearby areas
  • गुजरात कमाने गए श्रीनगर निवासी की तबीयत बिगड़ने से मौत, गांव में पसरा मातम गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड अंतर्गत श्रीनगर गांव से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। श्रीनगर निवासी भिखारी चंद्रवंशी, उम्र लगभग 50 वर्ष, रोजी-रोटी कमाने के लिए गुजरात गए हुए थे। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। जैसे ही उनके निधन की खबर गांव और परिजनों तक पहुंची, पूरे श्रीनगर गांव में मातम पसर गया। भिखारी चंद्रवंशी की मौत की खबर सुनकर उनके परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि मृतक अपने पीछे पत्नी और सात बच्चियों को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद और मुश्किल समय लेकर आई है। घर के कमाने वाले सदस्य की मौत से परिवार के सामने भावनात्मक दुख के साथ-साथ भविष्य को लेकर भी कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। मृतक भिखारी चंद्रवंशी गुजरात में रहकर अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मेहनत-मजदूरी कर रहे थे। उनके निधन की खबर ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं। आखिर गुजरात में ऐसा क्या हुआ कि श्रीनगर निवासी भिखारी चंद्रवंशी की मौत हो गई? उनकी मौत की पूरी जानकारी और परिजनों से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए देखिए Excellent News 66 की यह पूरी खबर। क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी खबर देखने के लिए Excellent News 66 को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। किसी भी विज्ञापन के लिए मोबाइल नंबर 9546 148 276 पर संपर्क करें।
    1
    गुजरात कमाने गए श्रीनगर निवासी की तबीयत बिगड़ने से मौत, गांव में पसरा मातम
गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड अंतर्गत श्रीनगर गांव से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। श्रीनगर निवासी भिखारी चंद्रवंशी, उम्र लगभग 50 वर्ष, रोजी-रोटी कमाने के लिए गुजरात गए हुए थे। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। जैसे ही उनके निधन की खबर गांव और परिजनों तक पहुंची, पूरे श्रीनगर गांव में मातम पसर गया।
भिखारी चंद्रवंशी की मौत की खबर सुनकर उनके परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि मृतक अपने पीछे पत्नी और सात बच्चियों को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद और मुश्किल समय लेकर आई है। घर के कमाने वाले सदस्य की मौत से परिवार के सामने भावनात्मक दुख के साथ-साथ भविष्य को लेकर भी कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
मृतक भिखारी चंद्रवंशी गुजरात में रहकर अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मेहनत-मजदूरी कर रहे थे। उनके निधन की खबर ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं।
आखिर गुजरात में ऐसा क्या हुआ कि श्रीनगर निवासी भिखारी चंद्रवंशी की मौत हो गई? उनकी मौत की पूरी जानकारी और परिजनों से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए देखिए Excellent News 66 की यह पूरी खबर।
क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी खबर देखने के लिए Excellent News 66 को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। किसी भी विज्ञापन के लिए मोबाइल नंबर 9546 148 276 पर संपर्क करें।
    user_Excellent news 66
    Excellent news 66
    कांडी, गढ़वा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • अरुण कुमार गुप्ता जी के प्रवचन, (भाषण) मैं पंडित जी के धोग कथा पर पुरजोर प्रहार किया गया है l भारत में सामाजिक वर्गीकरण (जिसे प्राचीन काल में वर्ण व्यवस्था कहा गया) का सबसे पहला वर्णन ऋग्वेद के 10वें मंडल के 'पुरुष सूक्त' में मिलता है। ऐतिहासिक रूप से इसकी शुरुआत लगभग 1500 ईसा पूर्व से 1000 ईसा पूर्व के बीच मानी जाती है। [1, 2, 3, 4] जिस पदानुक्रम (ऊंच-नीच) और जिन कठोर नियमों की आप बात कर रहे हैं, जहाँ ब्राह्मण (पंडित) को सबसे उच्च व पूजनीय, वैश्य और क्षत्रिय को मध्यम, और शूद्र को सबसे नीचे सेवक के रूप में दर्शाया गया है, वह मुख्य रूप से मनुस्मृति (Manusmriti) नामक ग्रंथ में विस्तार से लिखा गया है। [1, 2] इस व्यवस्था के क्रमिक विकास और ग्रंथों में इसके उल्लेख को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है: 1. सबसे पहला वर्णन: ऋग्वेद (पुरुष सूक्त) ग्रंथ और समय: हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद (Rigveda) के 10वें मंडल के 90वें सूक्त, जिसे 'पुरुष सूक्त' कहा जाता है, में पहली बार चार वर्णों की उत्पत्ति का उल्लेख है। [1, 2] क्या लिखा है: इसमें एक विराट पुरुष (ब्रह्मांडीय पुरुष) की कल्पना की गई है और प्रतीकात्मक रूप से बताया गया है कि उसके मुख से ब्राह्मण, भुजाओं से क्षत्रिय, जांघों से वैश्य और पैरों से शूद्र उत्पन्न हुए। [1, 2] मूल स्वरूप: इतिहासकारों और वैदिक विद्वानों के अनुसार, ऋग्वेद के समय यह व्यवस्था जन्म पर आधारित नहीं थी, बल्कि गुण और कर्म (Profession) पर आधारित थी। समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए कार्यों का बंटवारा किया गया था, न कि ऊंच-नीच तय करने के लिए। [1, 2, 3, 4] 2. कठोर सामाजिक पदानुक्रम (ऊंच-नीच): मनुस्मृति ग्रंथ और समय: समय बीतने के साथ उत्तर-वैदिक काल और गुप्त काल के आते-आते यह व्यवस्था बदलने लगी। लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व (2nd Century BCE) से दूसरी शताब्दी ईस्वी (2nd Century CE) के दौरान मनुस्मृति (Manusmriti) नाम का कानूनी/सामाजिक ग्रंथ संकलित किया गया。 [1] क्या लिखा है: मनुस्मृति में सामाजिक पदानुक्रम को कानूनी और धार्मिक रूप से बहुत कठोर बना दिया गया। इसी किताब में यह व्यवस्था दी गई कि: ब्राह्मण (उच्च वर्ण): इन्हें सबसे पवित्र, बौद्धिक मार्गदर्शक और पूजनीय माना गया क्योंकि वे धार्मिक अनुष्ठान और वेदों का अध्ययन करते थे। क्षत्रिय और वैश्य (मध्यम वर्ण): राजा/योद्धा (क्षत्रिय) और व्यापारी/किसान (वैश्य) को समाज के मध्य भाग (सुरक्षा और अर्थव्यवस्था) के रूप में रखा गया। शूद्र (निम्न वर्ण): इन्हें पदानुक्रम में सबसे नीचे रखा गया और इनका मुख्य कर्तव्य बाकी के तीन वर्णों की सेवा करना बताया गया। इन्हें वेदों के अध्ययन और कई सामाजिक अधिकारों से वंचित कर दिया गया। [1, 2, 3, 4, 5, 6] वर्ण और जाति में अंतर यह ध्यान देना जरूरी है कि मूल ग्रंथों में जिसे 'वर्ण' (चार मुख्य वर्ग) कहा गया था, वह बाद के कालखंडों में हजारों स्थानीय और जन्म-आधारित 'जातियों' (Jatis) में टूट गया। मध्यकाल और आधुनिक काल (ब्रिटिश जनगणना के दौरान) आते-आते यह व्यवस्था पूरी तरह जन्मजात और अत्यधिक भेदभावपूर्ण हो गई। भारतीय संविधान के निर्माण के समय डॉ. बी.आर. आंबेडकर और अन्य महापुरुषों ने इस भेदभाव और मनुस्मृति की इन असमान नीतियों की कड़ी आलोचना की थी।
    1
    अरुण कुमार गुप्ता जी के प्रवचन, (भाषण) मैं पंडित जी के धोग कथा पर पुरजोर प्रहार किया गया है l
भारत में सामाजिक वर्गीकरण (जिसे प्राचीन काल में वर्ण व्यवस्था कहा गया) का सबसे पहला वर्णन ऋग्वेद के 10वें मंडल के 'पुरुष सूक्त' में मिलता है। ऐतिहासिक रूप से इसकी शुरुआत लगभग 1500 ईसा पूर्व से 1000 ईसा पूर्व के बीच मानी जाती है। [1, 2, 3, 4]
जिस पदानुक्रम (ऊंच-नीच) और जिन कठोर नियमों की आप बात कर रहे हैं, जहाँ ब्राह्मण (पंडित) को सबसे उच्च व पूजनीय, वैश्य और क्षत्रिय को मध्यम, और शूद्र को सबसे नीचे सेवक के रूप में दर्शाया गया है, वह मुख्य रूप से मनुस्मृति (Manusmriti) नामक ग्रंथ में विस्तार से लिखा गया है। [1, 2]
इस व्यवस्था के क्रमिक विकास और ग्रंथों में इसके उल्लेख को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:
1. सबसे पहला वर्णन: ऋग्वेद (पुरुष सूक्त)
ग्रंथ और समय: हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद (Rigveda) के 10वें मंडल के 90वें सूक्त, जिसे 'पुरुष सूक्त' कहा जाता है, में पहली बार चार वर्णों की उत्पत्ति का उल्लेख है। [1, 2]
क्या लिखा है: इसमें एक विराट पुरुष (ब्रह्मांडीय पुरुष) की कल्पना की गई है और प्रतीकात्मक रूप से बताया गया है कि उसके मुख से ब्राह्मण, भुजाओं से क्षत्रिय, जांघों से वैश्य और पैरों से शूद्र उत्पन्न हुए। [1, 2]
मूल स्वरूप: इतिहासकारों और वैदिक विद्वानों के अनुसार, ऋग्वेद के समय यह व्यवस्था जन्म पर आधारित नहीं थी, बल्कि गुण और कर्म (Profession) पर आधारित थी। समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए कार्यों का बंटवारा किया गया था, न कि ऊंच-नीच तय करने के लिए। [1, 2, 3, 4]
2. कठोर सामाजिक पदानुक्रम (ऊंच-नीच): मनुस्मृति
ग्रंथ और समय: समय बीतने के साथ उत्तर-वैदिक काल और गुप्त काल के आते-आते यह व्यवस्था बदलने लगी। लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व (2nd Century BCE) से दूसरी शताब्दी ईस्वी (2nd Century CE) के दौरान मनुस्मृति (Manusmriti) नाम का कानूनी/सामाजिक ग्रंथ संकलित किया गया。 [1]
क्या लिखा है: मनुस्मृति में सामाजिक पदानुक्रम को कानूनी और धार्मिक रूप से बहुत कठोर बना दिया गया। इसी किताब में यह व्यवस्था दी गई कि:
ब्राह्मण (उच्च वर्ण): इन्हें सबसे पवित्र, बौद्धिक मार्गदर्शक और पूजनीय माना गया क्योंकि वे धार्मिक अनुष्ठान और वेदों का अध्ययन करते थे।
क्षत्रिय और वैश्य (मध्यम वर्ण): राजा/योद्धा (क्षत्रिय) और व्यापारी/किसान (वैश्य) को समाज के मध्य भाग (सुरक्षा और अर्थव्यवस्था) के रूप में रखा गया।
शूद्र (निम्न वर्ण): इन्हें पदानुक्रम में सबसे नीचे रखा गया और इनका मुख्य कर्तव्य बाकी के तीन वर्णों की सेवा करना बताया गया। इन्हें वेदों के अध्ययन और कई सामाजिक अधिकारों से वंचित कर दिया गया। [1, 2, 3, 4, 5, 6]
वर्ण और जाति में अंतर
यह ध्यान देना जरूरी है कि मूल ग्रंथों में जिसे 'वर्ण' (चार मुख्य वर्ग) कहा गया था, वह बाद के कालखंडों में हजारों स्थानीय और जन्म-आधारित 'जातियों' (Jatis) में टूट गया। मध्यकाल और आधुनिक काल (ब्रिटिश जनगणना के दौरान) आते-आते यह व्यवस्था पूरी तरह जन्मजात और अत्यधिक भेदभावपूर्ण हो गई। भारतीय संविधान के निर्माण के समय डॉ. बी.आर. आंबेडकर और अन्य महापुरुषों ने इस भेदभाव और मनुस्मृति की इन असमान नीतियों की कड़ी आलोचना की थी।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • रोहतास: 35 घंटे के बाद समाप्त हुआ जन सुराज का आमरण अनशन, DM के आश्वासन पर तोड़ा अनशन-- तोराब नियाजी!!
    1
    रोहतास: 35 घंटे के बाद समाप्त हुआ जन सुराज का आमरण अनशन, DM के आश्वासन पर तोड़ा अनशन-- तोराब नियाजी!!
    user_REPUBLIC LIVE NEWS                                         DINESH TIWARI
    REPUBLIC LIVE NEWS DINESH TIWARI
    Chenari, Rohtas•
    3 hrs ago
  • शाम ढलते ही बेता गांव में जंगली हाथी की दस्तक, ग्रामीणों में दहशत चिनिया से हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनिया थाना क्षेत्र के बेता गांव में गुरुवार देर शाम एक जंगली हाथी के पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जंगल के किनारे बसे टोले में हाथी के पहुंचने और चिंघाड़ने की आवाज सुनकर ग्रामीण एकजुट हो गए। लोगों ने टॉर्च की रोशनी और हाथों में मशाल लेकर हाथी को गांव से दूर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। हाथी की मौजूदगी को लेकर ग्रामीण रातभर सतर्क रहे और बारी-बारी से निगरानी करते रहे। ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली हाथियों के आतंक से निजात दिलाने तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। खबर लिखे जाने तक ग्रामीणों की एकजुटता के बाद हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया गया था।
    1
    शाम ढलते ही बेता गांव में जंगली हाथी की दस्तक, ग्रामीणों में दहशत
चिनिया से हेमंत कुमार की रिपोर्ट
चिनिया थाना क्षेत्र के बेता गांव में गुरुवार देर शाम एक जंगली हाथी के पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जंगल के किनारे बसे टोले में हाथी के पहुंचने और चिंघाड़ने की आवाज सुनकर ग्रामीण एकजुट हो गए। लोगों ने टॉर्च की रोशनी और हाथों में मशाल लेकर हाथी को गांव से दूर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया।
हाथी की मौजूदगी को लेकर ग्रामीण रातभर सतर्क रहे और बारी-बारी से निगरानी करते रहे। ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली हाथियों के आतंक से निजात दिलाने तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। खबर लिखे जाने तक ग्रामीणों की एकजुटता के बाद हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया गया था।
    user_Hemant Kumar.  (7294972353)
    Hemant Kumar. (7294972353)
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • बिहार के भोजपुरी में बाढ़ आने से शत्रुघन कुमार यादव खेसारी लाल यादव बाढ़ से पूरी लोगों को मदद करते हुए दिख रहे हैं और
    1
    बिहार के भोजपुरी में बाढ़ आने से शत्रुघन कुमार यादव खेसारी लाल यादव
बाढ़ से पूरी लोगों को मदद करते हुए दिख रहे हैं और
    user_Yaduvanshi karan
    Yaduvanshi karan
    Lawyer दंदई, गढ़वा, झारखंड•
    8 hrs ago
  • की कमी से जूझ रहा पिया कला मध्य विद्यालय, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित चेनारी। रोहतास जिला के चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डिहरिया के ग्राम पिया कला स्थित मध्य विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षक नहीं होने से नियमित कक्षाओं के संचालन, विषयवार पढ़ाई और बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर असर पड़ने की बात सामने आ रही है। विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों के अनुसार, कई विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है। एक शिक्षक को एक से अधिक कक्षाओं की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है, जिससे बच्चों को पर्याप्त समय और व्यक्तिगत मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों की संख्या के अनुरूप शिक्षकों की व्यवस्था होना आवश्यक है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सके। प्रधानाध्यापक ने बताया कि शिक्षकों की कमी विद्यालय के लिए गंभीर समस्या है। उपलब्ध शिक्षकों द्वारा अपनी क्षमता के अनुसार बच्चों को पढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन शिक्षकों की संख्या कम होने के कारण सभी कक्षाओं और विषयों का संचालन व्यवस्थित ढंग से करने में परेशानी होती है। प्रधानाध्यापक ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से विद्यालय में आवश्यक संख्या में शिक्षकों की पदस्थापना करने की मांग की है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी शिक्षा विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को देखते हुए विद्यालय में शिक्षकों की कमी जल्द दूर की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार शिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके और उन्हें गुणवत्तापूर्शिक्षा मिल सके
    1
    की कमी से जूझ रहा पिया कला मध्य विद्यालय, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
चेनारी। रोहतास जिला के चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डिहरिया के ग्राम पिया कला स्थित मध्य विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षक नहीं होने से नियमित कक्षाओं के संचालन, विषयवार पढ़ाई और बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर असर पड़ने की बात सामने आ रही है।
विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों के अनुसार, कई विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है। एक शिक्षक को एक से अधिक कक्षाओं की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है, जिससे बच्चों को पर्याप्त समय और व्यक्तिगत मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों की संख्या के अनुरूप शिक्षकों की व्यवस्था होना आवश्यक है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सके।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि शिक्षकों की कमी विद्यालय के लिए गंभीर समस्या है। उपलब्ध शिक्षकों द्वारा अपनी क्षमता के अनुसार बच्चों को पढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन शिक्षकों की संख्या कम होने के कारण सभी कक्षाओं और विषयों का संचालन व्यवस्थित ढंग से करने में परेशानी होती है। प्रधानाध्यापक ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से विद्यालय में आवश्यक संख्या में शिक्षकों की पदस्थापना करने की मांग की है।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी शिक्षा विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को देखते हुए विद्यालय में शिक्षकों की कमी जल्द दूर की जानी चाहिए।

स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार शिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके और उन्हें गुणवत्तापूर्शिक्षा मिल सके
    user_राष्ट्र नमन प्रेस
    राष्ट्र नमन प्रेस
    Local Politician चेनारी, रोहतास, बिहार•
    15 hrs ago
  • नीलांबर पितांबरपुर ब्लॉक के पास से ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी, सीसीटीवी कैमरा में कैद हुई घटना,पुलिस जुटी जांच में *नीलांबर पितांबरपुर ब्लॉक के पास से ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी, सीसीटीवी कैमरा में कैद हुई घटना,पुलिस जुटी जांच में।* लेस्लीगंज। थाना क्षेत्र के पांकी-मेदिनीनगर मुख्य पथ स्थित नीलांबर पितांबरपुर ब्लॉक के समीप से बीती रात अज्ञात चोरों ने एक ट्रैक्टर एवं ट्रॉली चोरी कर ली। चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वाहन मालिक ने इसकी सूचना लेस्लीगंज थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरो की पहचान करने तथा चोरी किए गए ट्रैक्टर और ट्रॉली की बरामदगी के प्रयास में लगी है। घटना के बाद आसपास के लोगों में चोरी की घटना को लेकर चिंता का माहौल है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
    1
    नीलांबर पितांबरपुर ब्लॉक के पास से ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी, सीसीटीवी कैमरा में कैद हुई घटना,पुलिस जुटी जांच में
*नीलांबर पितांबरपुर ब्लॉक के पास से ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी, सीसीटीवी कैमरा में कैद हुई घटना,पुलिस जुटी जांच में।*
लेस्लीगंज। थाना क्षेत्र के पांकी-मेदिनीनगर मुख्य पथ स्थित नीलांबर पितांबरपुर ब्लॉक के समीप से बीती रात अज्ञात चोरों ने एक ट्रैक्टर एवं ट्रॉली चोरी कर ली। चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद वाहन मालिक ने इसकी सूचना लेस्लीगंज थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरो की पहचान करने तथा चोरी किए गए ट्रैक्टर और ट्रॉली की बरामदगी के प्रयास में लगी है।
घटना के बाद आसपास के लोगों में चोरी की घटना को लेकर चिंता का माहौल है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
    user_Ramashish Kumar Mo:-6202682271
    Ramashish Kumar Mo:-6202682271
    पाटन, पलामू, झारखंड•
    6 hrs ago
  • टावर पर चढ़कर हाई-वोल्टेज ड्रामा करने की कई घटनाएं हाल ही में वायरल हुई हैं, जिनमें पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने लोगों को बचाया है। आप इनमें से मुख्य रूप से दो प्रमुख चर्चित मामलों की बात कर रहे हो सकते हैं: पलामू (डालटनगंज) जिले के पिपराटांड़ थाना क्षेत्र में एक मानसिक रूप से कमजोर युवक बिजली के ऊंचे टावर पर चढ़ गया था। इस घटना की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:घटना स्थल: यह मामला डालटनगंज के पास पिपराटांड़ इलाके का है।क्या हुआ था: एक युवक हाथ में टांगी (कुल्हाड़ी) लेकर करीब 100 फीट ऊंचे बिजली के टावर पर चढ़ गया था, जिससे नीचे खड़े ग्रामीणों और परिजनों की सांसें अटक गईं।रेस्क्यू कैसे हुआ: सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस, प्रशासन और परिजनों ने काफी मशक्कत की और उसे समझा-बुझाकर व सुरक्षा सुरक्षा उपायों (जैसे रस्सियों और स्थानीय मदद) के सहयोग से सकुशल नीचे उतारा।
    1
    टावर पर चढ़कर हाई-वोल्टेज ड्रामा करने की कई घटनाएं हाल ही में वायरल हुई हैं, जिनमें पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने लोगों को बचाया है। आप इनमें से मुख्य रूप से दो प्रमुख चर्चित मामलों की बात कर रहे हो सकते हैं:
पलामू (डालटनगंज) जिले के पिपराटांड़ थाना क्षेत्र में एक मानसिक रूप से कमजोर युवक बिजली के ऊंचे टावर पर चढ़ गया था।


इस घटना की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:घटना स्थल: यह मामला डालटनगंज के पास पिपराटांड़ इलाके का है।क्या हुआ था: एक युवक हाथ में टांगी (कुल्हाड़ी) लेकर करीब 100 फीट ऊंचे बिजली के टावर पर चढ़ गया था, जिससे नीचे खड़े ग्रामीणों और परिजनों की सांसें अटक गईं।रेस्क्यू कैसे हुआ: सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस, प्रशासन और परिजनों ने काफी मशक्कत की और उसे समझा-बुझाकर व सुरक्षा सुरक्षा उपायों (जैसे रस्सियों और स्थानीय मदद) के सहयोग से सकुशल नीचे उतारा।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    9 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.