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दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे सभी पार्टियों के आतंकी गुंडों ने एक गरीब आदमी की रोजी-रोटी यानी उसके टेम्पो को तोड़ दिया है। जंतर-मंतर पर सभी राजनीतिक दल नीट के मुद्दे की आड़ में केवल अपनी राजनीति साधने का काम कर रहे हैं और इसी दौरान एक गरीब व्यक्ति की आजीविका के साधन टेम्पो को निशाना बनाकर तोड़ दिया गया।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे सभी पार्टियों के आतंकी गुंडों ने एक गरीब आदमी की रोजी-रोटी यानी उसके टेम्पो को तोड़ दिया है। जंतर-मंतर पर सभी राजनीतिक दल नीट के मुद्दे की आड़ में केवल अपनी राजनीति साधने का काम कर रहे हैं और इसी दौरान एक गरीब व्यक्ति की आजीविका के साधन टेम्पो को निशाना बनाकर तोड़ दिया गया।
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- चित्तौड़गढ़ ज़िले के बड़ीसादड़ी में एक मासूम से दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। वहीं राजनीति के तहत निंबाहेड़ा में कमल की प्रतिमा पर कांग्रेस द्वारा विरोध जताया गया है। इसके अलावा, न्यायालय के एक अहम फैसले में सड़क दुर्घटना पीड़ित परिवार को ₹11.55 लाख का मुआवजा दिया गया है। सामाजिक एवं अन्य गतिविधियों के अंतर्गत इनर व्हील क्लब की ओर से पौधारोपण का कार्य किया गया। इसके साथ ही माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम का आयोजन भी संपन्न हुआ है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले की बस्सी तहसील स्थित सोंगर ग्राम पंचायत के निवासी ने अपने घर के सामने फैली गंदगी और खस्ताहाल सड़क को लेकर गंभीर समस्या उठाई है। ग्रामीण के मुताबिक घर के सामने लंबे समय से गंदगी पसरी हुई है और सड़क पूरी तरह टूटी होने से बारिश का पानी जमा हो जाता है, जिससे आम लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है। इसके अलावा घर के सामने ही गोबर का बड़ा ढेर लगा हुआ है, जिससे लगातार बदबू फैल रही है और क्षेत्र में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। पीड़ित ग्रामीण ने प्रशासन से मौके का जायजा लेकर तुरंत गंदगी और गोबर का ढेर हटवाने, जल निकासी का पुख्ता इंतजाम करने और टूटी हुई सड़क की मरम्मत करवाने की माँग की है, ताकि आम जनता को हो रही इस परेशानी का समाधान हो सके।4
- चित्तौड़गढ़ जिले के अरनिया पंथ में स्थित स्लीपर प्लांट के बाहर सर्विस रोड पर खड़ी गाड़ियों और अव्यवस्थित यातायात के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। यह स्लीपर प्लांट पहले भी विवादों से घिरा रहा है। पूर्व में अवैध बजरी के स्टॉक और गीली लकड़ियों से भरे ट्रैक्टरों के आने पर ग्रामीणों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया था, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन कुम्भकर्णी नींद में सोया रहा। प्लांट के बाहर सड़कों पर बने इस खतरे की तरफ ना तो स्लीपर प्लांट प्रबंधन कोई ध्यान दे रहा है और ना ही प्रशासन ध्यान दे रहा है। लगातार हो रही इस अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने जल्द से जल्द व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति को शीघ्र नहीं सुधारा गया तो वे प्लांट के बाहर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- रमेश चौहान के संदर्भ में मुंबई, उदयपुर, जयपुर, कोटा, गंगानगर, बाड़मेर और बालोतरा जैसे कई शहरों का उल्लेख करते हुए बर्बादी और सुसाइड की बात कही गई है। इस बातचीत में कहा गया है कि बर्बाद कर दिया गया है और यदि सुसाइड करेंगे तो मजा आएगा।4
- भीलवाड़ा जिले की मांडल तहसील के पीथास गांव में श्मशान घाट की कोई स्थायी व्यवस्था न होने से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। बारिश के कारण एक शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को करीब 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। आखिरकार ग्राम पंचायत प्रशासक छोटू सिंह चुंडावत ने अपनी निजी राशि से श्मशान घाट पर टीन शेड की व्यवस्था करवाई, जिसके बाद ही दाह संस्कार संभव हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नदी किनारे बना एकमात्र श्मशान घाट मेजा बांध भरने के बाद पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। ऐसी स्थिति में परिजनों को मजबूरन अस्थाई इंतजामों के सहारे अंतिम संस्कार करना पड़ता है, जो मानव गरिमा के साथ खुला खिलवाड़ है। गांव में वैकल्पिक रूप से बनाया गया श्मशान घाट भी बदहाली का शिकार है। वहां न तो टीन शेड है और न ही चारदीवारी, जिसके चलते चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा रहता है और दुर्गंध फैलती है। ग्राम पंचायत प्रशासक छोटू सिंह चुंडावत के अनुसार, वर्तमान में जहां वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, वह भूमि पेटा काश्त में होने के कारण नियमानुसार पक्का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। हालांकि श्मशान घाट की स्थायी व्यवस्था के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान कराने की जोरदार मांग की है।3
- 301 किलो डोडा चूरा तस्करी मामले में दो दोषियों को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। मादक पदार्थ डोडा चूरा की तस्करी के इस मामले में शामिल दोनों दोषियों को 20 साल की कड़ी सजा दी गई है।1
- चित्तौड़गढ़ के साड़ास में 15 दिनों के बाद आखिरकार इंद्र देव का आगमन हुआ है। यहाँ के ग्रामवासियों को इस घड़ी का लंबे समय से इंतजार था।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे सभी पार्टियों के आतंकी गुंडों ने एक गरीब आदमी की रोजी-रोटी यानी उसके टेम्पो को तोड़ दिया है। जंतर-मंतर पर सभी राजनीतिक दल नीट के मुद्दे की आड़ में केवल अपनी राजनीति साधने का काम कर रहे हैं और इसी दौरान एक गरीब व्यक्ति की आजीविका के साधन टेम्पो को निशाना बनाकर तोड़ दिया गया।1