भीलवाड़ा जिले की मांडल तहसील के पीथास गांव में श्मशान घाट की कोई स्थायी व्यवस्था न होने से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। बारिश के कारण एक शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को करीब 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। आखिरकार ग्राम पंचायत प्रशासक छोटू सिंह चुंडावत ने अपनी निजी राशि से श्मशान घाट पर टीन शेड की व्यवस्था करवाई, जिसके बाद ही दाह संस्कार संभव हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नदी किनारे बना एकमात्र श्मशान घाट मेजा बांध भरने के बाद पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। ऐसी स्थिति में परिजनों को मजबूरन अस्थाई इंतजामों के सहारे अंतिम संस्कार करना पड़ता है, जो मानव गरिमा के साथ खुला खिलवाड़ है। गांव में वैकल्पिक रूप से बनाया गया श्मशान घाट भी बदहाली का शिकार है। वहां न तो टीन शेड है और न ही चारदीवारी, जिसके चलते चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा रहता है और दुर्गंध फैलती है। ग्राम पंचायत प्रशासक छोटू सिंह चुंडावत के अनुसार, वर्तमान में जहां वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, वह भूमि पेटा काश्त में होने के कारण नियमानुसार पक्का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। हालांकि श्मशान घाट की स्थायी व्यवस्था के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान कराने की जोरदार मांग की है।
भीलवाड़ा जिले की मांडल तहसील के पीथास गांव में श्मशान घाट की कोई स्थायी व्यवस्था न होने से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। बारिश के कारण एक शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को करीब 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। आखिरकार ग्राम पंचायत प्रशासक छोटू सिंह चुंडावत ने अपनी निजी राशि से श्मशान घाट पर टीन शेड की व्यवस्था करवाई, जिसके बाद ही दाह संस्कार संभव हो सका। ग्रामीणों ने बताया
कि गांव में नदी किनारे बना एकमात्र श्मशान घाट मेजा बांध भरने के बाद पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। ऐसी स्थिति में परिजनों को मजबूरन अस्थाई इंतजामों के सहारे अंतिम संस्कार करना पड़ता है, जो मानव गरिमा के साथ खुला खिलवाड़ है। गांव में वैकल्पिक रूप से बनाया गया श्मशान घाट भी बदहाली का शिकार है। वहां न तो टीन शेड है और न ही चारदीवारी, जिसके चलते चारों तरफ गंदगी का
अंबार लगा रहता है और दुर्गंध फैलती है। ग्राम पंचायत प्रशासक छोटू सिंह चुंडावत के अनुसार, वर्तमान में जहां वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, वह भूमि पेटा काश्त में होने के कारण नियमानुसार पक्का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। हालांकि श्मशान घाट की स्थायी व्यवस्था के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान कराने की जोरदार मांग की है।
- एल.एच.वी./ए.एन.एम. संघ ऑफ राजस्थान ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शासन सचिव को ज्ञापन सौंपकर प्रसूता और गर्भवती महिलाओं की मृत्यु के मामलों में एएनएम नर्सिंग कर्मियों पर की जा रही कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया है। संघ का आरोप है कि विभाग द्वारा मीडिया रिपोर्टों और उच्च अधिकारियों के निर्देशों के आधार पर सीधे एएनएम को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिससे प्रदेशभर की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में भारी रोष और मानसिक तनाव व्याप्त है। संघ के अनुसार, एएनएम स्वास्थ्य विभाग की आधारभूत कड़ी हैं जो गांव-ढाणी स्तर पर गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, जांच, टीकाकरण, परामर्श और प्रसव पूर्व व उत्तर देखभाल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती हैं। वे उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर भी करती हैं। आवश्यक जांचों, स्कैनिंग, उपकरणों और संसाधनों की कमी के बावजूद वे पूरी जिम्मेदारी से काम कर रही हैं, ऐसे में उन्हें बलि का बकरा बनाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करना न्यायसंगत नहीं है। संघ ने सरकार से मांग की है कि उच्च जोखिम प्रसूता मृत्यु मामलों में एएनएम को दोषी न ठहराया जाए, उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और धारा-17 से जुड़े मामलों में राहत प्रदान की जाए। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में एएनएम आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य प्रशासन की होगी।4
- जयपुर में प्रदर्शन के दौरान अशोक गहलोत को हिरासत में ले लिया गया है। इस दौरान गोविंद सिंह डोटासरा समेत कई अन्य नेताओं को भी डिटेन किया गया है।1
- चित्तौड़गढ़ ज़िले के बड़ीसादड़ी में एक मासूम से दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। वहीं राजनीति के तहत निंबाहेड़ा में कमल की प्रतिमा पर कांग्रेस द्वारा विरोध जताया गया है। इसके अलावा, न्यायालय के एक अहम फैसले में सड़क दुर्घटना पीड़ित परिवार को ₹11.55 लाख का मुआवजा दिया गया है। सामाजिक एवं अन्य गतिविधियों के अंतर्गत इनर व्हील क्लब की ओर से पौधारोपण का कार्य किया गया। इसके साथ ही माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम का आयोजन भी संपन्न हुआ है।1
- भीलवाड़ा के आसींद कस्बे में सुबह 7 बजे से दोपहर 2:30 बजे के बीच कुल 150 मिमी यानी 5.90 इंच बारिश दर्ज की गई है। तहसील कार्यालय पर स्थित बारिश नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों द्वारा दी गई सीधी जानकारी के अनुसार, इस समयावधि में कस्बे में भारी बारिश का यह आंकड़ा दर्ज किया गया है।1
- अखिल भारतीय महिला कांग्रेस द्वारा आयोजित "संसद चलो" अभियान के तहत दिल्ली की सड़कों पर हजारों महिला कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पैदल मार्च निकाला और केंद्र सरकार से महिला आरक्षण कानून को बिना किसी विलंब के शीघ्र लागू करने की मांग की। राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा, राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह और प्रदेश प्रभारी दीप्ति सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में चित्तौड़गढ़ जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती यशोदा नरेंद्र पुरोहित की अगुवाई में बेगूं और चित्तौड़गढ़ की टीम ने भी दिल्ली पहुंचकर इस लड़ाई में सक्रिय सहभागिता निभाई। मार्च के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय, समान अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती यशोदा नरेंद्र पुरोहित ने कहा कि देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में उचित प्रतिनिधित्व मिलना लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है और यह कानून करोड़ों महिलाओं की लंबे समय से चली आ रही मांग है। इस शक्ति प्रदर्शन में चित्तौड़गढ़ महिला कांग्रेस की ओर से जिला महासचिव ममता शर्मा, मधु गोस्वामी, नानी बाई रेगर, आशा, बृजेश, कमला यादव और सुशीला रेगर सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद की।2
- चित्तौड़गढ़ के साड़ास में 15 दिनों के बाद आखिरकार इंद्र देव का आगमन हुआ है। यहाँ के ग्रामवासियों को इस घड़ी का लंबे समय से इंतजार था।1
- चित्तौड़गढ़ में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ जनाक्रोश प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 152 पेपर लीक कराकर युवाओं के सपनों की हत्या की गई है, और अब देश का युवा इसका जवाब देगा। पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।4
- भीलवाड़ा के आसींद कस्बे में लंबे समय के इंतजार के बाद इंद्र देवता मेहरबान हुए हैं और अल सुबह से ही तेज बारिश का दौर देखने को मिला। कस्बे में लगभग तीन घंटे तक लगातार मूसलाधार बारिश हुई। इस बारिश से लंबे समय से प्रभावित हो रही फसलों को नया जीवनदान मिला है, जिससे क्षेत्र के धरती पुत्रों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल देखा जा रहा है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे सभी पार्टियों के आतंकी गुंडों ने एक गरीब आदमी की रोजी-रोटी यानी उसके टेम्पो को तोड़ दिया है। जंतर-मंतर पर सभी राजनीतिक दल नीट के मुद्दे की आड़ में केवल अपनी राजनीति साधने का काम कर रहे हैं और इसी दौरान एक गरीब व्यक्ति की आजीविका के साधन टेम्पो को निशाना बनाकर तोड़ दिया गया।1