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जयपुर में प्रदर्शन के दौरान अशोक गहलोत को हिरासत में ले लिया गया है। इस दौरान गोविंद सिंह डोटासरा समेत कई अन्य नेताओं को भी डिटेन किया गया है।
Jalampura AC morcha adhyaks D.
जयपुर में प्रदर्शन के दौरान अशोक गहलोत को हिरासत में ले लिया गया है। इस दौरान गोविंद सिंह डोटासरा समेत कई अन्य नेताओं को भी डिटेन किया गया है।
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- जयपुर में प्रदर्शन के दौरान अशोक गहलोत को हिरासत में ले लिया गया है। इस दौरान गोविंद सिंह डोटासरा समेत कई अन्य नेताओं को भी डिटेन किया गया है।1
- भीलवाड़ा के आसींद कस्बे में सुबह 7 बजे से दोपहर 2:30 बजे के बीच कुल 150 मिमी यानी 5.90 इंच बारिश दर्ज की गई है। तहसील कार्यालय पर स्थित बारिश नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों द्वारा दी गई सीधी जानकारी के अनुसार, इस समयावधि में कस्बे में भारी बारिश का यह आंकड़ा दर्ज किया गया है।1
- भीलवाड़ा जिले की मांडल तहसील के पीथास गांव में श्मशान घाट की कोई स्थायी व्यवस्था न होने से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। बारिश के कारण एक शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को करीब 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। आखिरकार ग्राम पंचायत प्रशासक छोटू सिंह चुंडावत ने अपनी निजी राशि से श्मशान घाट पर टीन शेड की व्यवस्था करवाई, जिसके बाद ही दाह संस्कार संभव हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नदी किनारे बना एकमात्र श्मशान घाट मेजा बांध भरने के बाद पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। ऐसी स्थिति में परिजनों को मजबूरन अस्थाई इंतजामों के सहारे अंतिम संस्कार करना पड़ता है, जो मानव गरिमा के साथ खुला खिलवाड़ है। गांव में वैकल्पिक रूप से बनाया गया श्मशान घाट भी बदहाली का शिकार है। वहां न तो टीन शेड है और न ही चारदीवारी, जिसके चलते चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा रहता है और दुर्गंध फैलती है। ग्राम पंचायत प्रशासक छोटू सिंह चुंडावत के अनुसार, वर्तमान में जहां वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, वह भूमि पेटा काश्त में होने के कारण नियमानुसार पक्का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। हालांकि श्मशान घाट की स्थायी व्यवस्था के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान कराने की जोरदार मांग की है।3
- 301 किलो डोडा चूरा तस्करी मामले में दो दोषियों को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। मादक पदार्थ डोडा चूरा की तस्करी के इस मामले में शामिल दोनों दोषियों को 20 साल की कड़ी सजा दी गई है।1
- भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा क्षेत्र स्थित दुदला गांव में आबादी के बीचों-बीच 11 हजार (11 KV) की बिजली लाइन लाकर घरों के बिल्कुल बाहर ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया है। गांव के सभी घरों के बीच में ट्रांसफॉर्मर स्थापित कर दिए जाने से खंभों के आसपास बिजली के छोटे-छोटे झटके लग रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में हर समय दुर्घटना का डर बना हुआ है। इस गंभीर समस्या के बावजूद न तो कोई अधिकारी सुनवाई कर रहा है और न ही समाधान की दिशा में कोई कदम उठाया जा रहा है। जब इस संबंध में लाइनमैन से शिकायत की जाती है तो वह टका सा जवाब देते हुए कहता है कि यह ट्रांसफॉर्मर यहीं रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि लापरवाही के इस रवैये के बीच अगर कोई जनहानि होती है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?4
- भीलवाड़ा शहर के उपनगर सांगानेर स्थित एक वेस्टेज गोदाम में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहाँ एक मादा कब्र बिज्जू अपने चार नवजात बच्चों के साथ दिखाई दी। सूचना मिलते ही वन्यजीव रक्षक कुलदीप सिंह राणावत और वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने मादा कब्र बिज्जू और उसके चारों नवजात शावकों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू के बाद पूरे परिवार को वन विभाग की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है, जिन्हें फिलहाल वन विभाग की नर्सरी में रखा जाएगा। डीएफओ के निर्देशानुसार उनकी निगरानी की जाएगी और बाद में सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। वन्यजीव रक्षक कुलदीप सिंह राणावत ने बताया कि यह पहला मामला है जब किसी कब्र बिज्जू ने आबादी क्षेत्र में बच्चों को जन्म दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगातार घटते वन क्षेत्र और बढ़ती आबादी के कारण वन्यजीव अब आबादी वाले इलाकों की ओर आने लगे हैं। वन्यजीव टीम ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई वन्यजीव या हिंसक जीव आबादी क्षेत्र में दिखाई दे तो उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस, वन विभाग या वन्यजीव रेस्क्यू टीम को दें, ताकि समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ा जा सके।1
- भीलवाड़ा के आसींद कस्बे में लंबे समय के इंतजार के बाद इंद्र देवता मेहरबान हुए हैं और अल सुबह से ही तेज बारिश का दौर देखने को मिला। कस्बे में लगभग तीन घंटे तक लगातार मूसलाधार बारिश हुई। इस बारिश से लंबे समय से प्रभावित हो रही फसलों को नया जीवनदान मिला है, जिससे क्षेत्र के धरती पुत्रों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल देखा जा रहा है।1