Shuru
Apke Nagar Ki App…
hamare baliwan sagar gaun me road par jaljamao se am nagriko ko aane jane me ho rahi paresani
Mr Zakir Husain
hamare baliwan sagar gaun me road par jaljamao se am nagriko ko aane jane me ho rahi paresani
More news from बिहार and nearby areas
- hamare baliwan sagar gaun me road par jaljamao se am nagriko ko aane jane me ho rahi paresani1
- शहर के कुछ लोगों ने बंदर को खिलाया खाना,,1
- भठवा मोड़ पर बोलेरो से 91.6 लीटर शराब जब्त, तस्कर गिरफ्तार गिरफ्तार तस्कर पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के संग्रामपुर वार्ड नंबर 11 निवासी समीरूल्लाह देवान है उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार ने बताया कि बोलेरो से शराब ले जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सत्यापन के बाद टीम गठित कर भठवा मोड़ पर वाहन जांच शुरू कराई गई। इसी दौरान बोलेरो को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें शराब बरामद हुई। शराब और बोलेरो को जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पूछताछ की जा रही है...1
- एक्सीडेंट होने से सीरियस कंडीशन है, अभी लखनऊ वेदांता हॉस्पिटल में इनका इलाज चल रहा है और इलाज और सर्जरी को लेकर सहयोग चाहिए आप सभी से मदद करे दोस्तो ज्यादा से ज्यादा SHARE करें1
- शिवराजपुर से 17 लीटर शराब बरामद, धंधेबाज फरार।एफआईआर दर्ज नौतन।। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवराजपुर पंचायत के छरकी स्कूल के पास से 17 लीटर विदेशी शराब बरामद किया है।थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छरकी स्कूल के समीप झाड़ी में छापेमारी की। पुलिस की भनक पर शराब धंधेबाज मौके से फरार हो गए। बताया कि शराब को जब्त कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी गई है। वहीं धंधेबाज की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी हेतु अभियान तेज कर दिया गया है।।1
- कृषि विज्ञान केन्द्र माधोपुर में हर्षोल्लास से मना हिन्दी दिवस, हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग पर दिया जोर ।। कृषि विज्ञान केन्द्र, माधोपुर में सोमवार को हिन्दी दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने हिन्दी भाषा के ऐतिहासिक महत्व, उपयोगिता एवं वर्तमान प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कृषि अभियंत्रण वैज्ञानिक डॉ. चेलपुरी रामलू ने कहा कि हिन्दी जन-जन तक पहुंचने वाली भाषा है। वैज्ञानिक लेखों, कार्यालयीन कार्यों तथा किसानों के उपयोगी साहित्य में हिन्दी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि कृषि की नई तकनीकों एवं वैज्ञानिक जानकारी को किसानों तक सरलता से पहुंचाया जा सके। फसल उत्पादन वैज्ञानिक डॉ. हर्षा बी.आर. ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दैनिक जीवन, शिक्षा तथा कार्यालयीन कार्यों में हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हिन्दी ने देश के लोगों को एकता के सूत्र में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केन्द्र के प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी कर्मचारियों, प्रशिक्षणार्थियों एवं उपस्थित किसानों को हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीय एकता की पहचान है। उन्होंने दैनिक कार्यों, पत्राचार एवं शोध कार्यों में हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपनी भाषा पर गर्व करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कर्मियों ने दैनिक कार्यों में हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग करने का संकल्प लिया। मौके पर केन्द्र के विनीत कुमार, कमलेश कुमार, मनोज कुमार, बैजू कुमार, शंभू कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- नरकटियागंज के पकड़ी में सजा भव्य कंस मेला, अखाड़े में दिखा खिलाड़ियों का दमखम, कंस वध के साथ हुआ समापन नरकटियागंज के पकड़ी में आज आस्था, परंपरा और मनोरंजन का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को मेले की रंगीनियों से सराबोर कर दिया। मौका था पारंपरिक कंस मेले का, जहां सुबह से ही लोगों की चहल-पहल शुरू हो गई और शाम होते-होते पूरा मेला परिसर लोगों की भीड़ से गुलजार हो उठा। मेले की शुरुआत नाच कार्यक्रम के साथ हुई। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और कलाकारों की प्रस्तुति पर जमकर उत्साह दिखाया। नाच कार्यक्रम के बाद बारी आई —अखाड़े की। अलग-अलग स्थानों से पहुंचे खिलाड़ियों ने अखाड़े में अपनी कला, शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के एक से बढ़कर एक प्रदर्शन ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। अखाड़े के चारों ओर लोगों की भीड़ जुटी रही और हर शानदार प्रदर्शन पर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा माहौल गूंजता रहा। । अखाड़े का खेल समाप्त होने के बाद कंस की प्रतिमा को दूसरी जगह ले जाया गया, जहां कंस का वध किया गया। कंस वध के साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया और इसी के साथ मेले का मुख्य आयोजन अपने चरम पर पहुंच गया। वहीं मेले में बच्चों और परिवारों के मनोरंजन का भी खास ख्याल रखा गया था। रंग-बिरंगे झूले, तरह-तरह के खिलौने, चाट, चाउमीन, आइसक्रीम और खाने-पीने की कई दुकानें लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थीं। बच्चों में झूले और खिलौनों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला, जबकि परिवार के लोगों ने भी मेले में जमकर खरीदारी और खान-पान का आनंद उठाया। मेले में उमड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट नजर आया। प्रशासन और पुलिस के जवान मौके पर मौजूद रहे और पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी गई। प्रशासन की मौजूदगी और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के बीच मेला शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कंस मेला सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा आयोजन भी है। यहां अखाड़े में खिलाड़ियों का दमखम, मेले में बच्चों की मुस्कान और कंस वध की परंपरा—इन सभी ने मिलकर इस आयोजन को खास बना दिया। यानी पकड़ी का कंस मेला इस बार भी लोगों के लिए यादगार रहा—जहां परंपरा जीवंत हुई, अखाड़े में रोमांच दिखा और कंस वध के साथ अच्छाई की जीत का संदेश गूंज उठा।1
- nokha prakhand ke chanki madhaya bidyalay me techero me marpit 5saspend1