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अनूपपुर जिले की कोतमा पुलिस ने सोमवार (21.06.26) को एक फरार चेन स्नेचिंग आरोपी मंजय नट को गिरफ्तार किया है। मंजय नट, जो कंजर समुदाय से है और पत्थलगांव, जिला जसपुर (छत्तीसगढ़) का निवासी है, की उम्र 32 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने उसके कब्जे से चेन बेचने के बाद मिले रुपयों में से 3,300 रुपये भी जब्त किए हैं। यह गिरफ्तारी 17.05.26 की शाम को हुई एक घटना से संबंधित है, जब फरियादी जितेंद्र त्रिपाठी की मां सरोज तिवारी बाजार से घर लौटते समय जखीरा चौक के पास मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों द्वारा उनकी सोने की चेन झपटने का शिकार हुई थीं। इस मामले में 19.05.26 को कोतमा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब के निर्देश पर थाना प्रभारी कोतमा रत्नांबर शुक्ल ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की। इस टीम ने 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की और संदिग्धों की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया तथा पुलिस समूहों में साझा किए। छानबीन के दौरान यह जानकारी मिली कि इस घटना में मंजय नट के साथ उसके साथी सोनू नट (दोनों पत्थलगांव, जसपुर), आकाश नट और बाबू सिंह (कोलकाता) भी शामिल थे। पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान के लिए मेरठ जैसे कई स्थानों पर रैकी कर रही है। आरोपी मंजय नट को 21.06.26 को कोतमा रेलवे स्टेशन के पास रेल पटरी से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने कई अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की वारदातें करने की बात कबूल की। उसके खिलाफ ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के विभिन्न थानों में 20 से अधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। मंजय नट ने बिजुरी, झारसुगुड़ा, सक्ती और पन्ना जिलों में भी समान घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, जिसकी सूचना संबंधित थाना अधिकारियों को दे दी गई है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रत्नांबर शुक्ल के साथ प्रधान आरक्षक रामखेलावन यादव, दिनेश राठौर, संजीव त्रिपाठी, और आरक्षक अभय त्रिपाठी व धर्मेंद्र जाटव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

9 hrs ago
user_JIYAUDDIN ANSARI
JIYAUDDIN ANSARI
Voice of people Budar, Shahdol•
9 hrs ago
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अनूपपुर जिले की कोतमा पुलिस ने सोमवार (21.06.26) को एक फरार चेन स्नेचिंग आरोपी मंजय नट को गिरफ्तार किया है। मंजय नट, जो कंजर समुदाय से है और पत्थलगांव, जिला जसपुर (छत्तीसगढ़) का निवासी है, की उम्र 32 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने उसके कब्जे से चेन बेचने के बाद मिले रुपयों में से 3,300 रुपये भी जब्त किए हैं। यह गिरफ्तारी 17.05.26 की शाम को हुई एक घटना से संबंधित है, जब फरियादी जितेंद्र त्रिपाठी की मां सरोज तिवारी बाजार से घर लौटते समय जखीरा चौक के पास मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों द्वारा उनकी सोने की चेन झपटने का शिकार हुई थीं। इस मामले में 19.05.26 को कोतमा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब के निर्देश पर थाना प्रभारी कोतमा रत्नांबर शुक्ल ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की। इस टीम ने 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की और संदिग्धों की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया तथा पुलिस समूहों में साझा किए। छानबीन के दौरान यह जानकारी मिली कि इस घटना में मंजय नट के साथ उसके साथी सोनू नट (दोनों पत्थलगांव, जसपुर), आकाश नट और बाबू सिंह (कोलकाता) भी शामिल थे। पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान के लिए मेरठ जैसे कई स्थानों पर रैकी कर रही है। आरोपी मंजय नट को 21.06.26 को कोतमा रेलवे स्टेशन के पास रेल पटरी से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने कई अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की वारदातें करने की बात कबूल की। उसके खिलाफ ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के विभिन्न थानों में 20 से अधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। मंजय नट ने बिजुरी, झारसुगुड़ा, सक्ती और पन्ना जिलों में भी समान घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, जिसकी सूचना संबंधित थाना अधिकारियों को दे दी गई है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रत्नांबर शुक्ल के साथ प्रधान आरक्षक रामखेलावन यादव, दिनेश राठौर, संजीव त्रिपाठी, और आरक्षक अभय त्रिपाठी व धर्मेंद्र जाटव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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  • अनूपपुर जिले की बिजुरी पुलिस ने चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया सामान और घटना में प्रयुक्त वाहन भी बरामद किया है। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब 31 मई, 2026 को कोठी निवासी रामबहोर साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 30 मई, 2026 को बिजुरी अस्पताल के पास खड़ी उनकी बाइक की डिग्गी से किसी अज्ञात चोर ने 50,000 रुपये नकद और जरूरी कागजात चुरा लिए थे। इस शिकायत पर धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे संदेही की पहचान भोलगढ़, अनूपपुर निवासी ओमप्रकाश सिसोदिया उर्फ बच्चा कंजर के रूप में हुई। शातिर चोर की तलाश में लगातार दबिश देने के बाद, आरोपी को 22 जून, 2026 को शहडोल जिले के खमरौत चाका से पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। हिकमत अमली से की गई पूछताछ के दौरान, आरोपी ने थाना बिजुरी की इस चोरी के साथ-साथ थाना रामनगर क्षेत्र में भी इसी प्रकार की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किए गए 47,500 रुपये और वारदात में प्रयुक्त मोटर सायकल बरामद की तथा वैधानिक कार्यवाही की है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी एक शातिर और आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध मध्य प्रदेश के सतना, रीवा, सिंगरौली जैसे विभिन्न जिलों और छत्तीसगढ़ राज्य में चोरी, लूट, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस त्वरित कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह, उपनिरीक्षक विपुल शुक्ला, सउनि उदय प्रजापति, आरक्षक लक्ष्मण दांगी, मनोज उपाध्याय, रवि सिंह, रामनिवास गुर्जर, विश्वजीत मिश्रा और करमजीत सिंह की मुख्य भूमिका रही। थाना बिजुरी पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में नगदी, कीमती सामान या आवश्यक दस्तावेज असुरक्षित स्थिति में न छोड़ें और बैंक से बड़ी रकम निकालने के बाद विशेष सावधानी बरतें। पुलिस ने आमजन से यह भी अनुरोध किया है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को इसकी सूचना दें।
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    अनूपपुर जिले की बिजुरी पुलिस ने चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया सामान और घटना में प्रयुक्त वाहन भी बरामद किया है। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब 31 मई, 2026 को कोठी निवासी रामबहोर साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 30 मई, 2026 को बिजुरी अस्पताल के पास खड़ी उनकी बाइक की डिग्गी से किसी अज्ञात चोर ने 50,000 रुपये नकद और जरूरी कागजात चुरा लिए थे। इस शिकायत पर धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे संदेही की पहचान भोलगढ़, अनूपपुर निवासी ओमप्रकाश सिसोदिया उर्फ बच्चा कंजर के रूप में हुई। शातिर चोर की तलाश में लगातार दबिश देने के बाद, आरोपी को 22 जून, 2026 को शहडोल जिले के खमरौत चाका से पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। हिकमत अमली से की गई पूछताछ के दौरान, आरोपी ने थाना बिजुरी की इस चोरी के साथ-साथ थाना रामनगर क्षेत्र में भी इसी प्रकार की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किए गए 47,500 रुपये और वारदात में प्रयुक्त मोटर सायकल बरामद की तथा वैधानिक कार्यवाही की है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी एक शातिर और आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध मध्य प्रदेश के सतना, रीवा, सिंगरौली जैसे विभिन्न जिलों और छत्तीसगढ़ राज्य में चोरी, लूट, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इस त्वरित कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह, उपनिरीक्षक विपुल शुक्ला, सउनि उदय प्रजापति, आरक्षक लक्ष्मण दांगी, मनोज उपाध्याय, रवि सिंह, रामनिवास गुर्जर, विश्वजीत मिश्रा और करमजीत सिंह की मुख्य भूमिका रही। थाना बिजुरी पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में नगदी, कीमती सामान या आवश्यक दस्तावेज असुरक्षित स्थिति में न छोड़ें और बैंक से बड़ी रकम निकालने के बाद विशेष सावधानी बरतें। पुलिस ने आमजन से यह भी अनुरोध किया है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को इसकी सूचना दें।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, जिला इकाई शहडोल ने पत्रकारों के विरुद्ध कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने के प्रयासों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में, महासंघ ने पुलिस अधीक्षक शहडोल को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा प्रस्तुत आवेदन में बताया गया है कि वरिष्ठ पत्रकार साथी एवं ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता तथा संभागीय उपाध्यक्ष निलेश सोनी के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की है, जिसे महासंघ ने प्रथम दृष्टया तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया है। महासंघ के अनुसार, ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने निलेश सोनी को दूरभाष पर यह जानकारी दी थी कि पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि लिए जाने और अतिरिक्त धनराशि की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। इसी संबंध में तथ्य जानने के उद्देश्य से निलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से फोन पर संपर्क किया था, जिसके दौरान बातचीत में विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद कथित रूप से ऑडियो को संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और निलेश सोनी के विरुद्ध थाना ब्यौहारी में शिकायत भी दर्ज करा दी गई। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के विरुद्ध भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज कराई गई, जिससे उनकी पत्रकारिता और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। इस मामले को लेकर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्लॉक इकाई ब्यौहारी ने 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से पत्रकारों में असंतोष व्याप्त है। महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करना और मानसिक प्रताड़ना देना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वायरल किए गए ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिकायत मिथ्या एवं दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन निष्पक्षता और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए पूरे मामले में न्याय सुनिश्चित करेगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों की गरिमा एवं स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और किसी भी दुर्भावनापूर्ण गतिविधि का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।
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    भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, जिला इकाई शहडोल ने पत्रकारों के विरुद्ध कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने के प्रयासों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में, महासंघ ने पुलिस अधीक्षक शहडोल को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा प्रस्तुत आवेदन में बताया गया है कि वरिष्ठ पत्रकार साथी एवं ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता तथा संभागीय उपाध्यक्ष निलेश सोनी के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की है, जिसे महासंघ ने प्रथम दृष्टया तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया है।

महासंघ के अनुसार, ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने निलेश सोनी को दूरभाष पर यह जानकारी दी थी कि पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि लिए जाने और अतिरिक्त धनराशि की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। इसी संबंध में तथ्य जानने के उद्देश्य से निलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से फोन पर संपर्क किया था, जिसके दौरान बातचीत में विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद कथित रूप से ऑडियो को संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और निलेश सोनी के विरुद्ध थाना ब्यौहारी में शिकायत भी दर्ज करा दी गई। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के विरुद्ध भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज कराई गई, जिससे उनकी पत्रकारिता और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है।

इस मामले को लेकर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्लॉक इकाई ब्यौहारी ने 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से पत्रकारों में असंतोष व्याप्त है। महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करना और मानसिक प्रताड़ना देना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वायरल किए गए ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिकायत मिथ्या एवं दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन निष्पक्षता और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए पूरे मामले में न्याय सुनिश्चित करेगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों की गरिमा एवं स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और किसी भी दुर्भावनापूर्ण गतिविधि का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।
    user_Manoj Singh
    Manoj Singh
    Newspaper advertising department Sohagpur, Shahdol•
    6 hrs ago
  • शहडोल नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत शहडोल रेलवे स्टेशन पर बीती रात दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। इस घटना का एक वीडियो सोमवार दोपहर लगभग 2:30 बजे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच हुई झड़प स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। विवाद के बाद, स्थानीय लोगों ने तुरंत आरपीएफ पुलिस को सूचना दी, जिसके मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। इस दौरान घटना स्थल पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई थी।
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    शहडोल नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत शहडोल रेलवे स्टेशन पर बीती रात दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। इस घटना का एक वीडियो सोमवार दोपहर लगभग 2:30 बजे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच हुई झड़प स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। विवाद के बाद, स्थानीय लोगों ने तुरंत आरपीएफ पुलिस को सूचना दी, जिसके मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। इस दौरान घटना स्थल पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई थी।
    user_Akhilesh Mishra
    Akhilesh Mishra
    सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • शहडोल में भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की जिला इकाई ने पत्रकारों के खिलाफ कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें दर्ज कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयासों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। महासंघ ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, शहडोल को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि महासंघ के वरिष्ठ पत्रकार रामराज गुप्ता (ब्लॉक महासचिव) और नीलेश सोनी (संभागीय उपाध्यक्ष) के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है। महासंघ ने इस शिकायत को प्रथम दृष्टया तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। महासंघ के अनुसार, ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने नीलेश सोनी को दूरभाष पर बताया था कि पत्रकार सूर्यभान यादव किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि ले रहे हैं और अतिरिक्त धन की मांग कर रहे हैं। इस जानकारी की पुष्टि के लिए नीलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से संपर्क किया, जिसके दौरान विवाद हुआ। बाद में, कथित तौर पर इस बातचीत का ऑडियो संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और नीलेश सोनी के खिलाफ थाना ब्यौहारी में शिकायत दर्ज करा दी गई। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के खिलाफ भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज की गई, जिससे उनकी पत्रकारिता और सामाजिक प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस मामले पर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्यौहारी ब्लॉक इकाई ने 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण पत्रकारों में असंतोष बढ़ रहा है। महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है। संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इसी के मद्देनजर, महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से वायरल ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। यदि शिकायतें झूठी और दुर्भावनापूर्ण पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी अपील की है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में निष्पक्ष और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए न्याय सुनिश्चित करेगा। महासंघ ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों की गरिमा और स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।
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    शहडोल में भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की जिला इकाई ने पत्रकारों के खिलाफ कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें दर्ज कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयासों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। महासंघ ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, शहडोल को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि महासंघ के वरिष्ठ पत्रकार रामराज गुप्ता (ब्लॉक महासचिव) और नीलेश सोनी (संभागीय उपाध्यक्ष) के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है। महासंघ ने इस शिकायत को प्रथम दृष्टया तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। महासंघ के अनुसार, ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने नीलेश सोनी को दूरभाष पर बताया था कि पत्रकार सूर्यभान यादव किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि ले रहे हैं और अतिरिक्त धन की मांग कर रहे हैं। इस जानकारी की पुष्टि के लिए नीलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से संपर्क किया, जिसके दौरान विवाद हुआ। बाद में, कथित तौर पर इस बातचीत का ऑडियो संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और नीलेश सोनी के खिलाफ थाना ब्यौहारी में शिकायत दर्ज करा दी गई।

महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के खिलाफ भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज की गई, जिससे उनकी पत्रकारिता और सामाजिक प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस मामले पर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्यौहारी ब्लॉक इकाई ने 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण पत्रकारों में असंतोष बढ़ रहा है।

महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है। संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इसी के मद्देनजर, महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से वायरल ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। यदि शिकायतें झूठी और दुर्भावनापूर्ण पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।

महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी अपील की है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में निष्पक्ष और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए न्याय सुनिश्चित करेगा। महासंघ ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों की गरिमा और स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।
    user_राहुल सिंह राणा
    राहुल सिंह राणा
    Newspaper advertising department सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, जिला इकाई शहडोल ने पत्रकारों के विरुद्ध की जा रही कथित झूठी और भ्रामक शिकायतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। महासंघ ने शहडोल के पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि महासंघ के वरिष्ठ पत्रकार एवं ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता तथा संभागीय उपाध्यक्ष निलेश सोनी के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई गई है। महासंघ का दावा है कि इन शिकायतों के तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है और बिना किसी पड़ताल के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने निलेश सोनी को कुछ शिकायतों के बारे में जानकारी दी थी, जिसके संबंध में तथ्य जानने के लिए निलेश सोनी ने दूरभाष पर संपर्क किया था। बातचीत के दौरान विवाद की स्थिति बनी और बाद में कथित तौर पर एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई। महासंघ ने आरोप लगाया है कि ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, और इसलिए इसकी तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। संगठन ने बताया कि रामराज गुप्ता के खिलाफ भी शिकायत दर्ज है, जिससे उनकी सामाजिक एवं पेशेवर छवि प्रभावित हुई है, तथा इस संबंध में 17 जून 2026 को भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्यौहारी ब्लॉक इकाई द्वारा थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अभी तक मामले में कोई स्पष्ट नतीजा नहीं निकला है। महासंघ ने पुलिस प्रशासन से विशेष रूप से यह मांग की है कि वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऑडियो अपने मूल रूप में है या उसमें किसी प्रकार का संपादन किया गया है, और जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि पत्रकारों के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग करते हुए, निष्पक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले पक्ष पर कानून के अनुसार कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाएगा और कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
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    भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, जिला इकाई शहडोल ने पत्रकारों के विरुद्ध की जा रही कथित झूठी और भ्रामक शिकायतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। महासंघ ने शहडोल के पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि महासंघ के वरिष्ठ पत्रकार एवं ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता तथा संभागीय उपाध्यक्ष निलेश सोनी के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई गई है।

महासंघ का दावा है कि इन शिकायतों के तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है और बिना किसी पड़ताल के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने निलेश सोनी को कुछ शिकायतों के बारे में जानकारी दी थी, जिसके संबंध में तथ्य जानने के लिए निलेश सोनी ने दूरभाष पर संपर्क किया था। बातचीत के दौरान विवाद की स्थिति बनी और बाद में कथित तौर पर एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई। महासंघ ने आरोप लगाया है कि ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, और इसलिए इसकी तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। संगठन ने बताया कि रामराज गुप्ता के खिलाफ भी शिकायत दर्ज है, जिससे उनकी सामाजिक एवं पेशेवर छवि प्रभावित हुई है, तथा इस संबंध में 17 जून 2026 को भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्यौहारी ब्लॉक इकाई द्वारा थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अभी तक मामले में कोई स्पष्ट नतीजा नहीं निकला है।

महासंघ ने पुलिस प्रशासन से विशेष रूप से यह मांग की है कि वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऑडियो अपने मूल रूप में है या उसमें किसी प्रकार का संपादन किया गया है, और जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि पत्रकारों के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग करते हुए, निष्पक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले पक्ष पर कानून के अनुसार कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाएगा और कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
    user_Sumit Singh Chandel
    Sumit Singh Chandel
    Newspaper publisher गोहपारू, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • अनूपपुर के निगवानी स्थित मुख्य बाजार में एक खतरनाक गड्ढा लंबे समय से लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई थी, पर गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा टल गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की गई, तो उन्होंने गंभीरता दिखाने की बजाय "जो करना हो कर लो" जैसी संवेदनहीन बात कही। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन और पंचायत से यह मांग की जा रही है कि बाजार क्षेत्र में रोजाना आवागमन करने वाले सैकड़ों लोगों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस गड्ढे की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार न करना पड़े। वीडियो के माध्यम से ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई की अपील की गई है।
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    अनूपपुर के निगवानी स्थित मुख्य बाजार में एक खतरनाक गड्ढा लंबे समय से लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई थी, पर गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा टल गया।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की गई, तो उन्होंने गंभीरता दिखाने की बजाय "जो करना हो कर लो" जैसी संवेदनहीन बात कही। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन और पंचायत से यह मांग की जा रही है कि बाजार क्षेत्र में रोजाना आवागमन करने वाले सैकड़ों लोगों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस गड्ढे की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार न करना पड़े। वीडियो के माध्यम से ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई की अपील की गई है।
    user_Ravindra chaturvedi News india
    Ravindra chaturvedi News india
    कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • डिंडौरी जिले में किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से आत्मा परियोजना और नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत एक दिवसीय कृषक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों और कृषि सखियों को जैविक खेती की उन्नत तकनीकों और व्यवहारिक मॉडल की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत, डिंडौरी विकासखंड के बीआरसी (BRC) एवं सीआरपी (CRP) से जुड़े किसानों और कृषि सखियों ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति ढोंढ़ा का भ्रमण किया। यहां उन्हें प्राकृतिक और गौवंश आधारित जैविक खेती की विभिन्न गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया, साथ ही किसानों को कम लागत में टिकाऊ खेती के तरीके समझाए गए। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र, बीज उपचार सहित जैविक कृषि से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं की प्रायोगिक जानकारी दी गई। फार्म हाउस में उगाई जा रही सब्जियों, फलों और धान की नर्सरी का प्रदर्शन भी किया गया। इसके अतिरिक्त, किसानों को गोबर गैस यानी बायोगैस यूनिट के संचालन की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि पशुधन आधारित यह मॉडल न केवल घरेलू गैस के खर्च को कम करने में सहायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देने में भी उपयोगी साबित हो सकता है। किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए समझाया गया कि वे छोटे स्तर से शुरुआत कर धीरे-धीरे जैविक मॉडल को अपना सकते हैं। इस बात पर जोर दिया गया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को रासायनिक खेती के विकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि सखी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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    डिंडौरी जिले में किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से आत्मा परियोजना और नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत एक दिवसीय कृषक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों और कृषि सखियों को जैविक खेती की उन्नत तकनीकों और व्यवहारिक मॉडल की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम के अंतर्गत, डिंडौरी विकासखंड के बीआरसी (BRC) एवं सीआरपी (CRP) से जुड़े किसानों और कृषि सखियों ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति ढोंढ़ा का भ्रमण किया। यहां उन्हें प्राकृतिक और गौवंश आधारित जैविक खेती की विभिन्न गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया, साथ ही किसानों को कम लागत में टिकाऊ खेती के तरीके समझाए गए। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र, बीज उपचार सहित जैविक कृषि से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं की प्रायोगिक जानकारी दी गई। फार्म हाउस में उगाई जा रही सब्जियों, फलों और धान की नर्सरी का प्रदर्शन भी किया गया।

इसके अतिरिक्त, किसानों को गोबर गैस यानी बायोगैस यूनिट के संचालन की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि पशुधन आधारित यह मॉडल न केवल घरेलू गैस के खर्च को कम करने में सहायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देने में भी उपयोगी साबित हो सकता है। किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए समझाया गया कि वे छोटे स्तर से शुरुआत कर धीरे-धीरे जैविक मॉडल को अपना सकते हैं। इस बात पर जोर दिया गया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को रासायनिक खेती के विकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि सखी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • अनूपपुर जिले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी ने अधिकारियों को अनुकंपा नियुक्ति संबंधी प्रकरणों के त्वरित और गंभीरता से निराकरण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में कहा कि जिला अनुकंपा समिति की अनुशंसा पर पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में नियुक्ति दी जाए और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा हो। अनुकंपा नियुक्ति के सभी प्रकरणों को प्रत्येक माह अद्यतन किया जाए ताकि पात्र आवेदकों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ मिल सके। बैठक में श्रीमती अर्चना कुमारी ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना की विशेष समीक्षा करते हुए जनपद और नगरीय निकायवार शिविर लगाकर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संबल योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नियमित शिविर आयोजित कर जनहितकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि सभी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया जाना सुनिश्चित हो। उन्होंने प्रगति संबंधी जानकारी नियमित रूप से जिला पंचायत कार्यालय को भेजने के भी निर्देश दिए। कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र में, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने फसलों के रकबे में वृद्धि के लिए किसानों को जागरूक करने तथा कृषि अभियांत्रिकी विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कृषकों को सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना का लाभ दिलाते हुए कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा। मत्स्य विभाग के अधिकारियों को जिले में केज कल्चर इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने और मत्स्य उत्पादों के विपणन के लिए मार्केटिंग लिंकेज को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। दारसागर में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हितग्राहियों का चयन किया जा चुका है, और केज कल्चर इकाइयों के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मानसून की तैयारियों की समीक्षा करते हुए, श्रीमती अर्चना कुमारी ने जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों के अधिकारियों से आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए समयपूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु विकसित किए गए ट्रेंचिंग ग्राउंडों के बेहतर रखरखाव और उन्नयन के साथ-साथ अमृत योजना के तहत नगरीय निकायों में संचालित कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने पर बल दिया। पेयजल व्यवस्था, जल की गुणवत्ता और जलजनित बीमारियों की रोकथाम सहित अन्य विषयों पर भी समीक्षा की गई, और नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 16 जून से विद्यालयों के संचालन को देखते हुए अधिकारियों को अपने आवंटित विद्यालयों का नियमित एवं सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति (विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ की), मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित आकलन कर जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित हो सके। अंत में, उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों और मुख्य सचिव के प्रमुख एजेंडा बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर पात्र हितग्राहियों तक लाभ सुनिश्चित करने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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    अनूपपुर जिले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी ने अधिकारियों को अनुकंपा नियुक्ति संबंधी प्रकरणों के त्वरित और गंभीरता से निराकरण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में कहा कि जिला अनुकंपा समिति की अनुशंसा पर पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में नियुक्ति दी जाए और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा हो। अनुकंपा नियुक्ति के सभी प्रकरणों को प्रत्येक माह अद्यतन किया जाए ताकि पात्र आवेदकों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ मिल सके।

बैठक में श्रीमती अर्चना कुमारी ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना की विशेष समीक्षा करते हुए जनपद और नगरीय निकायवार शिविर लगाकर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संबल योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नियमित शिविर आयोजित कर जनहितकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि सभी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया जाना सुनिश्चित हो। उन्होंने प्रगति संबंधी जानकारी नियमित रूप से जिला पंचायत कार्यालय को भेजने के भी निर्देश दिए।

कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र में, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने फसलों के रकबे में वृद्धि के लिए किसानों को जागरूक करने तथा कृषि अभियांत्रिकी विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कृषकों को सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना का लाभ दिलाते हुए कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा। मत्स्य विभाग के अधिकारियों को जिले में केज कल्चर इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने और मत्स्य उत्पादों के विपणन के लिए मार्केटिंग लिंकेज को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। दारसागर में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हितग्राहियों का चयन किया जा चुका है, और केज कल्चर इकाइयों के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

मानसून की तैयारियों की समीक्षा करते हुए, श्रीमती अर्चना कुमारी ने जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों के अधिकारियों से आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए समयपूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु विकसित किए गए ट्रेंचिंग ग्राउंडों के बेहतर रखरखाव और उन्नयन के साथ-साथ अमृत योजना के तहत नगरीय निकायों में संचालित कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने पर बल दिया। पेयजल व्यवस्था, जल की गुणवत्ता और जलजनित बीमारियों की रोकथाम सहित अन्य विषयों पर भी समीक्षा की गई, और नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 16 जून से विद्यालयों के संचालन को देखते हुए अधिकारियों को अपने आवंटित विद्यालयों का नियमित एवं सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति (विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ की), मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित आकलन कर जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित हो सके। अंत में, उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों और मुख्य सचिव के प्रमुख एजेंडा बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर पात्र हितग्राहियों तक लाभ सुनिश्चित करने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
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