अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर अमेठी पुलिस ने आयोजित की कार्यशाला विशेष आवश्यकता वाले लोगों से बेहतर संवाद के लिए पुलिसकर्मियों को दिया भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण अमेठी। अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर अमेठी पुलिस की ओर से नवीन पुलिस लाइंस में भारतीय सांकेतिक भाषा (Indian Sign Language) पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य श्रवण एवं वाक् बाधित सहित विशेष आवश्यकता वाले नागरिकों के साथ पुलिस के संवाद को बेहतर और अधिक संवेदनशील बनाना रहा। कार्यशाला में ऑल उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ द डेफ के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय सांकेतिक भाषा की मूलभूत जानकारी तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी., अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी/थानाध्यक्ष, पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी तथा महिला पुलिसकर्मियों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से संवाद करने की प्रारंभिक विधियां सीखीं। अधिकारियों के अनुसार, इससे विशेष आवश्यकता वाले नागरिकों को अपनी समस्याएं और शिकायतें पुलिस के सामने सहजता एवं प्रभावी ढंग से रखने में मदद मिलेगी और शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को भी बेहतर बनाया जा सकेगा। कार्यशाला के समापन पर पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने विशेषज्ञ प्रशिक्षकों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से धन्यवाद दिया। प्रशिक्षण एवं सहयोग के लिए प्रशिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिसिंग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक संवेदनशील और मानवीय तरीके से पहुंचना भी है। विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों के प्रति पुलिस का व्यवहार सहज, संवेदनशील और मानवीय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण ऐसे नागरिकों की समस्याओं को समझने और उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने में पुलिसकर्मियों के लिए सहायक साबित होगा।
अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर अमेठी पुलिस ने आयोजित की कार्यशाला विशेष आवश्यकता वाले लोगों से बेहतर संवाद के लिए पुलिसकर्मियों को दिया भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण अमेठी। अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर अमेठी पुलिस की ओर से नवीन पुलिस लाइंस में भारतीय सांकेतिक भाषा (Indian Sign Language) पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य श्रवण एवं वाक् बाधित सहित विशेष आवश्यकता वाले नागरिकों के साथ पुलिस
के संवाद को बेहतर और अधिक संवेदनशील बनाना रहा। कार्यशाला में ऑल उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ द डेफ के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय सांकेतिक भाषा की मूलभूत जानकारी तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी., अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी/थानाध्यक्ष, पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी तथा महिला पुलिसकर्मियों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से संवाद करने
की प्रारंभिक विधियां सीखीं। अधिकारियों के अनुसार, इससे विशेष आवश्यकता वाले नागरिकों को अपनी समस्याएं और शिकायतें पुलिस के सामने सहजता एवं प्रभावी ढंग से रखने में मदद मिलेगी और शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को भी बेहतर बनाया जा सकेगा। कार्यशाला के समापन पर पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने विशेषज्ञ प्रशिक्षकों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से धन्यवाद दिया। प्रशिक्षण एवं सहयोग के लिए प्रशिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। पुलिस
अधीक्षक ने कहा कि पुलिसिंग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक संवेदनशील और मानवीय तरीके से पहुंचना भी है। विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों के प्रति पुलिस का व्यवहार सहज, संवेदनशील और मानवीय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण ऐसे नागरिकों की समस्याओं को समझने और उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने में पुलिसकर्मियों के लिए सहायक साबित होगा।
- अमेठी डीएम ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कियाः अमेठी के नए डीएम शशांक चौधरी ने पदभार संभालते ही काम शुरू कर दिया है। उन्होंने आज दोपहर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल परिसर में गंदगी देखी। इस पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अस्पताल में बेहतर साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए2
- अमेठी: चार चोरी की बाइकों के साथ वाहन चोर गिरफ्तार, तमंचा-कारतूस भी बरामद । “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत मोहनगंज पुलिस ने एक वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की चार मोटरसाइकिलें, एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस .315 बोर बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बबलू पुत्र नकछेद निवासी चेतरा बुजुर्ग, थाना मोहनगंज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार 23 सितंबर को मोहनगंज पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर बिना नंबर प्लेट की अपाचे मोटरसाइकिल के साथ खड़े बबलू को पकड़ा गया। बाइक के कागजात मांगने पर वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। तलाशी लेने पर उसके पास से एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस .315 बोर बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि अपाचे बाइक उसने अपने साथी वीरेन्द्र पुत्र मोतीलाल निवासी चेतरा, थाना मोहनगंज के साथ मिलकर 1 अगस्त 2026 को लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र से चोरी की थी। आरोपी की निशानदेही पर पास के एक खंडहर से तीन अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं। पुलिस के मुताबिक बरामद पल्सर बाइक जगदीशपुर थाना क्षेत्र के लोशनपुर बगाही गांव में शादी समारोह से, एक स्प्लेंडर बाइक बाराबंकी में घर का ताला तोड़कर और दूसरी हीरो होंडा स्प्लेंडर रायबरेली से चोरी की गई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मोहनगंज थाने में आर्म्स एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ मोहनगंज थाने में चोरी के दो अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं। कार्रवाई एसपी अमेठी सरवणन टी. के निर्देशन, एएसपी ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और सीओ तिलोई दिनेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में मोहनगंज पुलिस टीम ने की।2
- नवागत जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण मरीजों से सीधे संवाद कर जानी स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत, बेहतर उपचार एवं साफ-सफाई के दिए निर्देश अमेठी। जनपद के नवागत जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने बुधवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय गौरीगंज का स्थलीय निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत जिलाधिकारी ने अस्पताल की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) से की। यहां उन्होंने चिकित्सकों को दिखाने आए मरीजों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता तथा चिकित्सकीय परामर्श की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। मरीजों से बातचीत के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि प्रत्येक मरीज को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके बाद जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि मरीजों को निर्धारित दवाएं समय पर और सुगमता से प्राप्त हों। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ब्लड सैंपल कलेक्शन कक्ष, डायलिसिस यूनिट, फिजियोथेरेपी कक्ष, रक्तदान केंद्र तथा अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा इकाइयों का भी निरीक्षण किया। रक्तदान केंद्र में उन्होंने रक्त की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की, जिस पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में ब्लड बैंक में 26 यूनिट रक्त उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा पूछा कि उन्हें समय पर भोजन, दवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। जिस पर मरीजों द्वारा बताया गया कि सभी चीजें समय-समय पर मिल रही हैं। उन्होंने वार्डों में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान वार्डों में सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील पाए गए। जिलाधिकारी ने अस्पताल स्थित एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने नवजात शिशुओं को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सीय सुविधाओं, उपकरणों एवं देखभाल व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि नवजात शिशुओं के उपचार एवं देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। निरीक्षण के दौरान एक मरीज ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि अस्पताल में सभी स्थानों पर इंडियन शौचालय बने होने के कारण बुजुर्गों एवं गंभीर मरीजों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। मरीज ने अस्पताल में वेस्टर्न टॉयलेट की व्यवस्था कराने की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी.पी. अग्रवाल को निर्देशित किया कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्रवाई की जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज और उनके परिजनों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जनसामान्य को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार, आवश्यक दवाएं तथा सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा मरीजों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी.पी. अग्रवाल सहित अन्य संबंधित चिकित्सक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़, 16 तमंचों के साथ दो गिरफ्तार अमेठी में ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बाजारशुक्ल पुलिस ने पाली जंगल में अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से 11 निर्मित और पांच अर्द्धनिर्मित तमंचे, चार जिंदा व दो खोखा कारतूस समेत शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लखनऊ के माल थाना क्षेत्र निवासी कौशल किशोर और छोटू के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी सुनसान स्थानों पर जगह बदलकर अवैध शस्त्र बनाकर लखनऊ और आसपास के जिलों में बेचते थे। दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।1
- करंट की चपेट में विद्या शंकर की मौत, व्यापार मंडल अध्यक्ष ने दी ₹20 हजार की आर्थिक सहायता अमेठी। खेरौना गांव निवासी विद्या शंकर प्रजापति पुत्र रामसूरत प्रजापति की करंट की चपेट में आने से आकस्मिक मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बुधवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी व्यापार मंडल की टीम के साथ मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान महेश सोनी ने पीड़ित परिवार को ₹20 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की। महेश सोनी ने कहा कि आकस्मिक घटना से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। ऐसे कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान महेश सोनी ने तहसीलदार अमेठी एवं बिजली विभाग के एसडीओ से वार्ता कर पीड़ित परिवार को नियमानुसार मिलने वाली शासकीय सहायता दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया। अधिकारियों को फोन पर भी परिवार की स्थिति से अवगत कराया गया और हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। इसी क्रम में नगर पंचायत अमेठी क्षेत्र के वार्ड नंबर पांच निवासी श्याम बाबू हेला के असमय आकस्मिक निधन की जानकारी पर भी महेश सोनी परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान परिवार को पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। महेश सोनी ने कहा कि दुख की इस घड़ी में व्यापार मंडल पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी हरसंभव सहयोग किया जाएगा। इस मौके पर सुशील जायसवाल, राहुल लोहिया, हिमांशु कसौधन और पवन सहित व्यापार मंडल के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।1
- करंट की चपेट में विद्या शंकर की मौत, व्यापार मंडल अध्यक्ष ने दी ₹20 हजार की मदद करंट की चपेट में विद्या शंकर की मौत, व्यापार मंडल अध्यक्ष ने दी ₹20 हजार की मदद अमेठी। खेरौना गांव निवासी विद्या शंकर प्रजापति पुत्र रामसूरत प्रजापति की करंट की चपेट में आने से आकस्मिक मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बुधवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी व्यापार मंडल की टीम के साथ मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान महेश सोनी ने पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। महेश सोनी ने कहा कि आकस्मिक घटना से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। ऐसे कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। साथ ही तहसीलदार अमेठी और बिजली विभाग के एसडीओ से वार्ता कर पीड़ित परिवार को नियमानुसार मिलने वाली शासकीय सहायता दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया। वहीं, नगर पंचायत अमेठी के वार्ड नंबर पांच निवासी श्याम बाबू हेला के असमय निधन की सूचना पर भी महेश सोनी उनके घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। महेश सोनी ने कहा कि दुख की इस घड़ी में व्यापार मंडल पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और जरूरत पड़ने पर आगे भी हरसंभव सहयोग किया जाएगा। इस मौके पर सुशील जायसवाल, राहुल लोहिया, हिमांशु कसौधन, पवन सहित व्यापार मंडल के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।2
- अमेठी डीएम ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कियाः गंदगी देख साफ-सफाई और वेस्टर्न टॉयलेट लगाने के दिए निर्देश अमेठी के नए डीएम शशांक चौधरी ने पदभार संभालते ही काम शुरू कर दिया है। उन्होंने आज दोपहर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल परिसर में गंदगी देखी। इस पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अस्पताल में बेहतर साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए2
- अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर अमेठी पुलिस ने आयोजित की कार्यशाला विशेष आवश्यकता वाले लोगों से बेहतर संवाद के लिए पुलिसकर्मियों को दिया भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण अमेठी। अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर अमेठी पुलिस की ओर से नवीन पुलिस लाइंस में भारतीय सांकेतिक भाषा (Indian Sign Language) पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य श्रवण एवं वाक् बाधित सहित विशेष आवश्यकता वाले नागरिकों के साथ पुलिस के संवाद को बेहतर और अधिक संवेदनशील बनाना रहा। कार्यशाला में ऑल उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ द डेफ के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय सांकेतिक भाषा की मूलभूत जानकारी तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी., अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी/थानाध्यक्ष, पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी तथा महिला पुलिसकर्मियों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से संवाद करने की प्रारंभिक विधियां सीखीं। अधिकारियों के अनुसार, इससे विशेष आवश्यकता वाले नागरिकों को अपनी समस्याएं और शिकायतें पुलिस के सामने सहजता एवं प्रभावी ढंग से रखने में मदद मिलेगी और शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को भी बेहतर बनाया जा सकेगा। कार्यशाला के समापन पर पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने विशेषज्ञ प्रशिक्षकों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से धन्यवाद दिया। प्रशिक्षण एवं सहयोग के लिए प्रशिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिसिंग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक संवेदनशील और मानवीय तरीके से पहुंचना भी है। विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों के प्रति पुलिस का व्यवहार सहज, संवेदनशील और मानवीय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण ऐसे नागरिकों की समस्याओं को समझने और उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने में पुलिसकर्मियों के लिए सहायक साबित होगा।4