शासकीय भूमि विवाद में 65 वर्षीय दलित वृद्ध पर जानलेवा हमला, दोनों हाथ तोड़े पीड़ित का आरोप—पुलिस की ढिलाई से आरोपी खुलेआम घूम रहे, परिवार भय में छतरपुर जिले के बड़ामलहरा थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक मामला सामने आया है। सरकार द्वारा आवंटित शासकीय भूमि को लेकर हुए विवाद में 65 वर्षीय दलित वृद्ध चिनुवां चमार के साथ अमानवीय मारपीट की गई। पीड़ित चिनुवां चमार का आरोप है कि गांव के 8 दबंग लोगों ने यह कहते हुए हमला किया कि यह जमीन उनके पुरखों की है और उसे वापस किया जाए। जब चिनुवां चमार ने सरकारी आवंटन का हवाला देकर जमीन लौटाने से इनकार किया, तो आरोपियों ने बेरहमी से उसकी पिटाई कर दी। मारपीट इतनी गंभीर थी कि वृद्ध के दोनों हाथ टूट गए, पूरा शरीर चोटों के निशान से काला पड़ चुका है। पीड़ित इस समय शारीरिक और मानसिक रूप से बुरी तरह टूट चुका है। पुलिस पर गंभीर आरोप पीड़ित का कहना है कि घटना की शिकायत बड़ामलहरा थाना पुलिस को दी गई, लेकिन जिस तरह की सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह नहीं की गई। आज भी सभी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे पीड़ित और उसका परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है। घर छोड़ने को मजबूर पीड़ित डर और जान के खतरे के चलते चिनुवां चमार अपने ही घर में रुकने में असमर्थ है। पीड़ित न्याय की गुहार लगाते हुए लगातार प्रशासन और पुलिस के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे सुरक्षा और न्याय दोनों नहीं मिल पाए हैं। प्रशासन से सवाल क्या दलित वृद्ध पर हुए इस जघन्य हमले पर सख्त कार्रवाई होगी? क्यों अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई? क्या पीड़ित को सुरक्षा और न्याय मिलेगा?
शासकीय भूमि विवाद में 65 वर्षीय दलित वृद्ध पर जानलेवा हमला, दोनों हाथ तोड़े पीड़ित का आरोप—पुलिस की ढिलाई से आरोपी खुलेआम घूम रहे, परिवार भय में छतरपुर जिले के बड़ामलहरा थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक मामला सामने आया है। सरकार द्वारा आवंटित शासकीय भूमि को लेकर हुए विवाद में 65 वर्षीय दलित वृद्ध चिनुवां चमार के साथ अमानवीय मारपीट की गई। पीड़ित चिनुवां चमार का आरोप है कि गांव के 8 दबंग लोगों ने यह कहते हुए हमला किया कि यह जमीन उनके पुरखों की है और उसे वापस किया जाए। जब चिनुवां चमार ने सरकारी आवंटन का हवाला देकर जमीन लौटाने से इनकार किया, तो आरोपियों ने बेरहमी से उसकी पिटाई कर दी। मारपीट इतनी गंभीर थी कि वृद्ध के दोनों हाथ टूट गए, पूरा शरीर चोटों के निशान से काला पड़ चुका है। पीड़ित इस समय शारीरिक और मानसिक रूप से बुरी तरह टूट चुका है। पुलिस पर गंभीर आरोप पीड़ित का कहना है कि घटना की शिकायत बड़ामलहरा थाना पुलिस को दी गई, लेकिन जिस तरह की सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह नहीं की गई। आज भी सभी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे पीड़ित और उसका परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है। घर छोड़ने को मजबूर पीड़ित डर और जान के खतरे के चलते चिनुवां चमार अपने ही घर में रुकने में असमर्थ है। पीड़ित न्याय की गुहार लगाते हुए लगातार प्रशासन और पुलिस के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे सुरक्षा और न्याय दोनों नहीं मिल पाए हैं। प्रशासन से सवाल क्या दलित वृद्ध पर हुए इस जघन्य हमले पर सख्त कार्रवाई होगी? क्यों अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई? क्या पीड़ित को सुरक्षा और न्याय मिलेगा?
- पीड़ित का आरोप—पुलिस की ढिलाई से आरोपी खुलेआम घूम रहे, परिवार भय में छतरपुर जिले के बड़ामलहरा थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक मामला सामने आया है। सरकार द्वारा आवंटित शासकीय भूमि को लेकर हुए विवाद में 65 वर्षीय दलित वृद्ध चिनुवां चमार के साथ अमानवीय मारपीट की गई। पीड़ित चिनुवां चमार का आरोप है कि गांव के 8 दबंग लोगों ने यह कहते हुए हमला किया कि यह जमीन उनके पुरखों की है और उसे वापस किया जाए। जब चिनुवां चमार ने सरकारी आवंटन का हवाला देकर जमीन लौटाने से इनकार किया, तो आरोपियों ने बेरहमी से उसकी पिटाई कर दी। मारपीट इतनी गंभीर थी कि वृद्ध के दोनों हाथ टूट गए, पूरा शरीर चोटों के निशान से काला पड़ चुका है। पीड़ित इस समय शारीरिक और मानसिक रूप से बुरी तरह टूट चुका है। पुलिस पर गंभीर आरोप पीड़ित का कहना है कि घटना की शिकायत बड़ामलहरा थाना पुलिस को दी गई, लेकिन जिस तरह की सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह नहीं की गई। आज भी सभी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे पीड़ित और उसका परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है। घर छोड़ने को मजबूर पीड़ित डर और जान के खतरे के चलते चिनुवां चमार अपने ही घर में रुकने में असमर्थ है। पीड़ित न्याय की गुहार लगाते हुए लगातार प्रशासन और पुलिस के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे सुरक्षा और न्याय दोनों नहीं मिल पाए हैं। प्रशासन से सवाल क्या दलित वृद्ध पर हुए इस जघन्य हमले पर सख्त कार्रवाई होगी? क्यों अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई? क्या पीड़ित को सुरक्षा और न्याय मिलेगा?1
- लोकेशन , नौगांव छतरपुर ब्रेकिंग छतरपुर एसपी अगम जैन की शक्त कारवाही नौगांव थाने मे पदस्थ आरक्षक अजय प्रताप सिंह को गाली गलौज एवं जबरदस्ती मोबाइल से ₹7000 ट्रांसफर करने के संबंध में शिकायत प्राप्त के बाद छतरपुर एसपी अगम जैन ने तत्काल प्रभाव से आरक्षक अजय प्रताप सिंह को किया निलंबित ।1
- जो लोग मोदी की जाति जानना चाहते हैं, वो सुन और मोदी जी की भाषण सुनी मोदी जी अपनी बारी में अपनी जाति के बारे में बता रहे हैं एक बार जरुर सुने कमेंट जरूर करें news 11 reporter Dharmendra bundela1
- 📍 आज का मौसम & मानसून स्थिति — पलेरा / टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश, भारत) आज का मौसम (4 फरवरी 2026): 🌤️ टीकमगढ़ क्षेत्र में दिनभर हल्के बादल और साफ मौसम का अनुमान है। अधिकतम तापमान लगभग 22–23°C और न्यूनतम लगभग 13°C तक रहेगा। बारिश की संभावना आज बहुत कम (लगभग 0–5%) है — यानी आज बारिश होने की आशंका मामूली है। आर्द्रता मध्यम से अधिक बनी रहेगी। � The Weather Channel +1 🌦️ AccuWeather के अनुसार वर्तमान तापमान लगभग 21°C है और हवा की गति हल्की है। बारिश की संभावना आज अधिकतर समय कम बनी रहेगी। � AccuWeather 📅 टेंड-डे / लम्बी अवधि प्रीडिक्शन: आगामी दिनों में मौसम अपेक्षाकृत सुखद और मुख्यतः साफ़ रहेगा। बादलों के साथ कभी-कभी हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन भारी बारिश के मजबूत संकेत नहीं दिख रहे हैं। � Time and Date ☔ मान्सून (Monsoon) स्थिति: 🔹 वर्तमान में मानसून सीज़न नहीं है (मॉनसून मुख्यतः जून-सितंबर में सक्रिय होता है), इसलिए आज मॉनसून की बारिश नहीं चल रही है। 🔹 पिछले मॉनसून (2025) के दौरान टीकमगढ़ और पलेरा तहसील में औसत से अधिक वर्षा दर्ज हुई थी, लेकिन यह वैसी मॉनसून स्थिति आज सक्रिय नहीं है। � Bhaskar1
- जिला पंचायत अध्यक्ष पर अभद्र भाषा का ऑडियो वायरल होने के बाद नाराज समर्थकों का हंगामा महिलाओं ने जूता चप्पल से की मारपीट गोबर भी मारा सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल1
- टीकमगढ़ जिले में जिला अस्पताल कैंपस में पत्रकार डी पी राजपूत और उनकी पत्नी को बहुत सी महिलाओं ने मारपीट करने और गोबर पोतने का एक बीडीओ सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से बॉयरल हो रहा है घटना करीब 1बजे दिन की बताई जा रही है मारपीट करने की fir थाना कोतवाली में दर्ज हुई है1
- चरखारी कई गांवों में केन्द्र सरकार की नमामि गंगे और जल जीवन मिशन हर घर जल योजना हुई1
- गौवंश की उपेक्षा, अवैध खेती, अनाज बिक्री और गौहत्या के आरोप—एक सप्ताह में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी समाचार विवरण: छतरपुर जिले में स्थित बुंदेलखंड गौशाला को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। गौशाला प्रबंधन पर गौवंश की उपेक्षा, अवैध खेती, अनाज की बिक्री और गौहत्या जैसे संगीन आरोप लगाते हुए सर्वहिंदू समाज एवं स्थानीय ग्रामीणों ने जिला जनसुनवाई में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बताया गया कि बुंदेलखंड गौशाला ग्राम मऊ सहानियां में स्थित है, जो लगभग 84 एकड़ भूमि में फैली हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस भूमि का उपयोग गौवंश के चरने के लिए किए जाने के बजाय गौशाला अध्यक्ष संजू पाठक एवं समिति द्वारा खेती के उद्देश्य से किया जा रहा है। खेती से प्राप्त अनाज को बाजार में बेचे जाने का भी आरोप लगाया गया है, जबकि गौशाला में मौजूद गौवंश भूख, अव्यवस्था और उपेक्षा का शिकार है। ग्रामीणों ने यह भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि बीते दिनों गौशाला प्रबंधन द्वारा ज़हर दिए जाने से लगभग 70 से 80 सियार एवं अन्य जंगली जीवों के साथ-साथ 24 से 25 गौवंशों की मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को लेकर पूर्व में भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें: सर्वहिंदू समाज एवं ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं— वर्तमान गौशाला समिति को तत्काल भंग किया जाए नई गौशाला समिति का गठन किया जाए, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों को शामिल किया जाए गौशाला अध्यक्ष संजू पाठक एवं समिति के सदस्यों पर गौहत्या का प्रकरण दर्ज किया जाए सभी 32 गौवंशों को गौशाला परिसर में सुरक्षित रखा जाए, केवल दुधारू पशुओं तक सीमित न किया जाए शासन से प्राप्त अनुदान एवं दान राशि के उपयोग का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए ग्रामीणों ने प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल एवं उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करता है। फिलहाल पूरे जिले की निगाहें इस मामले पर टिकी हुई हैं।1